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प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र में एक हिस्ट्रीशीटर ने दिनदहाड़े खुलेआम असलहा लहराते हुए गोलियां चलाईं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद अंजाम दी गई। इस पूरी वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान जेलर उर्फ मानवेंद्र के रूप में हुई है, जो सरायइनायत का रहने वाला है। उसका झूंसी के ही पवन गोस्वामी से किसी मामले को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस को इस संबंध में एक तहरीर मिली है, जिसके आधार पर मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है और पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
अजय सरोज~पत्रकार
प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र में एक हिस्ट्रीशीटर ने दिनदहाड़े खुलेआम असलहा लहराते हुए गोलियां चलाईं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद अंजाम दी गई। इस पूरी वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान जेलर उर्फ मानवेंद्र के रूप में हुई है, जो सरायइनायत का रहने वाला है। उसका झूंसी के ही पवन गोस्वामी से किसी मामले को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस को इस संबंध में एक तहरीर मिली है, जिसके आधार पर मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है और पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
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- प्रयागराज में अधिवक्ता रितेश श्रीवास्तव द्वारा चलाया जा रहा आमरण अनशन आज समाप्त हो गया। इस अनशन के उद्देश्य को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे, जहाँ कई लोगों का मानना था कि यह आंदोलन केवल अव्यवस्था फैलाने और सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का एक प्रयास था। इस संबंध में पहले भी खबरों के माध्यम से यह बात कही गई थी। अब लोगों को यह भी समझ में आ रहा है कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस मामले में सक्रिय संज्ञान क्यों नहीं लिया, क्योंकि वे इसके पीछे की पूरी रणनीति से भली-भांति परिचित थे।1
- प्रयागराज में रितेश श्रीवास्तव द्वारा चलाया जा रहा धरना अब समाप्त कर दिया गया है। इस धरने के उद्देश्य को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे, और कई लोगों का मानना था कि यह आंदोलन केवल अव्यवस्था फैलाने तथा सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का एक प्रयास था। इस संबंध में ऐसी खबरें पहले भी प्रसारित हुई थीं। अब लोगों को यह भी स्पष्ट रूप से समझ आ रहा है कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस मामले में सक्रिय संज्ञान क्यों नहीं लिया, क्योंकि वे इस धरने के पीछे की पूरी रणनीति से भली-भांति परिचित थे।1
- प्रयागराज के करछना में मत्स्य विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक महिला फील्ड डेवलपमेंट ऑफिसर (एफडीओ) ने अपने उच्चाधिकारी पर अभद्रता करने और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। एफडीओ रुमा बानो ने बताया कि यह घटना 30 मई, 2026 को हुई थी। इस मामले में उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने मतस्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मिली धमकी का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है।1
- प्रयागराज के चंद्रशेखर आजाद पार्क में 31 मई, रविवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली सिविल डिफेन्स के वार्डन और स्वयंसेवक अधिकारियों द्वारा आयोजित की गई थी। सिविल डिफेन्स के उपनियंत्रक नीरज मिश्रा के नेतृत्व में लोगों को तंबाकू के प्रति जागरूक किया गया।1
- 31 मई, रविवार को प्रयागराज स्थित चंद्रशेखर आजाद पार्क में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का आयोजन सिविल डिफेंस के वार्डन और स्वयंसेवक पदाधिकारियों द्वारा किया गया था। सिविल डिफेंस के उपनियंत्रक नीरज मिश्रा के नेतृत्व में लोगों को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।2
- बैलेट पेपर के माध्यम से हुए चुनावों में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 1156 सीटों पर अपनी जमानत गंवानी पड़ी है।1
- प्रयागराज के कोतवाली क्षेत्र स्थित मानसरोवर चौराहे पर दो युवकों ने अंधाधुंध फायरिंग कर पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस घटना के दौरान सड़कों पर गोलियां चलने से भगदड़ मच गई, जिससे लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए। इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए शैखु और राजन नामक दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश तेजी से की जा रही है।1
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