कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री, जिन्हें गर्ग के नाम से भी जाना जाता है, का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। यह बयान एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिया गया था, जिसमें वायरल वीडियो के अनुसार, उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि कार्यक्रमों में लोगों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न तरीके अपनाने पड़ते हैं और केवल सामान्य आयोजन से बड़ी संख्या में लोग नहीं जुटते। वीडियो में कथावाचक द्वारा कथित तौर पर 'पर्ची' और अन्य माध्यमों का उल्लेख किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर बहस और भी तेज़ हो गई है। कई लोग इस बयान को धार्मिक आयोजनों में किए जाने वाले चमत्कार संबंधी दावों पर सीधे सवाल उठाने वाला मान रहे हैं। वहीं, उनके समर्थक इसे संदर्भ से अलग करके पेश किया गया बयान बता रहे हैं, जिसका वास्तविक अर्थ भिन्न है। इस वायरल वीडियो के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जहाँ कुछ लोग धार्मिक आयोजनों में होने वाले दावों की पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, वहीं अन्य लोग पूरे बयान और उसके वास्तविक संदर्भ को समझने की अपील कर रहे हैं। फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और पूरे बयान के संदर्भ की विस्तृत जांच होना अभी बाकी है। यह खबर वायरल वीडियो और सार्वजनिक चर्चाओं पर आधारित है, तथा बयान का वास्तविक आशय और संदर्भ पूर्ण वीडियो एवं संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट हो पाएगा।
कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री, जिन्हें गर्ग के नाम से भी जाना जाता है, का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। यह बयान एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिया गया था, जिसमें वायरल वीडियो के अनुसार, उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि कार्यक्रमों में लोगों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न तरीके अपनाने पड़ते हैं और केवल सामान्य आयोजन से बड़ी संख्या में लोग नहीं जुटते। वीडियो में कथावाचक द्वारा कथित तौर पर 'पर्ची' और अन्य माध्यमों का उल्लेख किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर बहस और भी तेज़ हो गई है। कई लोग इस बयान को धार्मिक आयोजनों में किए जाने वाले चमत्कार संबंधी दावों पर सीधे सवाल उठाने वाला मान रहे हैं। वहीं, उनके समर्थक इसे संदर्भ से अलग करके पेश किया गया बयान बता रहे हैं, जिसका वास्तविक अर्थ भिन्न है। इस वायरल वीडियो के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जहाँ कुछ लोग धार्मिक आयोजनों में होने वाले दावों की पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, वहीं अन्य लोग पूरे बयान और उसके वास्तविक संदर्भ को समझने की अपील कर रहे हैं। फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और पूरे बयान के संदर्भ की विस्तृत जांच होना अभी बाकी है। यह खबर वायरल वीडियो और सार्वजनिक चर्चाओं पर आधारित है, तथा बयान का वास्तविक आशय और संदर्भ पूर्ण वीडियो एवं संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट हो पाएगा।
- मेरठ के गणेश बिहार नीलकंठ माता वाली वार्ड नंबर 15 (पिन कोड 250002, तहसील सदर मेरठ) से एक जनहित मामले की जांच की मांग उठाई गई है। इस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी, स्थानीय सभासद और पुलिस प्रशासन पर पूर्ण भरोसा जताया गया है। नागरिकों ने यह विश्वास व्यक्त किया है कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है, जिसके कारण मोदी-योगी सरकार को उपयोगी बताया गया है। इस दौरान जय हिंद, जय भारत, जय श्रीराम और हर हर महादेव के नारे भी लगाए गए।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ कचहरी परिसर में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में दिखाई दे रही एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके साथ हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की गई है। पुलिस के अनुसार, झगड़ा करने वाले ये दोनों पक्ष कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के नगला तासी निवासी एक ही परिवार से जुड़े हैं और उनके बीच पुराना विवाद चल रहा है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि वर्ष 2025 में भी इन दोनों पक्षों के बीच मारपीट का एक मुकदमा दर्ज हुआ था। हाल ही में हुए विवाद के संबंध में कोर्ट से नोटिस मिलने के बाद ही ये दोनों पक्ष कचहरी पहुंचे थे, जहां कहासुनी होने के बाद मारपीट शुरू हो गई। पुलिस इस वायरल वीडियो की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से तहरीर मिलने के बाद विधिक कार्यवाही की जाएगी।1
- गाज़ियाबाद में एक 'गोल्डधारी वर्दी वाले गुंडे' पर एक साँस में 33 बेहद गंदी गालियाँ देने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस घटना में, व्यक्ति ने कथित तौर पर “बुला अपनी माँ को” और “तुम्हारी माँ को #%€दो…” जैसे अपशब्दों का प्रयोग किया। शिकायतकर्ता ने इस वर्दीधारी व्यक्ति को उत्तर प्रदेश पुलिस का एक इंस्पेक्टर बताया है। इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए, शिकायतकर्ता ने सीधे डीजीपी उत्तर प्रदेश को टैग किया है। उन्होंने डीजीपी से पूछा है कि उनके इंस्पेक्टर को कितनी अच्छी ट्रेनिंग मिली है और सवाल उठाया है कि क्या ऐसी ही 'मित्र पुलिसिंग' पूरे प्रदेश में चल रही है।1
- अखिलेश यादव ने गंभीर बयान देते हुए कहा है कि अगर समय पर दीवार काट दी जाती, तो शायद बहुत बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। उनका यह कथन उस संभावित नुकसान की ओर इशारा करता है, जो कथित लापरवाही या समय पर कार्रवाई न होने के कारण हुआ या हो सकता था।1
- मेरठ में मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद वर्षों से 'नल वाला रास्ता' नहीं बन पा रहा है, जिससे नगर निगम की घोर लापरवाही उजागर हुई है। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मेरठ दक्षिण 49 विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी राजुद्दीन गादरे ने नगर निगम की इस निष्क्रियता और सफाई व्यवस्था की बदहाली की कड़ी निंदा की है। गादरे ने बताया कि उन्होंने 'नल वाला रास्ता' यानी फातिमा रोड को बनवाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री को अनुरोध भेजा था। इसके साथ ही, उन्होंने मेरठ मंडल कमिश्नर को एक ज्ञापन भी सौंपा था, जिस पर वार्ड 86 और 87 के निवासियों के हस्ताक्षर थे। हालांकि, नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, अभी तक सड़क निर्माण का टेंडर जारी नहीं हो पाया है, जिसके कारण यह रास्ता वर्षों से गड्ढे युक्त और अधर में लटका हुआ है। उनकी शिकायत है कि सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह ठप पड़ी है। राजुद्दीन गादरे ने आरोप लगाया कि वार्ड 86 और 87 के वर्तमान पार्षद अपनी कमीशन के चक्कर में इस सड़क को नहीं बनने दे रहे हैं, जिससे वार्ड वासियों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले वार्ड में दोनों ओर छोटी नालियां थीं, लेकिन पार्षदों की मनमर्जी से अब तीन से साढ़े तीन फीट गहरे और चौड़े नाले बना दिए गए हैं। ये नाले गंदगी के अंबार से भरे रहते हैं और इन्हें ढका भी नहीं गया है, जिससे किसी बच्चे या व्यक्ति के उनमें डूबने का डर बना रहता है। रास्तों पर कई दरियां भी पड़ती हैं और लोग पानी से गोबर तथा पशुओं का मल-मूत्र बहाते रहते हैं। उन्होंने सीवर लाइन की भी समस्या उठाई, जो सड़क के बीचों-बीच पड़ी होने के बावजूद इस्तेमाल नहीं हो रही है। गादरे ने नगर निगम से भैंसों की डेरी से गोबर उठाने के लिए ट्रॉली लगवाने का सुझाव दिया, जिससे पानी की भी बचत हो सकती है। उन्होंने जल संकट की आशंका भी जताई, क्योंकि समरसेबल पंपों से अनावश्यक पानी बहाने के कारण भूजल स्तर पहले 150-200 फीट पर था, जो अब 300, 400 या 500 फीट नीचे चला गया है। डॉ. जाकिर हुसैन कॉलोनी के वार्ड 86 और 87 के मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के बावजूद, जहां दोनों पार्षद मुस्लिम हैं, गादरे ने खेद व्यक्त किया कि एक ही मजहब के लोगों के लिए भी ऐसे 'मजाक के पार्षद' ध्यान नहीं दे रहे हैं, तो फिर शिकायत किससे की जाए, यह सवाल उठता है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में जल्द कार्रवाई करने की अपील की। इस ज्ञापन को सौंपते समय डॉक्टर जमीन खान, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद आसिफ, महबूब, अमजद, रईस, सिराज, समरीन नाज, गुलशन, ओवर, अनबिया, तौसीफ, कारी मोहम्मद साबिर आज, मोहम्मद जीशान, डॉक्टर फुरकान, मेहताब, अंजुम, निजाम, तोशी, आलिया और शहजाद अली सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।4
- मेरठ के थाना किठौर पुलिस ने एक ट्रांसफार्मर चोरी गैंग का खुलासा करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 125 किलोग्राम कॉपर वायर, भारी मात्रा में ट्रांसफार्मर ऑयल और ट्रांसफार्मर चोरी करने के उपकरण बरामद किए हैं। एसपी ग्रामीण अभिजीत सिंह ने इस कार्रवाई का खुलासा करते हुए बताया कि क्षेत्र में ट्रांसफार्मर चोरों ने पहले तीन गार्डों को बंधक बनाकर डकैती की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें वे मौके से दो ट्रांसफार्मर चोरी कर फरार हो गए थे। पुलिस ने देर रात इस चोरी गैंग के सरगना और चोरी का माल कबाड़ी को बेचने वाले आरोपियों को धर दबोचा।3
- मेरठ में एक महिला ने एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाया है कि उसने शादी का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले में महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत दर्ज कराई है।1
- मुंबई के जुहू इलाके में भारी बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के साथ ही मुंबई में मॉनसून 2026 ने अपनी दस्तक दे दी है।1