गाजियाबाद के लोनी में ईद के अवसर पर पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया, जिसमें नगरवासियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। हर साल की तरह इस बार भी बच्चों और बड़ों की अच्छी-खासी भीड़ मेले में जुटी, जहाँ दुकानें, झूले और विभिन्न खान-पान के स्टॉल लगे थे, जिससे त्योहार का आनंद दोगुना हो गया। मेले के ठेकेदार सलीम भाई ने बताया कि वह पिछले लगभग चार साल से लोनी में मेले आयोजित कर रहे हैं। इस वर्ष मेले के लिए हाजी बाबू की हड्डी की फैक्ट्री के सामने का स्थान चुना गया था, जिसे अधिक सुविधाजनक और सुलभ बताया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मेले का लुत्फ उठा सकें। सलीम ने पुलिस प्रशासन की भी तहे दिल से सराहना की, जिन्होंने मेले की व्यवस्था और सुरक्षा को बखूबी संभाला। उनके अनुसार, पुलिस द्वारा किए गए ट्रैफिक नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के अच्छे इंतज़ामों के कारण मेले का माहौल शांतिपूर्ण और आनंददायक बना रहा। स्थानीय निवासियों ने मेले के पारंपरिक झूलों, स्टॉलों और खान-पान की विविधता को सराहा, जिसने बच्चों और परिवारों को खूब आकर्षित किया। कई परिवारों ने मेले में तस्वीरें खिंचवाईं और स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद लिया। कुछ दुकानदारों ने यह भी बताया कि प्रतिस्पर्धी गतिविधियों और विशेष छूटों के कारण इस बार बिक्री भी अच्छी रही। पुलिस ने जानकारी दी कि सार्वजनिक सुरक्षा और कोविड-19 संबंधित स्वास्थ्य निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया गया, साथ ही आपातकालीन स्थितियों के लिए मेडिकल और फायर टेंडर भी तैनात रखे गए थे। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने मिलकर आश्वासन दिया कि भविष्य के त्योहारों पर भी सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे ही समन्वित प्रयास जारी रहेंगे, ताकि नागरिक सुरक्षित और खुशी से उत्सव मना सकें। यह खास रिपोर्ट गाजियाबाद से राजू सैफी द्वारा दी गई है।
गाजियाबाद के लोनी में ईद के अवसर पर पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया, जिसमें नगरवासियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। हर साल की तरह इस बार भी बच्चों और बड़ों की अच्छी-खासी भीड़ मेले में जुटी, जहाँ दुकानें, झूले और विभिन्न खान-पान के स्टॉल लगे थे, जिससे त्योहार का आनंद दोगुना हो गया। मेले के ठेकेदार सलीम भाई ने बताया कि वह पिछले लगभग चार साल से लोनी में मेले आयोजित कर रहे हैं। इस वर्ष मेले के लिए हाजी बाबू की हड्डी की फैक्ट्री के सामने का स्थान चुना गया था, जिसे अधिक सुविधाजनक और सुलभ बताया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मेले का लुत्फ उठा सकें। सलीम ने पुलिस प्रशासन की भी तहे दिल से सराहना की, जिन्होंने मेले की व्यवस्था और सुरक्षा को बखूबी संभाला। उनके अनुसार, पुलिस द्वारा किए गए ट्रैफिक नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के अच्छे इंतज़ामों के कारण मेले का माहौल शांतिपूर्ण और आनंददायक बना रहा। स्थानीय निवासियों ने मेले के पारंपरिक झूलों, स्टॉलों और खान-पान की विविधता को सराहा, जिसने बच्चों और परिवारों को खूब आकर्षित किया। कई परिवारों ने मेले में तस्वीरें खिंचवाईं और स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद लिया। कुछ दुकानदारों ने यह भी बताया कि प्रतिस्पर्धी गतिविधियों और विशेष छूटों के कारण इस बार बिक्री भी अच्छी रही। पुलिस ने जानकारी दी कि सार्वजनिक सुरक्षा और कोविड-19 संबंधित स्वास्थ्य निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया गया, साथ ही आपातकालीन स्थितियों के लिए मेडिकल और फायर टेंडर भी तैनात रखे गए थे। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने मिलकर आश्वासन दिया कि भविष्य के त्योहारों पर भी सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे ही समन्वित प्रयास जारी रहेंगे, ताकि नागरिक सुरक्षित और खुशी से उत्सव मना सकें। यह खास रिपोर्ट गाजियाबाद से राजू सैफी द्वारा दी गई है।
- दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज सेक्टर B-1 में प्रस्तावित एक बहुमंजिला आवासीय परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों और RWA ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। निवासियों का आरोप है कि इस निर्माण से क्षेत्र में रोशनी, हवा, वेंटिलेशन, जलापूर्ति, पार्किंग और ट्रैफिक संबंधी समस्याएँ गंभीर रूप से बढ़ सकती हैं। इसके अतिरिक्त, स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी गहरी चिंताएँ व्यक्त कर रहे हैं। RWA ने बैनरों और सार्वजनिक सूचनाओं के माध्यम से अपनी आपत्तियाँ प्रशासन और संबंधित एजेंसियों तक पहुँचाई हैं। इस मामले से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर न्यायालय में भी मामला विचाराधीन होने का दावा किया जा रहा है।1
- दिल्ली के साउथ जिले के मालवीय नगर इलाके में स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से कम से कम 21 लोगों की दुखद मौत हो गई है। इस घटना की सूचना सुबह 8:48 बजे मिली, जिसके बाद मौके पर दमकल की 10 गाड़ियाँ आग बुझाने के लिए पहुँचीं और लगभग 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, आग लगने का कारण अभी तक अज्ञात है, और मरने वालों में अधिकतम विदेशी नागरिक शामिल हैं।1
- गाजियाबाद में 30/05/2026 को पुलिस को ग्राम खडखड़ी के अंडरपास के पास से ग्राम गनौली निवासी ओमकार नामक व्यक्ति के अपहरण की सूचना मिली, जिसमें फायरिंग का भी प्रयोग किया गया था। पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शुरुआती छानबीन में पाया कि आरोपी भी उसी गाँव के रहने वाले हैं। पुलिस ने परिवार से तहरीर प्राप्त होने के बाद तत्काल अभियोग पंजीकृत किया और इस मामले की जाँच के लिए कुल 10 टीमें गठित कीं, जिनमें ग्रामीण स्वाट और मुख्यालय की स्वाट टीम शामिल हैं। अपहरणकर्ता और अपहृत की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है। इसके अतिरिक्त, आसपास के नदी-नालों और नहरों में भी सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण जोन) श्री सुरेन्द्रनाथ तिवारी ने बताया कि तलाशी अभियान में एसडीआरएफ (SDRF) की टीम की सहायता भी ली गई है, और टीमें लगातार सक्रिय हैं। इस मामले में अब तक षड्यंत्र में शामिल और आरोपियों को शरण देने वाले पाँच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अपहृत की शीघ्र बरामदगी और शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमें निरंतर प्रयासरत हैं, साथ ही अन्य छानबीन और वैधानिक कार्यवाही भी जारी है।1
- दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में 26 साल के ललित की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है। यह घटना उस्मानपुर की भगत सिंह कॉलोनी में हुई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। हत्या करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया है। उस्मानपुर पुलिस ने इस संबंध में हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश में जुट गई है।1
- अनूपशहर में अलीगढ़ रोड पर मंगलवार देर शाम करीब 6 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ एक लकड़ी की टाल की लगभग 15 फीट ऊँची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में मलबे के नीचे दबकर वहीं काम कर रहे 40 वर्षीय मजदूर विक्रम (पुत्र श्यामलाल) की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक आशंका के अनुसार, यह हादसा पड़ोस के खेत में चल रही गहरी नींव की खुदाई की वजह से हुआ, जिसकी सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले और पुलिस में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों और टाल मालिक सेवकचंद गुप्ता के बेटे राजीव गुप्ता ने बताया कि उनकी दीवार के ठीक बगल में फार्म हाउस मालिक जगपाल सिंह के भूखंड पर बिना किसी पूर्व सूचना के गहरी नींव की खुदाई की जा रही थी। इसी लापरवाही के कारण टाल का लेंटर और टीनशेड लगी 15 फीट ऊँची दीवार अचानक ढह गई। संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के करकोडा गाँव निवासी मृतक विक्रम उस समय वहीं काम कर रहा था। भारी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर विक्रम को बाहर निकाला और सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक विक्रम अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा और अविवाहित था। हादसे की मनहूस खबर जैसे ही विक्रम के पैतृक गाँव पहुँची, परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुँचे मृतक के पिता श्यामलाल का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने रुंधे गले से बताया कि उन्होंने विक्रम को अनूपशहर मजदूरी पर जाने से मना किया था और खेतों में पानी लगाने को कहा था, लेकिन वह नहीं माना और काम पर चला गया। पिता ने कहा कि अगर वह उनकी बात मान लेता, तो आज उसकी जान बच जाती। मजदूर की मौत की गंभीरता को देखते हुए, एसडीएम प्रियंका गोयल, सीओ विकास प्रताप चौहान और कोतवाली प्रभारी जितंद्र कुमार दुबे तत्काल भारी पुलिस बल व राजस्व टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। अधिकारियों ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया। एसडीएम प्रियंका गोयल ने बताया कि मामले की जाँच शुरू कर दी गई है और फार्म हाउस मालिक जगपाल सिंह को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी मुआवजा भी दिलाया जाएगा।1