जनपद गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ कार और बाइक की मामूली बात पर 10वीं कक्षा के छात्र जैद की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे के आसपास हुई। जानकारी के अनुसार, जैद अपने दो दोस्तों के साथ स्विमिंग पूल से नहाकर लौट रहा था। वे तीनों एक बाइक पर सवार थे और जैद ही बाइक चला रहा था। रास्ते में सड़क निर्माण कार्य चलने के कारण रास्ता छोटा था, जिस वजह से सामने से आ रही एक कार में जैद की बाइक से हल्का स्क्रैच लग गया। इस मामूली बात पर जैद को एक प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में ले जाकर बंधक बना लिया गया और लोहे की रॉड से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। पिटाई के बाद जैद के दोस्त उसे घर ले आए और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। परिजन तुरंत उसे दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (जीटीवी) हॉस्पिटल ले गए, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस अमानवीय घटना के बाद परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है। लोनी थाने ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और पुलिस अधिकारी सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्य जुटा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
जनपद गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ कार और बाइक की मामूली बात पर 10वीं कक्षा के छात्र जैद की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे के आसपास हुई। जानकारी के अनुसार, जैद अपने दो दोस्तों के साथ स्विमिंग पूल से नहाकर लौट रहा था। वे तीनों एक बाइक पर सवार थे और जैद ही बाइक चला रहा था। रास्ते में सड़क निर्माण कार्य चलने के कारण रास्ता छोटा था, जिस वजह से सामने से आ रही एक कार में जैद की बाइक से हल्का स्क्रैच लग गया। इस मामूली बात पर जैद को एक
प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में ले जाकर बंधक बना लिया गया और लोहे की रॉड से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। पिटाई के बाद जैद के दोस्त उसे घर ले आए और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। परिजन तुरंत उसे दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (जीटीवी) हॉस्पिटल ले गए, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस अमानवीय घटना के बाद परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है। लोनी थाने ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और पुलिस अधिकारी सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्य जुटा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
- गाजियाबाद कमिश्नरेट के थाना साइबर क्राइम ने 'डिजिटल अरेस्ट' साइबर फ्रॉड करने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त, इस फ्रॉड से संबंधित 19 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया गया है।1
- हरियाणा के करनाल जिले के निसिंग इलाके में एक पालतू कुत्ते जिम्मी ने अपने मालिक को बचाने के लिए एक ब्लैक कोबरा से बहादुरी से लड़ाई लड़ी। सांप के डंक मारने के बावजूद वह लगातार संघर्ष करती रही। करीब आठ मिनट तक चली इस लड़ाई के बाद जिम्मी की हालत बिगड़ गई और अंततः उसकी मौत हो गई। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है, जिससे परिवार में शोक के साथ-साथ जिम्मी की वफादारी और साहस पर गर्व का माहौल है। जिम्मी ने अपने मालिक के प्रति अटूट वफादारी की एक मिसाल कायम की है।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर राया थाना क्षेत्र अंतर्गत एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहां बस और ट्रेलर की जोरदार टक्कर हुई। माइलस्टोन संख्या 112 के पास हुए इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 19 लोग घायल हुए हैं। दुनिया डायरेक्ट राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र से गाजियाबाद ब्यूरो चीफ हरीश कुमार की खास रिपोर्ट के अनुसार, एक ट्रेलर तीसरी लेन में जा रहा था और पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक वॉल्वो बस उससे टकरा गई। टक्कर के समय बस में करीब 65 यात्री सवार थे।1
- गाजियाबाद कमिश्नरेट के नंदग्राम थाना क्षेत्र में, यूपी एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक सक्रिय तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नितिन यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से इटावा का रहने वाला है और वर्तमान में नंदग्राम क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए हैं, जिनमें 20 ग्राम एमडीएमए, 66 ग्राम ओजी, 7.908 किलोग्राम गांजा, 3.182 किलोग्राम भांग, 132 ग्राम चरस और 922 ग्राम गांजा चूरा शामिल हैं। मादक पदार्थों के अलावा, पुलिस ने नितिन यादव के पास से एक ब्रेजा कार, दो मोबाइल फोन, 50 हजार रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक कांटे और पैकिंग सामग्री सहित अन्य सामान भी जब्त किया है। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि वह दिल्ली से मादक पदार्थ लाकर गाजियाबाद में उनकी सप्लाई करता था। इस मामले में नंदग्राम थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- गाजियाबाद के राजीव कॉलोनी की गली नंबर 2, जिसका पिन कोड 201005 है, के एक निवासी ने क्षेत्र की गंभीर समस्याओं को उजागर किया है। शिकायत के अनुसार, कॉलोनी की गलियां पूरी तरह से खराब हो चुकी हैं, और नालियां पूरी तरह से जाम पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन नालियों की सफाई के लिए कोई भी नहीं आता है, जिसके कारण स्थिति लगातार बिगड़ रही है। इस संबंध में, निवासी ने स्थानीय विधायक से हाथ जोड़कर विनती की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और गलियों तथा नालियों की तत्काल सफाई सुनिश्चित करें। यह कदम किसी बड़ी बीमारी के प्रकोप से बचने के लिए अत्यंत आवश्यक बताया गया है, ताकि क्षेत्र के निवासियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े। शिकायतकर्ता ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है।1
- भूत-प्रेत संबंधी बाधाओं से निजात पाने के इच्छुक लोगों को बालाजी से जुड़े विशेष नियम जानने का अवसर दिया जा रहा है। इन नियमों की विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए, संबंधित व्यक्तियों से टिप्पणी अनुभाग में अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया है।1
- गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी में मंगलवार सुबह टावर एम-1 के समीप बैडमिंटन कोर्ट के पास तीन लोहे के पिलर (बोलार्ड) लगाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। निवासियों का आरोप है कि सोसायटी के एक निवासी के कहने पर आरडब्ल्यूए के एक पदाधिकारी द्वारा ये पिलर लगवाए गए हैं, जिससे पहले से ही संकरा रास्ता और अधिक संकरा हो गया है। दर्जनों निवासियों ने मौके पर पहुंचकर इसका कड़ा विरोध जताया है, क्योंकि उनका कहना है कि यह कार्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए किया गया है और इससे किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। निवासियों ने बताया कि जिस स्थान पर ये पिलर लगाए गए हैं, वहां पहले से ही वाहनों के निकलने के लिए बहुत कम जगह है, जिससे आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड का वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाएगा। उन्होंने हाल ही में एसपी-2 टावर के एक फ्लैट में लगी आग की घटना का जिक्र किया, जब फायर ब्रिगेड के वाहन को सोसायटी के भीतर पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। निवासियों का कहना है कि अगर रास्तों पर इसी प्रकार अतिक्रमण कर पिलर लगाए जाते रहे, तो भविष्य में आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है, जिससे बड़ी जनहानि की आशंका है। सोसायटी निवासी दिनेश सिंह ने बताया कि उन्होंने आरडब्ल्यूए सचिव ए.के. दोहरे और पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र गिरी को बुलाकर पिलर लगाने की जानकारी दी, जिन्होंने इस कार्य से अनभिज्ञता जताई। कर्मचारियों से पूछने पर उन्होंने बताया कि यह कार्य आरडब्ल्यूए मैनेजर राहुल त्यागी के निर्देश पर हो रहा है। वहीं, कार्यकारिणी सदस्य रश्मि चौधरी और एडवोकेट राज किशोर शर्मा ने भी जानकारी न होने की बात कही और इसे गलत बताते हुए जिम्मेदार व्यक्ति से जवाब मांगने का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, गौरव बंसल ने जब आरडब्ल्यूए मैनेजर राहुल त्यागी से फोन पर बात की, तो उन्होंने कथित रूप से बताया कि यह कार्य कोषाध्यक्ष किंशुक बंसल के कहने पर कराया गया है। इस घटना के बाद सोसायटी में रोष व्याप्त है और निवासियों का कहना है कि सुरक्षा से जुड़े मामले में बिना आम सहमति और तकनीकी परीक्षण के इस प्रकार रास्ते में पिलर लगाना उचित नहीं है। निवासियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गाजियाबाद, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (फायर ऑफिसर) को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने, कथित अतिक्रमण हटाने और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। निवासियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस मार्ग के अवरुद्ध होने के कारण किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि होती है, तो उसकी समस्त जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए तथा कथित रूप से अतिक्रमण करवाने वाले संबंधित निवासी की होगी।4
- गाजियाबाद से एक बेहद चौंकाने वाला और विवादित बयान सामने आया है, जहाँ हिंदूवादी नेता पिंकी चौधरी ने मंदिर के चंदे को लेकर एक ऐसी दलील दी है जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। पिंकी चौधरी का कहना है कि मंदिर में जो चंदा दे रहे हैं, वे रामजी को मानने वाले हैं, और जो लोग वहाँ थे, वे भी रामजी को मानने वाले ही हैं। उन्होंने आगे तर्क दिया कि रामजी के आशीर्वाद से यदि उनके घरों में कुछ चंदा गया है, तो उसमें किसी को प्रश्नचिह्न लगाने का अधिकार नहीं है। इस बयान के बाद यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या आस्था के नाम पर चंदे के पैसों में हेरफेर को भगवान का आशीर्वाद कहकर सही ठहराया जा सकता है। एक तरफ जहाँ इस बयान की तीखी आलोचना हो रही है, वहीं दूसरी तरफ लोग पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस विवादित बयान पर आगे क्या मोड़ आता है।1