जनपद बरेली के मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव जाम में छज्जा लगाने को लेकर पड़ोसियों के बीच हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। गांव निवासी कुंवर पाल पुत्र ठाकुर दास के अनुसार, पड़ोसी उनके मौजूदा छज्जे के ऊपर एक नया छज्जा बनाना चाहते थे। कुंवर पाल द्वारा इसका विरोध करने पर कहासुनी हुई, जिससे विवाद बढ़ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंगों ने उनके घर में घुसकर उनके भाई इंद्रपाल की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की, जिससे इंद्रपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल इंद्रपाल को लेकर कुंवर पाल शिकायत दर्ज कराने मीरगंज थाने पहुंचे थे। इसी बीच, आरोपियों ने कुंवर पाल के दूसरे भाई लक्ष्मण स्वरूप पर भी हमला कर दिया। गंभीर हालत में लक्ष्मण स्वरूप को मीरगंज सीएचसी ले जाया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उन्हें बरेली रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही लक्ष्मण स्वरूप की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर सीओ अजय कुमार और इंस्पेक्टर रवि कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ अजय कुमार ने पुष्टि की कि छज्जे के विवाद में हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हुई है और दो लोग घायल हुए हैं। तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जनपद बरेली के मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव जाम में छज्जा लगाने को लेकर पड़ोसियों के बीच हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। गांव निवासी कुंवर पाल पुत्र ठाकुर दास के अनुसार, पड़ोसी उनके मौजूदा छज्जे के ऊपर एक नया छज्जा बनाना चाहते थे। कुंवर पाल द्वारा इसका विरोध करने पर कहासुनी हुई, जिससे विवाद बढ़ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंगों ने उनके घर में घुसकर उनके भाई इंद्रपाल की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की, जिससे इंद्रपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल इंद्रपाल को लेकर कुंवर पाल
शिकायत दर्ज कराने मीरगंज थाने पहुंचे थे। इसी बीच, आरोपियों ने कुंवर पाल के दूसरे भाई लक्ष्मण स्वरूप पर भी हमला कर दिया। गंभीर हालत में लक्ष्मण स्वरूप को मीरगंज सीएचसी ले जाया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उन्हें बरेली रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही लक्ष्मण स्वरूप की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर सीओ अजय कुमार और इंस्पेक्टर रवि कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ अजय कुमार ने पुष्टि की कि छज्जे के विवाद में हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हुई है और दो लोग घायल हुए हैं। तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
- बरेली में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर अब जनता का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। पीस कमेटी ऑफ इंडिया के नेता नदीम इकबाल ने शहर की बदहाल बिजली व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताते हुए पावर कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर और जिलाधिकारी बरेली को एक ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के तापमान के बावजूद बरेली में 12 से 20 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आम जनता का जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। इस भीषण गर्मी के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और कई लोग बीमार पड़ रहे हैं। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि बिजली संकट के चलते हार्ट अटैक जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। नदीम इकबाल ने खास तौर पर हरूनगला उपकेंद्र और पवन विहार के नए बिजलीघर में व्याप्त अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने यह भी बताया कि कई जगह बिजली विभाग के अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं, जबकि फाइक इन्क्लेव और आशियाना कॉलोनी के बीच दो बिजली के खंभे एक सप्ताह से गिरे पड़े हैं। पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प का हवाला देते हुए बिजली विभाग पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है और पूरे बरेली शहर की बिजली व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने की मांग की है। नदीम इकबाल ने कहा है कि वह समाज सेवा और जनहित के मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे तथा जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते रहेंगे।1
- पीस कमेटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बरेली शहर में लगातार हो रही बिजली कटौती और बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने भीषण गर्मी और 41 से 42 डिग्री तापमान के बीच बरेली की बिजली व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार की मांग की है। नदीम इकबाल ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी और एसडीओ तक अपने सीयूजी नंबर नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी में 12 से 20 घंटे तक बिजली कटौती होने से लोग परेशान हैं और कई लोग बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिजली संकट के चलते हार्ट अटैक जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि हरूनगला उपकेंद्र स्थित पवन विहार नए बिजली घर पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं है, जहां विभागीय अधिकारियों के अनुसार एक महीने में तीन स्थानांतरण हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, फाइक इन्क्लेव और आशियाना कॉलोनी के बीच पिछले एक सप्ताह से दो बिजली के खंभे गिरे पड़े हैं, जिनकी अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई है। नदीम इकबाल ने कहा कि पूरे शहर में बिजली व्यवस्था को लेकर हाहाकार मचा हुआ है और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनहित योजनाओं का हवाला देते हुए बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से पूरे बरेली शहर की विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की गई है।1
- जनपद बरेली में कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, सोशल मीडिया पॉलिसी के उल्लंघन और अन्य गंभीर आरोपों से संबंधित प्रकरणों में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ त्वरित प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। इस कार्रवाई के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद बरेली श्री अनुराग आर्य ने जानकारी दी है।1
- बरेली पुलिस ने कर्तव्यों में लापरवाही, सोशल मीडिया पॉलिसी के उल्लंघन और गंभीर आरोपों के मामले में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। बरेली पुलिस ने अपने आधिकारिक X हैंडल से ट्वीट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी है, जिसमें SSP अनुराग आर्य की बाइट का भी उल्लेख है। SSP अनुराग आर्य ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस विभाग की छवि खराब करने वाले या ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता और विभागीय गोपनीयता भंग करने के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने पर जोर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, और सभी थाना प्रभारियों को अपने अधीनस्थों से सोशल मीडिया पॉलिसी तथा आचरण नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।1
- पीस कमेटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल ने बरेली में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन क्षेत्र में व्याप्त गर्मी और बिजली से संबंधित समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत किया गया है।1
- बरेली जिले के बहेड़ी क्षेत्र में खेत की मेड़ को लेकर एक विवाद सामने आया है। जामर खजूर गांव में हुई इस घटना में खेत की मेड़ के बंटवारे को लेकर लोगों के बीच मारपीट हुई। घटना की जानकारी मिलने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की। वे मौके पर पहुंचे और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने मारपीट के बाद आरोपी को अपनी हिरासत में लिया है।1
- बरेली के मनौना धाम परिसर से डेढ़ साल का एक मासूम संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है, जिससे पूरे परिवार में हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन भी बच्चे की तलाश में तेजी से जुट गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, अनुराग आर्य ने तुरंत पांच पुलिस टीमें गठित की हैं, और सर्विलांस व एसओजी टीम को भी जांच में लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, बदायूं जिले के उसहैत थाना क्षेत्र के असगुना गांव निवासी रमन, जो मनौना धाम में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं, का डेढ़ वर्षीय बेटा ऋषभ रविवार सुबह अपने भाई-बहनों के साथ खेलते हुए मंदिर परिसर के बाहर चला गया था। कुछ देर बाद जब अन्य बच्चे वापस लौटे, तो ऋषभ का कोई पता नहीं चला। काफी तलाश के बाद, परिजनों ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है, जिसमें दो संदिग्ध व्यक्ति बच्चे के साथ दिखाई दिए हैं। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए आसपास के क्षेत्रों में भी बच्चे की तलाश शुरू कर दी है। जांच के दौरान, पुलिस को परिवार के बयानों में कुछ विरोधाभास भी मिले हैं; बच्चे की मां ने अलग-अलग बातें बताईं, जबकि बड़े बच्चे ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले दो लोग उनके घर आए थे। पुलिस अब इन संदिग्ध लोगों की पहचान करने के साथ-साथ कुछ मोबाइल नंबरों की भी जांच कर रही है। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया है कि बच्चे को सकुशल बरामद करने के लिए कई पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं और जल्द ही इस मामले का खुलासा किए जाने की उम्मीद है।2
- बरेली में महानगर कांग्रेस कमेटी ने महोबा जनपद की एक छात्रा के अपहरण, 16 दिनों तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म और अमानवीय यातनाएं दिए जाने के विरोध में कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट दिनेश दद्दा और प्रवक्ता राज शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि कोचिंग से लौट रही छात्रा का अपहरण कर उसे प्रयागराज में बंधक बनाकर रखा गया, जहाँ उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने विशेष रूप से आरोपियों द्वारा छात्रा को सिगरेट से जलाकर यातनाएं देने और जबरन शादी कराने की कोशिश का उल्लेख किया। ज्ञापन के माध्यम से, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन पर कठोरतम कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा तथा आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगी। इस प्रदर्शन के दौरान मोबिन अंसारी, डॉ. हरीश गंगवार, पूर्व विधायक छोटेलाल गंगवार, डॉ. सरताज हुसैन नूरी, साजिद अब्बासी, एडवोकेट पंकज उपाध्याय, मुकेश बाल्मीकि, सुरेश दिवाकर, फिरोज खान एडवोकेट और जितेंद्र बाबू सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बरेली में बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर चल रहे अवैध स्विमिंग पूल और वाटर पार्कों पर अब प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक टीम गठित कर जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। भीषण गर्मी के बीच शहर और देहात में कई निजी स्विमिंग पूल और वाटर पार्क धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं, जिन पर आरोप है कि इनके पास न तो वैध अनुमति है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम, जिससे हादसों की आशंका लगातार बनी हुई है। डीएम अविनाश सिंह ने संबंधित विभागों की संयुक्त टीम बनाकर इन अवैध रूप से संचालित पूल और वाटर पार्कों की जांच कराने की बात कही है। प्रशासन अब इन सभी के लाइसेंस, सुरक्षा मानक, पानी की गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की गहनता से पड़ताल करेगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जिससे अवैध रूप से कारोबार चला रहे संचालकों में हड़कंप मच गया है।1