सहारनपुर के थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सोना सैयद माजरा स्थित कब्रिस्तान में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भारी जलभराव और मिट्टी का कटाव हो गया, जिससे कई कब्रें प्रभावित हो गईं। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने धार्मिक परंपराओं का पूर्ण सम्मान करते हुए प्रभावित कब्रों के शवों को सुरक्षित स्थान पर दोबारा सुपुर्द-ए-खाक कराया। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व सांसद मनसूर अली के पुत्र और वरिष्ठ समाजसेवी मासुफ अली खान अपने सहयोगियों के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने कब्रिस्तान का निरीक्षण कर वहां के हालातों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों व ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मासुफ अली खान ने कब्रिस्तान की मरम्मत और जरूरी व्यवस्थाओं के लिए तुरंत आर्थिक सहयोग प्रदान किया और ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी उन्हें हरसंभव सहायता दी जाएगी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के इस मुश्किल दौर में समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा रहे और मानवता की मिसाल पेश करे। इस दौरान ग्राम प्रधान अवनीस चौधरी, राव बाबर खा सैयद पाशा, सैयद सुहैल, हाजी प्रधान साबेज, मोहम्मद अब्दुल्ला, इस्माइल खान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
सहारनपुर के थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सोना सैयद माजरा स्थित कब्रिस्तान में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भारी जलभराव और मिट्टी का कटाव हो गया, जिससे कई कब्रें प्रभावित हो गईं। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने धार्मिक परंपराओं का पूर्ण सम्मान करते हुए प्रभावित कब्रों के शवों को सुरक्षित स्थान पर दोबारा सुपुर्द-ए-खाक कराया। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व सांसद मनसूर अली के पुत्र और वरिष्ठ समाजसेवी मासुफ अली खान अपने सहयोगियों के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने कब्रिस्तान का निरीक्षण कर वहां के हालातों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों व ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मासुफ अली खान ने कब्रिस्तान की मरम्मत और जरूरी व्यवस्थाओं के लिए तुरंत आर्थिक सहयोग प्रदान किया और ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी उन्हें हरसंभव सहायता दी जाएगी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के इस मुश्किल दौर में समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा रहे और मानवता की मिसाल पेश करे। इस दौरान ग्राम प्रधान अवनीस चौधरी, राव बाबर खा सैयद पाशा, सैयद सुहैल, हाजी प्रधान साबेज, मोहम्मद अब्दुल्ला, इस्माइल खान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
- प्रयागराज के महेवा गेट टी सी आई सी चौराहा थाना नैनी के अंतर्गत स्थानीय लोगों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का गंभीर आरोप है कि प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी के करछना विधायक की मिलीभगत से उनकी दुकानों को जबरन तोड़कर वहां सौंदर्य स्थल बनाने की कोशिश की जा रही है। पीड़ितों का कहना है कि वे पिछले 70 सालों से इस स्थान पर रह रहे हैं और नगर निगम को नियमित रूप से हाउस टैक्स और बिजली का बिल भी भर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब उनसे टैक्स लिया जा रहा है, तो उनकी दुकानें क्यों उजाड़ी जा रही हैं, जबकि उन्हें शासन की तरफ से कोई नोटिस भी जारी नहीं किया गया है। आज जब बिजली विभाग के संविदा कर्मियों को साथ लेकर थाना नैनी की पुलिस मौके पर पहुंची, तो स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर हंगामा किया। इस हंगामे के दौरान जब प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी नैनी से कार्रवाई को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने पीडीए (PDA) का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। थाना प्रभारी ने कहा कि वे केवल शासन के आदेश का पालन कर रहे हैं और लोगों को इस संबंध में पीडीए से बात करनी चाहिए। प्रदर्शन कर रहे पीड़ित लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वे दलित समाज से ताल्लुक रखते हैं और सरकार उनसे उनका हक तथा जीने का अधिकार छीन रही है।1
- हाथरास के पुलिस लाइन परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने खुद पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से चल रहे इस अभियान के अंतर्गत पूरे उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं, जबकि अकेले हाथरस जनपद में ही 25 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री ने कहा कि पेड़ पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव जीवन और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए भी बेहद आवश्यक हैं। लगातार हो रही पेड़ों की कटाई से भूजल स्तर गिर रहा है और जल संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की। कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी जलवायु संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संदेश दिया।1
- हाथरस के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) वेद प्रकाश ने सासनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचकर वहां की स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद सीएमओ ने वहां की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और सभी कार्यों को सुचारू रूप से संचालित पाया। निरीक्षण के दौरान सीएमओ वेद प्रकाश ने स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की। उन्होंने मरीजों को मिलने वाले उपचार तथा दवाओं की उपलब्धता की जानकारी भी ली। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हैं और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं। इस निरीक्षण के दौरान सीएचसी प्रभारी डॉ. पंकज कुमार सहित स्वास्थ्य केंद्र का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।2
- एटा के जलेसर में फैजाबाद रोड स्थित बाटी चोखा रेस्टोरेंट पर खुलेआम कानून की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। यहाँ ₹20 की कैंपा कोल्ड्रिंक ₹30 में बेची जा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि जब इसके खिलाफ आवाज उठाई गई, तो रेस्टोरेंट मालिक ने धमकी भरे लहजे में सीधे तौर पर कहा, 'लेना है तो लो, वरना जाओ! वीडियो बनाकर क्या कर लोगे?' बात सिर्फ ओवररेटिंग की ही नहीं है, बल्कि यहाँ मासूम नाबालिग बच्चों से मजदूरी भी कराई जा रही है। बाल श्रम और यह अवैध कारोबार पुलिस की नाक के नीचे चल रहा है।1
- एटा कलेक्ट्रेट में एडीएम कोर्ट के बाहर एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। पूर्व में मिरहची थाने में दर्ज कराए गए एक मुकदमे पर कोई कार्रवाई न होने से आहत होकर युवक ने यह आत्मघाती कदम उठाया। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों और अन्य लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवक को किसी तरह ऐसा करने से रोक लिया। घटना की सूचना मिलने के बाद इंस्पेक्टर धर्मेंद्र पवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए कोतवाली नगर ले गए। इस पूरे मामले के पीछे का घटनाक्रम पूर्व की एक घटना से जुड़ा है। बीते वर्ष 2025 में युवक की पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके मामले में युवक को जेल जाना पड़ा था। जेल से बाहर आने के बाद युवक ने मिरहची की तत्कालीन थानाध्यक्ष (SO) नीतू वर्मा और सिपाही सतेन्द्र पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। युवक पूर्व में दिए गए अपने शिकायती पत्रों पर पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से बेहद आहत था। पीड़ित युवक अपनी गुहार लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और डीजीपी सहित अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर भी शिकायती पत्र भेज चुका था, लेकिन कहीं भी कोई सुनवाई न होने के बाद उसने कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह का प्रयास किया।1