बिहार पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें दावा किया गया है कि वह गुंडागर्दी करने वाले अपराधियों को खुलेआम छोड़ देती है, जबकि उन लोगों के घरों में घुसकर परेशान करती है जो अपराधी नहीं हैं। एक ऐसे ही मामले का जिक्र किया गया है जहां पुलिस ने बिना किसी रिंग वारंट के उस घर में प्रवेश किया जिसमें एक विकलांग व्यक्ति और एक मुस्लिम महिला रहती हैं, जिसे अनुचित बताया गया है। इस संबंध में किसी नोटिस पर भी कोई कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि एक दुर्घटना को हुए एक महीने और 10-12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस डायरी अभी तक कोर्ट में नहीं पहुंची है, और न ही अस्पताल से इंजरी पेपर जज को सौंपे गए हैं। इन तथ्यों को देखते हुए, यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि पुलिस गुंडों के साथ मिली हुई है। इन सब के बीच, सम्राट चौधरी की भूमिका पर भी तीखे सवाल उठाए गए हैं और उन्हें पद से हटाने की मांग की गई है। यह तर्क दिया गया है कि सम्राट चौधरी नेता नहीं बन सकते क्योंकि वे स्वयं गुंडा मामा ली (गुंडागर्दी से जुड़े मामले) में संलिप्त हैं, और ऐसे में वे जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेंगे। उन पर बिना किसी ठोस कारण के एनकाउंटर करवाने का भी आरोप लगाया गया है। आरोप के अनुसार, जब से सम्राट चौधरी आए हैं, तब से दिन-प्रतिदिन गुंडागर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। जनता जानना चाहती है कि सम्राट चौधरी को अपने पद पर बने रहना चाहिए या उन्हें हटा देना चाहिए।
बिहार पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें दावा किया गया है कि वह गुंडागर्दी करने वाले अपराधियों को खुलेआम छोड़ देती है, जबकि उन लोगों के घरों में घुसकर परेशान करती है जो अपराधी नहीं हैं। एक ऐसे ही मामले का जिक्र किया गया है जहां पुलिस ने बिना किसी रिंग वारंट के उस घर में प्रवेश किया जिसमें एक विकलांग व्यक्ति और एक मुस्लिम महिला रहती हैं, जिसे अनुचित बताया गया है। इस संबंध में किसी नोटिस पर भी कोई कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि एक दुर्घटना को हुए एक महीने और 10-12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस डायरी अभी तक कोर्ट में नहीं पहुंची है, और न ही अस्पताल से इंजरी पेपर जज को सौंपे गए हैं। इन तथ्यों को देखते हुए, यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि पुलिस गुंडों के साथ मिली हुई है। इन सब के बीच, सम्राट चौधरी की भूमिका पर भी तीखे सवाल उठाए गए हैं और उन्हें पद से हटाने की मांग की गई है। यह तर्क दिया गया है कि सम्राट चौधरी नेता नहीं बन सकते क्योंकि वे स्वयं गुंडा मामा ली (गुंडागर्दी से जुड़े मामले) में संलिप्त हैं, और ऐसे में वे जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेंगे। उन पर बिना किसी ठोस कारण के एनकाउंटर करवाने का भी आरोप लगाया गया है। आरोप के अनुसार, जब से सम्राट चौधरी आए हैं, तब से दिन-प्रतिदिन गुंडागर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। जनता जानना चाहती है कि सम्राट चौधरी को अपने पद पर बने रहना चाहिए या उन्हें हटा देना चाहिए।
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