एसएसपी नवनीत सिंह के अनुभवी नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद जाली नोट गिरोह के मुख्य सरगना और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर राष्ट्रीय स्तर पर कामयाबी की एक अनोखी मिसाल पेश की है। पुलिस ने एक बार फिर साबित किया है कि शिद्दत से की गई कोशिश हमेशा कामयाबी के शिखर तक पहुंचती है। इस पूरे मामले की शुरुआत बीते दिनों 6 जुलाई को हुई थी, जब सिटी हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने सरजीत सिंह, टिंकू, सुमित कुमार और संजीव कुमार को ₹84,500 के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। इनके खिलाफ मु0अ0सं0-335/26 के तहत बीएनएस की धारा 179, 180 और 3(5) में मामला दर्ज कर इन्हें कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया था। इसके बाद, 10 जुलाई 2026 को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में बंद आरोपी टिंकू और सुमित को पुलिस कस्टडी रिमांड (P.C.R.) पर लिया। पूछताछ में मिले अहम सुरागों के आधार पर हरिद्वार पुलिस की एक टीम तुरंत पंजाब रवाना हुई। पंजाब पहुंची पुलिस टीम ने पठानकोट हाईवे पर मुद्दल बाईपास के पास स्थित 'बापू दा ढाबा' से पवन कुमार को ₹5,000 के नकली नोटों के साथ दबोच लिया। वहीं, इस गिरोह के मुख्य सरगना सुखबिर सिंह को ₹1,00,000 के नकली नोटों, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले एक प्रिंटर और एक वरना कार के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पवन ढाबे की आड़ में और सुखबिर कपड़ों के कारोबार की आड़ में इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। ये लोग असली ₹50,000 के बदले ₹1,00,000 के नकली नोट देकर अवैध मुनाफा कमाते थे। गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। सुखबिर सिंह साल 2020 में बैंक धोखाधड़ी और साल 2024 में जाली नोट रखने के आरोप में पंजाब के बटाला थाने से जेल जा चुका है, जबकि पवन कुमार साल 2022 में बटाला थाने से ही एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत जेल गया था। जेल में ही इन दोनों की दोस्ती हुई थी और वहीं इन्होंने नकली नोट बनाकर मोटा मुनाफा कमाने की योजना बनाई थी। गिरफ्तार पवन कुमार (उम्र 32 वर्ष) गुरदासपुर का और सुखबिर सिंह (उम्र 52 वर्ष) अमृतसर का निवासी है। इस बड़ी कामयाबी को हासिल करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कुन्दन सिंह राणा, उ0नि0 ऋषिकांत पटवाल, हे0का0 संजय पाल, हे0का0 सतीश नौटियाल, कानि0 सुनील चौहान और कानि0 अजीत तोमर शामिल रहे।
एसएसपी नवनीत सिंह के अनुभवी नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद जाली नोट गिरोह के मुख्य सरगना और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर राष्ट्रीय स्तर पर कामयाबी की एक अनोखी मिसाल पेश की है। पुलिस ने एक बार फिर साबित किया है कि शिद्दत से की गई कोशिश हमेशा कामयाबी के शिखर तक पहुंचती है। इस पूरे मामले की शुरुआत बीते दिनों 6 जुलाई को हुई थी, जब सिटी हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने सरजीत सिंह, टिंकू, सुमित कुमार और संजीव कुमार को ₹84,500 के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। इनके खिलाफ मु0अ0सं0-335/26 के तहत बीएनएस की धारा 179, 180 और 3(5) में मामला दर्ज कर इन्हें कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया था। इसके बाद, 10 जुलाई 2026 को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में बंद आरोपी टिंकू और सुमित को पुलिस कस्टडी रिमांड (P.C.R.) पर लिया। पूछताछ में मिले अहम सुरागों के आधार पर हरिद्वार पुलिस की एक टीम तुरंत पंजाब रवाना हुई। पंजाब पहुंची पुलिस टीम ने पठानकोट हाईवे पर मुद्दल बाईपास के पास स्थित 'बापू दा ढाबा' से पवन कुमार को ₹5,000 के नकली नोटों के साथ दबोच लिया। वहीं, इस गिरोह के मुख्य सरगना सुखबिर सिंह को ₹1,00,000 के नकली नोटों, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले एक प्रिंटर और एक वरना कार के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पवन ढाबे की आड़ में और सुखबिर कपड़ों के कारोबार की आड़ में इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। ये लोग असली ₹50,000 के बदले ₹1,00,000 के नकली नोट देकर अवैध मुनाफा कमाते थे। गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। सुखबिर सिंह साल 2020 में बैंक धोखाधड़ी और साल 2024 में जाली नोट रखने के आरोप में पंजाब के बटाला थाने से जेल जा चुका है, जबकि पवन कुमार साल 2022 में बटाला थाने से ही एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत जेल गया था। जेल में ही इन दोनों की दोस्ती हुई थी और वहीं इन्होंने नकली नोट बनाकर मोटा मुनाफा कमाने की योजना बनाई थी। गिरफ्तार पवन कुमार (उम्र 32 वर्ष) गुरदासपुर का और सुखबिर सिंह (उम्र 52 वर्ष) अमृतसर का निवासी है। इस बड़ी कामयाबी को हासिल करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कुन्दन सिंह राणा, उ0नि0 ऋषिकांत पटवाल, हे0का0 संजय पाल, हे0का0 सतीश नौटियाल, कानि0 सुनील चौहान और कानि0 अजीत तोमर शामिल रहे।
- एसएसपी नवनीत सिंह के अनुभवी नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने नकली करेंसी गिरोह के मुख्य सरगना और उसके एक साथी को पंजाब से गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। हरिद्वार पुलिस ने कड़ी मेहनत के बाद इन आरोपियों को दबोचकर न केवल प्रदेश, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी परिपक्वता और सफलता की मिसाल पेश की है। पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पूरी शिद्दत से की गई कोशिश हमेशा कामयाबी के शिखर तक पहुंचती है। इस पूरे मामले की शुरुआत बीते 6 जुलाई को हुई थी, जब सिटी हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने सरजीत सिंह, टिंकू, सुमित कुमार और संजीव कुमार के कब्जे से कुल 84,500 रुपये के नकली नोट बरामद किए थे। पुलिस ने इनके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 335/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 179, 180 और 3(5) में मामला दर्ज कर चारों आरोपियों को जेल भेजा था। इसके बाद, 10 जुलाई 2026 को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में बंद टिंकू और सुमित को पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) पर लिया। पूछताछ में मिले तत्वों के आधार पर हरिद्वार पुलिस की टीम पंजाब पहुंची, जहां टीम ने पठानकोट हाईवे पर मुद्दल बाईपास के पास स्थित बापू दा ढाबा से पवन कुमार को 5,000 रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। वहीं, गैंग के मुख्य आरोपी सुखवीर सिंह को 1,00,000 रुपये के नकली नोटों, इन्हें छापने के काम में आने वाले एक प्रिंटर और एक वरना कार के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पवन कुमार पेशे से ढाबा संचालक है, जो अपने ढाबे की आड़ में नकली नोटों का धंधा चला रहा था। वहीं, सुखवीर कपड़ों के व्यवसाय की आड़ में नकली नोटों का धंधा करता था। ये आरोपी असली 50,000 रुपये के बदले 1,00,000 रुपये के नकली नोट देकर मुनाफा कमाते थे। आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। सुखवीर सिंह पहले भी साल 2020 में बैंक धोखाधड़ी और साल 2024 में जाली करेंसी रखने के आरोप में पंजाब के बटाला थाने से जेल जा चुका है। वहीं, पवन कुमार साल 2022 में बटाला थाने से ही एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत जेल गया था। जेल में ही इन दोनों की आपस में दोस्ती हुई थी, जिसके बाद इन्होंने नकली नोटों का यह काला धंधा शुरू किया था।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह साबिर पाक की नगरी पिरान कलियर के खानकाहे फ़ैज़ाने वाहिद में 25 मुहर्रम के अवसर पर एक अकीदतमंदाना और रूहानी महफ़िल का आयोजन किया गया। सैय्यद मिया फरीद की सरपरस्ती में आयोजित इस कार्यक्रम में हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ.स.) की शहादत और तमाम शहीदाने कर्बला की याद में खिराज-ए-अकीदत पेश किया गया। इस रूहानी महफ़िल की शुरुआत क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत से हुई, जिसके बाद नात-ए-पाक, मरसिया और मनक़बत पेश की गईं। महफ़िल में वक्ताओं ने कहा कि कर्बला का पैगाम इंसानियत, इंसाफ, सब्र, सच्चाई और अल्लाह की राह में कुर्बानी का संदेश देता है। इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ.स.) ने कर्बला के दर्दनाक वाकये के बाद अपने सब्र, इबादत और अख़लाक़ से इस्लाम की तालीमात को दुनिया तक पहुंचाया। मरसियाख्वानी से माहौल काफी ग़मगीन हो गया और लोगों ने नम आंखों से अहलेबैत की अज़ीम कुर्बानियों को याद किया। कार्यक्रम के समापन पर लंगर का विशेष एहतमाम किया गया, जिसमें सभी लोगों ने शिरकत की। इसके बाद देश और दुनिया में अमन-चैन, भाईचारे, इंसानियत की सलामती, देश की तरक्की और आफ़तों से महफ़ूज़ रहने के लिए सामूहिक रूप से ख़ास दुआ मांगी गई। इस अवसर पर सैय्यद मिया वासिफ हुसैन, सैय्यद मिया ज़ैद हुसैन, भूरा कारी हुसैन, रफ़त हुसैन, तहसीन हुसैन, फरहान हुसैन, शारुन हुसैन, अमजद हुसैन, मोईन हुसैन, मोनिस हुसैन, आशिक हुसैन, उस्मान हुसैन, सफ़ात हुसैन, फरमान हुसैन, सरफ़राज़ हुसैन, चुन्नू हुसैन, गुलबहार हुसैन, आज़म हुसैन, मुजम्मिल हुसैन, बिलाल हुसैन, आसिफ हुसैन और पत्रकार अमजद हुसैन सहित भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।1
- पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश के कारण हरिद्वार में गंगा माता का रुद्र रूप देखने को मिल रहा है। पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण अमावस्या पर स्नान के लिए आने वाले यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। यात्रियों को हिदायत दी गई है कि वे गंगा के किनारे पर बैठकर ही स्नान करें और अपने बच्चों को पानी से दूर रखें। सुरक्षा के लिहाज से स्नान के दौरान सुरक्षित जंजीर को पकड़कर रखने और सुरक्षित ग्रीन के अंदर ही रहने को कहा गया है, ताकि कोई पानी में ज्यादा अंदर न जाए। इसके साथ ही, गंगा माता की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है, क्योंकि गंगा किनारे को साफ-सुथरा रखना सभी का दायित्व है। ओम नमो नारायण, जय गंगा माता की, हर हर महादेव।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार में चारधाम यात्रा के लिए टूर पैकेज की बुकिंग शुरू हो चुकी है। इस यात्रा पैकेज के तहत श्रद्धालु यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा कर सकते हैं। इच्छुक लोग बुकिंग की जानकारी और बुकिंग के लिए संपर्क नंबर 7895547902 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- हरिद्वार जिले के बहादराबाद ब्लॉक के ग्राम दिनारपुर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा गुरुद्वारा साहिब में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष विजय शास्त्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों की समस्याओं पर चर्चा करना और आगामी 20 जुलाई को सिद्ध स्रोत में होने वाली विशाल महापंचायत के लिए मजबूत रणनीति तैयार करना था। बैठक में दिनारपुर और आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों किसानों ने भाग लिया और स्थानीय कृषि मुद्दों, फसलों के लाभकारी मूल्य, सिंचाई की किल्लत व भूमि संबंधी विभिन्न समस्याओं पर मंथन किया। संगठन का विस्तार करते हुए सरदार बलदेव सिंह को सर्वसम्मति से वरिष्ठ जिला संरक्षक मनोनीत किया गया, जिनका उपस्थित नेताओं और किसानों ने माला पहनाकर स्वागत किया और आगामी किसान आंदोलनों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस बैठक में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष विजय शास्त्री, प्रदेश प्रचार मंत्री बेदपाल पंवार, जिला उपाध्यक्ष आनंद सैनी व सतीश चौधरी, जिला प्रचार मंत्री अमित सैनी, जिला सचिव सानू व अनुज बेनीवाल, जिला प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी, जिला मीडिया प्रभारी शिवम चौधरी और युवा किसान नेता निशांत सैनी उपस्थित रहे। बैठक के समापन पर उपस्थित सैकड़ों किसानों ने हाथ उठाकर आगामी 20 जुलाई को सिद्ध स्रोत महापंचायत में अपनी मजबूत और संगठित उपस्थिति दर्ज कराने का संकल्प लिया। किसान नेताओं ने कहा कि इस महापंचायत के माध्यम से प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष किसानों की मांगों को प्रमुखता से रखा जाएगा और उनके न्यायपूर्ण समाधान के लिए दबाव बनाया जाएगा। नेताओं ने सभी किसानों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से समय पर महापंचायत में पहुंचने का आह्वान किया है।1
- राजस्थान का पहला हिस्ट्रीशीटर घोषित किए गए डॉ. मोहम्मद इम्तियाज का मेडिकल रजिस्ट्रेशन राजस्थान मेडिकल कौंसिल द्वारा रद्द कर दिया गया है। इसके बाद अब वह राज्य में प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। डॉ. इम्तियाज पर चलती गाड़ियों में पोर्टेबल मशीनों के जरिए अवैध भ्रूण-लिंग जांच (PCPNDT Act) करने का आरोप था और वह इस मामले में पांच बार गिरफ्तार भी हो चुके हैं। लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा ने इस कार्रवाई की जानकारी दी है।1
- हरिद्वार के सघन नगरीय क्षेत्र में ऑटो, बैटरी रिक्शा और रिक्शा की संख्या इतनी अनियंत्रित हो चुकी है कि यात्रियों को सड़क पर चलने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। नियम-कायदों की परवाह किए बिना धड़ल्ले से दौड़ रहे इन वाहनों के कारण सड़कों पर दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है। इसी लापरवाही के चलते आज दुधाधारी चौक के पास तेज रफ्तार से दौड़ते एक ई-रिक्शा और ऑटो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों में सवार कई यात्री अचानक सड़क पर गिर गए, जिससे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उनका उपचार चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को सीज कर दिया है।1