चंबा के ‘चिल्ड्रन ऑफ़ द स्टेट’ का शैक्षणिक भ्रमण: दादर व नगर हवेली में सीख और आनंद का अनूठा संगम हिम संदेश चंबा, 3 अप्रैल 2026। हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला चंबा के चार बाल देखभाल संस्थानों से लगभग 35 ‘चिल्ड्रन ऑफ़ द स्टेट’ इन दिनों एक सप्ताह के शैक्षणिक भ्रमण पर हैं। 31 मार्च से आरंभ हुआ यह विशेष भ्रमण कार्यक्रम बच्चों के लिए ज्ञानवर्धन के साथ-साथ मनोरंजन का भी अनूठा अवसर साबित हो रहा है। भ्रमण के चौथे दिन, 3 अप्रैल को बच्चों ने दादर व नगर हवेली जिले के विभिन्न प्रमुख पर्यटन स्थलों का दौरा कर यादगार अनुभव प्राप्त किए। इस दौरान बच्चों ने वासोना स्थित लायन सफारी का रोमांचक आनंद लिया, जहां उन्होंने वन्यजीवों को करीब से देखा। इसके अतिरिक्त बच्चों ने दमन क्षेत्र में स्थित चिल्ड्रन मेमोरियल पार्क, खनवेल का बटरफ्लाई पार्क, दुधनी झील, सतमलैया डियर पार्क सेंचुरी, नक्षत्र गार्डन तथा दमन गंगा रिवर फ्रंट का भी भ्रमण किया। इसके साथ ही बच्चों ने वान गंगा लेक गार्डन की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया और दादर में आयोजित हाई राइज़ म्यूजिकल वॉटर फाउंटेन शो ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह पूरा दिन बच्चों के लिए उत्साह, जिज्ञासा और नई सीख से भरपूर रहा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री कुलदीप सिंह पठानिया ने वर्चुअल माध्यम से बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनके अनुभव साझा करने को कहा और इस शैक्षणिक यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बच्चों ने भी इस पहल के लिए प्रदेश सरकार, विधानसभा अध्यक्ष तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें उच्च स्तरीय परिवहन, आवास और भोजन की उत्कृष्ट सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जिससे उनका अनुभव और भी सुखद बन रहा है। भ्रमण दल के प्रभारी एवं बाल संरक्षण अधिकारी अजय पंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी बच्चे इस भ्रमण को लेकर बेहद उत्साहित हैं। बच्चों ने एक स्वर में कहा कि इस प्रकार के ज्ञानवर्धक एवं मनोरंजक भ्रमण की उन्होंने पहले कभी कल्पना भी नहीं की थी। यह शैक्षणिक भ्रमण न केवल बच्चों के लिए नए स्थानों और संस्कृतियों को जानने का अवसर है, बल्कि उनके आत्मविश्वास, सामाजिक समझ और सीखने की क्षमता को भी सुदृढ़ कर रहा है।
चंबा के ‘चिल्ड्रन ऑफ़ द स्टेट’ का शैक्षणिक भ्रमण: दादर व नगर हवेली में सीख और आनंद का अनूठा संगम हिम संदेश चंबा, 3 अप्रैल 2026। हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला चंबा के चार बाल देखभाल संस्थानों से लगभग 35 ‘चिल्ड्रन ऑफ़ द स्टेट’ इन दिनों एक सप्ताह के शैक्षणिक भ्रमण पर हैं। 31 मार्च से आरंभ हुआ यह विशेष भ्रमण कार्यक्रम बच्चों के लिए ज्ञानवर्धन के साथ-साथ मनोरंजन का भी अनूठा अवसर साबित हो रहा है। भ्रमण के चौथे दिन, 3 अप्रैल को बच्चों ने दादर व नगर हवेली जिले के विभिन्न प्रमुख पर्यटन स्थलों
का दौरा कर यादगार अनुभव प्राप्त किए। इस दौरान बच्चों ने वासोना स्थित लायन सफारी का रोमांचक आनंद लिया, जहां उन्होंने वन्यजीवों को करीब से देखा। इसके अतिरिक्त बच्चों ने दमन क्षेत्र में स्थित चिल्ड्रन मेमोरियल पार्क, खनवेल का बटरफ्लाई पार्क, दुधनी झील, सतमलैया डियर पार्क सेंचुरी, नक्षत्र गार्डन तथा दमन गंगा रिवर फ्रंट का भी भ्रमण किया। इसके साथ ही बच्चों ने वान गंगा लेक गार्डन की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया और दादर में आयोजित हाई राइज़ म्यूजिकल वॉटर फाउंटेन शो ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह पूरा दिन बच्चों के लिए उत्साह, जिज्ञासा
और नई सीख से भरपूर रहा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री कुलदीप सिंह पठानिया ने वर्चुअल माध्यम से बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनके अनुभव साझा करने को कहा और इस शैक्षणिक यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बच्चों ने भी इस पहल के लिए प्रदेश सरकार, विधानसभा अध्यक्ष तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें उच्च स्तरीय परिवहन, आवास और भोजन की
उत्कृष्ट सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जिससे उनका अनुभव और भी सुखद बन रहा है। भ्रमण दल के प्रभारी एवं बाल संरक्षण अधिकारी अजय पंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी बच्चे इस भ्रमण को लेकर बेहद उत्साहित हैं। बच्चों ने एक स्वर में कहा कि इस प्रकार के ज्ञानवर्धक एवं मनोरंजक भ्रमण की उन्होंने पहले कभी कल्पना भी नहीं की थी। यह शैक्षणिक भ्रमण न केवल बच्चों के लिए नए स्थानों और संस्कृतियों को जानने का अवसर है, बल्कि उनके आत्मविश्वास, सामाजिक समझ और सीखने की क्षमता को भी सुदृढ़ कर रहा है।
- हिमालय की दुर्गम और प्राकृतिक रूप से समृद्ध घाटियों में वन्यजीवों की मौजूदगी एक सुखद संकेत मानी जाती है। इसी कड़ी में 3 अप्रैल 2026 को पांगी घाटी के चस्क क्षेत्र में एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा हिमालयन आइबेक्स (Himalayan Ibex) का कैमरे में कैद होना न केवल रोमांचक क्षण है, बल्कि यह क्षेत्र में जैव विविधता की समृद्धि और संरक्षण प्रयासों की सफलता को भी दर्शाता है। बताया जा रहा है कि यह दुर्लभ दृश्य चस्क की ऊंची पहाड़ियों में देखा गया, जहां आइबेक्स अपने प्राकृतिक आवास में स्वतंत्र रूप से विचरण करता नजर आया। हिमालयन आइबेक्स एक जंगली बकरी प्रजाति है, जो ऊबड़-खाबड़ चट्टानी इलाकों में रहने के लिए जानी जाती है और इसे देख पाना बेहद कठिन होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की वन्यजीव उपस्थिति यह संकेत देती है कि क्षेत्र का पर्यावरण अभी भी संतुलित है और मानव हस्तक्षेप सीमित है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस दुर्लभ क्षण को साझा करते हुए वन्यजीव पर्यटन (Wildlife Tourism) को बढ़ावा देने की अपील की है, ताकि लोग प्रकृति के करीब आ सकें और इसके संरक्षण के प्रति जागरूक बनें। पांगी घाटी, जो अपनी अनछुई सुंदरता और जैव विविधता के लिए जानी जाती है, अब धीरे-धीरे एडवेंचर और इको-टूरिज्म का केंद्र बनती जा रही है। ऐसे में हिमालयन आइबेक्स जैसे दुर्लभ जीवों की मौजूदगी पर्यटकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा सकती है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से भी यह अपेक्षा की जा रही है कि वे इस दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके और क्षेत्र में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। 👉 यह दृश्य न केवल एक फोटोग्राफर की उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है, जो हमें प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का एहसास कराता है।1
- Post by Varun Slathia1
- मंडी में यूथ कांग्रेस का ‘किसान न्याय सत्याग्रह’ 🔥 US ट्रेड डील और नई नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन | Mandi News1
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- सुजानपुर सुजानपुर के विश्व प्रसिद्ध काली माता मंदिर प्रांगण में शनिवार को विशेष पूजा अर्चना हवन इत्यादि करने के बाद वार्षिक भंडारा आयोजित किया गया मंदिर परिसर के बाहर सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया बताते चले की मंदिर कमेटी द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्र संपन्न होने के बाद वार्षिक भंडारा आयोजित किया जाता है जिसके चलते यह कार्यक्रम आयोजित हुआ भंडारा शुरू होने से पहले मंदिर परिसर में विशेष पूजा पाठ हवन इत्यादि करवाया गया यहां पंडित आचार्य संजय शर्मा द्वारा तमाम वैदिक रस्मों को निभाते हुए सर्वजन मंगल कल्याण की कामना की गई3
- देवभूमि कुल्लू हिमाचल प्रदेश1
- हमीरपुर कांगड़ा घाटी में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को यहां उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक जागरुकता कार्यक्रम, रैली और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अवसर पर मिनी सचिवालय परिसर में मॉक ड्रिल करवाई गई तो भंूकंप आने पर किस तरह से बचाव किया जाए इस पर कर्मचारियों व लोगों को जागरूक किया गया है। एसडीएम संजीत सिंह की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दमकल विभाग, पुलिस व कर्मचारियों ने मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया और लोगों को बचाव की जानकारी दी। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय से लेकर नगर निगम कार्यालय तक एक जागरुकता रैली भी निकाली गई। रैली के बाद उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक मॉक ड्रिल भी की गई, जिसमें होमगार्ड्स और अग्निशमन विभाग के बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि 121 वर्ष पूर्व कांगड़ा में आया विनाशकारी भूकंप एक बहुत बड़ी त्रासदी थी। उस समय आपदा प्रबंधन के लिए न तो कोई सिस्टम विकसित हुआ था और न ही आम लोगों में इसके प्रति जागरुकता थी। लेकिन, आज के दौर में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए हर जिला स्तर पर डीडीएमए से लेकर उपमंडल स्तर तक एक प्रभावी तंत्र और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों को तत्परता तथा प्रभावी ढंग से अंजाम देने के लिए हमारी पहले से ही तैयारी होनी चाहिए, ताकि वास्तव में आपदा आने पर जान-माल के नुक्सान को कम किया जा सके। इस अवसर पर एसडीएम संजीत सिंह ने उपायुक्त, अन्य अधिकारियों, आईटीआई हमीरपुर और अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा कांगड़ा घाटी की भूकंप त्रासदी के इतिहास पर प्रकाश डाला।2
- IIT मंडी vs माइंड ट्री स्कूल विवाद ⚠️ छात्रों का भविष्य खतरे में | हाई कोर्ट में मामला लंबित | Mandi News1