हाथरस जिले के सिकंद्राराऊ में सोमवार को श्रवण गंगा सेवा समिति के तत्वावधान में 52वीं निशुल्क गंगा स्नान यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। नगला जलाल के निकट स्थित विशाल मैदान से वैदिक मंत्रोच्चार और मां गंगा के जयघोष के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया और पवित्र गंगा स्नान किया। यात्रा के मुख्य आयोजक सूर्य प्रताप सिंह 'सूरज' के नेतृत्व में समिति ने श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क बसों की व्यवस्था की। इन बसों से सभी यात्रियों को उनके गांवों से सुरक्षित गंगा तट तक पहुँचाया गया, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से मां गंगा का पूजन-अर्चन कर पवित्र स्नान किया। स्नान के बाद, श्रद्धालुओं को सकुशल उनके घरों तक वापस पहुँचाने का इंतज़ाम भी समिति द्वारा किया गया। पूरी यात्रा के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा, जिसमें श्रद्धालु बसों और यात्रा मार्ग पर गंगा मैया और भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए भजन-कीर्तन करते रहे। समिति की ओर से पेयजल, प्राथमिक उपचार, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। आयोजक सूर्य प्रताप सिंह 'सूरज' ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनसेवा का निरंतर चलने वाला अभियान है। उन्होंने बताया कि मां गंगा की कृपा से वर्षों से हजारों श्रद्धालुओं की सेवा करने का अवसर मिल रहा है और यह सेवा आगे भी जारी रहेगी, साथ ही प्रत्येक पूर्णिमा पर निशुल्क गंगा स्नान यात्रा का आयोजन किया जाता है। विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी उन्हें जनता की सेवा का अवसर देती है और टिकट प्रदान करती है, तो वह पूरी निष्ठा और सेवा भावना के साथ क्षेत्र की जनता के बीच कार्य करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गंगा स्नान यात्रा का किसी भी चुनावी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है और यह आयोजन वर्षों से केवल धार्मिक आस्था, समाज सेवा एवं जनकल्याण की भावना से ही किया जा रहा है।
हाथरस जिले के सिकंद्राराऊ में सोमवार को श्रवण गंगा सेवा समिति के तत्वावधान में 52वीं निशुल्क गंगा स्नान यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। नगला जलाल के निकट स्थित विशाल मैदान से वैदिक मंत्रोच्चार और मां गंगा के जयघोष के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया और पवित्र गंगा स्नान किया। यात्रा के मुख्य आयोजक सूर्य प्रताप सिंह 'सूरज' के नेतृत्व में समिति ने श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क बसों की व्यवस्था की। इन बसों से सभी यात्रियों को उनके गांवों से सुरक्षित गंगा तट तक पहुँचाया गया, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से मां गंगा का पूजन-अर्चन कर पवित्र स्नान किया। स्नान के बाद, श्रद्धालुओं को सकुशल उनके घरों तक वापस पहुँचाने का इंतज़ाम भी समिति द्वारा किया गया। पूरी यात्रा के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा, जिसमें श्रद्धालु बसों और यात्रा मार्ग पर गंगा मैया और भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए भजन-कीर्तन करते रहे। समिति की ओर से पेयजल, प्राथमिक उपचार, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। आयोजक सूर्य प्रताप सिंह 'सूरज' ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनसेवा का निरंतर चलने वाला अभियान है। उन्होंने बताया कि मां गंगा की कृपा से वर्षों से हजारों श्रद्धालुओं की सेवा करने का अवसर मिल रहा है और यह सेवा आगे भी जारी रहेगी, साथ ही प्रत्येक पूर्णिमा पर निशुल्क गंगा स्नान यात्रा का आयोजन किया जाता है। विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी उन्हें जनता की सेवा का अवसर देती है और टिकट प्रदान करती है, तो वह पूरी निष्ठा और सेवा भावना के साथ क्षेत्र की जनता के बीच कार्य करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गंगा स्नान यात्रा का किसी भी चुनावी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है और यह आयोजन वर्षों से केवल धार्मिक आस्था, समाज सेवा एवं जनकल्याण की भावना से ही किया जा रहा है।
- आगरा के रामबाग ट्रांस यमुना स्थित हरि ओम टीवीएस शोरूम के बाइक रिपेयरिंग सेंटर पर ग्राहकों के साथ मनमानी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि यह धोखेबाजी का 'सौदा' काफी समय से चल रहा है। एक ग्राहक ने अपनी बाइक ठीक कराने के लिए इस सेंटर का रुख किया था, जहाँ उससे ₹11,000 लेकर बाइक सही करके दे दी गई थी। हालांकि, ग्राहक की शिकायत के अनुसार, सिर्फ 30 दिन बाद ही वही बाइक दोबारा शोरूम में वापस आ गई और मरम्मत के नाम पर उससे फिर से पैसे मांगे गए। ग्राहक ने इस पर अपनी आपत्ति दर्ज करते हुए सवाल उठाया है कि जब बाइक का इंजन एक बार सही हो चुका था और उसके पैसे पहले ही दिए जा चुके थे, तो 30 दिन बाद उसे दोबारा भुगतान क्यों करना पड़े। इस तरह की कई अन्य शिकायतें भी मिलने की बात कही गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह शोरूम ग्राहकों के साथ ऐसे ही 'खेल' जारी रखता है। पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि क्या पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई करेगी या नहीं।1
- कासगंज में थाना सोरों पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई के दौरान देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, यह घटना 28/29 जून 2026 की रात की है, जब थाना सोरों क्षेत्र में वाहन चेकिंग और कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान, सहावर की ओर से मोटरसाइकिल पर आ रहे तीन संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। आरोप है कि बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान विशाल कश्यप (नौरथा, थाना कोतवाली कासगंज), अमृत (मोहल्ला नवाब, कासगंज) और गोविंद (ग्राम गोयती, थाना सोरों) के रूप में हुई है। घायल विशाल कश्यप का अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध .315 बोर तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और एक टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि बरामद की गई यह मोटरसाइकिल एक दिन पहले थाना कोतवाली कासगंज क्षेत्र से लूटी गई थी। पुलिस टीम पर फायरिंग के इस मामले में थाना सोरों में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।3
- एक मोहल्ले में पानी निकासी की कोई व्यवस्था न होने से स्थानीय लोग गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस समस्या के कारण पूरा मोहल्ला प्रभावित है, जहाँ जल निकास की कोई उचित प्रणाली नहीं है। आरोप है कि प्रधान द्वारा पानी निकासी की व्यवस्था करवाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थिति यह है कि रास्ते बंद कर दिए गए हैं और रास्ते में दीवार लगाकर पानी के निकलने को पूरी तरह रोक दिया गया है। इस समस्या पर पहले भी कोशिशें की गई थीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है, जिससे निवासियों की परेशानी और बढ़ गई है। इसलिए, मोहल्लेवासियों ने संबंधित अधिकारियों से इस गंभीर समस्या पर जल्द से जल्द सुनवाई और समाधान की मांग की है।2
- कासगंज के सोरों थाना क्षेत्र में पुलिस और एसओजी टीम द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस मुठभेड़ में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इस मुठभेड़ में एक अभियुक्त घायल भी हुआ है। यह कार्यवाही पुलिस अधीक्षक कासगंज ओ.पी. सिंह के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में विशाल कश्यप (पुत्र बंगाली, निवासी ग्राम नौरथा, थाना कोतवाली, जनपद कासगंज) शामिल है, जो पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ। अन्य गिरफ्तार अभियुक्त अमृत (पुत्र रमेश चंद्र, निवासी मोहल्ला नवाब, थाना एवं जनपद कासगंज) और गोविंद (पुत्र दिनेश कुमार, निवासी ग्राम गोयती, थाना सोरों, जनपद कासगंज) हैं। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से लूटी गई एक मोटरसाइकिल के साथ-साथ अवैध असलहा और कारतूस भी बरामद किए हैं।1
- अलीगढ़ के थाना क्वार्सी क्षेत्र के जीवनगढ़ गली नंबर 1 में रहने वाली मेहविश, जो मोहम्मद फरीद की पत्नी हैं, ने अपनी सास पर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है।1
- सासनी में प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री कार्यालय को निजी क्षेत्र के सुपुर्द किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार 12वें दिन भी जारी रहा। दि बार एसोसिएशन के अधिवक्ता, स्टांप वेंडर और कातिबों ने सोमवार को अपने-अपने चेंबर बंद कर काम ठप कर दिया और धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान रजिस्ट्री ऑफिस पर ताला भी जड़ दिया गया। इस हड़ताल के चलते बैनामा एवं मुकदमे की पैरवी कराने आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार अपना यह फैसला वापस नहीं लेती, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार को "बहरी गूंगी सरकार" करार देते हुए कहा कि कई दिनों से प्रदर्शन जारी होने के बावजूद यह फैसला वापस नहीं लिया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो वे सरकार का कड़ा विरोध करेंगे। आम जनता को हो रही दिक्कतों का जिक्र करते हुए वादकारी राकेश कुमार ने बताया कि जमीन बंटवारे का उनका मुकदमा तहसील में चल रहा है, लेकिन अधिवक्ताओं के धरने के कारण काम नहीं हो सका और उन्हें भीषण गर्मी में वापस लौटना पड़ा। इसी तरह, राजकुमार सिंह सठिया भी बैनामा कराने सासनी तहसील आए थे, लेकिन अधिवक्ताओं, स्टांप वेंडरों और कातिबों को धरना प्रदर्शन करते देखकर बैनामा नहीं करा सके और उन्हें भी गर्मी में लौटना पड़ा। इस मौके पर महेंद्र सिंह, प्यारेलाल शर्मा, राजेश लवानिया, राजेश शर्मा, संतोष शर्मा, योगेश शर्मा, मनवीर सिंह, संजीव कुमार, गौरीशंकर, केपी सुमन, कृष्ण सिंह, अनिल कुमार गुप्ता, सुभाष सिंह, भरत सिंह बघेल, गिर्राज किशोर और हर्षित लवानिया सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।4
- कानपुर देहात के थाना रसूलाबाद के हैदन पुरवा गांव में एक गरीब परिवार के घर में दबंगों द्वारा आग लगाने और उन्हें ही फंसाने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। रानी पत्नी अरविंद का अपने पड़ोसियों, जिनमें बव्लू पुत्र ठाकुर दीन, दीपू, गोलू पुत्र बिहारी, ठाकुर दीन श्री राम, भूरा, राम नरेश पुत्र हीरा लाल और श्रीमती शामिल हैं, से जमीन का पुराना विवाद चल रहा है। इस विवाद का फायदा उठाते हुए, इन सभी लोगों ने तब रानी और अरविंद अपनी रिश्तेदारी में गए हुए थे, शाम के समय उनके छप्पर में आग लगा दी। पीड़ित परिवार के अनुसार, जब रानी की बेटी पूनम अपनी बकरियों को पानी पिलाने घर आई, तो उसने आग लगी देखी। उसी समय दबंगों ने पूनम को लाठी लेकर दौड़ाया, जिसके बाद उसने किसी तरह अपनी जान बचाकर अपने पिता को फोन पर सारी जानकारी दी। घटना के बाद, दबंगों ने पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी दी है, यह कहते हुए कि "जहां भी तुम और तुम्हारे परिवार के लोग मिलेंगे वहीं उनको मार कर फेंक देंगे।" इस घटना से पीड़ित परिवार काफी डरा और सहमा हुआ है। परिवार ने पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है।1
- हाथरस जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ग्रामीणों का सफर आसान बनाने के लिए कमर कस ली है। इसी क्रम में, सोमवार 29 जून 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी (DM) अतुल वत्स की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों और बस स्वामियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में 'मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026' के तहत ग्रामीण रूटों पर बसों का संचालन जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए, जिससे ग्रामीणों को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए कोई परेशानी न हो। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जोर देकर कहा कि इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य उन गाँवों को परिवहन सुविधा से जोड़ना है जहाँ वर्तमान में कोई सरकारी या निजी बस सेवा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि इन बसों के शुरू होने से ग्रामीणों को पढ़ाई, इलाज और रोजगार के लिए शहर आने-जाने में होने वाली कठिनाईयाँ समाप्त हो जाएँगी। जिलाधिकारी ने सभी बस स्वामियों से अपील की कि वे नियमों का सख्ती से पालन करते हुए सुरक्षित और भरोसेमंद बस सेवा प्रदान करें। बैठक के दौरान एआरएम रोडवेज ने जानकारी दी कि जिले में कुल 67 ग्राम पंचायतों और 13 मुख्य मार्गों (रूटों) को चिन्हित किया गया है, जहाँ बसों की सर्वाधिक आवश्यकता है। इस योजना के तहत अब तक चार विकास खंडों से बसों के संचालन के लिए आवेदन भी प्राप्त हो चुके हैं। प्रशासन का मानना है कि यह पहल न केवल ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों के समग्र विकास को भी गति प्रदान करेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO), रोडवेज अधिकारी और स्थानीय बस मालिक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।1
- जनपद कासगंज में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अलीगढ़ हवाई पट्टी से उड़ान भरने वाला एक हल्का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट निर्माणाधीन हाईवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान की महिला पायलट घायल हो गईं, जिन्हें तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान अचानक असंतुलित होकर निर्माणाधीन हाईवे के किनारे गिरा। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जानकारी बताती है कि यह विमान अलीगढ़ हवाई पट्टी से प्रशिक्षण उड़ान पर निकला था। हालांकि, दुर्घटना के कारणों का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि तकनीकी खराबी या किसी अन्य आपात स्थिति के कारण पायलट को आपातकालीन लैंडिंग का प्रयास करना पड़ा, जिसमें विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पुलिस ने घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, वहीं विमानन विभाग की टीम भी हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। गनीमत यह रही कि दुर्घटना के समय निर्माणाधीन हाईवे पर कोई बड़ा वाहन विमान की चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।3