नेता जी के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान से शिक्षा ले युवा: कमलेश* *दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न भाटपार रानी,मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज स्थित प्राचीन इतिहास विभाग द्वारा तक्षशिला ग्रंथालय सभागार में आयोजित तथा भारतीय इतिहास अनुसन्धान परिषद द्वारा प्रायोजित "नेतृत्व राष्ट्रवाद और स्वतंत्रता की वैकल्पिक विचारधाराएं : सुभाष चंद्र बोस की विरासत" नामक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रोफेसर कमलेश नारायण मिश्र ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन भारत की स्वतंत्रता के लिए किए गए अदम्य साहस, त्याग और बलिदान का एक महान प्रतीक रहा है ।प्रोफेसर राम अवतार वर्मा ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस की मान्यता रहीं हैं कि राष्ट्र की सत्ता का हस्तांतरण नहीं बल्कि पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करनाहै। डॉक्टर अभिमन्यू पांडेय ने कहा कि राष्ट्रवाद केवल एक राजनीतिक आंदोलन नहीं था, बल्कि यह भारत के पुनरुत्थान और हर नागरिक के मानसिक व सामाजिक विकास का एक जरिया था।डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि नेताजी के अनुसार राष्ट्रवाद का मतलब केवल अंग्रेजों को देश से भगाना नहीं था, बल्कि भारत के अंदर से गरीबी, जातिवाद और असमानता को खत्म करना भी रहा है । अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रोफेसर सतीश सिंह गौड़ ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का ध्येय अंग्रेजों से राजनीतिक आजादी पाना नहीं था, बल्कि भारत का सांस्कृतिक पुनरुत्थान, सामाजिक समानता और आधुनिक विज्ञान का मेल था। डॉक्टर संदीप कुमार ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का मानना था कि केवल गांधीजी के अहिंसक आंदोलनों और सत्याग्रह से ब्रिटिश सरकार के क्रूर दबाव को नहीं झुकाया जा सकता, बल्कि देश की आजादी के लिए सशस्त्र क्रांति की भी जरूरत है। शनिवार की प्रातः 9 बजे से ऑनलाइन सत्रों का आयोजन किया गया। कुल तीन ऑनलाइन सत्रों का संचालन किया गया। जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 15 विद्वानों ने अपने वक्तव्य तथा शोधपत्र प्रस्तुत किए। ऑनलाइन सत्रों के साथ ही एक समानांतर ऑफलाइन सत्र भी संचालित हुआ जिसकी अध्यक्षता डॉ. विजय कुमार रंजन की। इस सत्र में डॉ. नीलेश झा, डॉ. रामजी द्विवेदी, डॉ. अभिमन्यु पाण्डेय आदि वक्ताओं ने नेता जी सुभाष चंद्र बोस के आवेदनों के विविध पक्षों पर प्रकाश डाला। सत्र का संचालन डॉ. सुशील कुमार पाण्डेय ने किया। इसके बाद भोजनावकाश के उपरांत आयोजित समापन सत्र आमंत्रित अतिथियों के द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर आरम्भ किया गया। सत्र की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. सतीश चंद्र गौड़ जी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त आचार्य प्रो. कमलेश नारायण मिश्रा जी उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. शशिकेश कुमार गोंड, प्रो. राम अवतार, प्रो. सुधीर शुक्ला की उपस्थिति रही। संयोजक डॉ. सुदीप कुमार रंजन ने संगोष्ठी की सार आख्या प्रस्तुत की। संस्थान के प्रबंधक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राघवेंद्र वीर विक्रम सिंह ने राष्ट्रीय संगोष्ठी की सफलता को लेकर आयोजित मंडल को धन्यवाद प्रेषित की संचालन आयोजन सचिव डॉ. दिनेश कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रवीण कुमार शाही, शिव प्रसाद, राजेशधर द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।
नेता जी के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान से शिक्षा ले युवा: कमलेश* *दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न भाटपार रानी,मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज स्थित प्राचीन इतिहास विभाग द्वारा तक्षशिला ग्रंथालय सभागार में आयोजित तथा भारतीय इतिहास अनुसन्धान परिषद द्वारा प्रायोजित "नेतृत्व राष्ट्रवाद और स्वतंत्रता की वैकल्पिक विचारधाराएं : सुभाष चंद्र बोस की विरासत" नामक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रोफेसर कमलेश नारायण मिश्र ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन भारत की स्वतंत्रता के लिए किए गए अदम्य साहस, त्याग और बलिदान का एक महान प्रतीक रहा है ।प्रोफेसर राम अवतार वर्मा ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस की मान्यता रहीं हैं कि राष्ट्र की सत्ता का हस्तांतरण नहीं बल्कि पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करनाहै। डॉक्टर अभिमन्यू पांडेय ने कहा कि राष्ट्रवाद केवल एक राजनीतिक आंदोलन नहीं था, बल्कि यह भारत के पुनरुत्थान और हर नागरिक के मानसिक व सामाजिक विकास का एक जरिया था।डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि नेताजी के अनुसार राष्ट्रवाद का मतलब केवल अंग्रेजों को देश से भगाना नहीं था, बल्कि भारत के अंदर से गरीबी, जातिवाद और असमानता को खत्म करना भी रहा है । अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रोफेसर सतीश सिंह गौड़ ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का ध्येय अंग्रेजों से राजनीतिक आजादी पाना नहीं था, बल्कि भारत का सांस्कृतिक पुनरुत्थान, सामाजिक समानता और आधुनिक विज्ञान का मेल था। डॉक्टर संदीप कुमार ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का मानना था कि केवल गांधीजी के
अहिंसक आंदोलनों और सत्याग्रह से ब्रिटिश सरकार के क्रूर दबाव को नहीं झुकाया जा सकता, बल्कि देश की आजादी के लिए सशस्त्र क्रांति की भी जरूरत है। शनिवार की प्रातः 9 बजे से ऑनलाइन सत्रों का आयोजन किया गया। कुल तीन ऑनलाइन सत्रों का संचालन किया गया। जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 15 विद्वानों ने अपने वक्तव्य तथा शोधपत्र प्रस्तुत किए। ऑनलाइन सत्रों के साथ ही एक समानांतर ऑफलाइन सत्र भी संचालित हुआ जिसकी अध्यक्षता डॉ. विजय कुमार रंजन की। इस सत्र में डॉ. नीलेश झा, डॉ. रामजी द्विवेदी, डॉ. अभिमन्यु पाण्डेय आदि वक्ताओं ने नेता जी सुभाष चंद्र बोस के आवेदनों के विविध पक्षों पर प्रकाश डाला। सत्र का संचालन डॉ. सुशील कुमार पाण्डेय ने किया। इसके बाद भोजनावकाश के उपरांत आयोजित समापन सत्र आमंत्रित अतिथियों के द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर आरम्भ किया गया। सत्र की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. सतीश चंद्र गौड़ जी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त आचार्य प्रो. कमलेश नारायण मिश्रा जी उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. शशिकेश कुमार गोंड, प्रो. राम अवतार, प्रो. सुधीर शुक्ला की उपस्थिति रही। संयोजक डॉ. सुदीप कुमार रंजन ने संगोष्ठी की सार आख्या प्रस्तुत की। संस्थान के प्रबंधक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राघवेंद्र वीर विक्रम सिंह ने राष्ट्रीय संगोष्ठी की सफलता को लेकर आयोजित मंडल को धन्यवाद प्रेषित की संचालन आयोजन सचिव डॉ. दिनेश कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रवीण कुमार शाही, शिव प्रसाद, राजेशधर द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।
- भाटपार रानी, सड़को को जंगल झाड़ ने किया कब्जा दुर्घटना की आशंका भाटपार रानी,चनुकी से सोहगरा बिहार को जाने वाला मुख्य मार्ग जो प्राचीन मंदिर बाबा हंसनाथ सोहगरा धाम को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग में पीच सड़क के दोनों तरफ पटरियों पर मुज के झाड़ियों लटका हुआ है आने जाने वाले राहगीरों को हो रहा है बहुत परेशानी रोज कोई न कोई आपस में लड़ कर हो रहा एक्सीडेंट होने से हो रहा घायल उसके बाद भी आज कल के नये लड़को को नही समझ आरहा है। कि गाड़ी को थोड़ा स्पीड कम नही हो रहा है झाड़ियों से ढका सड़क पर रोज एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है इस इस सड़क पर किसी अधिकारी कर्मचारी का ध्यान नही है इस सड़क पर रोज चलने वाले सोहगरा, महुजा, कुशुमा,अमरीचक,क्षात्र और क्षात्राओं को एवं टीचरों और आम जनमानस को हो रहा है बहुत परेशानी बहुत लोगों ने सड़क के दोनों तरफ के पटरियों के झाड़ियों फोटो खींच कर फेसबुक पर डाले है आज सुबह 9 बजे दिन में जब दैनिक भास्कर के द्वारा वहा वीडियो और फोटो खींचा जारहा था तब राहगीरों ने रुक कर अनेकों लोनों सराहना करने लगें की बहुत अच्छा है इसका खबर कोई नही बना रहा है यह आम जनमानस के लिए बहुत जरुरी है अनेकों लोगों ब्यान दिया है मनोज सिंह सोहगरा, डॉ.बृजबिहारी पाण्डेय राष्ट्रीय उपाध्याय जनकल्याण मंच,आलोक पाण्डेय,कृष्णामोहन पाण्डेय, जयप्रकाश बिन्द,भीम राज यादव बीडीसी सोहगरा,पूर्व ग्राम प्रधान साहब यादव ग्राम कठघरा,ओमकार साहनी, रामवेलाश गोड़,रामएकबाल गोड़,अमिट गोड़,जब ग्राम प्रधान आनंद शर्मा से बात किया गया तो तत्काल ग्राम पंचायत सचिव रामेश्वर प्रताप सिंह से कह कर तत्काल झाड़ियों सफाई चालु कराने को कहा गया सचिव द्वारा कार्य कराने क्षेत्र के सफाई कर्मियों लगया गया कार्य हो रहा है सफाई कर्मचारी टीम लीडर जयशंकर प्रसाद,शास्त्राजीत कुशवाहा,दुलार,मुन्नीलाल प्रसाद, सूरज प्रसाद,करना, प्रेमप्रकाश आदि अनोको लोग मौजूद रहें।1
- उमाशंकर सिंह के निधन पर शोक जताने पहुंचे खेसारी लाल यादव व रितेश पाण्डेय बलिया। खनवर स्थित आवास पर दिवंगत उमाशंकर सिंह के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव एवं अभिनेता रितेश पाण्डेय पहुंचे। दोनों कलाकारों ने परिजनों से मुलाकात कर दिवंगत उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और इस कठिन समय में परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान खेसारी लाल यादव और रितेश पाण्डेय ने परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत उमाशंकर सिंह की स्मृतियों को नमन किया। परिजनों ने दुख की इस घड़ी में पहुंचकर स्नेह, सम्मान और संवेदना प्रकट करने के लिए दोनों कलाकारों सहित सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।1
- काम का अनुभव कम है? इंटरव्यू में परेशानी हो रही है? 17 सितंबर को बड़हरिया में क्लाइंट इंटरव्यू का मौका। काम का अनुभव कम है? इंटरव्यू में परेशानी हो रही है? 17 सितंबर को बड़हरिया में क्लाइंट इंटरव्यू का मौका।1
- आंदर प्रखंड के अर्कपुर गांव स्थित पोखरा पर शनिवार की सुबह 10 बजे भगवान श्रीकृष्ण के छठियार के उपलक्ष्य में मटका फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. रविंद्र कुमार सिंह ने फीता काटकर उद्घाटन किया।उद्घाटन के बाद उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के छठियार की शुभकामनाएं देते हुए ऐसे आयोजनों को सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का माध्यम बताया। इसके बाद मटका फोड़ कार्यक्रम शुरू हुआ।इस मौके पर गुड्डू सिंह,मदन सिंह,बबलू सिंह,चंदन पांडेय,मुखिया अमरनाथ राम,ब्रजेश कुमार सिंह समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे। आंदर प्रखंड के अर्कपुर गांव स्थित पोखरा पर शनिवार की सुबह 10 बजे भगवान श्रीकृष्ण के छठियार के उपलक्ष्य में मटका फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. रविंद्र कुमार सिंह ने फीता काटकर उद्घाटन किया।उद्घाटन के बाद उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के छठियार की शुभकामनाएं देते हुए ऐसे आयोजनों को सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का माध्यम बताया। इसके बाद मटका फोड़ कार्यक्रम शुरू हुआ।इस मौके पर गुड्डू सिंह,मदन सिंह,बबलू सिंह,चंदन पांडेय,मुखिया अमरनाथ राम,ब्रजेश कुमार सिंह समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।1
- आंदर प्रखंड के अर्कपुर गांव स्थित पोखरा पर शनिवार की सुबह 10 बजे भगवान श्रीकृष्ण के छठियार के उपलक्ष्य में मटका फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. रविंद्र कुमार सिंह ने फीता काटकर उद्घाटन किया।उद्घाटन के बाद उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के छठियार की शुभकामनाएं देते हुए ऐसे आयोजनों को सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का माध्यम बताया। इसके बाद मटका फोड़ कार्यक्रम शुरू हुआ।इस मौके पर गुड्डू सिंह,मदन सिंह,बबलू सिंह,चंदन पांडेय,मुखिया अमरनाथ राम,ब्रजेश कुमार सिंह समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे। आंदर प्रखंड के अर्कपुर गांव स्थित पोखरा पर शनिवार की सुबह 10 बजे भगवान श्रीकृष्ण के छठियार के उपलक्ष्य में मटका फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. रविंद्र कुमार सिंह ने फीता काटकर उद्घाटन किया।उद्घाटन के बाद उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के छठियार की शुभकामनाएं देते हुए ऐसे आयोजनों को सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का माध्यम बताया। इसके बाद मटका फोड़ कार्यक्रम शुरू हुआ।इस मौके पर गुड्डू सिंह,मदन सिंह,बबलू सिंह,चंदन पांडेय,मुखिया अमरनाथ राम,ब्रजेश कुमार सिंह समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।1
- नकली नोट देकर दो लाख जमा कराने का झांसा, 20 हजार की ठगी ग्राहक सेवा केंद्र से पैसा निकालकर लौट रहे व्यक्ति को रास्ते में बनाया निशाना, दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई देवरिया। खुखुन्दू थाना क्षेत्र के पिपरा उर्फ बंदी गांव निवासी एक व्यक्ति से दो अज्ञात लोगों द्वारा धोखाधड़ी कर 20 हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दोनों लोगों ने पीड़ित को उसके खाते में दो लाख रुपये जमा कराने का लालच दिया और इसके बदले नकली कागज के नोट थमा दिए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर को विकास कुमार पुत्र राधेश्याम ने डायल-112 पर सूचना दी कि दो व्यक्तियों ने उसके पिता से पैसे छीन लिए हैं। सूचना मिलते ही खुखुन्दू पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि विकास के पिता राधेश्याम पुत्र महादेव सुबह करीब 10 बजे ग्राहक सेवा केंद्र से रुपये निकालकर घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में दो अज्ञात व्यक्तियों ने राधेश्याम को बातचीत में उलझाकर उनके खाते में दो लाख रुपये जमा कराने का लालच दिया। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें नकली कागज के नोट दे दिए और धोखे से उनसे 20 हजार रुपये ले लिए। घटना की जानकारी होने के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रचलित है। क्षेत्राधिकारी सलेमपुर गौरव सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती, पुलिस ने समझा-बुझाकर नीचे उतारा देवरिया। थाना लार क्षेत्र के ग्राम मटौंधा जगदीश में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवती मोबाइल टावर पर चढ़ गई। युवती के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से युवती को समझा-बुझाकर शांत कराया और काफी प्रयास के बाद उसे सुरक्षित टावर से नीचे उतार लिया। पुलिस के अनुसार, युवती को सकुशल नीचे उतारने के बाद मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- भाटपार रानी, अवैध अतिक्रमण को लेकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने अधिकारियो से किया अनुरोध1