नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित थाली बाजार में मंगलवार शाम करीब 5 बजे ककोलत जलप्रपात में प्रवेश शुल्क की दस गुना बढ़ोतरी के विरोध में ग्रामीणों, स्थानीय दुकानदारों और ई-रिक्शा चालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। समाजसेवी मिथलेश कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लोगों ने प्रवेश शुल्क में अचानक हुई वृद्धि पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उपस्थित लोगों का कहना था कि बढ़े हुए शुल्क के कारण पर्यटकों की संख्या में लगातार कमी आ रही है, जिसका सीधा असर स्थानीय दुकानदारों, ई-रिक्शा चालकों और रोजगार से जुड़े अन्य लोगों की आमदनी पर पड़ रहा है। बैठक में सर्वसम्मति से कई अहम मांगें रखी गईं। इनमें ककोलत का प्रवेश शुल्क पूरी तरह से निःशुल्क करने, पार्किंग शुल्क को पुरानी दरों पर वापस लाने, लोकल ई-रिक्शा और टेंपो से दिनभर में केवल एक बार पार्किंग शुल्क लेने, पार्किंग व्यवस्था को ककोलत परिसर से हटाकर डाक बंगला के पास स्थानांतरित करने, गर्मी के मौसम में मंगलवार को भी जलप्रपात को खुला रखने, मुख्य कुंड के अतिरिक्त एक और कुंड का निर्माण कराने, पर्यटकों की प्रवेश सीमा 8 हजार से बढ़ाकर 20 हजार करने, दुकानों का किराया एक वर्ष की जगह छह माह पर लेने तथा ककोलत क्षेत्र में नेटवर्क सुविधा के लिए मोबाइल टावर लगाने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। इसी के साथ, ककोलत परिसर के दुकानदारों ने बुधवार से परिसर की सभी छोटी-बड़ी दुकानों को अनिश्चितकालीन बंद रखने का कड़ा निर्णय लिया है। दुकानदारों का कहना है कि बढ़े हुए शुल्क के कारण उनका व्यवसाय पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है और यदि प्रशासन द्वारा कोई राहत नहीं दी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि जिला प्रशासन और सरकार द्वारा इन मांगों पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो 29 मई 2026 को थाली चौक पर सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस बैठक में कृष्णा सिंह, बालगोविंद प्रसाद, संजय सिंह, कुलदीप यादव, दिलीप यादव, नीरज सिंह, संजय यादव, रंजीत राम, छोटू सिंह, अमीरक यादव, संजीत वर्मा, पवन वर्मा, रंजीत यादव सहित सैकड़ों दुकानदार और ई-रिक्शा चालक उपस्थित रहे।
नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित थाली बाजार में मंगलवार शाम करीब 5 बजे ककोलत जलप्रपात में प्रवेश शुल्क की दस गुना बढ़ोतरी के विरोध में ग्रामीणों, स्थानीय दुकानदारों और ई-रिक्शा चालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। समाजसेवी मिथलेश कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लोगों ने प्रवेश शुल्क में अचानक हुई वृद्धि पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उपस्थित लोगों का कहना था कि बढ़े हुए शुल्क के कारण पर्यटकों की संख्या में लगातार कमी आ रही है, जिसका सीधा असर स्थानीय दुकानदारों, ई-रिक्शा चालकों और रोजगार से जुड़े अन्य लोगों की आमदनी पर पड़ रहा है। बैठक में सर्वसम्मति से कई अहम मांगें रखी गईं। इनमें ककोलत का प्रवेश शुल्क पूरी तरह से निःशुल्क करने, पार्किंग शुल्क को पुरानी दरों पर वापस लाने, लोकल ई-रिक्शा और टेंपो से दिनभर में केवल एक बार पार्किंग शुल्क लेने, पार्किंग व्यवस्था को ककोलत परिसर से हटाकर डाक बंगला के पास स्थानांतरित करने, गर्मी के मौसम में मंगलवार को भी जलप्रपात को खुला रखने, मुख्य कुंड के अतिरिक्त एक और कुंड का निर्माण कराने, पर्यटकों की प्रवेश सीमा 8 हजार से बढ़ाकर 20 हजार करने, दुकानों का किराया एक वर्ष की जगह छह माह पर लेने तथा ककोलत क्षेत्र में नेटवर्क सुविधा के लिए मोबाइल टावर लगाने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। इसी के साथ, ककोलत परिसर के दुकानदारों ने बुधवार से परिसर की सभी छोटी-बड़ी दुकानों को अनिश्चितकालीन बंद रखने का कड़ा निर्णय लिया है। दुकानदारों का कहना है कि बढ़े हुए शुल्क के कारण उनका व्यवसाय पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है और यदि प्रशासन द्वारा कोई राहत नहीं दी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि जिला प्रशासन और सरकार द्वारा इन मांगों पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो 29 मई 2026 को थाली चौक पर सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस बैठक में कृष्णा सिंह, बालगोविंद प्रसाद, संजय सिंह, कुलदीप यादव, दिलीप यादव, नीरज सिंह, संजय यादव, रंजीत राम, छोटू सिंह, अमीरक यादव, संजीत वर्मा, पवन वर्मा, रंजीत यादव सहित सैकड़ों दुकानदार और ई-रिक्शा चालक उपस्थित रहे।
- नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत सरकंडा पंचायत के सरस्वती विगहा गांव में जंगली हाथियों के एक झुंड ने सोमवार देर रात जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने खेतों में लगी किसानों की मकई और ईख की फसलों को पूरी तरह से रौंद डाला और उन्हें खाकर भारी नुकसान पहुँचाया। इसके बाद हाथियों का झुंड आम के बगीचों में घुस गया, जहाँ उन्होंने कई आम के पेड़ों की डालियां तोड़ दीं और फलों को भी बर्बाद कर दिया। उन्होंने केला के पौधों और फलों को भी नुकसान पहुँचाया। हाथियों ने गांव की दो कच्ची झोपड़ियों को भी ध्वस्त कर दिया, जिससे ग्रामीणों में गहरा भय व्याप्त हो गया है। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे, शंकर कुमार सिंह, विकास कुमार, गुड्डू कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से हाथियों का झुंड लगातार इस इलाके में घूम रहा है। रात होते ही ये गांव में प्रवेश कर फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिसके डर से ग्रामीण पूरी रात जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे और महिलाएं सबसे अधिक डरे हुए हैं और शाम होते ही लोग घरों में दुबक जाते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि हाथियों के इस झुंड को शीघ्र ही सुरक्षित तरीके से बड़े जंगल की ओर भेजा जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। हाथियों के लगातार इस तांडव से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है, और सरकंडा के सरस्वती विगहा के ग्रामीण इस उत्पात से बेहद भयभीत हैं।1
- गोविंदपुर प्रखंड की माधोपुर पंचायत के मुखिया प्रिंस कुमार उर्फ आनंदी यादव को बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत आयोजित 'एक्सपोजर विजिट आउटसाइड स्टेट' कार्यक्रम के लिए चयनित किया गया है। उन्हें झारखंड राज्य की मॉडल पंचायतों का अध्ययन भ्रमण करने का अवसर मिलेगा, जो उनके लगातार विकास कार्यों और पंचायत में सक्रियता का परिणाम माना जा रहा है। राज्य पंचायत संसाधन केंद्र, पटना द्वारा जारी पत्र के अनुसार, चयनित प्रतिनिधियों का दल 26 मई 2026 को झारखंड की इन मॉडल पंचायतों का दौरा करेगा। इस अध्ययन भ्रमण के दौरान, पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास, स्वच्छता, जल प्रबंधन, डिजिटल पंचायत और जनभागीदारी से जुड़े सफल मॉडलों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। मुखिया प्रिंस कुमार के इस चयन से माधोपुर पंचायत और पूरे गोविंदपुर प्रखंड में खुशी का माहौल है, जहां स्थानीय लोग उनके नेतृत्व में पंचायत के विकास की नई ऊंचाइयों को छूने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 15 अगस्त 2025 को नई दिल्ली के लालकिला में आयोजित 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी मुखिया प्रिंस कुमार को स्वच्छता एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए विशेष अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया था। तब भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन विभाग और गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय की ओर से उन्हें 'सर्टिफिकेट ऑफ पार्टिसिपेशन' प्रदान किया गया था। यह सम्मान और अब राज्य सरकार द्वारा 'एक्सपोजर विजिट' के लिए उनका चयन पंचायत और क्षेत्र के लिए एक और बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि इस अध्ययन भ्रमण से लौटने के बाद पंचायत में विकास कार्यों को एक नई दिशा मिलेगी।1
- नवादा जिले में चुनावी रंजिश के चलते हुए दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई है। इस भीषण घटना के बाद मृतकों के परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुरानी चुनावी दुश्मनी को लेकर आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया है। परिजनों ने बताया कि उन्हें पहले से ही धमकियाँ मिल रही थीं, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका दावा है कि चुनाव के बाद से ही विवाद बढ़ गया था और वे लगातार डर के माहौल में जी रहे थे। अब उनके परिवार के दो सदस्यों की हत्या कर दी गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी के साथ-साथ कड़ी सजा की मांग करते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।1
- नवादा जिले के छोटी पाली स्थित बाजोचक में मृतक अहमद हुसैन के परिजनों को संवेदना व्यक्त करने के लिए कई प्रमुख व्यक्ति और समाजसेवी पहुँचे। इनमें भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राजवंशी, शमीम मंसूरी उर्फ़ कल्लू कबाड़ी, हिसुआ नगर परिषद के उप प्रमुख टिंकू चौधरी और एआईएमआईएम के युवा जिलाध्यक्ष शहनावाज़ हुसैन शामिल थे। इन सभी के साथ अन्य समाजसेवी भी मृतक के परिवार को ढाँढस बंधाने पहुँचे। इस दौरान भीम आर्मी जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राजवंशी और शमीम मंसूरी उर्फ़ कल्लू कबाड़ी विशेष रूप से बाजोचक पहुँचकर परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं।1
- बिहार के नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड के अंतर्गत मंझवे गाँव निवासी अकबर राजा दो साल बाद सऊदी अरब के दम्माम से अपने वतन हिंदुस्तान वापस लौटे हैं। अरबाज ने बताया कि सऊदी अरब में प्रवास के दौरान अकबर ने मक्का मदीना में तीन बार उमराह किया। पटना एयरपोर्ट पहुँचने पर उनकी माँ, पिता, पत्नी और भाई अब्दुल, अरमान, शहबाज, अरबाज, मोहम्मद समी तथा फैजुन इरफान ने गर्मजोशी से गले लगाकर उनका स्वागत किया, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल बन गया।1
- नवादा जिले के ककोलत जलप्रपात पर प्रवेश शुल्क में दस गुना वृद्धि की गई है, जिससे सैलानियों में भारी रोष है। इस शुल्क बढ़ोतरी का सीधा असर पर्यटन पर पड़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप होटल संचालकों के व्यवसाय में भी काफी घाटा देखा जा रहा है।1
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक बड़ा झटका लगा है। जानकारी के अनुसार, रितु जायसवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है।1
- नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड से तीन मुखियाओं का चयन बिहार सरकार के पंचायत राज विभाग द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान” के तहत राज्य से बाहर आदर्श पंचायतों के अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम के लिए किया गया है। इस चयन से माधोपुर पंचायत सहित पूरे गोविंदपुर प्रखंड में खुशी का माहौल है, खासकर युवा मुखिया प्रिंस कुमार के चयन को लेकर क्षेत्र में विशेष चर्चा है। चयनित मुखियाओं में माधोपुर पंचायत के मुखिया प्रिंस कुमार के अलावा भवनपुर पंचायत के मुखिया मनोज कुमार और गोविंदपुर पंचायत के मुखिया अनुज सिंह शामिल हैं। ये सभी मुखिया दूसरे राज्यों के आदर्श पंचायतों का भ्रमण कर वहां की विकास योजनाओं और पंचायत संचालन व्यवस्था का गहन अध्ययन करेंगे। बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्था, पटना द्वारा जारी पत्र के अनुसार, इस अध्ययन दौरे के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को गांवों में चल रहे विकास कार्य, स्वच्छता व्यवस्था, ग्रामीण योजनाओं का संचालन, रोजगार के अवसर, पंचायत प्रबंधन और जनभागीदारी की बेहतर प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। ग्रामीणों ने माधोपुर मुखिया प्रिंस कुमार के चयन को उनकी सक्रिय कार्यशैली, पंचायत विकास के प्रति समर्पण और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने का परिणाम बताया है। उनका कहना है कि मुखिया प्रिंस कुमार पंचायत में सड़क, नाली, स्वच्छता, पेयजल तथा सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं, जिससे उन्होंने कम समय में ही पंचायत क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। माधोपुर पंचायत के लोगों को उम्मीद है कि इस अध्ययन भ्रमण से लौटने के बाद मुखिया प्रिंस कुमार पंचायत में नई विकास योजनाओं और बेहतर कार्य प्रणाली को लागू करेंगे, जिससे पंचायत विकास को एक नई दिशा मिलेगी और ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा।1