सतना शहर की प्रमुख और व्यस्त मेडिकल कॉलेज रोड इन दिनों गंभीर लापरवाही का शिकार है, जहाँ सड़क के ठीक बीच में बना एक गहरा और जानलेवा गड्ढा अब लोगों के लिए 'मौत का जाल' बन चुका है। लगातार बारिश के कारण इस गड्ढे में पानी भर गया है, जिससे यह पूरी तरह से दिखाई नहीं देता और हर पल बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि यह खतरनाक गड्ढा कई दिनों से मौजूद है, लेकिन संबंधित विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। रोजाना सैकड़ों वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं और पानी में छिपे इस गड्ढे की गहराई का अंदाजा न लगने से कई वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। रात के समय यह खतरा और भी बढ़ जाता है, क्योंकि सड़क पर पर्याप्त रोशनी न होने के कारण पानी से भरा यह गड्ढा बिल्कुल नजर नहीं आता, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका है। इस स्थिति ने प्रशासन और संबंधित विभागों की घोर लापरवाही को उजागर किया है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है और क्या जिम्मेदार अधिकारी तभी जागेंगे, जब कोई बेकसूर व्यक्ति अपनी जान गंवा देगा। नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल इस गड्ढे को भरने, सड़क की मरम्मत करने और भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह 'खूनी गड्ढा' किसी की जिंदगी लील सकता है।
सतना शहर की प्रमुख और व्यस्त मेडिकल कॉलेज रोड इन दिनों गंभीर लापरवाही का शिकार है, जहाँ सड़क के ठीक बीच में बना एक गहरा और जानलेवा गड्ढा अब लोगों के लिए 'मौत का जाल' बन चुका है। लगातार बारिश के कारण इस गड्ढे में पानी भर गया है, जिससे यह पूरी तरह से दिखाई नहीं देता और हर पल बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि यह खतरनाक गड्ढा कई दिनों से मौजूद है, लेकिन संबंधित विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। रोजाना सैकड़ों वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं और पानी में छिपे इस गड्ढे की गहराई का अंदाजा न लगने से कई वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। रात के समय यह खतरा और भी बढ़ जाता है, क्योंकि सड़क पर पर्याप्त रोशनी न होने के कारण पानी से भरा यह गड्ढा बिल्कुल नजर नहीं आता, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका है। इस स्थिति ने प्रशासन और संबंधित विभागों की घोर लापरवाही को उजागर किया है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है और क्या जिम्मेदार अधिकारी तभी जागेंगे, जब कोई बेकसूर व्यक्ति अपनी जान गंवा देगा। नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल इस गड्ढे को भरने, सड़क की मरम्मत करने और भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह 'खूनी गड्ढा' किसी की जिंदगी लील सकता है।
- सतना जिले के कोटर क्षेत्र स्थित पशु चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सक डॉ. प्रीतम सिंह पर एक किसान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान का कहना है कि उनके बीमार बछड़े के उपचार के दौरान डॉक्टर ने गलत दवा दी, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। पीड़ित किसान का आरोप है कि वह अपने बछड़े को इलाज के लिए पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचा था, जहां उपचार और दवा दिए जाने के बाद पशु की तबीयत में सुधार होने के बजाय लगातार गिरावट आती गई। किसान ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है, उनका कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पशुपालकों के लिए चिंता का विषय है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग के अधिकारियों से जांच की मांग भी उठने लगी है।1
- सतना में कारगिल ढाबा के सामने स्थित मेडिकल कॉलेज मार्ग पर बने जानलेवा गड्ढे NEET UG की परीक्षा के बाद वापस लौट रहे छात्रों और उनके परिजनों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गए हैं। शहर के बीचों-बीच बनी इस सड़क का हाल बेहाल है, और इसे पी.आई.यू. के अंतर्गत बताया जा रहा है। मूल पोस्ट में यह आरोप लगाया गया है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को सड़क की यह खराब स्थिति और जनता को हो रही परेशानी दिखाई नहीं दे रही है।2
- सतना में रॉयल राजपूत संगठन द्वारा एक विशाल शोभा यात्रा का आयोजन किया गया है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। यह शोभा रैली भव्यता के साथ निकाली जा रही है।1
- महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी का जबलपुर प्रवास सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अवसर पर जबलपुर हवाई अड्डे पर उन्हें विदाई दी गई।1
- एक विधवा महिला ने अपने देवर पर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने और उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने दावा किया है कि उनके देवर ने उनकी निजी संपत्ति पर अवैध रूप से अधिकार जमा लिया है और विरोध करने पर उनके साथ शारीरिक हिंसा की है।1
- कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश और सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में इंदौर में अवैध मदिरा के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी, डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल और सहायक जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र जोशी के नेतृत्व में, बंबई बाजार सर्किल इंचार्ज एवं आबकारी उप निरीक्षक मीरा सिंह ने नाइट पेट्रोलिंग के दौरान एक सटीक मुखबिरी पर कार्रवाई की। महूनाका स्थित बारह भाई क्षेत्र में दबिश देते हुए, टीम ने एक बिना नंबर की जूपिटर स्कूटी से 100 पाव (18 बल्क लीटर) देशी मसाला शराब बरामद की। इस कार्रवाई में शराब और वाहन सहित करीब ₹1.07 लाख की जप्ती की गई। मामले में, आरोपी अमन पिता राजेंद्र चौहान के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। इस पूरी कार्रवाई में आरक्षक मोहित रायकवार, मोहित कछवाय, कोमल कनेल और वाहन चालक अमित की भी सराहनीय भूमिका रही। आबकारी उप निरीक्षक मीरा सिंह के नेतृत्व में हो रही इन लगातार प्रभावी कार्रवाइयों से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान स्थित ग्राम असरार में, स्वर्गीय कमलेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमा सिंह ने अपनी निजी जमीन पर जबरन कब्जा करने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। एक विधवा की भूमि पर अवैध कब्जे और जान से मारने की धमकी से जुड़े इस मामले में, पीड़िता प्रेमा सिंह ने रामपुर बाघेलान थाने में शिकायत दर्ज कराई है।1
- सतना-चित्रकूट राष्ट्रीय राजमार्ग पर उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित 'नायरा पेट्रोल पंप (माँ संतोषी फ्यूल्स फिलिंग स्टेशन)' इन दिनों अवैध रूप से ईंधन की हेराफेरी और नियमों के घोर उल्लंघन का केंद्र बना हुआ है। आरोप है कि दोनों राज्यों के प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस गैरकानूनी खेल से मध्य प्रदेश सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। पेट्रोलियम नियमों और सुरक्षा मानकों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए, यह पेट्रोल पंप ड्रमों, बड़े गैलन और खुले बर्तनों में अत्यधिक ज्वलनशील ईंधन (पेट्रोल/डीजल) बेच रहा है, जबकि ऐसा करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह न केवल सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक है, बल्कि सीधे तौर पर ईंधन की तस्करी को बढ़ावा दे रहा है, जिससे स्थानीय नियमों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच ईंधन की दरों में लगभग ₹10 का बड़ा अंतर है, जिसका फायदा उठाकर यह फिलिंग स्टेशन उत्तर प्रदेश के सस्ते ईंधन को अवैध तरीके से मध्य प्रदेश की सीमा में खपा रहा है। इस 'स्मगलिंग' के खेल से मध्य प्रदेश के खजाने को सीधे तौर पर चपत लगाई जा रही है और उसे भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। हैरानी की बात यह है कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और आबकारी जांच के दावों के बावजूद, दोनों ही राज्यों का संबंधित प्रशासन इस अवैध गतिविधि पर मूकदर्शक बना बैठा है। नागरिकों ने इस पर तत्काल कार्रवाई और गहन जांच की मांग की है।1