जनपद जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में एक कथित फर्जी डॉक्टर की घोर लापरवाही ने दो जिंदगियां छीन लीं। प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची एक महिला और उसके नवजात शिशु की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रसव कराने के नाम पर अस्पताल संचालक ने उनसे ₹9,000 वसूले, लेकिन महिला की लगातार हो रही ब्लीडिंग को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा। इसके चलते पहले नवजात और फिर प्रसूता की जान चली गई। आरोप है कि कथित डॉक्टर और अस्पताल संचालक, मां-बच्चे की मौत के बाद शवों को पड़ोसी जनपद औरैया के चिचौली जिला अस्पताल में छोड़कर फरार हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना से महज 24 घंटे पहले ही एसीएमओ द्वारा क्षेत्र में निरीक्षण किया गया था, इसके बावजूद अस्पताल में अवैध और असुरक्षित तरीके से इलाज जारी रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी खुद को गौरक्षा दल का राष्ट्रीय प्रमुख बताकर अस्पताल संचालित कर रहा था, जबकि उसके पास वैध चिकित्सकीय योग्यता नहीं थी। घटना के बाद, मौत की खबर फैलते ही रातों-रात अस्पताल से बेड, उपकरण और अन्य सामान हटाकर परिसर लगभग खाली कर दिया गया है, और डॉक्टर सहित पूरा स्टाफ अपने मोबाइल फोन बंद कर फरार बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिले में बिना डिग्री और निर्धारित मानकों के कई अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जिन पर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बेहद कमजोर है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित परिवार ने दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही, अस्पताल को सील करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह घटना पूरे स्वास्थ्य तंत्र और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, खासकर यह कि यदि अस्पताल अवैध था, तो स्वास्थ्य विभाग की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी।
जनपद जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में एक कथित फर्जी डॉक्टर की घोर लापरवाही ने दो जिंदगियां छीन लीं। प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची एक महिला और उसके नवजात शिशु की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रसव कराने के नाम पर अस्पताल संचालक ने उनसे ₹9,000 वसूले, लेकिन महिला की लगातार हो रही ब्लीडिंग को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा। इसके चलते पहले नवजात और फिर प्रसूता की जान चली गई। आरोप है कि कथित डॉक्टर और अस्पताल संचालक, मां-बच्चे की मौत के बाद शवों को पड़ोसी जनपद औरैया के चिचौली जिला अस्पताल में छोड़कर फरार हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना से महज 24 घंटे पहले ही एसीएमओ द्वारा क्षेत्र में निरीक्षण किया गया था, इसके बावजूद अस्पताल में अवैध और असुरक्षित तरीके से इलाज जारी रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी खुद को गौरक्षा दल का
राष्ट्रीय प्रमुख बताकर अस्पताल संचालित कर रहा था, जबकि उसके पास वैध चिकित्सकीय योग्यता नहीं थी। घटना के बाद, मौत की खबर फैलते ही रातों-रात अस्पताल से बेड, उपकरण और अन्य सामान हटाकर परिसर लगभग खाली कर दिया गया है, और डॉक्टर सहित पूरा स्टाफ अपने मोबाइल फोन बंद कर फरार बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिले में बिना डिग्री और निर्धारित मानकों के कई अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जिन पर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बेहद कमजोर है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित परिवार ने दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही, अस्पताल को सील करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह घटना पूरे स्वास्थ्य तंत्र और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, खासकर यह कि यदि अस्पताल अवैध था, तो स्वास्थ्य विभाग की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी।
- जनपद जालौन के सावित्री गेस्ट हाउस में तैलिक समाज सेवा फाउंडेशन द्वारा एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 250 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों को पहचान मिली। इस गरिमामयी समारोह में नगर विकास मंत्री राकेश राठौर और छिंदवाड़ा के सांसद विवेक साहू ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सम्मानित हुए मेधावी छात्रों में से एक माधव ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण विचार साझा करते हुए कहा कि कभी-कभी कुछ सम्मान व्यक्ति के जीवन में बहुत अहम भूमिका अदा कर जाते हैं, जो आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।1
- जालौन जिले से गुजरने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हुई एक घटना से जुड़ी खबर को शुरू ऐप ने प्रसारित किया था। इस खबर के सामने आते ही, प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल इसका संज्ञान लिया। परिणामस्वरूप, अधिकारी घायलों का हालचाल जानने के लिए मौके पर पहुंचे। यह घटनाक्रम शुरू ऐप पर प्रसारित हुई खबर के सीधे असर को दिखाता है, जिसके चलते प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हुई और घायलों तक सहायता पहुंची।1
- Post by Vikas kushwaha ji1
- ब्राजील के साओ पाउलो शहर में बंजी जंपिंग के दौरान एक गंभीर हादसा सामने आया है, जहाँ कर्मचारियों की लापरवाही से एक 21 वर्षीय युवती की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब बंजी जंपिंग के लिए युवती को रस्सी बांधना कर्मचारी भूल गए, जिसके चलते वह नीचे गिर गई और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया।1
- जालौन जिले के ग्राम परधानी संपर्क मार्ग (खासीश–कमसरे मार्ग) पर हाल ही में बनी डामर सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों की लागत से बनी इस सड़क का डामर निर्माण के कुछ ही दिनों बाद जगह-जगह से उखड़ने लगा है, जिससे सड़क की ऊपरी परत बेहद कमजोर दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की परत हाथों से ही आसानी से निकल रही है, जो निर्माण कार्य में मानकों की घोर अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की गुणवत्ता की जांच नहीं कराई गई, तो यह जल्द ही पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएगी। अपनी आपत्ति जताने वाले ग्रामीणों में राहुल गोयल, विक्की राजा, बंटी, राजकुमार, छोटू, बेटू, मयंक, राजू सहित कई अन्य लोग मौजूद थे, जिन्होंने मौके पर सड़क की उखड़ती परत दिखाते हुए अपनी चिंता व्यक्त की।1
- जालौन नगर के सावित्री गेस्ट हाउस में रविवार को तैलिक समाज सेवा फाउंडेशन ने राठौर समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले लगभग 250 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छिंदवाड़ा सांसद विवेक साहू (बंटी) और उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री राकेश राठौर (गुरु) उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। नगर विकास मंत्री राकेश राठौर ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा के बिना समाज का उत्थान संभव नहीं है, क्योंकि शिक्षा ही व्यक्ति, समाज और राष्ट्र को नई दिशा प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर परिश्रम कर उच्च लक्ष्य प्राप्त करने का आह्वान किया। वहीं, सांसद विवेक साहू ने लगभग 250 बच्चों के इस सम्मान को पूरे समाज के लिए गर्व और गौरव का विषय बताया, साथ ही कहा कि जब छात्रों को समाज का साथ मिलता है तो वे नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित होते हैं। ऊर्जा अध्यक्ष झांसी राशि साहू ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें सीमित सोच से ऊपर उठकर जीवन में तारे की तरह चमकने और शिक्षा के बल पर अधिकारी बनकर समाज व देश का नेतृत्व करने का संकल्प लेने को कहा। समारोह के दौरान मेधावी विद्यार्थियों से विशेष बातचीत भी की गई, जिसमें उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया। मेधावी छात्र माधव ने साझा किया कि आज की युवा पीढ़ी (Gen-G) तकनीक को अधिक पसंद करती है और इसका सकारात्मक उपयोग युवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने ऐसे सम्मान समारोहों को विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने वाला बताते हुए इसे अपने जीवन का पहला ऐसा अनुभव बताया और प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पुनीत मित्तल, संस्था प्रबंधक राजीव राठौर, नामित सभासद योगेंद्र राठौर, महेश राठौर, सुरेश राठौर, गौरव राठौर, शैलेंद्र राठौर, राम अवतार राठौर, लोकेंद्र राठौर सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में शिक्षा, प्रतिभा और सामाजिक एकता का संदेश प्रमुख रूप से देखा गया।4
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से गुजरने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर रविवार को दो अलग-अलग सड़क हादसों से हड़कंप मच गया। इन घटनाक्रमों में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पहला हादसा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर संख्या 208 पर हुआ, जहाँ एक तेज रफ्तार ट्रक ने आगे खड़े एक अन्य ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, और हादसे में ट्रक के कंडक्टर की तुरंत मौत हो गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके कुछ ही देर बाद, किलोमीटर संख्या 205 पर दूसरा हादसा हुआ, जहाँ मजदूरों से भरी एक डीसीएम गाड़ी बालू से लदे ट्रक से टकरा गई। इस दुर्घटना में डीसीएम में सवार एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए, जिससे घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया। मौके पर पहुँची पुलिस और राहत टीम ने सभी घायल मजदूरों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। घायलों में से आठ मजदूरों की हालत गंभीर बताई गई, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए एक उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर कर दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुँचे और बाद में अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना। अधिकारियों ने चिकित्सकों को घायलों के समुचित उपचार के लिए निर्देश दिए हैं। पुलिस ने इन दोनों दुर्घटनाओं के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसों के कारणों की विस्तृत जाँच की जा रही है।1