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NEET पेपर लीक, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों के विरोध में पटना में कांग्रेस की ग्रामीण इकाई ने एक मशाल जुलूस और जन आक्रोश मार्च का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पटना जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण 1 के जिलाध्यक्ष चंदन कुमार ने की। इस मौके पर पूर्व विधायक अनिल कुमार और बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता संजीव कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। पूर्व विधायक अनिल कुमार ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब किसी भी तरह की परीक्षा बिना पेपर लीक के नहीं हो रही है।
BIKKU SINGH
NEET पेपर लीक, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों के विरोध में पटना में कांग्रेस की ग्रामीण इकाई ने एक मशाल जुलूस और जन आक्रोश मार्च का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पटना जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण 1 के जिलाध्यक्ष चंदन कुमार ने की। इस मौके पर पूर्व विधायक अनिल कुमार और बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता संजीव कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। पूर्व विधायक अनिल कुमार ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब किसी भी तरह की परीक्षा बिना पेपर लीक के नहीं हो रही है।
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- पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र में रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहाँ शनिवार शाम NH 139 पथ पर आंध्र चौकी के पास एक तेज रफ्तार बालू लदे ट्रक ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में युवक बुरी तरह से घायल हो गया, जिसके बाद बालू लदा ट्रक नौबतपुर की ओर भाग निकला। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और घायल युवक को बिक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक युवक की पहचान बिक्रम थाना क्षेत्र के मनेर तेलपा गाँव निवासी संजय सिंह के पुत्र जय राम कुमार के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जय राम कुमार शनिवार शाम नौबतपुर की ओर से अपने घर लौट रहे थे, तभी आंध्र चौकी गाँव के पास सामने से आ रहे तेज़ रफ़्तार बालू लदे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया था। इस दुखद घटना के बाद युवक के परिवार में कोहराम मच गया है।1
- भरत तिवारी की मृत्यु के उपरांत, उनकी बड़ी बहन ने बेलोटी घर में हुई बातचीत के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके इस बयान को लेकर अब व्यापक चर्चा हो रही है।1
- भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की मौत के मामले ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। इस घटना पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सवाल उठाया है कि यदि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, तो उसे गोली क्यों मारी गई? चौबे ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अश्विनी चौबे ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक युवक की मौत का मामला नहीं है, बल्कि कानून के राज और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरेंडर के बाद किसी को गोली मारना लोकतंत्र और कानून, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चौबे ने यह भी मांग की कि यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने और सच्चाई सामने लाने का अल्टीमेटम भी दिया है। उनके इस बयान के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है, क्योंकि सत्ता पक्ष के भीतर से ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल, भरत तिवारी की मौत के मामले में परिजनों, ग्रामीणों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और न्याय की मांग की जा रही है।2
- भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुई चर्चित पुलिस मुठभेड़ मामले की जांच अब उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद पूरे बिहार की निगाहें इस जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। यह न्यायिक जांच अब इस चर्चित मामले की सच्चाई सामने लाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।1
- जहानाबाद सदर प्रखंड की सिकरिया पंचायत के सकुना बिगहा गाँव में मनरेगा के तहत संचालित कार्यों में ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत काम कर रहे अधिकांश मजदूर स्थानीय नहीं हैं, बल्कि उन्हें बाहर से बुलाया जा रहा है। इससे मनरेगा के मूल उद्देश्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों के अनुसार, कार्यस्थल पर काम कर रहे कई मजदूरों के नाम संबंधित जॉब कार्ड में दर्ज नहीं हैं, जिससे मजदूरों की उपस्थिति, भुगतान और कार्य आवंटन की प्रक्रिया में संदेह उत्पन्न हो रहा है। उनका आरोप है कि यदि जॉब कार्डधारी मजदूरों के बजाय अन्य लोगों से काम कराया जा रहा है, तो यह मनरेगा के नियमों का उल्लंघन है और इसकी जांच आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार, मनरेगा के कार्यों का संचालन 15 जून तक ही किया जाना था। इसके बावजूद, निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्य जारी रहने से नियमों के पालन पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि समय-सीमा के बाद भी कार्य कराया जा रहा है, तो इसकी प्रशासनिक अनुमति और वैधानिक स्थिति को स्पष्ट किया जाना चाहिए। इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ। साथ ही, उन्होंने मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और स्थानीय मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने की भी मांग की है। फिलहाल, इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, और जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। यह टीम आज अयोध्या से लखनऊ लौटकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस पूरे विवाद को देखते हुए, ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है, और उन्हें उनके पद से हटाया भी जा सकता है।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने भतीजे की शादी में शामिल होने के लिए तारापुर पहुंचे।1
- नबीनगर के विधायक चेतन आनंद ने पाटलिपुत्र गन शूटिंग अकादमी के मालिक के तौर पर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अकादमी में खिलाड़ियों को प्रेरित किया और उनका हौसला बढ़ाया।1