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विकासखंड राजपुर सभागार में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत पहली त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बाल संरक्षण, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह रोकथाम, महिला सुरक्षा और बालिका शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही, उपस्थित सभी को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, दहेज मुक्त और बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की शपथ भी दिलाई गई। महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ, जेंडर स्पेशलिस्ट, सामाजिक कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां उपस्थित रहीं।
Journalist Sonu singh
विकासखंड राजपुर सभागार में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत पहली त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बाल संरक्षण, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह रोकथाम, महिला सुरक्षा और बालिका शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही, उपस्थित सभी को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, दहेज मुक्त और बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की शपथ भी दिलाई गई। महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ, जेंडर स्पेशलिस्ट, सामाजिक कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां उपस्थित रहीं।
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- सोमवार सुबह करीब 10 बजे कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र में गुर्दही बंबा के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गंगा दशहरा पर बिठूर घाट से स्नान कर वापस लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक ईको कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक खड्ड में जा गिरी, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। हालांकि, इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और वाहन में सवार सभी श्रद्धालु बाल-बाल बच गए। बताया जा रहा है कि यह हादसा सिकंदरा-झींझक मार्ग पर गुरदही बंबा के पास हुआ। कार चालक को गाड़ी चलाते समय नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह खड्ड में जा गिरी। हादसे के बाद तुरंत राहगीरों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद वाहन में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दुर्घटना में कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं, जिसके बाद 108 एंबुलेंस बुलाकर घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सिकंदरा समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वाहन में सवार लोगों में सोहन पुत्र मोतीलाल (निवासी उमरी), रामदास पुत्र छोटे सरोज (निवासी उमरी), नंदराम पुत्र छोटेलाल (निवासी लाहार, भिंड), माया पत्नी पहलाद (जगलापुर कुठौन निवासी) और सुनील पुत्र मोतीलाल (उमरी गोहन, थाना रामपुरा निवासी) शामिल थे। दुर्घटनाग्रस्त चार पहिया वाहन को खड्डे से बाहर निकालने के लिए भी राहगीरों की मदद ली गई और मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा रही। ग्रामीणों का कहना है कि चालक को नींद आने के कारण ही यह हादसा हुआ, लेकिन समय रहते लोगों की मदद से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।1
- सोमवार सुबह करीब 11 बजे सिकंदरा थाना क्षेत्र के गुर्दही बंबा के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। गंगा दशहरा पर्व पर बिठूर घाट से स्नान कर वापस लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक ईको कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड्ड में पलट गई। इस हादसे में कार सवार पाँच लोग घायल हो गए, जिनकी पहचान सोहन, रामदास, नंदराम, माया देवी और सुनील के रूप में हुई है। दुर्घटना की जानकारी के अनुसार, यह हादसा सिकंदरा झींझक मार्ग के गुर्दही बंबा के पास हुआ, जब वाहन चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई। झपकी आने के कारण कार का संतुलन बिगड़ गया और वह खड्ड में जा पलटी। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और राहगीरों की मदद से सभी घायलों को कार से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से सीएचसी सिकंदरा भेजा गया, जहाँ ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। फिलहाल, हादसे में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- कानपुर देहात के मूसानगर निवासी लक्ष्मण पांडा 31 मार्च 2026 को कन्याकुमारी के लिए अपनी पदयात्रा पर निकले थे, और सोमवार को वे तमिलनाडु के एक दुर्गम गांव में पहुंचे। उनके साथ कानपुर नगर के सहयोगी नरेश सिंह परास भी इस यात्रा में शामिल हैं। लक्ष्मण पांडा ने बताया कि उनका लक्ष्य जल्द से जल्द कन्याकुमारी पहुंचना है, जहाँ वे देश के लिए शांति की प्रार्थना करेंगे। वे वर्तमान में कन्याकुमारी से लगभग 400 किलोमीटर दूर हैं।1
- इटावा स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर इंजीनियरिंग कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधियों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कॉलेज की व्यवस्थाओं में खामी को लेकर किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र में सिंचाई विभाग की टीम को उस समय कार्य में बाधा का सामना करना पड़ा, जब वे अवैध पुलिया तोड़ने की कार्रवाई कर रहे थे। कुछ व्यक्तियों द्वारा विभाग की टीम के इस कार्य में रुकावट डाली गई। इस घटना की जानकारी क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा दी गई है।1
- मथुरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली पुलिस के इस एक्शन में वाहन चोरी करने वाले तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने पकड़े गए इन बदमाशों के पास से चोरी की कुल 10 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।1
- औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र में सिंचाई विभाग की टीम द्वारा अवैध पुलिया तोड़ने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान, कुछ व्यक्तियों ने इस सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की है। इस पूरी घटना के संबंध में सदर क्षेत्राधिकारी औरैया ने जानकारी प्रदान की।1
- सिकंदरा तहसील क्षेत्र में गंगा मेला और दशहरा पर्व के अवसर पर सोमवार सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं का यमुना घाटों पर पहुँचना शुरू हो गया। इन श्रद्धालुओं ने घाटों पर स्नान कर पूजा-अर्चना की और अपनी सुख-समृद्धि की कामना की, जिसके कारण पर्व को लेकर सुबह से ही घाटों पर आस्था का माहौल बना रहा। दशहरा पर्व के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आया और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के लिए पूर्व से ही व्यापक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई थीं। यमुना नदी किनारे स्थित विभिन्न घाटों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम, राजस्व विभाग के कर्मचारी, गोताखोर, नाविक और आपदा मित्रों को तैनात किया गया था। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिसने घाटों पर लगातार निगरानी की। अमरौहट थाना प्रभारी राहुल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि अमरौहट किला घाट पर करीब 20 श्रद्धालुओं ने, सिद्धेश्वर मंदिर घाट घाटापारा में लगभग 180 श्रद्धालुओं ने और भेजो मऊ स्थित अन्नपूर्णा मंदिर घाट पर करीब 50 श्रद्धालुओं ने स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई। प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं पर नज़र बनाए रहे, जिससे पर्व शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुआ। घाटों पर किए गए सुरक्षा इंतजामों के चलते श्रद्धालुओं ने सुरक्षित माहौल में स्नान और पूजा-अर्चना संपन्न की।1