प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ किया है। कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील सभागार में इस योजना का उद्घाटन होने के साथ ही शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों में भारी उत्साह देखा गया। इस योजना के तहत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और अन्य पात्र शिक्षाकर्मियों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का निःशुल्क कैशलेस स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाएगा। इसका मुख्य लक्ष्य शिक्षाकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में उन्हें आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े और सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सके। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी प्रद्युम्न कुमार ने योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षकों का स्वस्थ और सुरक्षित रहना शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस पहल को शिक्षकों के हित में सरकार का एक महत्वपूर्ण और जनकल्याणकारी कदम बताया। इस अवसर पर राजपुर के खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह, संदलपुर के खंड शिक्षा अधिकारी आनंद भूषण सिंह सहित दीपक कटियार, महेंद्र वर्मा, प्रदीप तिवारी, मनोज श्रीवास्तव, विजय राजपूत, जितेंद्र कटियार, अभिषेक यादव, अमित कटियार, सुदीक्षा पांडेय, कृतिका सौहरिया, देवेश चौबे, हरपाल सिंह, आदित्य कटियार और बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक तथा रसोइया मौजूद रहे। उपस्थित शिक्षाकर्मियों ने इस योजना का गर्मजोशी से स्वागत किया और इसे उनके तथा उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया।
प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ किया है। कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील सभागार में इस योजना का उद्घाटन होने के साथ ही शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों में भारी उत्साह देखा गया। इस योजना के तहत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और अन्य पात्र शिक्षाकर्मियों को प्रतिवर्ष
₹5 लाख तक का निःशुल्क कैशलेस स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाएगा। इसका मुख्य लक्ष्य शिक्षाकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में उन्हें आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े और सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सके। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी प्रद्युम्न कुमार ने योजना की विशेषताओं
पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षकों का स्वस्थ और सुरक्षित रहना शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस पहल को शिक्षकों के हित में सरकार का एक महत्वपूर्ण और जनकल्याणकारी कदम बताया। इस अवसर पर राजपुर के खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह, संदलपुर के खंड शिक्षा अधिकारी आनंद भूषण सिंह सहित दीपक कटियार, महेंद्र
वर्मा, प्रदीप तिवारी, मनोज श्रीवास्तव, विजय राजपूत, जितेंद्र कटियार, अभिषेक यादव, अमित कटियार, सुदीक्षा पांडेय, कृतिका सौहरिया, देवेश चौबे, हरपाल सिंह, आदित्य कटियार और बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक तथा रसोइया मौजूद रहे। उपस्थित शिक्षाकर्मियों ने इस योजना का गर्मजोशी से स्वागत किया और इसे उनके तथा उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया।
- औरैया जनपद में पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देशानुसार, जिले भर में वांछित और वारंटी अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए एक विशेष 24 घंटे का अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान के दौरान, सभी थानों में अलग-अलग टीमें गठित की गईं, जिन्होंने प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 11 वांछित और वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में कोतवाली औरैया पुलिस द्वारा खानपुर चौराहा स्थित सैनिक कॉलोनी से अनिल राजपूत शामिल हैं। थाना दिबियापुर पुलिस ने मोहल्ला दयालपुर निवासी हनी उर्फ ताहर सिद्दिकी और गुलरिया निवासी छोटा सविता उर्फ छोटू उर्फ राजकिशोर को दबोचा। वहीं, थाना सहायल पुलिस ने ग्राम बनपुर्वा के आलोक कुमार को गिरफ्तार किया, जबकि कोतवाली अजीतमल पुलिस ने जगन्नाथपुर गांव से दो वारंटी अभियुक्तों – शुकुसददीन और फकीर उर्फ वसीर खान – को सलाखों के पीछे भेजा। थाना फफूंद पुलिस टीम ने इस अभियान में सर्वाधिक तीन वारंटी अभियुक्तों को पकड़ा, जिनमें अधासी निवासी विवेक मिश्रा, दौलतपुर निवासी सीपू और रानीपुर निवासी लोलैया उर्फ लल्ला शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कोतवाली बिधूना पुलिस ने ग्राम भाईपुर निवासी वारंटी अभियुक्त ब्रजेश सिंह को गिरफ्तार किया, जबकि थाना ऐरवाकटरा पुलिस ने उमरैन क्षेत्र में दुर्गा मंदिर के पास रहने वाले वारंटी अभियुक्त प्रदीप गुप्ता को पकड़कर आगे की विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार और वांछित अपराधियों पर लगाम कसने के लिए इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित थानों में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- कानपुर देहात के इंजुआरामपुर गाँव की आम जनता रास्ते की बदहाली और जलभराव से अत्यधिक परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय निकलने का कोई रास्ता नहीं बचता, और उन्हें जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रधान जी कोई कार्य नहीं करा रहे हैं; यहाँ न तो कोई खड़ंजा है और न ही पानी निकलने के लिए नली की कोई व्यवस्था है। आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रभारी से निवेदन किया है कि वे नली और खड़ंजे की जांच कर रास्ते की उचित व्यवस्था कराने की कृपा करें।1
- भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने झींझक विद्युत उपखंड में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) रंगलाल पाल को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपी जेई के खिलाफ अकबरपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दरअसल, एक बिजली ठेकेदार ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि जेई रंगलाल पाल लाइन मरम्मत कार्य का बिल पास करने के एवज में उनसे छह प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं। शिकायत के सत्यापन के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने जेई को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। योजना के तहत शिकायतकर्ता ठेकेदार को ₹20,000 लेकर जेई के पास भेजा गया, और जैसे ही जेई ने रिश्वत की रकम अपने कब्जे में ली, मौके पर मौजूद टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली। गिरफ्तारी के बाद आरोपी जेई को अकबरपुर थाने लाया गया। शिकायतकर्ता ठेकेदार पुनीत ने बताया कि उन्होंने विद्युत विभाग के लिए लाइन मरम्मत का काम किया था, जिसके बिल पास होने थे, लेकिन जेई रंगलाल पाल बिल पास करने के लिए छह प्रतिशत रिश्वत मांग रहे थे। पुनीत ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए पहले बिल पास करने और बाद में पैसे देने की बात कही, पर जेई नहीं माने, जिसके बाद उन्होंने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। ठेकेदार ने यह भी बताया कि उनके अन्य बिल भी लंबित हैं, जिन पर भी छह प्रतिशत कमीशन मांगा जा रहा था। पुलिस और एंटी करप्शन टीम मामले की वैधानिक जांच में जुटी है। एंटी करप्शन विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही, इस बात की भी जांच की जा रही है कि आरोपी जेई पहले भी इस तरह की अवैध वसूली में शामिल रहा है या नहीं। मामले की जांच जारी है।1
- कानपुर देहात के डेरापुर स्थित तहसील परिसर के अधिवक्ता सभागार में बुधवार को अधिवक्ता परिषद की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान परिषद के आय-व्यय को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया, जिसके चलते वित्तीय पारदर्शिता और विस्तृत ब्यौरा पेश करने की मांग पर करीब दो घंटे तक जोरदार हंगामा हुआ। यह बैठक उपाध्यक्ष चंद्र प्रताप यादव की अध्यक्षता में हुई थी। कई अधिवक्ताओं ने परिषद के सभी वित्तीय लेन-देन का विस्तृत ब्यौरा सदन के समक्ष प्रस्तुत करने पर जोर दिया। उनकी मांग थी कि संगठन के कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और प्रत्येक सदस्य को आय-व्यय की सही जानकारी सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है कि वित्तीय जानकारी समय-समय पर सदस्यों के साथ साझा की जाए। इस मुद्दे पर अधिवक्ताओं के बीच लगभग दो घंटे तक चली लंबी चर्चा और हंगामा देखने को मिला। उपस्थित अधिवक्ताओं ने परिषद के पदाधिकारियों से जल्द से जल्द आय-व्यय का यह विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने का अनुरोध किया। बैठक में संगठन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में परिषद अध्यक्ष सुरेश चंद्र द्विवेदी, महामंत्री हरिशंकर संखवार के साथ संतोष कुमार यादव, प्रशांत दीक्षित, सुधींद्र मिश्रा उर्फ बिल्लू, अमित तिवारी, रामकुमार यादव, राजकुमार तिवारी, शैलेंद्र यादव, गिरेंद्र सिंह गौर, देवेंद्र पाल, अरुण गुप्ता, प्रदीप महेश्वरी, संजय पाल सहित अन्य अधिवक्तागण मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ आवारा कुत्तों के एक खूंखार झुंड ने एक गरीब पशुपालक की आजीविका पर भारी प्रहार किया है। यह हृदयविदारक वाकया बेला थाना क्षेत्र की बेला बस्ती में बीती रात घटा, जब कुत्तों के झुंड ने एक बाड़े में घुसकर करीब 40 भेड़ों को बेरहमी से अपना शिकार बना लिया। इस खूनी तांडव के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनकी दुनिया मानो एक झटके में उजाड़ दी गई है।1
- कानपुर देहात में बदमाशों के हौसले बुलंद देखने को मिले हैं, जहाँ देर रात एक युवक के दोनों पैरों में गोली मारकर उससे नगदी छीन ली गई और अपराधी मौके से फरार हो गए। यह घटना मुंगीसापुर हाइवे के पास हुई, जब युवक दिल्ली से अपनी नौकरी कर एक ट्रक में सवार होकर घर लौट रहा था। बाइक सवार बदमाशों ने युवक के पैरों में दो गोलियां मारीं और उसके पास से रुपयों और कपड़ों से भरा एक बैग लेकर भाग निकले। इस वारदात ने इलाके में चोरों की बढ़ती हिम्मत को उजागर किया है, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। लूट और गोलीबारी की सूचना मिलते ही 112 पुलिस टीम मौके पर पहुँची और घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डेरापुर थाना पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जाँच-पड़ताल में जुटी हुई है।3
- औरैया जिले के थाना कस्बा क्षेत्र की बेला बस्ती में आवारा कुत्तों के एक झुंड ने पशुपालक के बाड़े में घुसकर भेड़ों पर हमला कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा हुआ। इस दर्दनाक घटना में लगभग 40 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके चलते पीड़ित परिवार को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। बेला बस्ती निवासी पिंटू उर्फ श्रवण कुमार ने बताया कि उनके पास कुल 82 भेड़ें थीं, जिन्हें रोजाना की तरह रात में बाड़े में बांधा गया था। देर रात भेड़ों में शोर और भगदड़ की आवाज सुनकर परिवार वाले मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि कुत्तों का झुंड भेड़ों पर हमला कर रहा था। परिवार ने किसी तरह कुत्तों को खदेड़ा, लेकिन तब तक कई भेड़ें दम तोड़ चुकी थीं, जबकि कुछ गंभीर रूप से जख्मी मिलीं और बची हुई भेड़ें डर के मारे इधर-उधर बिखर गईं। घटना की सूचना मिलते ही बेला थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। थाना प्रभारी निरीक्षक ललितेश त्रिपाठी ने जानकारी दी कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, राजस्व विभाग से लेखपाल रोहित यादव भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि एक रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, जिससे पीड़ित पशुपालक को सरकारी सहायता और मुआवजा दिलाया जा सके।1
- औरैया जिले के बिधूना तहसील के बेला कस्बे के मोहल्ला बेला बस्ती में बीती रात आवारा और हिंसक कुत्तों ने एक भेड़ बाड़े में घुसकर हमला कर दिया। इस हमले में भेड़ पालक श्रवण कुमार पुत्र गंगाराम की 33 भेड़ों को कुत्तों ने मौत के घाट उतार दिया, जबकि 7 अन्य भेड़ें गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं। भेड़ बाड़े में कुल 82 भेड़ें मौजूद थीं। यह घटना बीती रात लगभग 2 बजे हुई जब भेड़ों के शोरगुल और भगदड़ की आवाज सुनकर भेड़ पालक श्रवण कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि आवारा कुत्तों का झुंड भेड़ों पर हमला कर रहा था, और तब तक कई भेड़ें मर चुकी थीं तथा कुछ गंभीर रूप से घायल थीं। श्रवण कुमार ने अपने परिवारजनों की मदद से किसी तरह कुत्तों को बाड़े से भगाया, लेकिन तब तक लाखों रुपए का नुकसान हो चुका था और हमले से बची हुई भेड़ें सहमी हुई इधर-उधर भाग रही थीं। इस हृदय विदारक घटना की जानकारी मिलते ही उप जिलाधिकारी बिधूना कमल कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विकल, थाना प्रभारी बेला ललितेश त्रिपाठी और क्षेत्रीय लेखपाल रोहित यादव तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और मृत हुई 33 भेड़ों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराने के साथ-साथ गंभीर रूप से घायल 7 भेड़ों का उपचार भी शुरू करवाया। भेड़ पालक श्रवण कुमार के लिए ये भेड़ें ही परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र साधन थीं, और इस लाखों रुपए के नुकसान से उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उप जिलाधिकारी बिधूना कमल कुमार सिंह ने इस संबंध में पूछे जाने पर बताया है कि भेड़ों पर हुए इस हमले की गहनता से जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही, भेड़ पालक को हुए नुकसान का भी आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि उन्हें यथासंभव मुआवजा दिलाया जा सके।2
- औरैया जिले में बुधवार सुबह से शुरू हुई बारिश दिनभर रुक-रुक कर जारी रही, जिसके कारण शहर की कई सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव के चलते वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण शहर के प्रमुख बाजारों में भी रौनक कम रही। ग्रामीण क्षेत्रों से खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की संख्या घटने से बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा, जिससे दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में मायूस नजर आए और कारोबार प्रभावित हुआ। एक फोटो में भी सड़क पर भारी मात्रा में पानी भरा दिखाई दे रहा है, जिसके बीच से वाहन और लोग सावधानी से निकलते दिखे। लगातार हुई इस बारिश से जहाँ कुछ स्थानों पर अस्थायी जलभराव की स्थिति बनी, वहीं कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। किसानों ने भी बारिश का स्वागत करते हुए इसे खरीफ फसलों के लिए लाभदायक बताया। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।1