अवैध खनन और परिवहन पर जिलाधिकारी सख्त, लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक: डीएम बी.एन. सिंह ने दिए अवैध आरा मशीनों और बिना परमिट वाहनों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश (दैनिक अयोध्या टाइम्स सोनभद्र) अमान खान ब्यूरो चीफ सोनभद्र | जनपद में अवैध खनन और अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अवैध खनन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। नदियों और वन क्षेत्रों पर विशेष नजर: डीएम ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि थाना क्षेत्रों में नदियों के जल स्तर और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए। यदि कहीं भी अवैध खनन मिलता है, तो संबंधित थानाध्यक्ष के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, वन विभाग को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों में निरंतर अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों को रोकें। परिवहन नियमों के उल्लंघन पर FIR: अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी ने कहा कि बिना वैध प्रपत्रों के खनिज ले जाने वाले वाहनों को तत्काल जब्त कर जुर्माना लगाया जाए। विशेष रूप से नंबर प्लेट बदलकर परिवहन करने वाले वाहनों के विरुद्ध न केवल भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी। अवैध आरा मशीनों पर कार्रवाई: बैठक में अवैध आरा मशीनों के संचालन पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने वन विभाग को निर्देश दिया कि वे जिले में संचालित वैध लाइसेंस वाली मशीनों की सूची उपलब्ध कराएं और अवैध रूप से चल रही मशीनों के खिलाफ तत्काल ध्वस्तीकरण व जब्ती की कार्रवाई करें। इस बैठक में ज्येष्ठ खान अधिकारी श्री कमल कश्यप, डीएफओ राबर्ट्सगंज, पुलिस क्षेत्राधिकारी श्री रणधीर मिश्रा सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
अवैध खनन और परिवहन पर जिलाधिकारी सख्त, लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक: डीएम बी.एन. सिंह ने दिए अवैध आरा मशीनों और बिना परमिट वाहनों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश (दैनिक अयोध्या टाइम्स सोनभद्र) अमान खान ब्यूरो चीफ सोनभद्र | जनपद में अवैध खनन और अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अवैध खनन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। नदियों और वन क्षेत्रों पर विशेष नजर: डीएम ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि थाना क्षेत्रों में नदियों के जल स्तर और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए। यदि कहीं भी अवैध खनन मिलता है, तो संबंधित थानाध्यक्ष के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, वन विभाग को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों में निरंतर अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों को रोकें। परिवहन नियमों के उल्लंघन पर FIR: अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी ने कहा कि बिना वैध प्रपत्रों के खनिज ले जाने वाले वाहनों को तत्काल जब्त कर जुर्माना लगाया जाए। विशेष रूप से नंबर प्लेट बदलकर परिवहन करने वाले वाहनों के विरुद्ध न केवल भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी। अवैध आरा मशीनों पर कार्रवाई: बैठक में अवैध आरा मशीनों के संचालन पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने वन विभाग को निर्देश दिया कि वे जिले में संचालित वैध लाइसेंस वाली मशीनों की सूची उपलब्ध कराएं और अवैध रूप से चल रही मशीनों के खिलाफ तत्काल ध्वस्तीकरण व जब्ती की कार्रवाई करें। इस बैठक में ज्येष्ठ खान अधिकारी श्री कमल कश्यप, डीएफओ राबर्ट्सगंज, पुलिस क्षेत्राधिकारी श्री रणधीर मिश्रा सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
- आज उत्तर प्रदेश अपनी पहचान ‘ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी’ के रोल मॉडल के रूप में स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने और प्रदेश को फार्मा सेक्टर में अग्रणी मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के पास न केवल देश का सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट है, बल्कि फार्मा सेक्टर के लिए जरूरी विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और कुशल वर्कफोर्स भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। राज्य सरकार अपने प्रत्येक निवेशक को ‘ट्रिपल एस’ अर्थात् ‘सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड’ की गारंटी प्रदान कर रही है, जो औद्योगिक विकास के लिए अनिवार्य शर्त है। फार्मा और हेल्थकेयर के क्षेत्र में मौजूद असीमित संभावनाओं को देखते हुए राज्य के विभिन्न जनपदों में क्लस्टर आधारित विकास किया जा रहा है। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध ललितपुर जनपद में प्रदेश के पहले फार्मा पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। वहीं, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट लगभग 350 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। इस पार्क की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 100 से अधिक फार्मा कंपनियां इससे जुड़ चुकी हैं। निवेशकों की सुविधा के लिए यहाँ यू.एस.एफ.डी.ए. (न्ैथ्क्।) टेस्टिंग लैब स्थापित करने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। ललितपुर के फार्मा पार्क को हब एंड स्पोक मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें आर. एंड डी. (त्-क्) की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी प्रदेश लंबी छलांग लगा रहा है। लखनऊ में एक वर्ल्ड क्लास फार्मा इंस्टीट्यूट के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं, जबकि गौतमबुद्धनगर, बरेली और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी नए फार्मा पार्क विकसित करने की योजना पर कार्य हो रहा है। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आई.आई.टी. कानपुर के सहयोग से 1,200 करोड़ रुपये की लागत से ‘मेड-टेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, एस.जी.पी.जी.आई. को दूसरे सेंटर के रूप में तैयार किया जा रहा है। लखनऊ पहले से ही सी.डी.आर.आई. और एन.बी.आर.आई. जैसी राष्ट्रीय स्तर की चार केंद्रीय प्रयोगशालाओं का केंद्र है, जो अनुसंधान के क्षेत्र में प्रदेश की स्थिति को मजबूत करती हैं। नीतिगत मोर्चे पर उत्तर प्रदेश अब पॉलिसी पैरालिसिस के दौर से बाहर निकल चुका है। प्रदेश में वर्तमान में 34 सेक्टोरियल पॉलिसीज प्रभावी हैं, जो निवेशकों को स्पष्टता और सुरक्षा प्रदान करती हैं। निवेश की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुविधाएं दी जा रही हैं और पॉलिसी के दायरे में रहकर समयबद्ध तरीके से इंसेंटिव वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस नीति के तहत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट और निर्यात प्रोत्साहन की बेहतरीन व्यवस्था है। साथ ही, एफ.डी.आई. और फॉर्च्यून-500 पॉलिसी के माध्यम से वैश्विक निवेश को आमंत्रित करने के बड़े अवसर सृजित किए गए हैं। विशेष बात यह है कि उत्तर प्रदेश का यह विकास केवल औद्योगिक नहीं बल्कि संतुलित और पर्यावरण के अनुकूल भी है। पिछले 9 वर्षों में भौतिक विकास के साथ-साथ प्रदेश ने अपने फॉरेस्ट कवर में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। बेहतर कनेक्टिविटी और जवाबदेह प्रशासन के दम पर उत्तर प्रदेश आज फार्मा निवेश का पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। केंद्र की दूरदर्शी नीतियों और राज्य सरकार के जमीनी प्रयासों के समन्वय से उत्तर प्रदेश अब फार्मा और बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को नई शक्ति प्रदान कर रहा है।1
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- सोनभद्र बनवासी सेवा आश्रम गोविंदपुर स्थान जुगल में किशोर एवं किशोरी सहजीवन शिविर का हुआ आयोजन नन्हे मुन्ने बच्चों ने लिया प्रतिभाग1
- सोनभद्र विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोरुखाड में स्थित नेशनल हाईवे एनएच-39 पर बालू से लदा एक टिपर अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना मंगलवार देर रात लगभग 3:00 बजे की बताई जा रही है। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जोरुखाड निवासी विश्वामित्र कुशवाहा ने बताया कि रात में अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वे तुरंत घर से बाहर निकले। बाहर आने पर उन्होंने देखा कि बालू से लदा टिपर सड़क पर पलटा हुआ है। उन्होंने बताया कि टिपर का नंबर UP64AT4998 है और यह वाहन कुडवा ग्राम पंचायत निवासी कमलेश यादव का बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, घटना का मुख्य कारण चालक को नींद आना बताया जा रहा है, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में चालक और खलासी दोनों सुरक्षित बच गए और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलने के बाद संबंधित लोगों द्वारा स्थिति का जायजा लिया गया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर रात में चलने वाले भारी वाहनों की निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1
- सोनभद्र के हाथीनाला–रेणुकूट मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एसबीआई के सुरक्षा गार्ड राम आशरफ यादव की मौत हो गई। ड्यूटी से घर लौटते समय अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी वाहन की तलाश की जा रही है। घटना के बाद परिवार और बैंक कर्मचारियों में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।1
- सोनभद्र.... - चोरों ने तीन घरों में सेंधमारी कर नकदी समेत हजारों की संपत्ति चुरा ली - चोर एक अन्य घर का ताला तोड़ने में असफल रहे - घटना की सूचना पर पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है - चोरों ने चकमा देने के लिए कंपनी में काम के दौरान पहने जाने वाले हाफ हेलमेट पहन रखे थे - चोरी किये हुए मोबाइल को चोरों ने पास के घर के पास फेंका, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया - घटना से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और लोगों ने जल्द खुलासे का आह्वान किया है - पुलिस ने कहा जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी - चोपन थाना क्षेत्र के डाला मलिन बस्ती में बीती रात चोरी का मामला।3
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