Shuru
Apke Nagar Ki App…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष में भगवान रैली निकाली लाखेरी - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।जिसके अंतर्गत शुक्रवार को शहर में विराट भगवा वाहन रैली का आयोजन किया गया।भगवा वाहन रैली शहर के मुख्य बस स्टैंड से रवाना हो कर गांधीपुरा,चुंगी नाका,बॉटम लेवल,रामधन चौराहा,सुभाष सर्किल,गणेशपूरा,मालिपाड़ा होते हुए मुख्य बाजार से हो कर बस स्टैंड पर पहुंच कर समापन हुआ। इस दौरान भगवा वाहन रैली में सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता रैली में मौजूद रहे।
Vishwanath Sharma
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष में भगवान रैली निकाली लाखेरी - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।जिसके अंतर्गत शुक्रवार को शहर में विराट भगवा वाहन रैली का आयोजन किया गया।भगवा वाहन रैली शहर के मुख्य बस स्टैंड से रवाना हो कर गांधीपुरा,चुंगी नाका,बॉटम लेवल,रामधन चौराहा,सुभाष सर्किल,गणेशपूरा,मालिपाड़ा होते हुए मुख्य बाजार से हो कर बस स्टैंड पर पहुंच कर समापन हुआ। इस दौरान भगवा वाहन रैली में सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता रैली में मौजूद रहे।
More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- कहा गायब हो गई दिल्ली की 800 बच्चियां1
- आए दिन हो रहे हादसों जा रही लोगों की जान शहर की सुंदरता को कर रहे दागदार कोटा। शैक्षणिक नगरी के रूप में देश-दुनिया में मशहूर कोटा अब आवारा मवेशियों की लगातार बढ़ती समस्या से जूझ रहा है। शहर की सड़कों, चौराहों और गलियों में खुलेआम घूमते आवारा गाय, सांड और अन्य मवेशी न केवल शहर की सुंदरता को दागदार कर रहे हैं, बल्कि बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण भी बन रहे हैं। इन मवेशियों के कारण आमजन अकाल मौत का शिकार हो रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से इस समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नजर नहीं आ रहा। टीम जीवनदाता के संरक्षक एवं संयोजक, सड़क सुरक्षा समिति के उपसचिव तथा लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक भुवनेश गुप्ता ने बताया कि कोटा जैसे सुंदर, स्वच्छ और सजग शहर में आवारा मवेशी बड़े पैमाने पर विचरण कर रहे हैं। उन्होंने शहर का हालिया भ्रमण किया और कई संवेदनशील स्थानों की पहचान की, जहां यह समस्या सबसे गंभीर है। ये हैं सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र गुप्ता ने बताया कि कोटा में तलवंडी, एरोड्रम सर्किल, टीलेश्वर महादेव चौराहा, नयापुरा, स्टेशन क्षेत्र, मेडिकल कॉलेज कोटा एवं इसके आसपास के इलाके सबसे ज्यादा आवारा मवेशियों की समस्या से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में मवेशी अक्सर सड़कों पर आकर खड़े हो जाते हैं या समूह में घूमते हैं, जिससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है और दुर्घटनाएं हो जाती हैं। कई बार गंभीर चोटें या मौत भी हो जाती है। कैटल फ्री शहर का दावा खोखला साबित भुवनेश गुप्ता ने कहा कि कोटा को नाममात्र का 'कैटल फ्री शहर' घोषित किया गया है, ठीक वैसे ही जैसे 'रेड लाइट फ्री शहर' का दावा किया जाता है। लेकिन हकीकत में सड़कें और चौराहे आवारा मवेशियों से पटे पड़े हैं। सख्त नियमों, अथक प्रयासों और प्रभावी कार्रवाई के अभाव में यह समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। शहर की सुंदरता और सुरक्षा दोनों खतरे में हैं। सांडों की लड़ाई से जा चुकी हैं कई जानें पिछले कुछ महीनों में सांडों के आपसी झगड़ों से कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कुछ की मौत भी हो चुकी है। ऐसे हादसे आम हो गए हैं, लेकिन नगर निगम, कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए), जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे। भुवनेश गुप्ता ने अपील की है कि सभी को मिलकर इस समस्या का तुरंत और स्थायी समाधान निकालना होगा।4
- कोटा स्टेशन का मामला,गंदे शौचालय की शिकायत करना पड़ा भारी,यात्री को मारने के लिए दौड़ा टीटीई1
- Post by VKH NEWS1
- *कोटा थर्मल में सँयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन - सामूहिक एजेंसियों की क्षमताओं को परखा* == कोटा एंकर कोटा के सुपर थर्मल पावर स्टेशन की सर्विस बिल्डिंग में शाम को आपदा प्रबंधन से संबंधित एक संयुक्त मॉक ड्रिल की गई,, इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी बड़े अग्निकांड की स्थिति में विभिन्न हितधारक एजेंसियों की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का मूल्यांकन एवं उसे और अधिक सुदृढ़ करना था, , मॉक ड्रिल के अंतर्गत परिकल्पित परिदृश्य में यूनिट-1 कंट्रोल रूम में आग लगने तथा कुछ कर्मियों के भीतर फँसे होने की स्थिति दर्शाई गई,, इस आपात स्थिति से निपटने हेतु सीआईएसएफ, अग्निशमन इकाइयों, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य नागरिक सुरक्षा दल, राजस्थान पुलिस तथा बम निरोधक एवं निस्तारण दस्ता (BDDS) द्वारा समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई की गई,, इस मॉक ड्रिल का प्रमुख उद्देश्य विद्यमान आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की प्रभावशीलता का आकलन करना, विभिन्न एजेंसियों के मध्य समन्वय एवं संचार व्यवस्था का परीक्षण करना, निकासी, बचाव, अग्निशमन एवं चिकित्सा प्रतिक्रिया कार्यों की दक्षता का मूल्यांकन करना था1
- मनरेगा बचाने सड़कों पर उतरी कांग्रेस, बारां में बड़ा प्रदर्शन, #rajasthan #baran #antanews1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- Post by VKH NEWS1