>~रौजा रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडरों का साम्राज्य आरपीएफ संरक्षण के आरोपों से गरमाया मामला*** >~यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा*** रौजा/शाहजहांपुर:---रौजा रेलवे स्टेशन पर इन दिनों अवैध वेंडरों का बोलबाला इस कदर बढ़ चुका है कि स्टेशन परिसर से लेकर ट्रेनों तक यात्रियों को हर कदम पर अव्यवस्था और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन पर बिना लाइसेंस और बिना किसी वैध अनुमति के सक्रिय अवैध वेंडर खुलेआम ट्रेनों और प्लेटफार्मों पर खाद्य सामग्री, पानी की बोतलें एवं अन्य सामान बेच रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इन वेंडरों द्वारा बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बेहद खराब बताई जा रही है, जिससे यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ हो रहा है। स्थानीय लोगों, यात्रियों एवं रेलवे सूत्रों के अनुसार रौजा स्टेशन पर सक्रिय अवैध वेंडरों को कथित तौर पर आरपीएफ का संरक्षण प्राप्त है। आरोप है कि इसी संरक्षण के चलते इन वेंडरों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती और ये बेखौफ होकर अपना नेटवर्क लगातार मजबूत करते जा रहे हैं। यही वजह है कि स्टेशन परिसर में अवैध वेंडरों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। ट्रेनों में खुलेआम बिक रहे घटिया खाद्य पदार्थ यात्रियों का आरोप है कि कई अवैध वेंडर ट्रेनों में बासी खाद्य पदार्थ, निम्न स्तर की खाने-पीने की सामग्री और संदिग्ध पानी की बोतलें बेच रहे हैं। गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो गई है, क्योंकि खराब खाद्य सामग्री से यात्रियों के बीमार होने का खतरा लगातार बना रहता है। कई यात्रियों ने शिकायत की कि ट्रेनों में बिकने वाले सामान की न तो कोई जांच होती है और न ही गुणवत्ता पर कोई निगरानी रखी जाती है। रेलवे नियमों के अनुसार स्टेशन और ट्रेनों में केवल अधिकृत वेंडरों को ही बिक्री की अनुमति होती है, लेकिन रौजा स्टेशन पर नियमों को खुलेआम ताक पर रखा जा रहा है। आरोप है कि अवैध वेंडर बिना किसी डर के प्लेटफार्मों और ट्रेनों में घूमते दिखाई देते हैं। घटनाओं को अंजाम देकर आसानी से हो जाते हैं फरार सूत्रों के मुताबिक कई बार अवैध वेंडरों पर यात्रियों से अभद्रता, विवाद और मारपीट जैसी घटनाओं के आरोप भी लग चुके हैं। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में चोरी और संदिग्ध गतिविधियों में भी इनकी भूमिका सामने आने की चर्चाएं रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना होने के बाद आरोपी आसानी से स्टेशन से फरार हो जाते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। हाल ही में स्टेशन परिसर में पानी बेचने वाली महिला के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया। घटना के बाद रेलवे प्रशासन और मंडल अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ, जीआरपी और स्टेशन प्रशासन को अवैध वेंडरों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आरपीएफ को इस संबंध में मेमो भी जारी किया गया है। यात्रियों में आक्रोश, प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल स्टेशन पर बढ़ती अव्यवस्था और अवैध गतिविधियों को लेकर यात्रियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए होते हैं, लेकिन रौजा स्टेशन पर हालात इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की लापरवाही और कथित मिलीभगत के कारण यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ी घटना भी हो सकती है। लोगों ने रेलवे के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि स्टेशन परिसर में सक्रिय अवैध वेंडरों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा संरक्षण देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जल्द अभियान चलाने की तैयारी रेलवे सूत्रों के अनुसार स्टेशन परिसर में अवैध वेंडरों की धरपकड़, खाद्य पदार्थों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जल्द ही विशेष अभियान चलाया जा सकता है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक कार्रवाई पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ नहीं होगी, तब तक रौजा रेलवे स्टेशन से अवैध वेंडरों का नेटवर्क खत्म होना मुश्किल है। यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि रौजा रेलवे स्टेशन को अवैध वेंडरों और असामाजिक तत्वों से मुक्त कर यात्रियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि रेलवे की छवि भी बेहतर हो सके और यात्रियों का विश्वास कायम रह सके।
>~रौजा रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडरों का साम्राज्य आरपीएफ संरक्षण के आरोपों से गरमाया मामला*** >~यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा*** रौजा/शाहजहांपुर:---रौजा रेलवे स्टेशन पर इन दिनों अवैध वेंडरों का बोलबाला इस कदर बढ़ चुका है कि स्टेशन परिसर से लेकर ट्रेनों तक यात्रियों को हर कदम पर अव्यवस्था और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन पर बिना लाइसेंस और बिना किसी वैध अनुमति के सक्रिय अवैध वेंडर खुलेआम ट्रेनों और प्लेटफार्मों पर खाद्य सामग्री, पानी की बोतलें एवं अन्य सामान बेच रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इन वेंडरों द्वारा बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बेहद खराब बताई जा रही है, जिससे यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ हो रहा है। स्थानीय लोगों, यात्रियों एवं रेलवे सूत्रों के अनुसार रौजा स्टेशन पर सक्रिय अवैध वेंडरों को कथित तौर पर आरपीएफ का संरक्षण प्राप्त है। आरोप है कि इसी संरक्षण के चलते इन वेंडरों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती और ये बेखौफ होकर अपना नेटवर्क लगातार मजबूत करते जा रहे हैं। यही वजह है कि स्टेशन परिसर में अवैध वेंडरों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। ट्रेनों में खुलेआम बिक रहे घटिया खाद्य पदार्थ यात्रियों का आरोप है कि कई अवैध वेंडर ट्रेनों में बासी खाद्य पदार्थ, निम्न स्तर की खाने-पीने की सामग्री और संदिग्ध पानी की बोतलें बेच रहे हैं। गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो गई है, क्योंकि खराब खाद्य सामग्री से यात्रियों के बीमार होने का खतरा लगातार बना रहता है। कई यात्रियों ने शिकायत की कि ट्रेनों में बिकने वाले सामान की न तो कोई जांच होती है और न ही गुणवत्ता पर कोई निगरानी रखी जाती है। रेलवे नियमों के अनुसार स्टेशन और ट्रेनों में केवल अधिकृत वेंडरों को ही बिक्री की अनुमति होती है, लेकिन रौजा स्टेशन पर नियमों को खुलेआम ताक पर रखा जा रहा है। आरोप है कि अवैध वेंडर बिना किसी डर के प्लेटफार्मों और ट्रेनों में घूमते दिखाई देते हैं। घटनाओं को अंजाम देकर आसानी से हो जाते हैं फरार सूत्रों के मुताबिक कई बार अवैध वेंडरों पर यात्रियों से अभद्रता, विवाद और मारपीट जैसी घटनाओं के आरोप भी लग चुके हैं। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में चोरी और संदिग्ध गतिविधियों में भी इनकी भूमिका सामने आने की चर्चाएं रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना होने के बाद आरोपी आसानी से स्टेशन से फरार हो जाते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। हाल ही में स्टेशन परिसर में पानी बेचने वाली महिला के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया। घटना के बाद रेलवे प्रशासन और मंडल अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ, जीआरपी और स्टेशन प्रशासन को अवैध वेंडरों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आरपीएफ को इस संबंध में मेमो भी जारी किया गया है। यात्रियों में आक्रोश, प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल स्टेशन पर बढ़ती अव्यवस्था और अवैध गतिविधियों को लेकर यात्रियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए होते हैं, लेकिन रौजा स्टेशन पर हालात इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की लापरवाही और कथित मिलीभगत के कारण यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ी घटना भी हो सकती है। लोगों ने रेलवे के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि स्टेशन परिसर में सक्रिय अवैध वेंडरों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा संरक्षण देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जल्द अभियान चलाने की तैयारी रेलवे सूत्रों के अनुसार स्टेशन परिसर में अवैध वेंडरों की धरपकड़, खाद्य पदार्थों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जल्द ही विशेष अभियान चलाया जा सकता है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक कार्रवाई पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ नहीं होगी, तब तक रौजा रेलवे स्टेशन से अवैध वेंडरों का नेटवर्क खत्म होना मुश्किल है। यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि रौजा रेलवे स्टेशन को अवैध वेंडरों और असामाजिक तत्वों से मुक्त कर यात्रियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि रेलवे की छवि भी बेहतर हो सके और यात्रियों का विश्वास कायम रह सके।
- पुलिस अधीक्षक ने किया पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल 17 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के तबादले पुलिस अधीक्षक ने किया पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल 17 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के तबादले शाहजहांपुर। जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 17 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर दिया गया। कई अहम थानों के प्रभारियों को बदला गया है, जबकि कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक प्रदीप राय को थाना बंडा से हटाकर कोतवाली का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। वहीं रोजा थाना प्रभारी रहे राजीव कुमार को सदर बाजार थाने की कमान सौंपी गई है। पीआरओ पुलिस अधीक्षक विजय प्रताप सिंह को थाना कांट का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। खुदागंज थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह अब मदनापुर थाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। सेहरामऊ दक्षिणी के थानाध्यक्ष उमेश कुमार मिश्रा को रोजा थाना भेजा गया है। जलालाबाद के प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार को सेहरामऊ दक्षिणी का प्रभारी बनाया गया है। परौर थानाध्यक्ष रामेन्द्र सिंह को बंडा थाने की जिम्मेदारी दी गई है। जैतीपुर थाना प्रभारी प्रिन्स शर्मा को तिलहर भेजा गया है, जबकि कांट थाना प्रभारी राकेश कुमार मौर्य को खुदागंज का प्रभारी बनाया गया है। कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार को जैतीपुर थाना सौंपा गया है। डीसीआरबी प्रभारी अरविंद सिंह चौहान को जलालाबाद का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। तिलहर थाना प्रभारी जुगुल किशोर को परौर भेजा गया है। सदर बाजार थाना प्रभारी बृजेश कुमार सिंह को एएचटीयू का प्रभारी बनाया गया है, जबकि एएचटीयू प्रभारी महेंद्र सिंह यादव को डीसीआरबी की जिम्मेदारी दी गई है। मदनापुर थाना प्रभारी विश्वजीत प्रताप सिंह को आईजीआरएस एवं जन शिकायत प्रकोष्ठ भेजा गया है। आईजीआरएस प्रभारी प्रभाष चंद्र को पुलिस अधीक्षक का पीआरओ बनाया गया है। वहीं रोजा थाने के अपराध निरीक्षक गंगा सिंह को निगोही थाने में अपराध निरीक्षक के पद पर तैनात किया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण कर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शाहजहांपुर। जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 17 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर दिया गया। कई अहम थानों के प्रभारियों को बदला गया है, जबकि कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक प्रदीप राय को थाना बंडा से हटाकर कोतवाली का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। वहीं रोजा थाना प्रभारी रहे राजीव कुमार को सदर बाजार थाने की कमान सौंपी गई है। पीआरओ पुलिस अधीक्षक विजय प्रताप सिंह को थाना कांट का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। खुदागंज थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह अब मदनापुर थाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। सेहरामऊ दक्षिणी के थानाध्यक्ष उमेश कुमार मिश्रा को रोजा थाना भेजा गया है। जलालाबाद के प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार को सेहरामऊ दक्षिणी का प्रभारी बनाया गया है। परौर थानाध्यक्ष रामेन्द्र सिंह को बंडा थाने की जिम्मेदारी दी गई है। जैतीपुर थाना प्रभारी प्रिन्स शर्मा को तिलहर भेजा गया है, जबकि कांट थाना प्रभारी राकेश कुमार मौर्य को खुदागंज का प्रभारी बनाया गया है। कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार को जैतीपुर थाना सौंपा गया है। डीसीआरबी प्रभारी अरविंद सिंह चौहान को जलालाबाद का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। तिलहर थाना प्रभारी जुगुल किशोर को परौर भेजा गया है। सदर बाजार थाना प्रभारी बृजेश कुमार सिंह को एएचटीयू का प्रभारी बनाया गया है, जबकि एएचटीयू प्रभारी महेंद्र सिंह यादव को डीसीआरबी की जिम्मेदारी दी गई है। मदनापुर थाना प्रभारी विश्वजीत प्रताप सिंह को आईजीआरएस एवं जन शिकायत प्रकोष्ठ भेजा गया है। आईजीआरएस प्रभारी प्रभाष चंद्र को पुलिस अधीक्षक का पीआरओ बनाया गया है। वहीं रोजा थाने के अपराध निरीक्षक गंगा सिंह को निगोही थाने में अपराध निरीक्षक के पद पर तैनात किया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण कर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।4
- मां दुर्गा की मूर्ति तोड़ने का आरोप, ग्रामीणों ने युवक को बांधकर पीटा—इलाके में तनाव मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में मां दुर्गा की मूर्ति तोड़ने के आरोप में भीमराज जाटव नाम के युवक को ग्रामीणों द्वारा बांधकर पीटने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि मूर्ति क्षतिग्रस्त मिलने पर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और आरोपित युवक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है।1
- yah Shahjahanpur ka ek Chhota Sa gaon khanpur deha hai yahan ke gaon ke Pradhan bilkul bhi saaf Safai per Dhyan nahin dete Hain1
- रात में खर्राटे भरने की समस्या से परेशान लोगों के लिए एक खास घरेलू उपाय वीडियो में बताया गया है। यह नुस्खा आपकी नींद को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।1
- शाहजहांपुर के मदनापुर में हुई हत्या की गुत्थी को पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने सुलझा लिया है। इस मामले में शामिल मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने इस सफल अनावरण की जानकारी दी।1
- शाहजहांपुर में प्रेम प्रसंग को लेकर हुए एक युवक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। अपनी प्रेमिका से बात करने पर नाराज दोस्त ने पाइप से वार कर दूसरे दोस्त को मौत के घाट उतार दिया था।1
- शाहजहाँपुर के मदनापुर क्षेत्र में हुए हरिओम हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद में दोस्त ने ही अपने साथी हरिओम की लोहे की पाइप से पीटकर हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।1
- देशहित में सख्त संदेश! प्रधानमंत्री की अपील—ईंधन बचाएं, स्वदेशी अपनाएं, प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें देशवासियों को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी के संदेश को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। वायरल हो रहे संदेश में वैश्विक संकटों से निपटने के लिए पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सोना खरीदने से बचने, रेल-मेट्रो का उपयोग बढ़ाने और सोलर ऊर्जा को प्राथमिकता देने की अपील की जा रही है। संदेश में किसानों से रासायनिक खाद व केमिकल का उपयोग घटाकर प्राकृतिक खेती अपनाने और देश की विदेशी मुद्रा बचाने पर जोर दिया गया है। साथ ही स्वदेशी वस्तुओं को खरीदने, ऑनलाइन मीटिंग को बढ़ावा देने और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का पालन करने की बात कही गई है। वायरल पोस्ट के अंत में लोगों से प्रधानमंत्री की बातों को गंभीरता से लेने की अपील भी की गई है, जिसके बाद यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है।1