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बिलासपुर में लापता छात्र केस में बड़ा खुलासा: पिता-चाचा पर FIR, ऑनलाइन गेमिंग बना वजह बिलासपुर के कोटा स्थित सीवी रमन यूनिवर्सिटी से लापता छात्र मामले में नया मोड़ सामने आया है। 52 दिन बाद नागपुर से छात्र के मिलने के बाद पुलिस ने उसके पिता और चाचा के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने यूनिवर्सिटी से 19 हजार रुपए वसूले और सेंट्रल यूनिवर्सिटी की छात्राओं को धमकाया। जांच में सामने आया कि छात्र ऑनलाइन गेमिंग की लत और कर्ज के कारण हॉस्टल छोड़कर भाग गया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
द संक्षेप
बिलासपुर में लापता छात्र केस में बड़ा खुलासा: पिता-चाचा पर FIR, ऑनलाइन गेमिंग बना वजह बिलासपुर के कोटा स्थित सीवी रमन यूनिवर्सिटी से लापता छात्र मामले में नया मोड़ सामने आया है। 52 दिन बाद नागपुर से छात्र के मिलने के बाद पुलिस ने उसके पिता और चाचा के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने यूनिवर्सिटी से 19 हजार रुपए वसूले और सेंट्रल यूनिवर्सिटी की छात्राओं को धमकाया। जांच में सामने आया कि छात्र ऑनलाइन गेमिंग की लत और कर्ज के कारण हॉस्टल छोड़कर भाग गया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
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- बिलासपुर रेंज में पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन में हत्या के मामलों की जांच को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में वैज्ञानिक साक्ष्य, डिजिटल फॉरेंसिक, डीएनए जांच और ‘ई-साक्ष्य’ जैसे आधुनिक तरीकों पर जोर दिया गया। नई 124 बिंदुओं की चेकलिस्ट के जरिए विवेचना को त्रुटिहीन बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अदालत में दोषसिद्धि की दर बढ़ाई जा सके। #BreakingNews #SmartInvestigation #PoliceTraining #MurderCase #CrimeNews #ForensicScience #DigitalEvidence #ChhattisgarhPolice #Bilaspur #LawAndOrder1
- बिना नोटिस घर तोडना ,1
- अमानक पनीर पर बड़ी कार्रवाई: 100 किलो पनीर नष्ट, फैक्ट्री सीलबंद बलौदाबाजार, 27 अप्रैल 2026। जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर चल रहे सघन अभियान के पहले ही दिन बड़ी कार्रवाई सामने आई है। संयुक्त जांच टीम ने अमानक और अस्वस्थकर तरीके से तैयार किए जा रहे एनॉलॉग पनीर पर सख्त कदम उठाते हुए करीब 100 किलोग्राम पनीर का विनष्टिकरण कराया और संबंधित फर्म को अगले आदेश तक सीलबंद कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसडीएम सिमगा के नेतृत्व में ग्राम औरेठी (तहसील सिमगा) स्थित अमृतमय फूड्स प्रा. लि. का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि यहां अस्वच्छ परिस्थितियों में एनॉलॉग पनीर का निर्माण किया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। मौके पर ही टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए संदिग्ध पनीर के नमूने संकलित कर खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे, ताकि गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच की जा सके। साथ ही, परिसर में मौजूद लगभग 100 किलो अमानक पनीर को तत्काल नष्ट करवाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त दल ने फर्म को सील कर दिया, और अब आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी। गौरतलब है कि जिले में 27 अप्रैल से 11 मई तक 15 दिवसीय सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य एवं औषधि उपलब्ध कराना है। यह अभियान “सही दवा, शुद्ध आहार—यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर आधारित है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर इस अभियान के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो जिलेभर में लगातार कार्रवाई कर रही है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- 74 साल का बुजुर्ग अनशन पर मजबूर! 4 साल से नहीं मिला न्याय | Simga Hathbandh Case | CG News संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल/9131419735 सिमगा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत हथबंद में 74 वर्षीय बुजुर्ग रामजी पाठक न्याय के लिए 4 वर्षों से भटक रहे हैं। अवैध कब्जा हटाने और रास्ता दिलाने की मांग को लेकर उन्होंने पटवारी, आरआई, तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर से लेकर मंत्री तक शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब मजबूर होकर बुजुर्ग ने कलेक्टर कार्यालय बलौदाबाजार के सामने अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। तहसीलदार अनुराग भट्ट के अनुसार, मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। 👉 क्या प्रशासन समय रहते न्याय देगा? 👉 या एक बुजुर्ग को अनशन पर बैठना पड़ेगा? 📢 जय जोहार सीजी न्यूज़ — खबर सच की जड़ तक 👍 Like | 🔁 Share | 💬 Comment | 🔔 Subscribe1
- Post by Om shreevas1
- Post by गोविंद राम 92947315371
- ग्राम धौराभाठा मे 40 हजार के बिजली बिल ने छीन ली थी चैन की नींद, समाधान योजना ने फिर जगाई उम्मीद की रोशनी मंगलवार की साम 6.10 बजे पी आर ओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी अनुसार एक साधारण सा घर, सीमित आमदनी और अचानक सामने आ गया 40 हजार रुपये का बिजली बिल—ग्राम धौराभांटा निवासी सनत धुव्र के लिए यह सिर्फ एक बिल नहीं, बल्कि रोज बढ़ती चिंता और बेबसी की कहानी बन गया था। हर दिन यही सोच—“इतना पैसा आएगा कहां से?”—परिवार के सुकून पर भारी पड़ रही थी। घर के छोटे-बड़े खर्चों के बीच इतना बड़ा बकाया चुकाना लगभग नामुमकिन लग रहा था। हालात ऐसे थे कि उम्मीद भी धीरे-धीरे कम होती जा रही थी। इसी बीच मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना उनके जीवन में एक नई उम्मीद लेकर आई।धौराभांटा में आयोजित शिविर में जब सनत धुव्र अपनी समस्या लेकर पहुंचे, तो यह उनके लिए एक आखिरी कोशिश जैसा था। शिविर में उनके प्रकरण की जांच की गई और योजना के तहत 27 हजार रुपये की छूट स्वीकृत की गई। कुछ ही पलों में 40 हजार का बोझ काफी हद तक हल्का हो गया—और उसी के साथ उनके मन का भार भी। अब बची हुई राशि को भी आसान बना दिया गया है। कार्यपालन अभियंता अनुपम सरकार ने बताया कि शेष रकम केवल 350 रुपये प्रतिमाह की 40 किश्तों में जमा करनी होगी। उन्होंने कहा कि “इस योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना है, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के अपने बकाया का भुगतान कर सकें। अधिक से अधिक लोग इसका लाभ लें, यही हमारी कोशिश है।” इसके अंतर्गत मूल राशि और अधिभार दोनों में छूट दी जा रही है। निष्क्रिय बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को मूल राशि में 75 प्रतिशत तथा अधिभार में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है, जबकि निष्क्रिय घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत और अधिभार में पूर्ण छूट दी जा रही है। राहत मिलने के बाद सनत धुव्र की आंखों में साफ सुकून झलक रहा था। उन्होंने भावुक होकर कहा कि “अब सब ठीक हो गया।” उन्होंने इस राहत के लिए विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल ने उनके जैसे कई परिवारों को बड़ी चिंता से मुक्त किया है। धौराभांटा में आयोजित इस शिविर में ऐसे कई और परिवार भी पहुंचे, जिनकी परेशानियां लंबे समय से अनसुनी रह गई थीं। मौके पर ही समस्याओं का समाधान मिलने से लोगों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत बकाया बिजली बिल में छूट, सरचार्ज में राहत और किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिल रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आगे आकर ऐसे शिविरों का लाभ उठाएं, क्योंकि समय पर मिला समाधान न केवल बिल का बोझ कम करता है, बल्कि जिंदगी में उम्मीद और सुकून भी लौटाता है।1
- बिलासपुर रेंज में पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन में हत्या के मामलों की जांच को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में वैज्ञानिक साक्ष्य, डिजिटल फॉरेंसिक, डीएनए जांच और ‘ई-साक्ष्य’ जैसे आधुनिक तरीकों पर जोर दिया गया। नई 124 बिंदुओं की चेकलिस्ट के जरिए विवेचना को त्रुटिहीन बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अदालत में दोषसिद्धि की दर बढ़ाई जा सके। #BreakingNews #SmartInvestigation #PoliceTraining #MurderCase #CrimeNews #ForensicScience #DigitalEvidence #ChhattisgarhPolice #Bilaspur #LawAndOrder1
- Post by Dwarika prasad Yadaw1