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राखी के त्यौहार से पहले बढ़ती महंगाई पर कांग्रेस हमलावर, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बहनों से राखी बंधवाकर बांटी एक-एक किलो शक्कर रक्षाबंधन से पहले बढ़ती महंगाई और शक्कर की आसमान छूती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज करवाया। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने अपने आवास पर महिलाओं से राखी बंधवाई और उन्हें एक-एक किलो शक्कर उपहार में देकर बढ़ती कीमतों के खिलाफ सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने भी महंगाई को लेकर अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि लगातार बढ़ती कीमतों के बीच त्योहार मनाना आम परिवारों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। महिलाओं ने शक्कर के दाम जल्द कम करने की मांग की।
Madeeha khan
राखी के त्यौहार से पहले बढ़ती महंगाई पर कांग्रेस हमलावर, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बहनों से राखी बंधवाकर बांटी एक-एक किलो शक्कर रक्षाबंधन से पहले बढ़ती महंगाई और शक्कर की आसमान छूती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज करवाया। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने अपने आवास पर महिलाओं से राखी बंधवाई और उन्हें एक-एक किलो शक्कर उपहार में देकर बढ़ती कीमतों के खिलाफ सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने भी महंगाई को लेकर अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि लगातार बढ़ती कीमतों के बीच त्योहार मनाना आम परिवारों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। महिलाओं ने शक्कर के दाम जल्द कम करने की मांग की।
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- राजधानी के कोलार क्षेत्र में जन्मदिन के जश्न में तलवार से केक काटना एक युवक को भारी पड़ गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कोलार थाना पुलिस ने आरोपी विशाल पाठक के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वायरल वीडियो में युवक सरेआम धारदार हथियार का प्रदर्शन करते हुए केक काटता नजर आ रहा था, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पुलिस ने यह कानूनी कार्रवाई की।1
- 28 अगस्त सुबह होगा साल का आखिर आंशिक चंद्र ग्रहण,लेकिन भारत में रहेगा अदृश्य, विज्ञान प्रसारक सारिका ने कहा-सुबह तांबे जैसा लाल नजर आएगा चांद शुक्रवार को रक्षाबंधन की पूर्णिमा पर अंतरिक्ष में एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण या डीप पार्शियल लुनर इकलिप्स होने जा रहा है। जिसमें चंद्रमा का 96.3% हिस्सा पृथ्वी की घनी छाया में छिप जाएगा और वह तांबे जैसा लाल दिखाई देगा। नेशनल अवार्ड प्राप्त ख्गोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि भारतीय समय के अनुसार यह घटना सुबह के समय घटित होगी, जब भारत में चंद्रमा क्षितिज से नीचे रहेगा। यही कारण है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा। यह ग्रहण उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, पश्चिमी यूरोप,पश्चिम अफ्रीका और अटलांटिक के कुछ भागों में देखा जा सकेगा। सारिका ने बताया कि जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी इस स्थिति में आती है कि पृथ्वी की गहरी छाया चंद्रमा को पूरी तरह नहीं ढक पाती है बल्कि आंशिक भाग को ढ़कती है तो चंद्रमा का गहरी छाया से ढका भाग ग्रहणग्रस्त दिखाई देता है ।इसे आंशिक चंद्र ग्रहण या पार्शियल लुनर इकल्प्सि कहते हैं। सारिका ने बताया कि एक गणितीय अनुमान के अनुसार विश्व की लगभग 41 प्रतिशत जनसंख्या इसे देख सकेगी। 12 अगस्त को हुये सूर्य ग्रहण के 15 दिन के अंतराल से यह घटना होने पर सोशल मीडिया में यह बताया जा रहा है कि 15 दिन के अंतर से ग्रहण होना अनिष्ट करता है जबकि वैज्ञानिक तथ्य यह है कि कोई भी ग्रहण अकेला नहीं होता है। हर ग्रहण जोड़ी के रूप मे 15 दिन के अंतर पर होता है। आज तक जितने भी ग्रहण हुये है उनके 15 दिन के अंतर पर दूसरा ग्रहण होता ही है। इसलिये आज का ग्रहण कोई अनोखी घटना नहीं है। आंशिक ग्रहण आरंभ प्रात: 08 बजकर 03 मिनिट 54 सेकंड आंशिक ग्रहण समाप्ति दोपहर 11 बजकर 21 मिनिट 59 सेकंड आंशिक ग्रहण की अवधि लगभग 03 घंटे 18 मिनिट आगामी ग्रहण 06 फरवरी 2027 वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत मे नहीं दिखेगा 20-21 फरवरी 2027 उपछाया चंद्रग्रहण् भारत में दिखेगा लेकिन उपछाया ग्रहण की मान्यता नहीं है 02 अगस्त 2027 पूर्णसूर्यग्रहण भारत में आंशिक सूर्यग्रहण के रूप में दिखेगा 16-17 अगस्त 2027 उपछाया चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखेगा3
- भोपाल नगर निगम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: फिर उठे हक और आश्वासन पर सवाल भोपाल। नगर निगम कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर राजधानी भोपाल में आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। नगर निगम कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, पेंशन और पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर आगामी 7 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से चलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि हड़ताल लंबी चली तो इसका सीधा असर सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण, जलापूर्ति और शहर की अन्य नागरिक सेवाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और सरकार के सामने कर्मचारियों की मांगों को लेकर जल्द समाधान निकालने की चुनौती है। हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह आंदोलन कर्मचारियों को उनका वास्तविक हक दिला पाएगा या फिर एक बार फिर आश्वासन तक ही सीमित रह जाएगा? यह पहली बार नहीं है जब नगर निगम कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलन या प्रदर्शन की स्थिति बनी हो। इससे पहले भी अलग-अलग समय पर कर्मचारी अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। संगठन भी कर्मचारियों की मांगों को लेकर कई बार आंदोलन और प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि हर बार आंदोलन के बाद उन्हें आश्वासन तो मिलता है, लेकिन उनकी मूल समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाता। यही वजह है कि अब कर्मचारियों के बीच भी यह सवाल उठने लगा है कि आखिर कब तक संगठन कर्मचारियों के नाम पर आंदोलन करते रहेंगे और कब उन्हें उनका वास्तविक अधिकार मिलेगा? हर बार नया आंदोलन, नया प्रदर्शन और उसके बाद नया आश्वासन—लेकिन यदि परिणाम वही रहता है तो कर्मचारियों के हित में ठोस कदम कब उठाया जाएगा? कर्मचारी वर्षों से अपनी सेवाओं के नियमितीकरण, उचित वेतन, पेंशन और पदोन्नति जैसी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे शहर की व्यवस्था को संभालने में दिन-रात अपनी सेवाएं देते हैं, ऐसे में उनके भविष्य और आर्थिक सुरक्षा को लेकर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। वहीं, यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि कर्मचारियों को बार-बार किसी संगठन या बैनर के पीछे खड़े होकर अपना हक क्यों मांगना पड़ रहा है? यदि उनकी मांगें जायज हैं तो सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों को उनके समाधान के लिए ठोस और समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए। अब सभी की नजरें 7 सितंबर पर टिकी हैं। क्या सरकार और नगर निगम प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत कर कोई स्थायी समाधान निकाल पाएगा? क्या कर्मचारियों को उनका हक मिलेगा? या फिर एक बार फिर उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराने की कोशिश होगी? आगामी 7 सितंबर का आंदोलन यह तय करेगा कि इस बार कर्मचारियों के हाथ में वास्तविक अधिकार आएगा या फिर एक नया आश्वासन। सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर कब तक नगर निगम कर्मचारी अपने हक के लिए इसी तरह संघर्ष करते रहेंगे?1
- भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र में तलवार से केक काटने के मामले में पुलिस ने किया मामला दर्ज राजधानी के कोलार क्षेत्र में जन्मदिन के जश्न में तलवार से केक काटना एक युवक को भारी पड़ गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कोलार थाना पुलिस ने आरोपी विशाल पाठक के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वायरल वीडियो में युवक सरेआम धारदार हथियार का प्रदर्शन करते हुए केक काटता नजर आ रहा था, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पुलिस ने यह कानूनी कार्रवाई की।1
- भोपाल थाना तलैया क्षेत्र टोल वाली मस्जिद रोड शाहीन अपार्टमेंट के पास रहवासियों ने पकड़ा बच्चा चोर चोर की की पिटाई ।1
- भोपाल में आत्मनिर्भर हिजाब ईद-ए-मिलादुन्नबी के जुलूस में बुर्के में तलबार बाजी का प्रदर्शन करती मुस्लिम महिलाएं1
- ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में हादसा भोपाल के निजामुद्दीन इलाके से इंद्रपुरी की ओर निकल रहे ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जुलूस में डीजे पर चढ़कर एक युवक झंडा लहरा रहा था। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन की चपेट में आ गया और करंट लगने से डीजे पर गिर पड़ा। हादसे में युवक घायल हो गया। घटना के बाद जुलूस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में हादसा भोपाल के निजामुद्दीन इलाके से इंद्रपुरी की ओर निकल रहे ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जुलूस में डीजे पर चढ़कर एक युवक झंडा लहरा रहा था। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन की चपेट में आ गया और करंट लगने से डीजे पर गिर पड़ा। हादसे में युवक घायल हो गया। घटना के बाद जुलूस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।1
- भोपाल में गैर भाजपा समर्थक व्यापारियों की दुकान बंद कराने, एथेनॉल वाले पेट्रोल से गाड़ियां खराब कर लोगों को महंगा तेल देने और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के शक्कर वाले बयान पर *आप प्रवक्ता रमाकांत पटेल* का हमला-1