कीचड़ भरी राह से परेशान मासूम भाई-बहन ने DM से लगाई गुहार, बोले—‘साहब, सड़क बनवा दीजिए रुद्रपुर के मला टोली वार्ड में बारिश ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, जलभराव और कीचड़ के बीच स्कूल जाने को मजबूर बच्चे देवरिया। रुद्रपुर नगर क्षेत्र के मला टोली वार्ड में बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ और जलभराव की समस्या ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। खराब सड़क और उस पर जमा पानी व कीचड़ के कारण बच्चों को रोजाना स्कूल आने-जाने में दिक्कत हो रही है। इसी समस्या से परेशान मासूम भाई-बहन ने जिलाधिकारी से सड़क बनवाने की गुहार लगाई है। बच्चों की सरल लेकिन मार्मिक अपील ने इलाके की सड़क व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। मासूमों का कहना है कि बारिश होते ही सड़क की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। रास्ते में इतना कीचड़ हो जाता है कि स्कूल जाते समय जूते और कपड़े गंदे हो जाते हैं। कई बार बच्चों को कीचड़ और पानी से होकर रास्ता पार करना पड़ता है। ‘DM साहब, प्लीज सड़क बनवा दीजिए’ सड़क की समस्या से परेशान मासूम भाई-बहन ने अपनी बात जिलाधिकारी के सामने रखते हुए कहा कि बारिश के दिनों में उनके मोहल्ले की सड़क पर बहुत अधिक कीचड़ हो जाता है। इससे स्कूल जाने में परेशानी होती है। बच्चों ने भावुक अंदाज में कहा, “DM साहब, बारिश में सड़क पर बहुत कीचड़ हो जाता है। हमारे जूते और स्कूल ड्रेस खराब हो जाते हैं। प्लीज, सड़क बनवा दीजिए।” मासूम बच्चों की यह अपील केवल उनकी व्यक्तिगत परेशानी नहीं, बल्कि मोहल्ले के उन तमाम परिवारों की समस्या को सामने लाती है, जिन्हें बारिश के मौसम में खराब रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश होते ही सड़क बन जाती है मुसीबत मला टोली वार्ड में बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सामान्य दिनों में किसी तरह आवाजाही हो जाती है, लेकिन बारिश होने के बाद रास्ते की स्थिति बदल जाती है। सड़क पर पानी जमा होने के साथ ही मिट्टी और कीचड़ फैल जाता है। ऐसे में पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को भी फिसलने का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों के लिए परेशानी और अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि उन्हें निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचने के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। जूते और स्कूल ड्रेस खराब होने की बच्चों ने बताई परेशानी मासूम भाई-बहन की शिकायत का सबसे भावुक पहलू यह है कि सड़क की बदहाली का सीधा असर उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की स्कूली जिंदगी पर पड़ रहा है। बच्चों के मुताबिक बारिश के दिनों में रास्ते में जमा कीचड़ से उनके जूते गंदे हो जाते हैं और स्कूल ड्रेस भी खराब हो जाती है। स्कूल पहुंचने तक उन्हें कई बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। बच्चों की इस छोटी-सी समस्या के पीछे सड़क की बड़ी समस्या छिपी हुई है। यदि रास्ता ठीक हो जाए तो उन्हें बारिश के मौसम में स्कूल जाने के दौरान इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मोहल्ले के लोगों को भी आवागमन में दिक्कत सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या केवल स्कूली बच्चों तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों को भी बारिश के दौरान आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। मोहल्ले के लोगों को जरूरी काम के लिए बाहर निकलने में कठिनाई होती है। पैदल चलने वालों के कपड़े और जूते कीचड़ से खराब हो जाते हैं, जबकि दोपहिया वाहन से गुजरने वालों को फिसलने का खतरा रहता है। बारिश के दौरान यदि सड़क पर लंबे समय तक पानी और कीचड़ जमा रहे तो स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। मासूमों की गुहार ने खींचा प्रशासन का ध्यान आमतौर पर सड़क, नाली और जलनिकासी जैसी समस्याओं को लेकर बड़े लोग अधिकारियों से शिकायत करते हैं, लेकिन मला टोली वार्ड में सड़क की समस्या को लेकर मासूम भाई-बहन की अपील ने लोगों का ध्यान खींचा है। बच्चों ने किसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय सीधे अपनी परेशानी बताई और जिलाधिकारी से सड़क बनवाने की मांग की। उनकी मांग बेहद साधारण है—बारिश के दिनों में उन्हें कीचड़ से होकर स्कूल न जाना पड़े और रास्ता चलने लायक हो जाए। मासूमों की इस अपील से स्थानीय लोगों को भी उम्मीद जगी है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क की स्थिति का जायजा लेगा। स्थानीय लोगों को स्थायी समाधान की उम्मीद बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और जलभराव से राहत दिलाने के लिए अस्थायी उपाय किए जा सकते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की नजर स्थायी समाधान पर है। यदि सड़क का निर्माण या जरूरी सुधार कार्य हो जाए तो हर साल बारिश के मौसम में सामने आने वाली समस्या से लोगों को राहत मिल सकती है। स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा। स्कूल जाने वाले बच्चों की परेशानी सबसे ज्यादा बारिश के मौसम में सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर पड़ता है। बच्चों को रोजाना तय समय पर घर से निकलना होता है और रास्ते की स्थिति चाहे जैसी हो, उन्हें स्कूल पहुंचना पड़ता है। कीचड़ भरे रास्ते में बच्चों के गिरने और कपड़े खराब होने की आशंका बनी रहती है। छोटे बच्चों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि वे जलभराव और कीचड़ वाले रास्ते पर सावधानी से चलने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं। मासूम भाई-बहन की अपील इसी परेशानी की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करती है। एक सड़क, कई सवाल मला टोली वार्ड की यह तस्वीर स्थानीय विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई सवाल भी खड़े करती है। सड़क किसी भी मोहल्ले की सबसे जरूरी सुविधाओं में शामिल होती है। बेहतर सड़क से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती है और बारिश के दौरान होने वाली परेशानी भी कम होती है। लेकिन यदि बारिश होते ही सड़क कीचड़ और पानी से भर जाए तो इसका असर केवल आवागमन पर नहीं पड़ता, बल्कि बच्चों की स्कूल यात्रा, बुजुर्गों की आवाजाही और रोजमर्रा के कामकाज पर भी पड़ता है। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। मासूमों की आवाज अब प्रशासन तक मासूम भाई-बहन ने जिस सहजता से जिलाधिकारी से सड़क बनवाने की अपील की है, वह प्रशासन के लिए भी एक संवेदनशील संदेश है। बच्चों ने अपनी समस्या को किसी जटिल भाषा में नहीं, बल्कि बेहद सरल शब्दों में सामने रखा है। उनकी मांग है कि बारिश के दिनों में सड़क पर कीचड़ न हो, स्कूल जाते समय उनके जूते और कपड़े खराब न हों और उन्हें सुरक्षित रास्ता मिले। अब देखना होगा कि मासूमों की यह गुहार प्रशासन तक किस रूप में पहुंचती है और सड़क की समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। मासूमों की उम्मीद—अब बनेगी पक्की राह मला टोली वार्ड के मासूम भाई-बहन की अपील ने सड़क की समस्या को भावनात्मक रूप से सामने ला दिया है। बच्चों की छोटी-सी मांग में पूरे मोहल्ले की बड़ी जरूरत दिखाई देती है। बारिश के मौसम में कीचड़ और जलभराव से जूझ रहे लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग समस्या का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण करेगा और सड़क निर्माण या आवश्यक सुधार की दिशा में कदम उठाएगा।
कीचड़ भरी राह से परेशान मासूम भाई-बहन ने DM से लगाई गुहार, बोले—‘साहब, सड़क बनवा दीजिए रुद्रपुर के मला टोली वार्ड में बारिश ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, जलभराव और कीचड़ के बीच स्कूल जाने को मजबूर बच्चे देवरिया। रुद्रपुर नगर क्षेत्र के मला टोली वार्ड में बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ और जलभराव की समस्या ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। खराब सड़क और उस पर जमा पानी व कीचड़ के कारण बच्चों को रोजाना स्कूल आने-जाने में दिक्कत हो रही है। इसी समस्या से परेशान मासूम भाई-बहन ने जिलाधिकारी से सड़क बनवाने की गुहार लगाई है। बच्चों की सरल लेकिन मार्मिक अपील ने इलाके की सड़क व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। मासूमों का कहना है कि बारिश होते ही सड़क की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। रास्ते में इतना कीचड़ हो जाता है कि स्कूल जाते समय जूते और कपड़े गंदे हो जाते हैं। कई बार बच्चों को कीचड़ और पानी से होकर रास्ता पार करना पड़ता है। ‘DM साहब, प्लीज सड़क बनवा दीजिए’ सड़क की समस्या से परेशान मासूम भाई-बहन ने अपनी बात जिलाधिकारी के सामने रखते हुए कहा कि बारिश के दिनों में उनके मोहल्ले की सड़क पर बहुत अधिक कीचड़ हो जाता है। इससे स्कूल जाने में परेशानी होती है। बच्चों ने भावुक अंदाज में कहा, “DM साहब, बारिश में सड़क पर बहुत कीचड़ हो जाता है। हमारे जूते और स्कूल ड्रेस खराब हो जाते हैं। प्लीज, सड़क बनवा दीजिए।” मासूम बच्चों की यह अपील केवल उनकी व्यक्तिगत परेशानी नहीं, बल्कि मोहल्ले के उन तमाम परिवारों की समस्या को सामने लाती है, जिन्हें बारिश के मौसम में खराब रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश होते ही सड़क बन जाती है मुसीबत मला टोली वार्ड में बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सामान्य दिनों में किसी तरह आवाजाही हो जाती है, लेकिन बारिश होने के बाद रास्ते की स्थिति बदल जाती है। सड़क पर पानी जमा होने के साथ ही मिट्टी और कीचड़ फैल जाता है। ऐसे में पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को भी फिसलने का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों के लिए परेशानी और अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि उन्हें निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचने के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। जूते और स्कूल ड्रेस खराब होने की बच्चों ने बताई परेशानी मासूम भाई-बहन की शिकायत का सबसे भावुक पहलू यह है कि सड़क की बदहाली का सीधा असर उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की स्कूली जिंदगी पर पड़ रहा है। बच्चों के मुताबिक बारिश के दिनों में रास्ते में जमा कीचड़ से उनके जूते गंदे हो जाते हैं और स्कूल ड्रेस भी खराब हो जाती है। स्कूल पहुंचने तक उन्हें कई बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। बच्चों की इस छोटी-सी समस्या के पीछे सड़क की बड़ी समस्या छिपी हुई है। यदि रास्ता ठीक हो जाए तो उन्हें बारिश के मौसम में स्कूल जाने के दौरान इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मोहल्ले के लोगों को भी आवागमन में दिक्कत सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या केवल स्कूली बच्चों तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों को भी बारिश के दौरान आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। मोहल्ले के लोगों को जरूरी काम के लिए बाहर निकलने में कठिनाई होती है। पैदल चलने वालों के कपड़े और जूते कीचड़ से खराब हो जाते हैं, जबकि दोपहिया वाहन से गुजरने वालों को फिसलने का खतरा रहता है। बारिश के दौरान यदि सड़क पर लंबे समय तक पानी और कीचड़ जमा रहे तो स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। मासूमों की गुहार ने खींचा प्रशासन का ध्यान आमतौर पर सड़क, नाली और जलनिकासी जैसी समस्याओं को लेकर बड़े लोग अधिकारियों से शिकायत करते हैं, लेकिन मला टोली वार्ड में सड़क की समस्या को लेकर मासूम भाई-बहन की अपील ने लोगों का ध्यान खींचा है। बच्चों ने किसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय सीधे अपनी परेशानी बताई और जिलाधिकारी से सड़क बनवाने की मांग की। उनकी मांग बेहद साधारण है—बारिश के दिनों में उन्हें कीचड़ से होकर स्कूल न जाना पड़े और रास्ता चलने लायक हो जाए। मासूमों की इस अपील से स्थानीय लोगों को भी उम्मीद जगी है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क की स्थिति का जायजा लेगा। स्थानीय लोगों को स्थायी समाधान की उम्मीद बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और जलभराव से राहत दिलाने के लिए अस्थायी उपाय किए जा सकते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की नजर स्थायी समाधान पर है। यदि सड़क का निर्माण या जरूरी सुधार कार्य हो जाए तो हर साल बारिश के मौसम में सामने आने वाली समस्या से लोगों को राहत मिल सकती है। स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा। स्कूल जाने वाले बच्चों की परेशानी सबसे ज्यादा बारिश के मौसम में सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर पड़ता है। बच्चों को रोजाना तय समय पर घर से निकलना होता है और रास्ते की स्थिति चाहे जैसी हो, उन्हें स्कूल पहुंचना पड़ता है। कीचड़ भरे रास्ते में बच्चों के गिरने और कपड़े खराब होने की आशंका बनी रहती है। छोटे बच्चों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि वे जलभराव और कीचड़ वाले रास्ते पर सावधानी से चलने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं। मासूम भाई-बहन की अपील इसी परेशानी की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करती है। एक सड़क, कई सवाल मला टोली वार्ड की यह तस्वीर स्थानीय विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई सवाल भी खड़े करती है। सड़क किसी भी मोहल्ले की सबसे जरूरी सुविधाओं में शामिल होती है। बेहतर सड़क से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती है और बारिश के दौरान होने वाली परेशानी भी कम होती है। लेकिन यदि बारिश होते ही सड़क कीचड़ और पानी से भर जाए तो इसका असर केवल आवागमन पर नहीं पड़ता, बल्कि बच्चों की स्कूल यात्रा, बुजुर्गों की आवाजाही और रोजमर्रा के कामकाज पर भी पड़ता है। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। मासूमों की आवाज अब प्रशासन तक मासूम भाई-बहन ने जिस सहजता से जिलाधिकारी से सड़क बनवाने की अपील की है, वह प्रशासन के लिए भी एक संवेदनशील संदेश है। बच्चों ने अपनी समस्या को किसी जटिल भाषा में नहीं, बल्कि बेहद सरल शब्दों में सामने रखा है। उनकी मांग है कि बारिश के दिनों में सड़क पर कीचड़ न हो, स्कूल जाते समय उनके जूते और कपड़े खराब न हों और उन्हें सुरक्षित रास्ता मिले। अब देखना होगा कि मासूमों की यह गुहार प्रशासन तक किस रूप में पहुंचती है और सड़क की समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। मासूमों की उम्मीद—अब बनेगी पक्की राह मला टोली वार्ड के मासूम भाई-बहन की अपील ने सड़क की समस्या को भावनात्मक रूप से सामने ला दिया है। बच्चों की छोटी-सी मांग में पूरे मोहल्ले की बड़ी जरूरत दिखाई देती है। बारिश के मौसम में कीचड़ और जलभराव से जूझ रहे लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग समस्या का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण करेगा और सड़क निर्माण या आवश्यक सुधार की दिशा में कदम उठाएगा।
- JPSC peper ko CBI जांच के लिए सरकार से न्याय की मांग कर रही है महिला #jharkhandnews #shorts #news JPSC peper ko CBI जांच के लिए सरकार से न्याय की मांग कर रही है महिला #jharkhandnews #shorts #news1
- तमकुहीराज में आदर्श चौहान हत्याकांड का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार एक बाल अपचारी भी पुलिस संरक्षण में, हत्या में प्रयुक्त चाकू व दो बाइक बरामद हंगामा टाइम्स न्यूज़ | कुशीनगर तमकुहीराज। थाना तमकुहीराज क्षेत्र के ग्राम चखनी खास में गत 1 अगस्त को हुई आदर्श चौहान उर्फ बुलेट की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू तथा घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं। पुलिस के मुताबिक 1 अगस्त 2026 को ग्राम चखनी खास निवासी आदर्श चौहान पुत्र चन्देश्वर चौहान की पेट में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक के पिता चन्देश्वर चौहान की तहरीर पर पांच नामजद तथा चार अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना तमकुहीराज पुलिस के साथ स्वाट, साइबर सेल और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और गहन जांच के दौरान पुलिस को यह तथ्य सामने आया कि घटना में नामजद किए गए व्यक्तियों की भूमिका नहीं थी, बल्कि हत्या में अन्य लोगों के शामिल होने के साक्ष्य मिले। इसके बाद पुलिस टीमों ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की टाइमलाइन तथा भुगतान से संबंधित जानकारियों का मिलान करते हुए जांच आगे बढ़ाई। जांच में पांच अन्य आरोपियों के नाम प्रकाश में आए। पुलिस के अनुसार 7 अगस्त 2026 को अंगद पासवान, सतीश कुशवाहा, चंदन कुशवाहा और प्रीतम कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने आदर्श चौहान की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टाइमलाइन तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के मिलान से घटना की कड़ियां जुड़ गईं। पुराने विवाद को बताया हत्या का कारण पुलिस के अनुसार मृतक आदर्श चौहान का घटना से करीब 15 से 20 दिन पूर्व आरोपियों से कहासुनी और मारपीट हुई थी। इसी पुराने विवाद को लेकर आरोपियों ने आदर्श चौहान पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। यह सामान हुआ बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू (आलाकत्ल) तथा घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें हीरो स्प्लेंडर UP57CA3926 और UP57CE4940 शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपी अंगद पासवान पुत्र भरत पासवान, निवासी मिश्रौली, थाना सेवरही, कुशीनगर। सतीश कुशवाहा पुत्र रामदरश कुशवाहा, निवासी राजी तलवंत राय, थाना सेवरही, कुशीनगर। चंदन कुशवाहा पुत्र देवानन्द कुशवाहा, निवासी राजी तलवंत राय, थाना सेवरही, कुशीनगर। प्रीतम कुशवाहा पुत्र रविन्द्र कुशवाहा, निवासी राजी तलवंत राय, थाना सेवरही, कुशीनगर। एक बाल अपचारी। मुकदमा दर्ज इस मामले में थाना तमकुहीराज में मु0अ0सं0 186/2026, धारा 103(2)/190/191(2)/191(3) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत है। पुलिस टीम को मिला 25 हजार रुपये का पुरस्कार हत्या की घटना का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम के सराहनीय कार्य पर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर द्वारा टीम को 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। घटना के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक गिरीजेश उपाध्याय थाना तमकुहीराज, प्रभारी स्वाट उ0नि0 स्वतंत्र सिंह मय टीम, प्रभारी साइबर सेल उ0नि0 सुनील कुमार सिंह मय टीम, प्रभारी सर्विलांस उ0नि0 सन्नी दूबे मय टीम सहित थाना तमकुहीराज एवं संबंधित पुलिस टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।4
- समरसता संकल्प अभियान के तहत तितला में निकली भव्य कलश वंदन यात्रा हाटा। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज के समरसता, समानता एवं सामाजिक सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शनिवार को विधानसभा क्षेत्र हाटा के सुकरौली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा तितला में “समरसता संकल्प अभियान कलश वंदन यात्रा” का भव्य आयोजन किया गया। यात्रा में कुशीनगर के सांसद श्री विजय कुमार दुबे एवं हाटा विधायक श्री मोहन वर्मा की गरिमामयी सहभागिता रही। कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र कलश के श्रद्धापूर्वक वंदन एवं पूजन के साथ हुई। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज के आदर्शों को स्मरण करते हुए सामाजिक समरसता, समानता एवं भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। विधायक श्री मोहन वर्मा ने कहा कि संत रविदास जी महाराज का जीवन और उनके विचार संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव और ऊंच-नीच की भावना के स्थान पर प्रेम, समानता, मानवता और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। आज आवश्यकता है कि उनके विचारों को केवल स्मरण करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें अपने आचरण और सामाजिक जीवन में आत्मसात किया जाए। उन्होंने कहा कि समरसता संकल्प अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को एक साथ जोड़ते हुए सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना को और मजबूत करना है। जब समाज में परस्पर सम्मान, सहयोग और समानता की भावना होगी, तभी एक सशक्त एवं विकसित समाज का निर्माण संभव होगा। सांसद श्री विजय कुमार दुबे ने भी संत रविदास जी महाराज के विचारों को समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं आज भी सामाजिक एकता और सद्भाव का मार्ग प्रशस्त करती हैं। उन्होंने सभी लोगों से संत रविदास जी के आदर्शों को अपनाने तथा समाज में प्रेम और भाईचारे का वातावरण बनाने का आह्वान किया। कलश वंदन यात्रा में क्षेत्रवासियों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक यात्रा में भाग लिया। जगह-जगह लोगों ने पवित्र कलश का श्रद्धापूर्वक स्वागत एवं वंदन किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि संत रविदास जी महाराज के “समरसता, समानता और मानवता” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा तथा समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। “संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की जय” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण बना रहा।2
- भूमि विवाद में राजस्व टीम ने की पैमाइश, न्यायालय में रिपोर्ट पेश। बिल्थरारोड। क्षेत्र में चल रहे भूमि विवाद के संबंध में राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश एवं निरीक्षण किए जाने का मामला सामने आया है। प्रस्तुत दस्तावेज के अनुसार संबंधित भूमि के गाटा संख्या और रकबे का मौके पर सत्यापन किया गया। रिपोर्ट में मौके पर मौजूद पक्षों की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए भूमि की स्थिति और अभिलेखों के आधार पर निरीक्षण किए जाने की बात कही गई है। साथ ही पूर्व में न्यायालय में चल रहे भूमि संबंधी मुकदमे का भी उल्लेख किया गया है। राजस्व टीम ने निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों/न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित अभिलेखों एवं न्यायालय के आदेश के आधार पर होने की बात सामने आई है। 👉 जमीन विवाद में मोइन अख्तर का बयान, बोले- बेवजह थाने और तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर2
- बरसात ने खोली मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था की पोल, पानी में खड़े होकर दवा लेने को मजबूर मरीज दवा काउंटरों की कमी से बढ़ी परेशानी, घंटों कतार में खड़े रहे मरीज और तीमारदार; जिम्मेदार अधिकारी साधे रहे चुप्पी देवरिया। बरसात ने एक बार फिर महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। बारिश के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में जलभराव की स्थिति पैदा होने से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दवा लेने के लिए मरीजों को घंटों पानी के बीच खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। कई मरीज और तीमारदार बारिश और जलभराव के बीच किसी तरह दवा लेने के लिए मजबूर नजर आए। मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन काफी अधिक रहती है। ओपीडी में चिकित्सकों को दिखाने के बाद मरीजों को दवा लेने के लिए काउंटर पर जाना पड़ता है। लेकिन दवा वितरण के लिए पर्याप्त काउंटर नहीं होने के कारण मरीजों की लंबी कतार लग जाती है। बारिश के दौरान यह समस्या और गंभीर हो गई। परिसर में पानी भर जाने के बावजूद मरीजों और तीमारदारों को दवा लेने के लिए काफी देर तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। जलभराव ने बढ़ाई मुश्किल बारिश के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में जगह-जगह पानी जमा हो गया। ऐसे में मरीजों को दवा लेने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ा। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज भी शामिल रहे। कई लोगों को अपने कपड़े और सामान बचाते हुए पानी के बीच से निकलना पड़ा। मरीजों और तीमारदारों का कहना था कि इलाज के लिए अस्पताल आने के बाद दवा लेने में ही काफी समय लग रहा है। सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हुई, जो पहले से बीमारी से परेशान थे। लंबी कतार और जलभराव के कारण उन्हें घंटों खड़े रहना पड़ा। कई तीमारदार अपने मरीजों को सहारा देकर दवा काउंटर तक ले जाते दिखाई दिए। बारिश के बीच अस्पताल की व्यवस्था को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी भी देखने को मिली। कम काउंटर के कारण लग रही लंबी कतार मेडिकल कॉलेज में दवा वितरण के लिए काउंटरों की संख्या मरीजों की भीड़ के हिसाब से पर्याप्त नहीं होने की शिकायत लंबे समय से सामने आती रही है। ओपीडी के समय मरीजों की संख्या बढ़ते ही दवा काउंटरों पर लंबी कतार लग जाती है। इससे मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में इलाज और जांच के बाद दवा लेना भी जरूरी होता है, लेकिन दवा वितरण व्यवस्था सुचारु नहीं होने के कारण उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के दिनों में जब परिसर में जलभराव हो जाता है तो समस्या कई गुना बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को मरीजों की सुविधा को देखते हुए दवा वितरण के लिए अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और मरीजों को ज्यादा देर तक कतार में खड़ा न होना पड़े। बारिश में व्यवस्था पर उठे सवाल मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आने से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। मरीजों का कहना है कि बरसात हर वर्ष होती है, इसके बावजूद जलनिकासी और मरीजों की सुविधा के लिए स्थायी इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। बारिश के दौरान अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को जलभराव के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मरीजों और तीमारदारों ने मांग की कि परिसर में जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था की जाए तथा दवा वितरण के लिए पर्याप्त काउंटर बढ़ाए जाएं। इससे मरीजों को बारिश के मौसम में राहत मिल सकेगी और दवा लेने के लिए लंबी कतार में खड़े होने की समस्या भी कम होगी। जिम्मेदार अधिकारी बोलने को तैयार नहीं मेडिकल कॉलेज की बदहाल व्यवस्था को लेकर मरीजों और तीमारदारों में नाराजगी के बावजूद इस मामले में कोई जिम्मेदार अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। जलभराव और दवा काउंटरों की कमी को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मरीजों को इलाज के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़े तो जिम्मेदारी किसकी है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में आने वाला हर व्यक्ति इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचता है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उसे साफ-सफाई, आवागमन, दवा और अन्य जरूरी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हों। बारिश के दौरान मरीजों को पानी में खड़े होकर दवा लेने की मजबूरी व्यवस्था की गंभीर खामियों को सामने लाती है। अब देखना यह है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन जलभराव और दवा वितरण काउंटरों की कमी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कब तक आवश्यक कदम उठाता है। फिलहाल बारिश के बीच दवा के लिए पानी में खड़े मरीजों की तस्वीरें स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत बयां करती नजर आ रही हैं।1
- JPSC peper ko CBI जांच के लिए सरकार से न्याय की मांग कर रही है महिला #jharkhandnews #shorts #news JPSC peper ko CBI जांच के लिए सरकार से न्याय की मांग कर रही है महिला #jharkhandnews #shorts #news1
- समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी ने बाजुओं में काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अगस्त का महीना क्रांति के रूप में दर्ज है 8 अगस्त 1942 को देश में अंग्रेजों के विरुद्ध भारतीयों ने अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा दिया था। आज इस पैटर्न पर समाजवादी पार्टी के अनेक कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने यूपी में भाजपा के कारण फैली महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार बढ़ते अपराध आदि को लेकर कड़ा ऐतराज जताते हुए पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया है।1
- तमकुहीराज में आदर्श चौहान हत्याकांड का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार एक बाल अपचारी भी पुलिस संरक्षण में, हत्या में प्रयुक्त चाकू व दो बाइक बरामद हंगामा टाइम्स न्यूज़ | कुशीनगर तमकुहीराज। थाना तमकुहीराज क्षेत्र के ग्राम चखनी खास में गत 1 अगस्त को हुई आदर्श चौहान उर्फ बुलेट की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू तथा घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं। पुलिस के मुताबिक 1 अगस्त 2026 को ग्राम चखनी खास निवासी आदर्श चौहान पुत्र चन्देश्वर चौहान की पेट में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक के पिता चन्देश्वर चौहान की तहरीर पर पांच नामजद तथा चार अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना तमकुहीराज पुलिस के साथ स्वाट, साइबर सेल और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और गहन जांच के दौरान पुलिस को यह तथ्य सामने आया कि घटना में नामजद किए गए व्यक्तियों की भूमिका नहीं थी, बल्कि हत्या में अन्य लोगों के शामिल होने के साक्ष्य मिले। इसके बाद पुलिस टीमों ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की टाइमलाइन तथा भुगतान से संबंधित जानकारियों का मिलान करते हुए जांच आगे बढ़ाई। जांच में पांच अन्य आरोपियों के नाम प्रकाश में आए। पुलिस के अनुसार 7 अगस्त 2026 को अंगद पासवान, सतीश कुशवाहा, चंदन कुशवाहा और प्रीतम कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने आदर्श चौहान की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टाइमलाइन तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के मिलान से घटना की कड़ियां जुड़ गईं। पुराने विवाद को बताया हत्या का कारण पुलिस के अनुसार मृतक आदर्श चौहान का घटना से करीब 15 से 20 दिन पूर्व आरोपियों से कहासुनी और मारपीट हुई थी। इसी पुराने विवाद को लेकर आरोपियों ने आदर्श चौहान पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। यह सामान हुआ बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू (आलाकत्ल) तथा घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें हीरो स्प्लेंडर UP57CA3926 और UP57CE4940 शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपी अंगद पासवान पुत्र भरत पासवान, निवासी मिश्रौली, थाना सेवरही, कुशीनगर। सतीश कुशवाहा पुत्र रामदरश कुशवाहा, निवासी राजी तलवंत राय, थाना सेवरही, कुशीनगर। चंदन कुशवाहा पुत्र देवानन्द कुशवाहा, निवासी राजी तलवंत राय, थाना सेवरही, कुशीनगर। प्रीतम कुशवाहा पुत्र रविन्द्र कुशवाहा, निवासी राजी तलवंत राय, थाना सेवरही, कुशीनगर। एक बाल अपचारी। मुकदमा दर्ज इस मामले में थाना तमकुहीराज में मु0अ0सं0 186/2026, धारा 103(2)/190/191(2)/191(3) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत है। पुलिस टीम को मिला 25 हजार रुपये का पुरस्कार हत्या की घटना का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम के सराहनीय कार्य पर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर द्वारा टीम को 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। घटना के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक गिरीजेश उपाध्याय थाना तमकुहीराज, प्रभारी स्वाट उ0नि0 स्वतंत्र सिंह मय टीम, प्रभारी साइबर सेल उ0नि0 सुनील कुमार सिंह मय टीम, प्रभारी सर्विलांस उ0नि0 सन्नी दूबे मय टीम सहित थाना तमकुहीराज एवं संबंधित पुलिस टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।4