Shuru
Apke Nagar Ki App…
कैलपुरा शराब दुकान से गांव-गांव सप्लाई, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल कैलपुरा शराब दुकान से गांव-गांव सप्लाई, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल ओबीसी महासभा के नीलेश यादव के नेतृत्व में टीम ने खुद मोर्चा संभालते हुए गांव में ले जाई जा रही शराब को पकड़ने का अभियान शुरू किया। टीम ने कार्रवाई करते हुए सप्लाई की जा रही शराब को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। क्षेत्र के कैलपुरा स्थित शराब दुकान से ठेकेदार द्वारा खुलेआम गांव-गांव शराब सप्लाई किए जाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार पुलिस की नजरों के सामने होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो ।
MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
कैलपुरा शराब दुकान से गांव-गांव सप्लाई, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल कैलपुरा शराब दुकान से गांव-गांव सप्लाई, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल ओबीसी महासभा के नीलेश यादव के नेतृत्व में टीम ने खुद मोर्चा संभालते हुए गांव में ले जाई जा रही शराब को पकड़ने का अभियान शुरू किया। टीम ने कार्रवाई करते हुए सप्लाई की जा रही शराब को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। क्षेत्र के कैलपुरा स्थित शराब दुकान से ठेकेदार द्वारा खुलेआम गांव-गांव शराब सप्लाई किए जाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार पुलिस की नजरों के सामने होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो ।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- भोपाल से बड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। मंत्री सारंग ने पश्चिम बंगाल और असम के चुनाव परिणामों पर बयान देते हुए कहा कि ममता बनर्जी का भय समाप्त हो गया है और नरेंद्र मोदी पर जनता का भरोसा कायम है। उन्होंने कहा कि मोदी जी का प्रभाव पूरे देश में दिखाई दे रहा है और कमल की लहर लगातार मजबूत हो रही है। सारंग के अनुसार, डबल इंजन की सरकार अब बंगाल और असम दोनों जगह स्थापित हो रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल के गौरवशाली इतिहास को नुकसान पहुंचाया गया था, लेकिन अब एक नए दौर की शुरुआत होगी। मंत्री सारंग ने इसे देश की राजनीति के लिए बड़ा संदेश बताते हुए कहा कि अब विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएंगे।1
- जनगणना महाअभियान में मकान सूचीकरण का काम शुरू* *प्रगणक और पर्यवेक्षक घर -घर जाकर दे रहे दस्तक1
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़4
- आखिर क्यों सरकारी अस्पतालों से मरीज का भरोसा उठ गया इलाज के लिए क्यों नहीं जाते अस्पतालों में मरीज जतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की जगह जानवर कर रहे आराम जिम्मेदार मोन स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के राज में स्वास्थ्य विभागो की हालत गंभीर आज दिनांक 3 मई 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा मैं कर्मचारियों लापरवाही सामने आई जहां मरीज नहीं लेकिन जानवर आराम करते हुए नजर आयें पूरे अस्पताल में केवल दो डाक्टर दो स्टाप नर्स एक सफाई कर्मचारी नजर आयें कुछ लड़के मोबाइल चार्ज कर रहे थे इसके अलावा अस्पताल पूरा खाली मिला मरीज नहीं दिखाई दिए इस समय भीषण गर्मी के मोसम में उल्टी-दस्त, बुखार, थकान, आदी बीमारियों फैली हुई जिससे प्राईवेट डाॅक्टर के पास मरीजों की लाइन लगी है लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा मैं एक भी मरीज नहीं इस तरह से बी एम ओ संजय अहिरवार कार्यकाल में लापरवाही देखने को मिल रही हैं जब जतारा सी एस सी का यह हाल है तो गांव में बने उपस्वास्थ्य केंद्र कि हालत क्या होगी जहां केवल स्वास्थ्य केंद्र बने हैं लेकिन डॉक्टर नहीं आते लोगों का स्वास्थ्य भगवान भरोसे चल रहा है प्रदेश के मुखिया मोहन यादव मंचों के माध्यम से मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं को नंबर वन कहते हैं लेकिन धरातल पर कुछ और ही नजरिया देखने को मिलता है अब देखना यह है कि कलेक्टर महोदय स्वास्थ्य केंद्रों में लापरवाही बरतने वालों पर क्या कार्यवाही करते हैं4
- *टीकमगढ़ में दर्दनाक मौत: उत्सव भवन के सामने करंट से गई जान!1
- व्यक्तिगत विचार का वीडियो शेयर कर रहा हूं आप इसको सुनने अच्छा लगे तो शेयर करिए । आपका भाई1
- (रितेश रावत रिपोर्ट) नमस्कार, मेरा नाम है रितेश रावत… और आप देख रहे हैं रितेश रावत रिपोर्ट… आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने इंसानियत और मां के प्यार की एक बेहद भावुक तस्वीर सामने रख दी है… --- 📍 लोकेशन (0:25 – 0:50) ये घटना मध्यप्रदेश के जिले में स्थित क्षेत्र की है… जहां एक नाव हादसे का शिकार हो गई… --- ⚠️ घटना कैसे हुई (0:50 – 1:40) मिली जानकारी के अनुसार, नाव में कई लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे… बताया जा रहा है कि अचानक मौसम खराब हुआ, तेज आंधी और हवाओं के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया… और कुछ ही पलों में नाव पलट गई… लोग पानी में गिर गए… चारों तरफ अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई… --- 🚨 रेस्क्यू ऑपरेशन (1:40 – 2:20) घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची… गोताखोरों और बचाव दल की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया… कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कुछ लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी… --- 😢 मां और बच्चे की भावुक कहानी (2:20 – 3:40) इस हादसे में सबसे दर्दनाक तस्वीर तब सामने आई, जब एक मां और उसके छोटे बच्चे का शव बरामद हुआ… बताया जा रहा है कि मां ने अपने बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की… वह आखिरी सांस तक अपने बच्चे को सीने से लगाए रही… जब दोनों को बाहर निकाला गया, तो मां और बच्चा एक-दूसरे से लिपटे हुए थे… यह दृश्य इतना भावुक था कि मौके पर मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए… --- 🙏 सवाल और संदेश (3:40 – 4:30) यह घटना कई सवाल खड़े करती है… क्या सुरक्षा के पूरे इंतजाम थे? क्या खराब मौसम में नाव चलाना सही था? और सबसे जरूरी — क्या हम ऐसी घटनाओं से कुछ सीखेंगे… --- 📢 आउट्रो (4:30 – 5:00) फिलहाल, प्रशासन मामले की जांच में जुटा है… हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि मृतकों की आत्मा को शांति मिले… नमस्कार, मैं रितेश रावत… आप देख रहे थे रितेश रावत रिपोर्ट… --- #BreakingNews #MPNews #MotherLove #BargiDam #RiteshRawatReport1
- *पन्ना में हीरे की खोज: आस्था और अंधविश्वास का मायाजाल* बुंदेलखंड के पन्ना की धरती को 'रत्नों की जननी' कहा जाता है, जहाँ हीरे की खदानें हैं। यहाँ हीरा मिलने और न मिलने के पीछे आस्था, अंधविश्वास और डरावने टोटकों का एक ऐसा मायाजाल बना हुआ है, जिसे सुनकर आधुनिक विज्ञान भी हैरान रह जाता है। खदानों में पसीना बहा रहे मजदूरों का मानना है कि हीरा 'चंचल' होता है और वह सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, बल्कि 'शक्तियों' को खुश करने से मिलता है। हीरापुर और सरकोहा जैसे क्षेत्रों में बुधवार और रविवार को होने वाले टोटके रूठे देवों को मनाने वाले होते हैं। स्थानीय मजदूरों के अनुसार, यहाँ श्मशान के मटके से खदान में पानी छिड़कने की परंपरा है ताकि अतृप्त शक्तियाँ गुप्त धन का रास्ता खोल दें। इतना ही नहीं, खदान की 'चाल' पर ब्रह्ममुहूर्त में शारीरिक मान्यता के तहत संबंध बनाने को शुभ माना जाता है, ताकि भूमि की 'खुलने की शक्ति' जागृत हो सके। अंधविश्वास की पराकाष्ठा यहीं खत्म नहीं होती। मजदूर बताते हैं कि यहाँ महिलाओं को खदानों में पैर पकड़कर घसीटने का टोटका किया जाता है, ताकि उनके मुंह से निकला 'आशीर्वाद' हीरे की प्राप्ति कराए।2