सड़क पर लटका सागौन का पेड़, तीन दिन से आवागमन प्रभावित सहजनवां/घघसरा। सहजनवां-घघसरा मार्ग पर जोगिया के पास आंधी-पानी के चलते सागौन का पेड़ सड़क की ओर लटक गया है। इससे सड़क की एक लेन पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी पेड़ नहीं हटने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं, मार्ग पर दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। सोमवार को वन विभाग के वृत्त सहायक नरेंद्र राय और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा पेड़ को कटवाकर हटाने का प्रयास किया। बताया गया कि पेड़ मालिक की आपत्ति के कारण टीम को वापस लौटना पड़ा। वृत्त सहायक नरेंद्र राय ने बताया कि जानकारी में आया कि पेड़ किसी वकील का है, जिसके कारण मौके पर पेड़ काटने को लेकर सहमति नहीं बन सकी। इस संबंध में वन विभाग के इंस्पेक्टर आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि सड़क पर लटके पेड़ को मंगलवार सुबह तक कटवाकर हटवा दिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने भी पेड़ को शीघ्र हटाकर मार्ग पर आवागमन सुरक्षित कराने की मांग की है।
सड़क पर लटका सागौन का पेड़, तीन दिन से आवागमन प्रभावित सहजनवां/घघसरा। सहजनवां-घघसरा मार्ग पर जोगिया के पास आंधी-पानी के चलते सागौन का पेड़ सड़क की ओर लटक गया है। इससे सड़क की एक लेन पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। तीन दिन बीत जाने के बाद
भी पेड़ नहीं हटने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं, मार्ग पर दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। सोमवार को वन विभाग के वृत्त सहायक नरेंद्र राय और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा पेड़ को कटवाकर हटाने का प्रयास
किया। बताया गया कि पेड़ मालिक की आपत्ति के कारण टीम को वापस लौटना पड़ा। वृत्त सहायक नरेंद्र राय ने बताया कि जानकारी में आया कि पेड़ किसी वकील का है, जिसके कारण मौके पर पेड़ काटने को लेकर सहमति नहीं बन सकी। इस संबंध में वन
विभाग के इंस्पेक्टर आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि सड़क पर लटके पेड़ को मंगलवार सुबह तक कटवाकर हटवा दिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने भी पेड़ को शीघ्र हटाकर मार्ग पर आवागमन सुरक्षित कराने की मांग की है।
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- चरडाव में सड़क पर जलभराव और कीचड़ से ग्रामीण परेशान 10 से 15 घरों के लोगों का रास्ता बदहाल, ग्रामीणों ने की सफाई और रास्ते की मरम्मत की मांग पाली। गोरखपुर के पाली क्षेत्र की ग्राम सभा चरडाव में साफ-सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। बारिश के बाद गांव की सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा हो गया है। स्थिति यह है कि करीब 10 से 15 घरों में आने-जाने का रास्ता बुरी तरह खराब हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा में साफ-सफाई और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह समस्या बनी हुई है। ग्रामीण अरविंद, मोहन, लक्ष्मी, जयराम और अन्य लोगों ने बताया कि लंबे समय से रास्ते की स्थिति खराब है। बारिश होने के बाद समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराकर सड़क की मरम्मत, जलनिकासी और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था कराने की मांग की है।2
- BJP से टिकट कटते ही डॉ. संजयन त्रिपाठी गरजे! बोले- 'जो अपने गुट के नहीं हुए, वो BJP के क्या होंगे?' भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद डॉ. संजयन त्रिपाठी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। अपने फेसबुक लाइव में उन्होंने टिकट वितरण को अन्याय बताते हुए तीखी नाराजगी जाहिर की। ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भाजपा का प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में यह नया घटनाक्रम सामने आया है। देखिए संजयन त्रिपाठी ने लाइव में क्या कहा। #SanjayanTripathi #DhruvTripathi #BJP #GorakhpurNews #UPMLCElection #TeacherMLC #GorakhpurFaizabad #PoliticalNews #BJPNews #DainikAdhyay1
- गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय प्रिंस निषाद की मौत के मामले में मंगलवार को सपा नेत्री काजल निषाद ने न्याय की मांग उठाई। पोस्टमार्टम के दौरान पहुंचीं काजल निषाद ने प्रेसवार्ता कर मामले को लेकर सवाल खड़े किए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। काजल निषाद ने आरोप लगाया कि यदि मृतक किसी उच्च वर्ग की जाति से होता, तो अब तक आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर जैसी कार्रवाई हो चुकी होती। उन्होंने कहा कि निषाद समाज से होने के कारण पीड़ित परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रिंस निषाद के परिवार को न्याय नहीं मिला, तो जनता सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, प्रिंस की मौत के मामले में वास्तविक परिस्थितियों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले में पुलिस की जांच जारी है। हेडलाइन: प्रिंस निषाद की मौत पर काजल निषाद ने उठाए सवाल, न्याय नहीं मिला तो आंदोलन की चेतावनी1
- मुख्यमंत्री ने नारायणी नदी के तटबंध कटान स्थल का किया स्थलीय निरीक्षण, राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा *आपदा की इस घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है सरकार: मुख्यमंत्री* *मुख्यमंत्री ने नारायणी नदी के तटबंध कटान स्थल का किया स्थलीय निरीक्षण, राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा* *एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं पीएसी की टीमें तैनात; पीड़ितों के लिए 5,000 सूखा राशन किट (प्रत्येक 50 किग्रा) की व्यवस्था* *जनहानि पर ₹4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता, क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण हेतु आवास योजना का मिलेगा लाभ* *फसल क्षति का त्वरित सर्वे कराकर किसानों को शीघ्र मुआवजा देने के सख्त निर्देश* *नारायणी नदी की ड्रेजिंग व चैनलाइजेशन की बनेगी कार्ययोजना; तटबंधों का कराया जाएगा स्थायी सुदृढ़ीकरण* कुशीनगर।आज प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा जनपद में आगमन पश्चात सर्वप्रथम बंधा कटान स्थल का हवाई सर्वेक्षण उपरांत सड़क मार्ग से प्रभावित क्षेत्र के ग्राम जवही दयाल के पंचायत भवन /राहत शिविर में पहुंच कर बाढ़ पीड़ितों का कुशल क्षेम पूछा गया, तथा संचालित राहत व बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया गया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री वितरण स्थल पर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित नागरिकों से संवाद किया और उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का विश्वास दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत चार दिनों से प्रदेश, देश के विभिन्न हिस्सों तथा नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश के चलते नारायणी नदी का जलप्रवाह सामान्य 3 से 4 लाख क्यूसेक से बढ़कर अचानक 5.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इस अप्रत्याशित जलप्रवाह के दबाव से तटबंध क्षतिग्रस्त हुए और कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। *राहत एवं बचाव कार्यों की प्रमुख घोषणाएं एवं दिशा-निर्देश* राहत सामग्री एवं बचाव व्यवस्था, एनडीआरएफ की 02 टीमें, एसडीआरएफ की 02 टीमें और पीएसी की फ्लड यूनिट युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुटी हैं। प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। 50 किलोग्राम वजन वाले प्रत्येक पैकेट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, 2 किलो दाल, तेल, मसाले, नमक, लाई, चना व बाल्टी सहित 35 प्रकार की आवश्यक दैनिक सामग्री शामिल है। बेघर व जलमग्न क्षेत्रों के नागरिकों को सुरक्षित राहत शिविरों में ठहराया जाए, जहां गुणवत्तापूर्ण भोजन, शुद्ध पेयजल तथा जनरेटर के माध्यम से 24 घंटे निर्बाध प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित हो। *आर्थिक सहायता व पुनर्वास* मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को तत्काल ₹4 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। पूरी तरह नष्ट हुए मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नया पक्का आवास उपलब्ध कराया जाएगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत हेतु भी नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी। *किसानों को फसल क्षतिपूर्ति* धान, गन्ना व सब्जी की फसलों को हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को 15 दिन के अंदर प्रभावित स्थलों का तत्काल पारदर्शी सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त किसानों को राहत राशि अंतरित करने में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। *स्वास्थ्य सुरक्षा एवं चिकित्सा प्रबंध* बाढ़ का पानी घटने के साथ ही जलजनित बीमारियों की रोकथाम हेतु प्रभावित क्षेत्रों में आगामी 5-6 दिनों तक नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC) पर एंटी स्नेक वेनम (Anti Snake Venom) और एंटी रेबीज वैक्सीन (Anti Rabies Vaccine) की पर्याप्त उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। *ड्रेजिंग व तटबंधों का स्थायी सुदृढ़ीकरण* सिंचाई विभाग को क्षतिग्रस्त तटबंधों की तात्कालिक मरम्मत के साथ-साथ भविष्य की सुरक्षा के दृष्टिगत उन्हें अत्याधुनिक तकनीक से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। नारायणी नदी के दीर्घकालिक समाधान हेतु जल शक्ति मंत्री एवं प्रमुख सचिव (सिंचाई) को नदी की व्यापक ड्रेजिंग एवं चैनलाइजेशन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे नदी की गहराई बढ़े, जलप्रवाह सुगम हो और गाद (सिल्ट) का समुचित उपयोग हो सके । मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मौसम के साफ होने के साथ ही स्थिति तेजी से सामान्य होगी और शासन-प्रशासन का पूरा तंत्र अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए धरातल पर सक्रिय रहेगा। विदित हो कि मुख्यमंत्री को कल रात में हीउक्त बंधे की कटान के सम्बंध में जानकारी होने पर तत्काल मंडलायुक्त एवं एडिजी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल मौके पर उपस्थित हो कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिए गए थे। जिसके क्रम में उक्त सभी प्रसाशनिक अधिकारियों द्वारा तत्काल मौके पर पहुंच कर प्रभावी कार्यवाही एवं आवश्यक व्यवस्थाये सुनिश्चित की गई। इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, क्षेत्रीय सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक डॉ. असीम कुमार राय, विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, विधायक पी.एन. पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, राजेश्वर सिंह, प्रमुख सचिव सिंचाई, आयुक्त गोरखपुर मंडल गोरखपुर इंद्र विक्रम सिंह, एडिजी रामकुमार, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी गण सहित अन्य जन प्रतिनिधि गण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।1
- पुतला जलाने के लिए कांग्रेसियों ने दरोगा के साथ की झड़प, एक गिरफ्तार गोरखपुर में सोमवार को कांग्रेस की ओर से धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने से रोकने का प्रयास किया। जिसको लेकर काफी देर तक कार्यकर्ताओं से नोकझोंक और झड़प हुई। आरोप है कि इसी दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आक्रोश में आकर ड्यूटी में तैनात दरोगा को बल के साथ पकड़ लिया। उसके साथ मारपीट की। कैंट दरोगा विनोद सिंह की तहरीर पर देर रात कांग्रेस के मुन्ना शाही, कोदई तिवारी समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने एक आरोपी मुन्ना शाही को हिरासत में ले लिया। थाने लाकर उनसे पूछताछ की जा रही है। जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि यह पूरी तरह से पुलिस की अराजकता और तानाशाही है। सीधे तौर पर लोकतान्त्रिक प्रक्रिया को ध्वस्त करने की साजिश है। पूरे प्रदेश में हर जगह पुतला फूंका गया है। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने कोई अराजकता नहीं की। हम लोग गांधीवादी लोग हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों को मानते हैं। शांति से प्रदर्शन कर रहे थे।1
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- शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को पिपराईच पुलिस ने भेजा जेल अपराधी में अपराधी ऊपर शिकंजा कसने के लिए लगातार चलाए जा रहा है अभियान गोरखपुर से आई एक बड़ी खबर के साथ। थाना पिपराईच पुलिस ने महिला सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है।1