मलौर पंचायत में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से मुखिया चिंता देवी ने एक नए उप स्वास्थ्य केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया है। मंगलवार की दोपहर करीब 2:00 बजे, उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ संयुक्त रूप से फीता काटकर इस केंद्र का शुभारंभ किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुखिया चिंता देवी ने बताया कि अब उप स्वास्थ्य केंद्र का संचालन नए पंचायत सरकार भवन से किया जाएगा। उन्होंने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, जिससे पंचायत के लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने इसे पंचायत के विकास और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी बताया। वहीं, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने केंद्र के सुचारू संचालन का भरोसा दिलाते हुए आश्वस्त किया कि यहां आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस उद्घाटन समारोह में कई जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य कर्मी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। केंद्र के शुभारंभ के साथ ही लोगों में खुशी का माहौल देखा गया, और ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था और बेहतर होगी।
मलौर पंचायत में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से मुखिया चिंता देवी ने एक नए उप स्वास्थ्य केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया है। मंगलवार की दोपहर करीब 2:00 बजे, उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ संयुक्त रूप से फीता काटकर इस केंद्र का शुभारंभ किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुखिया चिंता देवी ने बताया कि अब उप स्वास्थ्य केंद्र का संचालन नए पंचायत सरकार भवन से किया जाएगा। उन्होंने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, जिससे पंचायत के लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने इसे पंचायत के विकास और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी बताया। वहीं, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने केंद्र के सुचारू संचालन का भरोसा दिलाते हुए आश्वस्त किया कि यहां आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस उद्घाटन समारोह में कई जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य कर्मी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। केंद्र के शुभारंभ के साथ ही लोगों में खुशी का माहौल देखा गया, और ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था और बेहतर होगी।
- छवरही जंगल महाल पंचायत के लामारी टोला में चंदेश्वर यादव के पुत्र की असामयिक मृत्यु की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। इस दुखद घटना की जानकारी मिलने पर मंगलवार शाम करीब 4:00 बजे, जिन्हें गरीबों के मसीहा के रूप में जाना जाता है, उन मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा के करीबी जदयू नेता दीपक यादव मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दीपक यादव ने शोकसंतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल घड़ी में वे पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिवार को सुख-दुख में कभी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और हर संभव मदद प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर मौजूद ग्रामीणों ने भी इस दुखद घटना पर अपना शोक प्रकट किया और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम का माहौल पसरा हुआ है।1
- आरा के एक लड़के को 'sadisadi करते' हुए गिरफ्तार किया गया है।1
- बकीपुर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राजनीतिक सबक सिखाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया गया है। यह आरोप लगाया गया है कि BJP ने जनता को 10,000 देकर उन्हें रोने पर मजबूर किया है, जिसके चलते अब जनता उन्हें बकीपुर चुनाव में हराकर जवाब देगी।1
- राजा भोजपुरिया के चेला ने एक अनोखी प्रस्तुति दी है, जहाँ उन्होंने अपनी सुनहरी आवाज़ में एक ऐसा गीत गाया जिसे पहले कोई नहीं गा पाया था। यह अद्भुत गायन एक पार्क में किया गया, जहाँ चेला ने अपनी प्रतिभा से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।1
- भोजपुर आरा के विष्णु नगर स्थित मां मनोकामना पूर्ण मंदिर की तृतीय स्थापना वर्षगांठ पर श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ एक भव्य जलभरी यात्रा के साथ हुआ। इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जहाँ भीषण गर्मी के बावजूद भी उनका उत्साह देखने लायक रहा।1
- गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर रोहतास जिले के डेहरी-ऑन-सोन स्थित हनुमान घाट पर भक्तों का भारी जमावड़ा देखने को मिला। इस पावन मौके पर सोन नदी की भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु झूमते हुए पूरी तरह भक्ति में लीन हो गए। इस आयोजन के चलते पूरा शहर भक्तिमय हो उठा।1
- आज 26 मई 2026 को भोजपुर के उदवंतनगर प्रखंड स्थित कारीसाथ के वाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र का जिला पदाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने स्थल निरीक्षण किया। यह निरीक्षण डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार, पटना द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत समेकित एक्वा पार्क के निर्माण की तैयारियों को लेकर किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय से प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। पूर्व में जिला प्रशासन के सहयोग से इस प्रक्षेत्र का सीमांकन कार्य पूरा कर लिया गया था। यह समेकित एक्वा पार्क कुल 32 एकड़ क्षेत्रफल में 3120.92 लाख रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा, जिसमें 17 विभिन्न अवयव शामिल होंगे। परियोजना के प्रमुख अवयवों में कार्प हैचरी, आर०ए०एस० फिश फीड मिल, जल गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला, मछलियों की स्वास्थ्य जांच प्रयोगशाला और प्रशासनिक भवन जैसी महत्वपूर्ण संरचनाएं शामिल हैं। यह परियोजना एक राष्ट्रीय स्तर का संस्थान होगा, जिसके विकसित होने से राज्य में जलकृषि पर्यटन को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा और यह केंद्र आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। निरीक्षण के दौरान, जिला मत्स्य पदाधिकारी, भोजपुर ने जिला पदाधिकारी को प्रस्तावित एक्वा पार्क के निर्माण से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियों की जानकारी दी, जिसके उपरांत जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। इस स्थल निरीक्षण के क्रम में कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल आरा, भूमि सुधार उप समाहर्ता आरा सदर, जिला मत्स्य पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी, उदवंतनगर सहित कई अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।1
- चरपोखरी थाना क्षेत्र के मदई गांव में जमीन के मामूली विवाद को लेकर हुए डबल मर्डर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और हर तरफ यह सवाल गूंज रहा है कि जब प्रशासन को पहले से ही मामले की सूचना दी गई थी, तो आखिर दो-दो जानें कैसे चली गईं और इसका जिम्मेदार कौन है। ग्रामीणों के अनुसार, महज डेढ़ फीट जमीन के विवाद ने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। मंगलवार दोपहर करीब 3:00 बजे, स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते मामले का समाधान कर लिया गया होता, तो शायद इस भयावह घटना को टाला जा सकता था। उनका आरोप है कि अधिकारियों को इस विवाद की जानकारी पहले ही दे दी गई थी, लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने सरकार के जनता दरबार कार्यक्रम पर भी नाराजगी जताई, उनका कहना है कि यह कार्यक्रम अब केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जिसके कारण छोटे-छोटे विवाद समय पर निपटारे न होने से बड़े अपराधों में बदल जाते हैं। घटना के बाद से पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और गांव में कैंप कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को दोबारा होने से रोका जा सके। फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह दोहरी हत्या प्रशासनिक लापरवाही का ही नतीजा है। इस घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।1