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on 9 May
user_Daily Taza News
Daily Taza News
Local News Reporter कैसरगंज, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
on 9 May

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बहराइच की 50 बड़ी खबर खान सर नहीं कर पाएंगे सिलेंडर बहराइच
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    बहराइच की 50 बड़ी खबर खान सर नहीं कर पाएंगे सिलेंडर  बहराइच
    user_Sanjay Kumar
    Sanjay Kumar
    कैसरगंज, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि बहराइच और बाराबंकी की सीमा पर घाघरा नदी पर बना प्रसिद्ध संजय सेतु मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद सोमवार से दोबारा यातायात के लिए खोल दिया गया है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह से इस पुल पर आवागमन बहाल हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर, फिलहाल पुल से केवल कार, बाइक और हल्के वाहनों जैसे छोटे वाहनों को ही गुजरने की अनुमति दी गई है। सभी छोटे-बड़े मालवाहक और रोडवेज की बसों को इस पुल से गुजरने के लिए अभी 16 जून तक इंतजार करना होगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पुल की मजबूती और सुरक्षा जांच को ध्यान में रखते हुए ही 16 जून से भारी वाहनों को संजय सेतु पर प्रवेश मिलेगा। पुल को दोबारा शुरू करने के अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम, कार्यदायी संस्था के कर्मचारी, ट्रैफिक पुलिस और जरवल रोड पुलिस के जवान तैनात रहे, ताकि यातायात को सुचारू रूप से चलाया जा सके और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
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    लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि बहराइच और बाराबंकी की सीमा पर घाघरा नदी पर बना प्रसिद्ध संजय सेतु मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद सोमवार से दोबारा यातायात के लिए खोल दिया गया है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह से इस पुल पर आवागमन बहाल हो गया है।

सुरक्षा के मद्देनजर, फिलहाल पुल से केवल कार, बाइक और हल्के वाहनों जैसे छोटे वाहनों को ही गुजरने की अनुमति दी गई है। सभी छोटे-बड़े मालवाहक और रोडवेज की बसों को इस पुल से गुजरने के लिए अभी 16 जून तक इंतजार करना होगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पुल की मजबूती और सुरक्षा जांच को ध्यान में रखते हुए ही 16 जून से भारी वाहनों को संजय सेतु पर प्रवेश मिलेगा।

पुल को दोबारा शुरू करने के अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम, कार्यदायी संस्था के कर्मचारी, ट्रैफिक पुलिस और जरवल रोड पुलिस के जवान तैनात रहे, ताकि यातायात को सुचारू रूप से चलाया जा सके और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
    user_Mohd Aamir
    Mohd Aamir
    पत्रकार जनता की सेवा मो आमिर कैसरगंज, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • समाजवादी पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश के सैफई में शनिवार को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य आगमन हुआ। उनके पहुंचने पर सैफई का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया और यह राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र भी बन गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने स्वयं शंकराचार्य की अगवानी की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने प्रवास के दौरान, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की अपनी पुरजोर मांग दोहराई। उन्होंने इस विषय को केवल एक धार्मिक मुद्दा न बताते हुए, इसे सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का विषय बताया। इसी संदर्भ में, उन्होंने सरकार से गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए कड़े कानून लागू करने का आग्रह किया। शंकराचार्य के इस दौरे ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इसे एक धार्मिक यात्रा के रूप में देखे जाने के बावजूद, सपा नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी ने इसे विशेष महत्व दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से शंकराचार्य के आगमन पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने सनातन संस्कृति और भविष्य के संकेतों को लेकर अपनी बात रखी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आयोजन के जरिए समाजवादी पार्टी ने सनातन परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है, जिससे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विमर्श पैदा हो सकता है।
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    समाजवादी पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश के सैफई में शनिवार को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य आगमन हुआ। उनके पहुंचने पर सैफई का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया और यह राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र भी बन गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने स्वयं शंकराचार्य की अगवानी की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

अपने प्रवास के दौरान, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की अपनी पुरजोर मांग दोहराई। उन्होंने इस विषय को केवल एक धार्मिक मुद्दा न बताते हुए, इसे सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का विषय बताया। इसी संदर्भ में, उन्होंने सरकार से गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए कड़े कानून लागू करने का आग्रह किया।

शंकराचार्य के इस दौरे ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इसे एक धार्मिक यात्रा के रूप में देखे जाने के बावजूद, सपा नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी ने इसे विशेष महत्व दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से शंकराचार्य के आगमन पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने सनातन संस्कृति और भविष्य के संकेतों को लेकर अपनी बात रखी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आयोजन के जरिए समाजवादी पार्टी ने सनातन परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है, जिससे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विमर्श पैदा हो सकता है।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    52 min ago
  • यह पोस्ट अकेलेपन और दोस्ती पर एक गहरा विचार प्रस्तुत करती है। इसमें कहा गया है कि व्यक्ति उन्हीं को अपना साथी बनाता है, जिनको और कोई साथी नहीं बनाता। इस अनोखी दोस्ती की वजह यह बताई गई है कि एक बार रिश्ता जुड़ जाने के बाद वह कायम रहता है।
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    यह पोस्ट अकेलेपन और दोस्ती पर एक गहरा विचार प्रस्तुत करती है। इसमें कहा गया है कि व्यक्ति उन्हीं को अपना साथी बनाता है, जिनको और कोई साथी नहीं बनाता। इस अनोखी दोस्ती की वजह यह बताई गई है कि एक बार रिश्ता जुड़ जाने के बाद वह कायम रहता है।
    user_Arbind Kumar
    Arbind Kumar
    Ramnagar, Barabanki•
    1 hr ago
  • बाराबंकी जनपद की रामनगर तहसील अंतर्गत लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाघरा नदी के ऊपर स्थित संजय सेतु का मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, सोमवार सुबह करीब 10 बजे इसे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने फीता काटकर छोटे वाहनों के आवागमन का शुभारंभ किया। लगभग 1200 मीटर लंबे इस महत्वपूर्ण सेतु का मरम्मत कार्य करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है, जिसे निर्धारित समय पर पूरा किया गया है। मरम्मत के दौरान पुल पर यातायात पूरी तरह बंद रखा गया था, जिसके कारण लखनऊ, बाराबंकी और बहराइच सहित आसपास के जनपदों के लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था। दो जनपदों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण सेतु के फिर से चालू होने से अब आवागमन पहले की तरह सुगम हो सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों ने राहत की सांस ली है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने पुष्टि की है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कार्य निर्धारित समय पर पूरे हो चुके हैं। अधिकारी अनंत मौर्य और इंजीनियर सद्दाम ने भी बताया कि छोटे वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है और यातायात व्यवस्था सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, भारी वाहनों के संचालन को लेकर अभी कुछ आवश्यक परीक्षण और औपचारिकताएं शेष हैं, जिसके चलते बड़े वाहनों का आवागमन 15 जून तक प्रतिबंधित रहेगा। उम्मीद है कि 15 जून से भारी वाहनों को भी सेतु से गुजरने की अनुमति दे दी जाएगी। पुल के शुभारंभ के अवसर पर सुपरवाइजर ऋषभ सिंह, साइट इंचार्ज लेखपाल सहित दर्जनों कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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    बाराबंकी जनपद की रामनगर तहसील अंतर्गत लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाघरा नदी के ऊपर स्थित संजय सेतु का मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, सोमवार सुबह करीब 10 बजे इसे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने फीता काटकर छोटे वाहनों के आवागमन का शुभारंभ किया। लगभग 1200 मीटर लंबे इस महत्वपूर्ण सेतु का मरम्मत कार्य करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है, जिसे निर्धारित समय पर पूरा किया गया है।

मरम्मत के दौरान पुल पर यातायात पूरी तरह बंद रखा गया था, जिसके कारण लखनऊ, बाराबंकी और बहराइच सहित आसपास के जनपदों के लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था। दो जनपदों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण सेतु के फिर से चालू होने से अब आवागमन पहले की तरह सुगम हो सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों ने राहत की सांस ली है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने पुष्टि की है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कार्य निर्धारित समय पर पूरे हो चुके हैं। अधिकारी अनंत मौर्य और इंजीनियर सद्दाम ने भी बताया कि छोटे वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है और यातायात व्यवस्था सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं।

हालांकि, भारी वाहनों के संचालन को लेकर अभी कुछ आवश्यक परीक्षण और औपचारिकताएं शेष हैं, जिसके चलते बड़े वाहनों का आवागमन 15 जून तक प्रतिबंधित रहेगा। उम्मीद है कि 15 जून से भारी वाहनों को भी सेतु से गुजरने की अनुमति दे दी जाएगी। पुल के शुभारंभ के अवसर पर सुपरवाइजर ऋषभ सिंह, साइट इंचार्ज लेखपाल सहित दर्जनों कर्मचारी भी मौजूद रहे।
    user_Krishna Kumar
    Krishna Kumar
    Advertising Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Ankit Verma
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    Post by Ankit Verma
    user_Ankit Verma
    Ankit Verma
    रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बुलेट बाइक की मांग के चलते निकाह के महज़ 5 घंटे बाद ही तलाक हो गया। इस घटना के बाद बारात वापस लौट गई। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे वाकये के महज 12 घंटे के भीतर ही दूल्हा और दुल्हन दोनों ने अलग-अलग जगहों पर दूसरी शादी रचा ली।
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    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बुलेट बाइक की मांग के चलते निकाह के महज़ 5 घंटे बाद ही तलाक हो गया।

इस घटना के बाद बारात वापस लौट गई। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे वाकये के महज 12 घंटे के भीतर ही दूल्हा और दुल्हन दोनों ने अलग-अलग जगहों पर दूसरी शादी रचा ली।
    user_Anoop singh
    Anoop singh
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बहराइच जिले के थाना रानीपुर में 32 वर्षीय बीरन ने गंभीर बीमारी और आर्थिक तंगी से परेशान होकर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक के पिता रामरती ने बताया कि उनका बेटा पिछले छह-सात महीने से अस्वस्थ था, उसे चक्कर आने और शारीरिक कमजोरी जैसी समस्याएँ बनी रहती थीं, जिसके कारण वह चलने-फिरने में भी असमर्थ हो गया था। परिजनों ने बीरन के इलाज के लिए कई जगह प्रयास किए, लेकिन आर्थिक तंगी और उचित संसाधनों के अभाव के चलते उसे पूर्ण स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा था। इन्हीं परिस्थितियों से तंग आकर युवक ने यह आत्मघाती कदम उठाया। जैसे ही परिवार को इस घटना की सूचना मिली, उनमें कोहराम मच गया। मौके पर पहुँची स्थानीय थाने की पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है, वहीं मृतक के परिवार में अभी भी गहरा दुख और मातम छाया हुआ है।
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    बहराइच जिले के थाना रानीपुर में 32 वर्षीय बीरन ने गंभीर बीमारी और आर्थिक तंगी से परेशान होकर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक के पिता रामरती ने बताया कि उनका बेटा पिछले छह-सात महीने से अस्वस्थ था, उसे चक्कर आने और शारीरिक कमजोरी जैसी समस्याएँ बनी रहती थीं, जिसके कारण वह चलने-फिरने में भी असमर्थ हो गया था।

परिजनों ने बीरन के इलाज के लिए कई जगह प्रयास किए, लेकिन आर्थिक तंगी और उचित संसाधनों के अभाव के चलते उसे पूर्ण स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा था। इन्हीं परिस्थितियों से तंग आकर युवक ने यह आत्मघाती कदम उठाया।

जैसे ही परिवार को इस घटना की सूचना मिली, उनमें कोहराम मच गया। मौके पर पहुँची स्थानीय थाने की पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है, वहीं मृतक के परिवार में अभी भी गहरा दुख और मातम छाया हुआ है।
    user_Mohd Aamir
    Mohd Aamir
    पत्रकार जनता की सेवा मो आमिर कैसरगंज, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
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