भारतमाला प्रोजेक्ट: खूंटी के कर्रा में 28 गांवों के ग्रामीणों का हल्लाबोल; लोधमा, तिल्मी और डारंगकेल समेत कई क्षेत्र प्रभावित। कर्रा (खूंटी): खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड में भारतमाला सड़क परियोजना (रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर / ओरमांझी-गोला-बोकारो एक्सप्रेसवे लिंक) के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। परियोजना के तहत 28 गांवों की उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। तिल्मी के ऐतिहासिक 'झंडागड़ी मैदान' सहित कई स्थानों पर महापंचायत और विरोध सभाएं आयोजित की जा रही हैं। परियोजना से प्रभावित 28 प्रमुख गांव: ग्रामीणों द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण के दायरे में आने वाले प्रमुख गांवों में बारवादाग, अमरोटोली, मास्को/मालगो, तिल्मी, डूमरी, बामरजा, बड़गाइँ, सरदुल्ला, सांगोर, कुड्डा, हासीबेरा, लोटा, गाड़के/गार्के, कोने, मेहान, टैपिंगसारा, रोलागुटु, कुर्से, बारीगारा, कचाबारी, डारंगकेल, टिका/टिगा, चंदापारा, गुइयु, लोहागारा, कंसिली, लोधमा और कुलहुतु शामिल हैं। विवाद के मुख्य कारण और ग्रामीणों की मांगें: प्रशासनिक हलचल से असंतोष: डारंगकेल में सड़क चौड़ीकरण की शुरुआती प्रशासनिक सूचना और कुलहुतु गांव के लिए जारी पुनर्वास (Resettlement) अधिसूचना के बाद से ग्रामीणों में विस्थापन को लेकर डर और गुस्सा गहरा गया है। उपजाऊ कृषि भूमि का नुकसान: लोधमा (रांची-कर्रा सीमा) से लेकर तिल्मी तक के इस पूरे क्षेत्र में बहुफसली खेती होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से उनकी आजीविका का एकमात्र साधन छीन जाएगा। रूट डायवर्जन की मांग: ग्रामीणों ने प्रशासन और एनएचएआई (NHAI) से मांग की है कि एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट बदला जाए और इसे रैयती/उपजाऊ खेत के बजाय बंजर या गैर-कृषि भूमि से निकाला जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जबरन भूमि अधिग्रहण की कोशिश की, तो 28 गांवों के किसान उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
भारतमाला प्रोजेक्ट: खूंटी के कर्रा में 28 गांवों के ग्रामीणों का हल्लाबोल; लोधमा, तिल्मी और डारंगकेल समेत कई क्षेत्र प्रभावित। कर्रा (खूंटी): खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड में भारतमाला सड़क परियोजना (रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर / ओरमांझी-गोला-बोकारो एक्सप्रेसवे लिंक) के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। परियोजना के तहत 28 गांवों की उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। तिल्मी के ऐतिहासिक 'झंडागड़ी मैदान' सहित कई स्थानों पर महापंचायत और विरोध सभाएं आयोजित की जा रही हैं। परियोजना से प्रभावित 28 प्रमुख गांव: ग्रामीणों द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण के दायरे में आने वाले प्रमुख गांवों में बारवादाग, अमरोटोली, मास्को/मालगो, तिल्मी, डूमरी, बामरजा, बड़गाइँ, सरदुल्ला, सांगोर, कुड्डा, हासीबेरा, लोटा, गाड़के/गार्के, कोने, मेहान, टैपिंगसारा, रोलागुटु, कुर्से, बारीगारा, कचाबारी, डारंगकेल, टिका/टिगा, चंदापारा, गुइयु, लोहागारा, कंसिली, लोधमा और कुलहुतु शामिल हैं। विवाद के मुख्य कारण और ग्रामीणों की मांगें: प्रशासनिक हलचल से असंतोष: डारंगकेल में सड़क चौड़ीकरण की शुरुआती प्रशासनिक सूचना और कुलहुतु गांव के लिए जारी पुनर्वास (Resettlement) अधिसूचना के बाद से ग्रामीणों में विस्थापन को लेकर डर और गुस्सा गहरा गया है। उपजाऊ कृषि भूमि का नुकसान: लोधमा (रांची-कर्रा सीमा) से लेकर तिल्मी तक के इस पूरे क्षेत्र में बहुफसली खेती होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से उनकी आजीविका का एकमात्र साधन छीन जाएगा। रूट डायवर्जन की मांग: ग्रामीणों ने प्रशासन और एनएचएआई (NHAI) से मांग की है कि एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट बदला जाए और इसे रैयती/उपजाऊ खेत के बजाय बंजर या गैर-कृषि भूमि से निकाला जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जबरन भूमि अधिग्रहण की कोशिश की, तो 28 गांवों के किसान उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
- एक विशाल अदभुत मशीन 240 चका वाला ट्रेलर में सवार होकर निकला एक विशाल मशीन को लेकर रोड में चला ट्रेलर तो लोगों की भीड़ ऐसे देखने को मिला, जैसे कोई अजूबा चीज़ आ गया हो, पूरा रोड जाम, चींटी कि तरह धीरे धीरे चलने पर और भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। मैं भी आ रहा था तो सोचा मेरे फॉलोअर्स भी, इस नजारे का थोड़ा मजा ले लें।1
- सिसई : सिसई की जनसमस्याओं पर फूटा आक्रोश, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन सड़क, नाली, पेयजल, शौचालय व कचरे की समस्या को लेकर सिसई बचाओ संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा 30 अगस्त तक समाधान नहीं हुआ तो मशाल जुलूस, 31 अगस्त को गुमला -रांची मुख्यमार्ग पर चक्का जाम की चेतावनी सिसई (गुमला)। सिसई की बदहाल सड़क, जल निकासी, पेयजल, शौचालय और कचरे जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर अब लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। सिसई बचाओ संघर्ष समिति ने प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए उपायुक्त, गुमला को ज्ञापन सौंपकर जनसमस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की है। समिति ने कहा कि रेड़वा से महुआडीपा तक मुख्य सड़क की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह बने गड्ढों में बारिश का पानी और कीचड़ जमा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। सड़क किनारे नाली की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जबकि जगह-जगह कचरा जमा होने से लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने रेड़वा से महुआडीपा तक मजबूत सड़क निर्माण, पक्की एवं ढक्कनयुक्त नाली, बस पड़ाव के समीप पेयजल और शौचालय की व्यवस्था तथा तालाब के पास जमा कचरे की तत्काल सफाई कराने की मांग की है। समिति ने प्रशासन को 30 अगस्त तक कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है। मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर 30 अगस्त की शाम मशाल जुलूस निकालने तथा 31 अगस्त 2026 को सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक सकरौली सामटोली मोड़ के समीप गुमला-रांची मुख्य मार्ग को जाम करने की चेतावनी दी गई है। समिति का कहना है कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण अब जनता सड़क पर उतरने को मजबूर है। समिति ने प्रशासन से आंदोलन की स्थिति पैदा होने से पहले सभी मांगों पर ठोस पहल करने की अपील की है। समाजसेवी मुकेश श्रीवास्तव डेविड ने कहा कि हमारी मांगें जनहित से जुड़ी हैं। प्रशासन समय रहते समस्याओं का समाधान करे, ताकि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न न हो। ज्ञापन सौंपने के दौरान संजय कुमार वर्मा, सलमान अली, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, सुमित महली, लक्ष्मी नारायण यादव, संजय महतो, चारवा उरांव, जुबैर अंसारी, महमूद आलम, आनंद साहू और प्रमोद मोची सहित अन्य लोग मौजूद रहे।4
- एमएमडीआर संशोधन बिल के विरोध में कांग्रेस का चरणबद्ध आंदोलन। केंद्र के प्रस्तावित एमएमडीआर संशोधन बिल के विरोध में कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। खूंटी सांसद कालीचरण मुंडा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बिल से झारखंड के खनिज संसाधनों और आर्थिक हितों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। कांग्रेस के अनुसार, राज्य के 2026-27 बजट में Mineral Bearing Land Cess से करीब 14 हजार करोड़ रुपये राजस्व का अनुमान है, जो कुल बजट का लगभग 7.5 प्रतिशत है। पार्टी ने खनिज संपदा पर राज्य के अधिकारों की रक्षा की मांग की। कांग्रेस 27 अगस्त से सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन, 7 सितंबर को लोकभवन के समक्ष प्रदर्शन और 9 से 16 सितंबर तक प्रखंड स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। सांसद कालीचरण मुंडा ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, मो. नईमुद्दीन खान, विल्सन बोदरा, विल्सन तोपनो, प्रणीत तोपनो समेत अन्य नेता मौजूद रहे।1
- वायरल गाड़ी सिसई पहुंची नेशल हाईवे से होकर रांची की ओर आगे बढ़ रही हैं, देखने के लिए उमड़ रही भारी भिंड वायरल गाड़ी गुमला रांची नेशल हाईवे से होकर रांची की ओर आगे बढ़ रही हैं, देखने के लिए उमड़ रही भारी भिंड गुमला रांची नेशल हाईवे फॉर लाईन सड़क से चीनी मिल की बड़ी मशीन को लेकर वायरल विशाल गाड़ी धीरे धीरे कर रांची की ओर आगे बढ़ रही हैं। गाड़ी को देखने व सेल्फी लेने के लिए भारी संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष और बच्चें पहुंच रहे हैं।1
- पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। रांची में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच लोहरदगा के समग्र विकास और खेलकूद के क्षेत्र को नई रफ्तार देने पर विस्तार से चर्चा हुई। मुलाकात में पूर्व सांसद ने लोहरदगा में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए मैदान में फ्लड लाइट लगाने सहित अन्य विकास कार्यों की डीपीआर मुख्यमंत्री को सौंपी, ताकि आधुनिक सुविधाओं के जरिए स्थानीय खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकें। इसके साथ ही युवाओं में तैराकी के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए जिले में एक सर्वसुविधायुक्त स्विमिंग पूल निर्माण की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।1
- कल्याण विभाग से तालाब का सुंदरीकरण हो रहा है.? #shorts #shortvideo #short #viralvideo #mukhiya #news1
- मॉडर्न पंचायत के हकीकत जानकर आप हैरान रह जाओगे लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अरु पंचायत मॉडर्न पंचायत के हकीकत जानकर आप हैरान रह जाओगे लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अरु पंचायत1
- तोरपा और रनिया प्रखंड में खान एवं खनिज विधेयक को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा की हुई बैठक शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी।1