जनपद में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा, वहीं पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देशन में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती, अभ्यर्थियों की सघन जांच और प्रवेश व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई, जिससे पूरी परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकी। परीक्षा समाप्त होने के बाद विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमें मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। हरदोई निवासी और बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक बृजेश मिश्रा ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर सामान्य से थोड़ा कठिन था। उन्होंने कहा कि जो अभ्यर्थी नियमित तैयारी कर रहे थे, उनके लिए पेपर बेहतर रहा होगा, लेकिन कार्यरत शिक्षकों को विद्यालयी कार्य, सर्वे, गणना और अन्य सरकारी जिम्मेदारियों के कारण पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इसी संदर्भ में उन्होंने सरकार से शिक्षकों पर अतिरिक्त गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ कम करने की मांग भी की। वहीं, हरदोई के एक अन्य अभ्यर्थी सुशील कुमार मिश्रा ने प्रश्नपत्र को संतुलित बताया, जिसमें बाल विकास, मनोविज्ञान और पर्यावरण से अच्छे प्रश्न पूछे गए थे। हालांकि, उन्हें पर्यावरण और सामान्य अध्ययन के कुछ प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन लगे, जबकि हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्न आसान थे। एक अन्य अभ्यर्थी शिवम कुमार ने भी परीक्षा को मॉडरेट बताते हुए कहा कि विज्ञान, गणित और सीडीपी (बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) से प्रश्न पूछे गए थे और कुल मिलाकर पेपर संतुलित रहा, जिससे अधिक कठिनाई महसूस नहीं हुई। परीक्षा केंद्रों के बाहर अधिकांश अभ्यर्थियों का मानना था कि यदि नियमित तैयारी की जाए तो प्रश्नपत्र आसानी से हल किया जा सकता था, लेकिन नौकरी या अन्य कार्यों में व्यस्त अभ्यर्थियों के लिए तैयारी करना चुनौतीपूर्ण साबित होता है। प्रशासन की ओर से पूरे जनपद में परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और सभी केंद्रों पर अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखी, जिसके फलस्वरूप परीक्षा शांतिपूर्ण और बिना किसी अव्यवस्था के संपन्न हुई।
जनपद में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा, वहीं पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देशन में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती, अभ्यर्थियों की सघन जांच और प्रवेश व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई, जिससे पूरी परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकी। परीक्षा समाप्त होने के बाद विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमें मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। हरदोई निवासी और बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक बृजेश मिश्रा ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर सामान्य से थोड़ा कठिन था। उन्होंने कहा कि जो अभ्यर्थी नियमित तैयारी कर रहे थे, उनके लिए पेपर बेहतर रहा होगा, लेकिन कार्यरत शिक्षकों को विद्यालयी कार्य, सर्वे, गणना और अन्य सरकारी जिम्मेदारियों के कारण पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इसी संदर्भ में उन्होंने सरकार से शिक्षकों पर अतिरिक्त गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ कम करने की मांग भी की। वहीं, हरदोई के एक अन्य अभ्यर्थी सुशील कुमार मिश्रा ने प्रश्नपत्र को संतुलित बताया, जिसमें बाल विकास, मनोविज्ञान और पर्यावरण से अच्छे प्रश्न पूछे गए थे। हालांकि, उन्हें पर्यावरण और सामान्य अध्ययन के कुछ प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन लगे, जबकि हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्न आसान थे। एक अन्य अभ्यर्थी शिवम कुमार ने भी परीक्षा को मॉडरेट बताते हुए कहा कि विज्ञान, गणित और सीडीपी (बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) से प्रश्न पूछे गए थे और कुल मिलाकर पेपर संतुलित रहा, जिससे अधिक कठिनाई महसूस नहीं हुई। परीक्षा केंद्रों के बाहर अधिकांश अभ्यर्थियों का मानना था कि यदि नियमित तैयारी की जाए तो प्रश्नपत्र आसानी से हल किया जा सकता था, लेकिन नौकरी या अन्य कार्यों में व्यस्त अभ्यर्थियों के लिए तैयारी करना चुनौतीपूर्ण साबित होता है। प्रशासन की ओर से पूरे जनपद में परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और सभी केंद्रों पर अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखी, जिसके फलस्वरूप परीक्षा शांतिपूर्ण और बिना किसी अव्यवस्था के संपन्न हुई।
- पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ दीक्षित ने रिजर्व पुलिस लाइन में साप्ताहिक परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस बल की शारीरिक दक्षता, ड्रिल और अनुशासन का बारीकी से जायजा लिया। परेड के बाद, एसपी ने बल को जनसेवा, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के क्रम में, उन्होंने बैरकों, शस्त्रागार, परिवहन शाखा और डायल-112 के वाहनों का भी सूक्ष्म निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। कार्यक्रम में सर्विलांस सेल और एसओजी के उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। एसपी ने स्पष्ट किया कि जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व जनोन्मुख बनाने के लिए यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।1
- शाहजहाँपुर के थाना खुदागंज पुलिस ने एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह मामला 19 जून 2026 को सामने आया था, जब एक व्यक्ति ने अपनी 16 वर्षीय पुत्री और 14 वर्षीय भतीजी के घर से बिना बताए चले जाने की सूचना दी थी, जिसके बाद थाना खुदागंज में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान 1 जुलाई को दोनों नाबालिगों को लखनऊ से बरामद कर मेडिकल परीक्षण और वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। पीड़िता के न्यायालय में दर्ज बयान के आधार पर मुकदमे में धारा 65(1), 87 बीएनएस तथा 3/4(2) पॉक्सो एक्ट की बढ़ोतरी की गई। जांच में लखीमपुर खीरी के खमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम परसिया निवासी सनी पुत्र गुरदीप (21 वर्ष) का नाम आरोपी के रूप में सामने आया। इसके बाद, थाना प्रभारी खुदागंज के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे कटरा थाना क्षेत्र के कसरक तिराहे से आरोपी सनी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध सभी विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस सफल कार्रवाई में महिला उपनिरीक्षक तनु कुमारी, हेड कांस्टेबल अजय देवल और कांस्टेबल विपिन कुमार की प्रमुख भूमिका रही।1
- जनपद शाहजहांपुर में शुक्रवार को आयोजित हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में प्रशासन की अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान एक युवक ने विरोध प्रदर्शन करते हुए JCB मशीन के ठीक आगे लेटकर कार्रवाई को रोकने का प्रयास किया, जिसके चलते मौके पर जबरदस्त हंगामा और तनाव का माहौल बन गया। यह कार्रवाई नवादा स्थित किसान कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय की भूमि पर की जा रही थी। अतिक्रमण हटाने की इस मुहिम के दौरान उत्पन्न हुई तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस घटना ने पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- भारतीय किसान यूनियन ने नहर विभाग में चल रही रिश्वतखोरी के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन विशेष रूप से कोलाबा खोलने के संबंध में ली जा रही कथित रिश्वत को लेकर दिया गया है।1
- एक वीडियो में सांस लेने में परेशानी होने और ऑक्सीजन की कमी के लिए घरेलू उपाय बताए गए हैं। दर्शकों से इस वीडियो को लाइक, शेयर और फॉलो करने का आग्रह किया गया है।1
- उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कच्चे कटरा स्थित ज्ञान देव हिंदू के घर पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की। यह मुलाकात ज्ञानदेव हिंदू द्वारा 1989 में शंकराचार्य की रिहाई के लिए आत्मदाह किए जाने के संदर्भ में हुई।1
- शाहजहांपुर में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने शहीद उद्यान की बदहाल व्यवस्थाओं और गांधी भवन के संचालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित वीसी सभागार में आयोजित शहीद उद्यान समिति की बैठक में, जिलाधिकारी ने तत्काल जर्जर झूले बदलने, खराब लाइटें ठीक कराने, फाउंटेन चालू करने और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति कर उद्यान की देखरेख को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने इस बात पर बल दिया कि शहीद उद्यान को केवल एक भ्रमण स्थल न रहकर सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनाया जाए। इसके तहत, प्रत्येक शनिवार शाम 6 बजे नुक्कड़ नाटक, पेंटिंग, संगीत और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा और आम जनता को एक बेहतर सांस्कृतिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। इसी बैठक में गांधी भवन के संचालन हेतु विद्युत व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए एक इलेक्ट्रीशियन की नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया, जिसे ₹5,000 प्रतिमाह मानदेय के साथ प्रत्येक कार्यक्रम पर ₹500 अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। गांधी भवन के प्रेक्षागृह की बुकिंग के लिए नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत अब कोई भी कार्यक्रम बिना निर्धारित शुल्क के आयोजित नहीं किया जा सकेगा। सामान्य कार्यक्रमों के लिए बिना एसी ₹9,000 और एसी सहित ₹12,000 का शुल्क तय किया गया है, जबकि अन्य कार्यक्रमों के लिए बिना एसी ₹12,000 और एसी सहित ₹15,000 का शुल्क निर्धारित हुआ है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक कार्यक्रम के लिए ₹3,000 की सिक्योरिटी राशि जमा करना भी अनिवार्य होगा। इस बैठक में नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी, नगर मजिस्ट्रेट रजनीकांत, संबंधित अधिकारी और शहीद उद्यान समिति के सदस्य उपस्थित रहे।1