लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े प्रकरण में विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपे जाने की अटकलों के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सोमवार को स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि SIT ने अभी तक अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रस्तुत नहीं की है। इस संबंध में कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को विभाग ने भ्रामक और तथ्यहीन करार दिया है। सूचना विभाग ने यह स्पष्टीकरण अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से जारी किया है। संदेश में यह भी कहा गया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से संबंधित मामले में SIT की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अब तक नहीं सौंपी गई है। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और केवल अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। दरअसल, हाल के दिनों में विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा था कि राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गठित SIT अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप सकती है। कुछ रिपोर्टों में तो यह भी संभावना जताई गई थी कि रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और उसे जल्द ही प्रस्तुत किया जा सकता है।
लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े प्रकरण में विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपे जाने की अटकलों के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सोमवार को स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि SIT ने अभी तक अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रस्तुत नहीं की है। इस संबंध में कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को विभाग ने भ्रामक और तथ्यहीन करार दिया है। सूचना विभाग ने यह स्पष्टीकरण अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से जारी किया है। संदेश में यह भी कहा गया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से संबंधित मामले में SIT की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अब तक नहीं सौंपी गई है। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और केवल अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। दरअसल, हाल के दिनों में विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा था कि राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गठित SIT अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप सकती है। कुछ रिपोर्टों में तो यह भी संभावना जताई गई थी कि रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और उसे जल्द ही प्रस्तुत किया जा सकता है।
- सुलतानपुर के सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर परिसर में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में हजारों की संख्या में छात्र, आचार्य (शिक्षक) और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अपर पुलिस अधीक्षक (IPS) बृजनारायण सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। IPS बृजनारायण सिंह ने अपने उद्बोधन में योग को केवल शारीरिक व्यायाम से कहीं अधिक बताते हुए इसे शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का एक संपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग अनुशासन सिखाता है, और कोई भी राष्ट्र अपने अनुशासन से ही महान बनता है, एक ऐसी सच्चाई जिसे आज पूरी दुनिया ने न केवल स्वीकारा है, बल्कि सराहा और अपनाया भी है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा वीणावादिनी मां सरस्वती, भारत माता, ऊंकार और योग के प्रवर्तक महर्षि पतंजलि के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य, आचार्यों और छात्र-छात्राओं के साथ स्वयं भी योग किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि का स्वागत श्रीफल और अंगवस्त्र भेंटकर किया। उन्होंने सभी छात्रों, अभिभावकों और आचार्यों को शुभकामनाएं देते हुए योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य ने इस बात पर बल दिया कि योग शारीरिक और मानसिक दृढ़ता के साथ ही हमें लंबी आयु और स्वास्थ्य भी प्रदान करता है। वरिष्ठ आचार्य अनिल पाण्डेय ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया, जबकि शारीरिक शिक्षा विभाग प्रमुख विवेकानंद यादव ने योगाभ्यास संपन्न कराया। इस योगाभ्यास में आचार्या रागिनी मिश्रा, आचार्य द्वारिका नाथ पाण्डेय, संतोष तिवारी और शुभम सिंह ने सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य देवेन्द्र कुमार पाठक ने किया और आचार्या पूजा शुक्ला ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन योग की महत्ता और उसे दैनिक जीवन में अपनाने के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- वाराणसी के कैथी गाँव में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान जल निगम के कई कनेक्शन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस घटना के कारण स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।1
- जौनपुर से मिली जानकारी के अनुसार, आज के दौर में जहां लोग अपनी उपलब्धियों और अच्छाइयों का प्रदर्शन करने में लगे रहते हैं, वहीं समाज के प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि सच्चाई को कभी शोर मचाने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि सत्य की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि वह समय के साथ स्वयं उजागर हो जाता है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने इस विषय पर अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि व्यक्ति को अपनी सच्चाई का कभी शोर नहीं करना चाहिए, क्योंकि इत्र की खुशबू की तरह सच्चाई भी स्वयं फैलती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि झूठ को बार-बार साबित करना पड़ता है, जबकि सत्य को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती। पाण्डेय ने यह भी उल्लेख किया कि जीवन में कई बार सच्चे लोगों को आलोचनाओं, आरोपों और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन धैर्य और ईमानदारी बनाए रखने वाला व्यक्ति अंततः सम्मान और विश्वास प्राप्त करता है। इतिहास भी इस बात का साक्षी है कि सत्य और न्याय की राह पर चलने वालों को देर से ही सही, लेकिन सफलता अवश्य मिली है। सामाजिक चिंतकों का विचार है कि व्यक्ति को अपने कर्मों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि अच्छे कार्य स्वयं उसकी पहचान बनाते हैं। दूसरों के सामने अपनी सच्चाई का ढिंढोरा पीटने के बजाय अपने व्यवहार और कार्यों से उसे साबित करना कहीं अधिक प्रभावी होता है। सूर्य प्रकाश पाण्डेय का संदेश है कि सच्चाई को साबित करने के लिए आवाज़ ऊंची करने की नहीं, बल्कि चरित्र ऊंचा रखने की आवश्यकता होती है, क्योंकि समय और कर्म ही व्यक्ति की असली पहचान बनाते हैं।1
- लखनऊ के अलीगंज स्थित एक लाइब्रेरी में भीषण आग लग गई है। आग की भयावहता के चलते बच्चों को बिल्डिंग से नीचे कूदने पर मजबूर होना पड़ा। इस घटना में कई बच्चों की हालत नाजुक बताई जा रही है। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुँच गई हैं और आग बुझाने का काम जारी है।1