सूरत में ATM क्लोनिंग और POS मशीन से साइबर फ्रॉड करने वाला गिरोह गिरफ्तार सूरत शहर में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए Surat Cyber Crime Cell ने ATM क्लोनिंग और फर्जी उद्योग (Udyam) सर्टिफिकेट के जरिए POS मशीन हासिल कर साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त श्री अनुपम सिंह गहलोत और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री, अपराध डॉ. करणराज वाघेला ने साइबर अपराध को रोकने में सक्रियता दिखाई है और पुलिस उपायुक्त, साइबर सेल बिशाखा जैन और सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर अपराध एस.ई. डेनियल्स को साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए खच्चर खाते उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों और मार्गदर्शन के अनुसार, पी.आई.एस. श्री एन.आर. पटेल को इनपुट मिला कि उदयपुर, राजस्थान में रहने वाले एक शिकायतकर्ता के एटीएम कार्ड को क्लोन किया गया था और शिकायतकर्ता का एक फर्जी एटीएम कार्ड बनाया गया था और इस फर्जी एटीएम कार्ड के माध्यम से सूरत में पीओएस मशीन से निकासी की गई थी। एक तकनीकी कार्य करने के बाद, इस अपराध में शामिल आरोपियों की पहचान की गई और कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस आयुक्त अनुपमसिंह गहलोत और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नकली Udyam रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर बैंकों से POS मशीन प्राप्त की थी। इसके लिए Axis Bank जैसी बैंक का इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि गिरोह के सदस्य लोगों के ATM कार्ड की जानकारी चोरी कर उनके क्लोन कार्ड बनाते थे। इन नकली कार्डों का उपयोग POS मशीन में स्वाइप कर रकम संबंधित बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। इसके बाद ATM और CDM मशीनों के जरिए पैसे निकालकर अलग-अलग खातों में भेजकर हेराफेरी की जाती थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों—मंथन कुकड़िया, प्रियांशु मेहता और उदय धड़क—को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महज 6 दिनों में आरोपियों के खातों में ₹2.21 लाख से अधिक राशि ट्रांसफर हुई, जबकि कुल हेराफेरी ₹11 लाख से ज्यादा होने की आशंका है। पुलिस ने इस मामले में Bharatiya Nyaya Sanhita 2023 और Information Technology Act 2008 के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने ATM कार्ड और बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन की तुरंत साइबर क्राइम सेल को सूचना दें। सूरत में ATM क्लोनिंग और POS मशीन से साइबर फ्रॉड करने वाला गिरोह गिरफ्तार सूरत शहर में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए Surat Cyber Crime Cell ने ATM क्लोनिंग और फर्जी उद्योग (Udyam) सर्टिफिकेट के जरिए POS मशीन हासिल कर साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त श्री अनुपम सिंह गहलोत और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री, अपराध डॉ. करणराज वाघेला ने साइबर अपराध को रोकने में सक्रियता दिखाई है और पुलिस उपायुक्त, साइबर सेल बिशाखा जैन और सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर अपराध एस.ई. डेनियल्स को साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए खच्चर खाते उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों और मार्गदर्शन के अनुसार, पी.आई.एस. श्री एन.आर. पटेल को इनपुट मिला कि उदयपुर, राजस्थान में रहने वाले एक शिकायतकर्ता के एटीएम कार्ड को क्लोन किया गया था और शिकायतकर्ता का एक फर्जी एटीएम कार्ड बनाया गया था और इस फर्जी एटीएम कार्ड के माध्यम से सूरत में पीओएस मशीन से निकासी की गई थी। एक तकनीकी कार्य करने के बाद, इस अपराध में शामिल आरोपियों की पहचान की गई और कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस आयुक्त अनुपमसिंह गहलोत और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नकली Udyam रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर बैंकों से POS मशीन प्राप्त की थी। इसके लिए Axis Bank जैसी बैंक का इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि गिरोह के सदस्य लोगों के ATM कार्ड की जानकारी चोरी कर उनके क्लोन कार्ड बनाते थे। इन नकली कार्डों का उपयोग POS मशीन में स्वाइप कर रकम संबंधित बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। इसके बाद ATM और CDM मशीनों के जरिए पैसे निकालकर अलग-अलग खातों में भेजकर हेराफेरी की जाती थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों—मंथन कुकड़िया, प्रियांशु मेहता और उदय धड़क—को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महज 6 दिनों में आरोपियों के खातों में ₹2.21 लाख से अधिक राशि ट्रांसफर हुई, जबकि कुल हेराफेरी ₹11 लाख से ज्यादा होने की आशंका है। पुलिस ने इस मामले में Bharatiya Nyaya Sanhita 2023 और Information Technology Act 2008 के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने ATM कार्ड और बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन की तुरंत साइबर क्राइम सेल को सूचना दें।
सूरत में ATM क्लोनिंग और POS मशीन से साइबर फ्रॉड करने वाला गिरोह गिरफ्तार सूरत शहर में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए Surat Cyber Crime Cell ने ATM क्लोनिंग और फर्जी उद्योग (Udyam) सर्टिफिकेट के जरिए POS मशीन हासिल कर साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त श्री अनुपम सिंह गहलोत और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री, अपराध डॉ. करणराज वाघेला ने साइबर अपराध को रोकने में सक्रियता दिखाई है और पुलिस उपायुक्त, साइबर सेल बिशाखा जैन और सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर अपराध एस.ई. डेनियल्स को साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए खच्चर खाते उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों और मार्गदर्शन के अनुसार, पी.आई.एस. श्री एन.आर. पटेल को इनपुट मिला कि उदयपुर, राजस्थान में रहने वाले एक शिकायतकर्ता के एटीएम कार्ड को क्लोन किया गया था और शिकायतकर्ता का एक फर्जी एटीएम कार्ड बनाया गया था और इस फर्जी एटीएम कार्ड के माध्यम से सूरत में पीओएस मशीन से निकासी की गई थी। एक तकनीकी कार्य करने के बाद, इस अपराध में शामिल आरोपियों की पहचान की गई और कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस आयुक्त अनुपमसिंह गहलोत और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नकली Udyam रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर बैंकों से POS मशीन प्राप्त की थी। इसके लिए Axis Bank जैसी बैंक का इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि गिरोह के सदस्य लोगों के ATM कार्ड की जानकारी चोरी कर उनके क्लोन कार्ड बनाते थे। इन नकली कार्डों का उपयोग POS मशीन में स्वाइप कर रकम संबंधित बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। इसके बाद ATM और CDM मशीनों के जरिए पैसे निकालकर अलग-अलग खातों में भेजकर हेराफेरी की जाती थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों—मंथन कुकड़िया, प्रियांशु मेहता और उदय धड़क—को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महज 6 दिनों में आरोपियों के खातों में ₹2.21 लाख से अधिक राशि ट्रांसफर हुई, जबकि कुल हेराफेरी ₹11 लाख से ज्यादा होने की आशंका है। पुलिस ने इस मामले में Bharatiya Nyaya Sanhita 2023 और Information Technology Act 2008 के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने ATM कार्ड और बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन की तुरंत साइबर क्राइम सेल को सूचना दें। सूरत में ATM क्लोनिंग और POS मशीन से साइबर फ्रॉड करने वाला गिरोह गिरफ्तार सूरत शहर में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए Surat Cyber Crime Cell ने ATM क्लोनिंग और फर्जी उद्योग (Udyam) सर्टिफिकेट के जरिए POS मशीन हासिल कर साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त श्री अनुपम सिंह गहलोत और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री, अपराध डॉ. करणराज वाघेला ने साइबर अपराध को रोकने में सक्रियता दिखाई है और पुलिस उपायुक्त, साइबर सेल बिशाखा जैन और सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर अपराध एस.ई. डेनियल्स को साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए खच्चर खाते उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों और मार्गदर्शन के अनुसार, पी.आई.एस. श्री एन.आर. पटेल को इनपुट मिला कि उदयपुर, राजस्थान में रहने वाले एक शिकायतकर्ता के एटीएम कार्ड को क्लोन किया गया था और शिकायतकर्ता का एक फर्जी एटीएम कार्ड बनाया गया था और इस फर्जी एटीएम कार्ड के माध्यम से सूरत में पीओएस मशीन से निकासी की गई थी। एक तकनीकी कार्य करने के बाद, इस अपराध में शामिल आरोपियों की पहचान की गई और कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस आयुक्त अनुपमसिंह गहलोत और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नकली Udyam रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर बैंकों से POS मशीन प्राप्त की थी। इसके लिए Axis Bank जैसी बैंक का इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि गिरोह के सदस्य लोगों के ATM कार्ड की जानकारी चोरी कर उनके क्लोन कार्ड बनाते थे। इन नकली कार्डों का उपयोग POS मशीन में स्वाइप कर रकम संबंधित बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। इसके बाद ATM और CDM मशीनों के जरिए पैसे निकालकर अलग-अलग खातों में भेजकर हेराफेरी की जाती थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों—मंथन कुकड़िया, प्रियांशु मेहता और उदय धड़क—को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महज 6 दिनों में आरोपियों के खातों में ₹2.21 लाख से अधिक राशि ट्रांसफर हुई, जबकि कुल हेराफेरी ₹11 लाख से ज्यादा होने की आशंका है। पुलिस ने इस मामले में Bharatiya Nyaya Sanhita 2023 और Information Technology Act 2008 के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने ATM कार्ड और बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन की तुरंत साइबर क्राइम सेल को सूचना दें।
- *બ્રેકિંગ* *આખા ગુજરાતમાં જઈ ફાંકા ફોજદારી કરનારા ગૃહમંત્રીની વિધાનસભામાં નિર્દોષ દીકરીની છેડતી થઈ: ગોપાલ ઇટાલીયા* *પોલીસે લાઠીચાર્જ કર્યો કારણ કે આ સમગ્ર ઘટના ગૃહમંત્રી હર્ષ સંઘવીની વિધાનસભામાં ઘટી છે: ગોપાલ ઇટાલીયા* *ઉધનાના ધારાસભ્ય મનુ પટેલે ઘટનાને દબાવી દેવા માટે નિવેદન આપ્યું: ગોપાલ ઇટાલીયા* *દીકરીની છેડતી પર રાજનીતિ કરનારા મનુ પટેલને શરમ આવવી જોઈએ: ગોપાલ ઇટાલીયા* *પ્રજાની નારાજગીને અવળા પાટે ચઢાવવા માટે આખી ઘટનાને AAP સાથે જોડવામાં આવી રહી છે: ગોપાલ ઇટાલીયા* *આધેડે દીકરીની છેડતી કરી, ત્યારબાદ પટેલ સમાજના, SPG સંસ્થાના, વડીલો અને આગેવાનો જનતા સાથે મળીને સ્વયંભૂ પોલીસ સ્ટેશને પહોંચ્યા હતા: ગોપાલ ઇટાલીયા* *ગુસ્સામાં આવેલી જનતા પોતાની રજૂઆત લઈને પોલીસ સ્ટેશને પહોંચી હતી: ગોપાલ ઇટાલીયા* *આરોપીને છાવરીને પોલીસે આખી ઘટનાને દબાવી દેવા માટે હજારોના ટોળા પર લાઠીચાર્જ કર્યો: ગોપાલ ઇટાલીયા* *દીકરીઓની સલામતીનોનો ભાંડો ન ફૂટે એટલે રજૂઆત કરવા ગયેલા લોકો પર બેફામ લાઠીચાર્જ કર્યો: ગોપાલ ઇટાલીયા* *અચાનક ઘટના બની, જેથી સ્વયંભૂ લોકો પહોંચ્યા હતા, કોઈ પાર્ટીના લોકો ન હતા: ગોપાલ ઇટાલીયા* *પોલીસ સ્ટેશનના સીસીટીવી ફૂટેજ જુઓ કે ક્યાં કોઈ AAPનો કાર્યકર્તા “ભાજપ હાય હાય”ના નાના પોકારે છે: ગોપાલ ઇટાલીયા* *પોલીસે અલથાણ પોલીસ સ્ટેશનમાં ભાજપના નેતા સાથે ગુપ્ત બેઠક કરી, એનાથી જનતા નારાજ થઈ: ગોપાલ ઇટાલીયા*1
- सूरत का 'मौत का मेडिकल' – गर्भपात की दवाओं के कालाबाजारी का जीवंत पर्दाफाश1
- _सूरत ग्रामीण LCB की कार्रवाई: करजण गांव की सीमा में रेड कर ₹7 लाख. 60 हजार का माल जब्त, लिस्टेड बूटलेगर वांटेड_ कामरेज: सूरत ग्रामीण एल.सी.बी. और पैरोल फरलो स्क्वाड की टीम ने कामरेज तालुका के करजण गांव की सीमा में शराब की तस्करी से पहले ही छापा मारकर विदेशी शराब का बड़ा जखीरा और कार समेत कुल रुपए 7, लाख 60 हजार,196/- का माल जब्त किया है। इस केस में खोलेश्वर के लिस्टेड बूटलेगर हितेश उर्फ लालू वसावा समेत आरोपियों को वांटेड घोषित किया गया है। *पुलिस को देख बूटलेगर खेत में भाग गए* सूचना के आधार पर पुलिस ने जब छापा मारा तब बलेनो कार (नं. GJ-05-RS-4182) का चालक कार लेकर भाग निकला। खेत में तलाशी लेने पर एक स्विफ्ट कार (नं. GJ-16-BN-6132) मिली, जिसमें दो लोग शराब के बॉक्स भर रहे थे। पुलिस को देखते ही ये दोनों लोग पास के केले के खेत में अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए।1
- પોલીસે જનતા વિશ્વાસ અપાવ્યો ગઈ કાલની ઘટના લઈ સ્થાનિકો આક્રોશ વધતા યુદ્ધન ધોરણે તપાસ કરી છેડતી બાળકી આરોપીની અટકાયત કરી ઘટના સ્થળે લઈ જઈ રિકસ્ટ્રસન કર્યું પ્રજાએ પોલીસ નું આભાર વ્યક્ત કર્યું1
- सूरत शहर के अलथान पुलिस स्टेशन में एक लड़की के साथ छेड़छाड़ को लेकर लोगों में भारी गुस्सा था और पुलिस स्टेशन को घेर लिया गया था। जब हालात बेकाबू हो गए, तो पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। लोगों ने अलथान पुलिस से बड़ी कार्रवाई करने की मांग की सूरत से नरेंद्र पटेल की रिपोर्ट1
- Post by Prasar sandesh news1
- Post by Ritesh Press1
- कामरेज तालुका के करजंगम क्षेत्र में छापेमारी कर और माल की भारी मात्रा को माल ढुलाई से पहले ही जब्त कर लिया गया1