कोटा में बधाई राशि के नाम पर कथित मनमानी वसूली और दबाव के खिलाफ सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ की मुहिम को धार्मिक, सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिला है। महासंघ के मुख्य संयोजक गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि पहले हुई सहमति के अनुसार बधाई राशि की सीमा तय की गई थी, लेकिन इसके बावजूद ज़बरदस्ती वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। महासंघ का कहना है कि हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किन्नर समूहों के क्षेत्राधिकार, पहचान पत्र और कथित नकली किन्नरों की पहचान को लेकर भी बैठक कर व्यवस्था तय करने की बात कही गई है। कोटा में बधाई राशि के नाम पर कथित मनमानी वसूली और दबाव के खिलाफ सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ की मुहिम को धार्मिक, सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिला है। महासंघ के मुख्य संयोजक गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि पहले हुई सहमति के अनुसार बधाई राशि की सीमा तय की गई थी, लेकिन इसके बावजूद ज़बरदस्ती वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। महासंघ का कहना है कि हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किन्नर समूहों के क्षेत्राधिकार, पहचान पत्र और कथित नकली किन्नरों की पहचान को लेकर भी बैठक कर व्यवस्था तय करने की बात कही गई है।
कोटा में बधाई राशि के नाम पर कथित मनमानी वसूली और दबाव के खिलाफ सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ की मुहिम को धार्मिक, सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिला है। महासंघ के मुख्य संयोजक गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि पहले हुई सहमति के अनुसार बधाई राशि की सीमा तय की गई थी, लेकिन इसके बावजूद ज़बरदस्ती वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। महासंघ का कहना है कि हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किन्नर समूहों के क्षेत्राधिकार, पहचान पत्र और कथित नकली किन्नरों की पहचान को लेकर भी बैठक कर व्यवस्था तय करने की बात कही गई है। कोटा में बधाई राशि के नाम पर कथित मनमानी वसूली और दबाव के खिलाफ सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ की मुहिम को धार्मिक, सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिला है। महासंघ के मुख्य संयोजक गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि पहले हुई सहमति के अनुसार बधाई राशि की सीमा तय की गई थी, लेकिन इसके बावजूद ज़बरदस्ती वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। महासंघ का कहना है कि हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किन्नर समूहों के क्षेत्राधिकार, पहचान पत्र और कथित नकली किन्नरों की पहचान को लेकर भी बैठक कर व्यवस्था तय करने की बात कही गई है।
- प्रेमचंद जयंती पर मेघना तरुण विकल्प कथा-सम्मान से सम्मानित July 31, 2026: प्रेमचन्द जयंती: विकल्प जन सांस्कृतिक मंच की तरफ से प्रेस क्लब कोटा में प्रेमचन्द जयंती मनाई गई, जिसमें कोटा के दो साहित्यकारों जगदीश भारती और मेघना तरुण को विकल्प कथा-सम्मान से नवाजा गया: दोनों ने अपनी कहानियां भी पढ़ीं, जिनको हम जल्द ही अपलोड करेंगे: उन कहानियों पर अभिमत भी कमाल के रहे: इसके अलावा प्रज्ञा पचौरी ने प्रेमचन्द की कहानी होली का उपहार पढ़ी, जिसका किसी वजह से हम वीडियो नहीं बना पाए, जिसका बेहद अफसोस रहा: समारोह में अपनी कहानी भंवर का वाचन करतीं मेघना तरुण साहिबा: दोस्तो मेघना जी का कहना है कि कहानी लिखने से ज्यादा सुनाना मुश्किल है: लेकिन उन्होंने इस मरहले को जिस खूबसूरती से पार किया है वो देखते और सुनते ही बनता है: देखते इसलिए कि कहानी के मूड को उन्होंने अपने चेहरे के हावभाव और सुनते इसलिए कि कहानी के उतार चढ़ाव को अपनी आवाज में समेट दिया है: कुल मिलाकर कहानी सुनते वक्त भी सामईन इसके पात्रों से वैसा ही जुड़ाव महसूस करते हैं जो पाठक कहानी पढ़ते वक्त: और यही इस कहानी की खूबसूरती है कि पढ़ने सुनने वाले को इसे अपनी ही कहानी महसूस होती है: दोस्तो आप इस कहानी को पूरा सुनें और सुनते वक्त आपकी आंखें भर आएं तो आंसुओं को रोकें नहीं बल्कि फूट-फूट कर रो लें, आपका दिल हल्का हो जाएगा: बहुत बहुत मुबारकबाद और फख्र के साथ पेश है उनकी कहानी...1
- Post by राजू मेहरा1
- अभिजीत दीपके के पिता और कपिल सिब्बल के खिलाफ शिकायत दर्ज काॅकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पर व्यक्तिगत हमले शुरू हो गए। अभी हाल में गुजरात के एक एक्टिविस्ट ने दीपके के पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। जिसमें मांग की गई कि दीपके के पिता इंजीनियर रहे और उनकी तनख्वाह 60-70 हजार रुपए प्रतिमाह है तो अभिजीत दीपके अमेरिका में पढाई कैसे कर सकते हैं। क्योंकि वहां का प्रतिमाह खर्चा एक करोड करीब है। इसलिए इसकी जांच की मांग की गई है। इसी प्रकार कपिल सिब्बल पर भी एक करोड फंड के मामले में शिकायत की गई है।1
- 102 डिग्री बुखार में भी नहीं टूटा हौसला: कोटा की अरुंधति चौधरी ने ग्लासगो में रचा इतिहास, भारत को दिलाया स्वर्ण पदक ग्लासगो/नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Commonwealth Games 2026) में भारत की बेटियों का जलवा बरकरार है। राजस्थान के कोटा शहर की होनहार मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने ग्लासगो में तिरंगा लहराते हुए महिलाओं के 70 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। अरुंधति की यह ऐतिहासिक जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने यह कारनामा 102 डिग्री तेज बुखार से जूझते हुए अंजाम दिया। फाइनल मुकाबले में एकतरफा दबदबा 70 किग्रा वर्ग के खिताबी मुकाबले में 23 वर्षीय अरुंधति ने इंग्लैंड की मजबूत दावेदार चैंटेल रीड (Chantelle Reid) को 5-0 के सर्वसम्मति (Unanimous Decision) से शिकस्त दी। शुरुआत से ही रिंग में हावी रहीं अरुंधति ने आक्रामक और संयमित खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया। 102 डिग्री बुखार और अटूट जज्बा मुकाबले के बाद अरुंधति की बड़ी बहन चारू ने मीडिया (ANI) से बातचीत में खुलासा किया कि अरुंधति रिंग में उतरने से पहले और मैच के दौरान 102 डिग्री बुखार से पीड़ित थीं। इसके बावजूद उनके बुलंद इरादों में कोई कमी नहीं आई और उन्होंने भारत के लिए 11वां स्वर्ण पदक पक्का किया। यूट्यूब से हुई थी शुरुआती ट्रेनिंग कोटा से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अरुंधति का सफर प्रेरणादायक रहा है: शुरुआती चुनौतियां: कोटा में बॉक्सिंग की उचित सुविधाएं और कोच न होने के कारण उनके स्थानीय ताइक्वांडो कोच अशोक गौतम ने यूट्यूब पर तकनीक देखकर उन्हें शुरुआती ट्रेनिंग दी थी। लड़कों से फाइट: रिंग में अभ्यास के लिए महिला बॉक्सर न मिलने पर अरुंधति ने लड़कों के साथ फाइट (स्पैरिंग) करके खुद को तराशा। चोटों पर जीत: दोनों कलाइयों में गंभीर चोट और सर्जरी (मेटल प्लेट्स) के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अगला लक्ष्य: राष्ट्रमंडल खेलों में राजस्थान की पहली गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर बनने के बाद अरुंधति का अगला लक्ष्य लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाना है। भारतीय बॉक्सिंग दल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अरुंधति की इस स्वर्णिम सफलता के साथ ही भारत का राष्ट्रमंडल खेल 2026 में मुक्केबाजी अभियान अब तक का सबसे सफल अभियान बन गया है, जिसमें भारतीय महिला मुक्केबाजों ने ग्लासगो रिंग में अपना लोहा मनवाया।1
- सीबीएसई क्लस्टर ताइक्वांडो चैंपियनशिप में कोटा का परचम आरुषि ने जीता स्वर्ण, दैविक ने रजत, अर्पित और वेदिका ने कांस्य पदक हासिल किए कोटा राजस्थान कोटा। दौसा (राजस्थान) में 25 से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित सीबीएसई क्लस्टर ताइक्वांडो चैंपियनशिप में कोटा डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोटा का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में कोटा के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक अपने नाम किए। कोटा डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में आरुषि ने अंडर-17 ओवर 68 किग्रा भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। वहीं दैविक सिंगल ने अंडर-78 किग्रा भार वर्ग में बेहतरीन मुकाबलों के बाद रजत पदक हासिल किया। इसके अलावा अर्पित सिंह ने अंडर-55 किग्रा भार वर्ग तथा वेदिका धाकड़ ने अंडर-14 32 किग्रा भार वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किए। पदक विजेता खिलाड़ियों की इस शानदार उपलब्धि पर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार ने सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासित प्रशिक्षण और आत्मविश्वास का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों के अभिभावकों एवं प्रशिक्षकों के सहयोग और प्रोत्साहन की भी सराहना की। अनिल कुमार ने कहा कि कोटा डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन के खिलाड़ी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कोटा, राजस्थान और देश का नाम रोशन करेंगे। खिलाड़ियों की इस शानदार सफलता पर ऋषि राज धाकड़, रितिका, शिवानी सिंगल, ममता मीना, डी.के. शर्मा सहित एसोसिएशन के पदाधिकारियों, अभिभावकों एवं खेल प्रेमियों ने खुशी व्यक्त करते हुए सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।3
- साबिर समेत अन्य पर आवासन मंडल का मकान दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप, नयापुरा थाने में मामला दर्ज न्यूज़ स्क्रिप्ट कोटा। नयापुरा थाना क्षेत्र में राजस्थान आवासन मंडल का मकान दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने साबिर, मुल्जिम खान (यदि दस्तावेज़ में यही नाम है) सहित अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने आवासन मंडल का मकान करीब 26 लाख रुपये में दिलाने का भरोसा दिलाया और रजिस्ट्री, लीज, अनापत्ति प्रमाण-पत्र सहित अन्य दस्तावेज तैयार कराने का आश्वासन दिया। इस भरोसे में पीड़ित से पहले 5 लाख रुपये, बाद में अलग-अलग किस्तों और चेक के माध्यम से लाखों रुपये ले लिए गए। रिपोर्ट में आरोप है कि आरोपियों ने आवासन मंडल के अधिकारियों से पहचान होने का दावा करते हुए रजिस्ट्री कराने का विश्वास दिलाया, लेकिन पूरी राशि लेने के बाद भी मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। बाद में समाचारों के माध्यम से पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ, जिसके बाद उसने नयापुरा थाने में मामला दर्ज कराया। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लेन-देन, दस्तावेजों तथा आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है1
- कोटा के घंटाघर इलाके में संडे मार्केट की भीड़ का फायदा उठाकर एक शातिर बदमाश ने दिनदहाड़े HF Deluxe बाइक पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित ने सुबह करीब 8 बजे शनि मंदिर के पास रघु पान की दुकान के निकट बाइक खड़ी की थी और कुछ देर बाद लौटने पर वाहन गायब मिला। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में एक युवक बाइक का लॉक खोलकर आराम से उसे ले जाता दिखाई दिया। पीड़ित ने रामपुरा कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर फुटेज पुलिस को सौंप दी है। पुलिस अब सीसीटीवी के आधार पर आरोपी की पहचान कर बाइक बरामद करने के प्रयास में जुटी है। कोटा के घंटाघर इलाके में संडे मार्केट की भीड़ का फायदा उठाकर एक शातिर बदमाश ने दिनदहाड़े HF Deluxe बाइक पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित ने सुबह करीब 8 बजे शनि मंदिर के पास रघु पान की दुकान के निकट बाइक खड़ी की थी और कुछ देर बाद लौटने पर वाहन गायब मिला। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में एक युवक बाइक का लॉक खोलकर आराम से उसे ले जाता दिखाई दिया। पीड़ित ने रामपुरा कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर फुटेज पुलिस को सौंप दी है। पुलिस अब सीसीटीवी के आधार पर आरोपी की पहचान कर बाइक बरामद करने के प्रयास में जुटी है।1
- सवाई माधोपुर नॉर्थ रेलवे यार्ड में रविवार रात करीब 11 बजे एक बार फिर पैंथर दिखाई देने से रेल कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों के शोर मचाने और ट्रेन का हॉर्न बजाने के बावजूद पैंथर काफी देर तक यार्ड में बैठा रहा, जिससे शंटिंग कार्य भी प्रभावित हुआ। कुछ समय बाद पैंथर स्वयं जंगल की ओर चला गया। रेलवे परिसर में पहले भी कई बार पैंथर और अन्य जंगली जानवरों की मौजूदगी सामने आ चुकी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से रात की ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों और पॉइंट्समैन में भय का माहौल है तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग तेज हो गई है। सवाई माधोपुर नॉर्थ रेलवे यार्ड में रविवार रात करीब 11 बजे एक बार फिर पैंथर दिखाई देने से रेल कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों के शोर मचाने और ट्रेन का हॉर्न बजाने के बावजूद पैंथर काफी देर तक यार्ड में बैठा रहा, जिससे शंटिंग कार्य भी प्रभावित हुआ। कुछ समय बाद पैंथर स्वयं जंगल की ओर चला गया। रेलवे परिसर में पहले भी कई बार पैंथर और अन्य जंगली जानवरों की मौजूदगी सामने आ चुकी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से रात की ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों और पॉइंट्समैन में भय का माहौल है तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग तेज हो गई है।1