महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिली नई पहचान सलबा की अंजनी बनी आत्मनिर्भर, शुरू किया मनिहारी व सिलाई व्यवसाय महतारी वंदन योजना से सशक्त हो रही महिलाएं प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में चलाई जा रही महतारी वंदन योजना सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना का लाभ उठाकर महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि स्वरोजगार के माध्यम से आत्मविश्वास भी हासिल कर रही हैं। इसी कड़ी में सलबा निवासी अंजनी ने योजना की सहायता से मनिहारी और सिलाई का व्यवसाय शुरू कर एक नई मिसाल पेश की है। पहले जहां परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित थी, वहीं अब अंजनी अपने हुनर के दम पर घर की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनके इस प्रयास से न केवल परिवार को सहारा मिला है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिल रही है। अंजनी ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिली सहायता ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। अब वे नियमित रूप से सिलाई कार्य और मनिहारी सामग्री का व्यवसाय कर रही हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। योजना के सफल संचालन के लिए अंजनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही है।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिली नई पहचान सलबा की अंजनी बनी आत्मनिर्भर, शुरू किया मनिहारी व सिलाई व्यवसाय महतारी वंदन योजना से सशक्त हो रही महिलाएं प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में चलाई जा रही महतारी वंदन योजना सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना का लाभ उठाकर महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि स्वरोजगार के माध्यम से आत्मविश्वास भी हासिल कर रही हैं। इसी कड़ी में सलबा निवासी अंजनी ने योजना की सहायता से मनिहारी और सिलाई का व्यवसाय शुरू कर एक नई मिसाल पेश की है। पहले जहां परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित थी, वहीं अब अंजनी अपने हुनर के दम पर घर की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनके इस प्रयास से न केवल परिवार को सहारा मिला है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिल रही है। अंजनी ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिली सहायता ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। अब वे नियमित रूप से सिलाई कार्य और मनिहारी सामग्री का व्यवसाय कर रही हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। योजना के सफल संचालन के लिए अंजनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही है।
- एमसीबी जिले में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आदतन आरोपियों को 6 माह के लिए जिलाबदर किया है। जिला दण्डाधिकारी न्यायालय ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क) व (ख) के तहत यह आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार दोनों आरोपियों को 27 अप्रैल 2026 सुबह 10 बजे से जिले और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश 26 अक्टूबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा। उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन की इस पहल को क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।1
- Post by BHIMGE GROUP , KCR KODWAHI1
- PM नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गूंजा नारा – महिलाओं को 33% आरक्षण कब?1
- सीतापुर आदिवासी नाबालिक बच्चियों के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म शादी से घर लौटने के दौरान आरोपियों ने बच्चियों के साथ वारदात को दिया अंजाम घर के लगे पास की बस्ती मे शादी समारोह मे शामिल होने गई थी बच्चियां पिछड़ी जनजाति मांझी समुदाय से आती है पीड़िता 24 अप्रैल की देर रात की है वारदात पुलिस ने नामजद 3 आरोपी सहित अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया पीड़ित परिवार के मुताबिक 8 से 9 युवकों ने दिया वारदात को अंजाम सीतापुर थाना की घटना1
- Post by Arvind Kumar Mishra1
- सबका साथसबका विकास1
- सी न्यूज़ संवाददाता | सिंगरौली (सरई) शादी-विवाह का सीजन शुरू होते ही सरई बाजार की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आलम यह है कि बाजार की मुख्य सड़क अब पैदल चलने लायक भी नहीं बची है। आलम यह है कि मात्र 500 मीटर की दूरी तय करने में लोगों को 45 से 50 मिनट का समय लग रहा है। भीषण गर्मी और घंटों लंबे जाम ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। पार्किंग के अभाव में सड़क बनी 'गैरेज' जाम का सबसे बड़ा कारण सड़क पर होने वाली अवैध पार्किंग है। स्थानीय दुकानदार राम सिया गुप्ता ने बताया, "बाजार में भीड़ तो है, लेकिन असली समस्या सड़क पर खड़े वाहन हैं। कोई भी अपनी बाइक दुकान के अंदर खड़ी नहीं करता, सब सड़क पर छोड़ देते हैं।" ऑटो की मनमानी: ऑटो चालक सवारियों के चक्कर में सड़क के बीचों-बीच वाहन खड़ा कर देते हैं। दुकानों के बाहर कब्जा: खरीदारी करने आए लोग अपनी गाड़ियाँ दुकानों के ठीक सामने सड़क पर पार्क कर रहे हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी रह गई है। आपातकालीन सेवाएं भी लाचार: सायरन बजाती रही एम्बुलेंस मंगलवार दोपहर जाम का सबसे खौफनाक मंजर तब दिखा जब एक एम्बुलेंस करीब 20 मिनट तक जाम में फंसी रही। मरीज की जान पर बनी थी और चालक लगातार सायरन बजा रहा था, लेकिन सड़क पर रेंगते वाहनों के कारण जगह ही नहीं मिल पा रही थी। बाद में स्थानीय युवाओं ने मशक्कत कर रास्ता साफ कराया और एम्बुलेंस को आगे बढ़ाया। प्रशासन का रुख: जल्द चलेगा डंडा। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। प्रशासन के अनुसार: जल्द ही पूरे बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। नो-पार्किंग में खड़े वाहनों और सड़क रोकने वाले ऑटो चालकों पर भारी चालानी कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों को भी अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण न करने की हिदायत दी गई है। सीं न्यूज़ संवाददाता की सलाह: शादियों का सीजन मई अंत तक चलेगा। ऐसे में भीड़ कम होने के आसार नहीं हैं। पुलिस ने अपील की है कि दोपहर 12 से शाम 7 बजे के बीच सरई बाजार रोड पर चारपहिया वाहन लाने से बचें, ताकि जाम की स्थिति न बने।1
- एमसीबी जिले की अभिनव पहल “जर्नी ऑफ सैनिटेशन हाइजीन (JOSH)” अब पूरे छत्तीसगढ़ में लागू होने जा रही है। राज्य स्तर की बैठक में मुख्य सचिव ने इस मॉडल को सभी जिलों में क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। खड़गवां से शुरू हुए इस अभियान ने स्वच्छता के साथ युवाओं को रोजगार से जोड़ने का सफल उदाहरण पेश किया है। स्वच्छता प्रहरियों द्वारा अब तक सैकड़ों शौचालयों की सफाई व मरम्मत कर आय अर्जित की गई है। मात्र 200 रुपये सेवा शुल्क में बेहतर सुविधा मिल रही है। कई विभागों के समन्वय से यह पहल ग्रामीण व संस्थागत स्वच्छता को मजबूती दे रही है और अब प्रदेश के लिए आदर्श मॉडल बन गई है।1