मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 जून को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में राज्य स्तरीय आईजी कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था में उनका विश्वास बनाए रखना पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने पीड़ित व्यक्तियों के साथ विनम्र व्यवहार और उनके हितों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। आईजी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 को करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व बताया और कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस संवेदनशीलता, सक्रियता, सतर्कता और सेवा भाव से इस आयोजन में आदर्श व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत कर सकेगी। उन्होंने साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, मानव तस्करी पर नियंत्रण पाने, महिला और बच्चों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृह विभाग की पूरी समीक्षा पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि पिछले ढाई साल की सरकार में पुलिस ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर गर्व किया जा सकता है। उन्होंने मंडला, बालाघाट और डिंडोरी सहित कई जगहों पर वर्षों से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन में पूरी तरह समाप्त करने को एक उत्कृष्ट कार्य बताया, जिससे मध्य प्रदेश भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया जिसने नक्सलवादी दंश को खत्म किया। उन्होंने भोजशाला मामले में भी कोर्ट के आदेश का अनुपालन करवाकर पुलिस की उपलब्धि को सराहा। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि साइबर अपराध सहित पुलिस के सामने कई नई चुनौतियां हैं, लेकिन सरकार इन सभी से निपटने के लिए संसाधन जुटा रही है और हर साल 22,000 जवानों की भर्ती का अभियान चला रही है, जिसमें सब-इंस्पेक्टरों की भी भर्ती की गई है, ताकि कोई पद खाली न रहे। डॉ. यादव ने गृह विभाग के कामों पर संतोष जताते हुए कहा कि पुलिस ने तत्परतापूर्वक आतंकवादियों के सहयोगी को दबोचकर उनके पूरे नेटवर्क का खात्मा किया और षडयंत्र का पर्दाफाश किया, जिसमें घटना स्थल से जिहादी मानसिकता का बड़ा साहित्य भी बरामद हुआ। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि मध्य प्रदेश की पुलिस बिल में छुपे ऐसे सपोलों को पकड़ने में समर्थ है, और सुशासन के इस दौर में पुलिस अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 जून को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में राज्य स्तरीय आईजी कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था में उनका विश्वास बनाए रखना पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने पीड़ित व्यक्तियों के साथ विनम्र व्यवहार और उनके हितों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। आईजी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 को करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व बताया और कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस संवेदनशीलता, सक्रियता, सतर्कता
और सेवा भाव से इस आयोजन में आदर्श व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत कर सकेगी। उन्होंने साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, मानव तस्करी पर नियंत्रण पाने, महिला और बच्चों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृह विभाग की पूरी समीक्षा पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि पिछले ढाई साल की सरकार में पुलिस ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां
हासिल की हैं, जिन पर गर्व किया जा सकता है। उन्होंने मंडला, बालाघाट और डिंडोरी सहित कई जगहों पर वर्षों से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन में पूरी तरह समाप्त करने को एक उत्कृष्ट कार्य बताया, जिससे मध्य प्रदेश भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया जिसने नक्सलवादी दंश को खत्म किया। उन्होंने भोजशाला मामले में भी कोर्ट के आदेश का अनुपालन करवाकर पुलिस की उपलब्धि को सराहा। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि साइबर अपराध सहित पुलिस के सामने कई नई चुनौतियां हैं, लेकिन सरकार इन सभी से निपटने के लिए संसाधन
जुटा रही है और हर साल 22,000 जवानों की भर्ती का अभियान चला रही है, जिसमें सब-इंस्पेक्टरों की भी भर्ती की गई है, ताकि कोई पद खाली न रहे। डॉ. यादव ने गृह विभाग के कामों पर संतोष जताते हुए कहा कि पुलिस ने तत्परतापूर्वक आतंकवादियों के सहयोगी को दबोचकर उनके पूरे नेटवर्क का खात्मा किया और षडयंत्र का पर्दाफाश किया, जिसमें घटना स्थल से जिहादी मानसिकता का बड़ा साहित्य भी बरामद हुआ। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि मध्य प्रदेश की पुलिस बिल में छुपे ऐसे सपोलों को पकड़ने में समर्थ है, और सुशासन के इस दौर में पुलिस अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है।
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- अपनी विभिन्न मांगों को लेकर निवाड़ी में युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।1
- ममता के अदालत पहुँचने से भारतीय जनता पार्टी (BJP) खेमे में हड़कंप मच गया है। इस घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या चुनाव परिणाम रद्द किए जा सकते हैं और क्या शुभेंदु की जीत पर भी रोक लगेगी।1
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- टहरौली थाना क्षेत्र के मवई से आए पीड़ित युवक दिनेश कुमार ने बताया है कि उनकी बाईक और मोबाइल छीन लिया गया है, और उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। दिनेश के अनुसार, जब वह अपनी बाईक से रिश्तेदारी में जा रहे थे, तभी गाँव का ही एक व्यक्ति अपनी माँ के साथ आया और उन्हें गंभीर मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसों की मांग करने लगा। विरोध करने पर, आरोपी उनकी गाड़ी और मोबाइल छीनकर ले गए। पीड़ित द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद, पुलिस ने बाईक और मोबाइल तो बरामद करा दिए, लेकिन शिकायत पर कोई मुकदमा पंजीकृत नहीं किया। दिनेश का आरोप है कि अब वह अपने घर पर भी नहीं रह पा रहा है, क्योंकि रात में आरोपी लाठी-डंडे लेकर उनके घर के आसपास घूमते नजर आते हैं और जान से मारने की नियत से हमला करने की कोशिश करते रहते हैं। इस कारण उनका पूरा परिवार भयभीत बना हुआ है। युवक ने न्याय न मिलने पर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं और न्याय की मांग की है।2
- उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ बबीता सिंह चौहान ने झांसी के जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोद भराई, अन्नप्राशन और कन्या जन्मोत्सव जैसे कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। अध्यक्ष ने इन आयोजनों में कन्याओं से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।4
- राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए एक आंदोलन को रोकने के लिए एक साज़िश की आशंका जताई जा रही है। इस कथित साज़िश के तहत, यह बात सामने आई है कि छात्रों को धमकी दी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम में, बिरला ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।1
- खनियाधाना के गूड़र गांव में एक सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई।1