Shuru
Apke Nagar Ki App…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “56 साल के युवा” वाला बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। उन्होंने अपने संबोधन में तंज कसते हुए इस टिप्पणी का इस्तेमाल किया है, जिसे कई लोग विपक्ष पर सीधा हमला मान रहे हैं। इस बयान के सामने आने के बाद से राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर भी इस टिप्पणी को लेकर बहस लगातार जारी है।
UPNEWS 9
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “56 साल के युवा” वाला बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। उन्होंने अपने संबोधन में तंज कसते हुए इस टिप्पणी का इस्तेमाल किया है, जिसे कई लोग विपक्ष पर सीधा हमला मान रहे हैं। इस बयान के सामने आने के बाद से राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर भी इस टिप्पणी को लेकर बहस लगातार जारी है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- दिल्ली में NEET परीक्षा गड़बड़ियों और परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर युवाओं/छात्रों (कॉकरोच जनता पार्टी व अन्य छात्र संगठनों द्वारा आयोजित) के प्रदर्शन को लेकर मौजूदा सरकार और प्रशासन का रुख दो मुख्य स्तरों पर देखा गया है: 1. सरकार की प्रतिक्रिया और संवाद वार्ता का रुख: प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल को सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री (जैसे जे. पी. नड्डा) द्वारा मिलने का समय दिया गया और मांगों को उचित स्तर पर प्रस्तुत व विचार करने का आश्वासन दिया गया है। विपक्ष पर पलटवार: विपक्ष के हस्तक्षेप और विरोध-प्रदर्शन (जैसे राहुल गांधी व कांग्रेस नेताओं के धरने) पर सरकार का कहना रहा है कि प्रदर्शन के लिए नियत स्थान (जैसे जंतर-मंतर) ही उपयुक्त हैं और इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। 2. प्रशासन और दिल्ली पुलिस का रुख (कानून-व्यवस्था) सुरक्षा व्यवस्था का हवाला: दिल्ली पुलिस और प्रशासन का रुख कड़ा रहा है। पुलिस का कहना है कि संसद मार्च (संसद घेराव) के दौरान प्रदर्शनकारियों के उग्र होने, बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग और धारा 163 (BNSS) जैसे कड़े कदम उठाने पड़े। प्रतिबंधात्मक कदम: सुरक्षा का हवाला देते हुए संसद मार्ग के पास के इलाकों में आवाजाही रोकने, मेट्रो स्टेशन बंद करने और इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने जैसे कदम उठाए गए। कुल मिलाकर, सरकार का आधिकारिक रुख शांतिपूर्ण संवाद और मांगों पर विचार करने की बात कहने का है, जबकि प्रशासनिक तौर पर संसद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।1
- राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जन भवन का घेराव किया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की, जिसके बाद जन भवन के बाहर प्रदर्शन काफी बढ़ गया। इस प्रदर्शन के मद्देनजर जन भवन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें बसों में भरकर इको गार्डन भेज दिया।1
- दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद लखनऊ में हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय लखनऊ में जन भवन पहुंच रहे हैं, जिसे देखते हुए जन भवन के बाहर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है और वहां भारी पुलिस फोर्स तैनात है। अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के भी थोड़ी ही देर में वहां पहुंचने की सूचना है।1
- NEET आंदोलन को लेकर पहली आधिकारिक बातचीत के तहत जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात की है। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान जेपी नड्डा ने आंदोलनकारियों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।1
- लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा के अनुसार, रूस के मिसाइल हमले में देवरिया के एक युवक की मौत हो गई है। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही युवक के पिता बेहोश हो गए। बेटे को खोने के गम में टूट चुकी मां रोते हुए गुहार लगा रही हैं कि कोई उनके बेटे को वापस ला दे। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध और रूसी हमलों के कारण अब तक कई निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इन मृतकों में रोजगार या पढ़ाई के सिलसिले में विदेश गए भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। एक मां और परिवार के लिए अपने युवा बेटे को इस तरह खोने का दर्द पूरी तरह से असहनीय है।1
- PM आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान हंगामा, विपक्ष के कई नेता पुलिस हिरासत में दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की देखने को मिली। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। इस बीच राहुल गांधी के चोटिल होने की भी खबर सामने आई है। हालांकि, चोट कैसे लगी, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।1