कानून व्यवस्था मजबूत करने को सीओ सर्किल में फेरबदल, आभा सिंह को क्षेत्राधिकारी गीडा की जिम्मेदारी सौंपी गई कानून व्यवस्था मजबूत करने को सीओ सर्किल में फेरबदल सहजनवां गोरखपुर। जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है। नए आदेश के तहत क्षेत्राधिकारी कैंट आभा सिंह को क्षेत्राधिकारी गीडा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि क्षेत्राधिकारी गीडा निधि आनंद को क्षेत्राधिकारी कैंट बनाया गया है। आभा सिंह अपनी सक्रिय, अनुशासित और जनकेंद्रित कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। आम लोगों के बीच उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी पहचान मिली है। अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैये को लेकर उनकी कार्यशैली की चर्चा रहती है। वहीं आभा सिंह के पति अनुज सिंह वर्तमान में क्षेत्राधिकारी बांसगांव के पद पर तैनात हैं। उन्हें भी निष्पक्ष, ईमानदार और प्रभावी पुलिसिंग के लिए जाना जाता है। पुलिस महकमे और आम लोगों के बीच दोनों अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सकारात्मक चर्चा रहती है। माना जा रहा है कि यह बदलाव जिले की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने तथा जनता का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने में सहायक होगा।
कानून व्यवस्था मजबूत करने को सीओ सर्किल में फेरबदल, आभा सिंह को क्षेत्राधिकारी गीडा की जिम्मेदारी सौंपी गई कानून व्यवस्था मजबूत करने को सीओ सर्किल में फेरबदल सहजनवां गोरखपुर। जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है। नए आदेश के तहत क्षेत्राधिकारी कैंट आभा सिंह को क्षेत्राधिकारी गीडा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि क्षेत्राधिकारी गीडा निधि आनंद को क्षेत्राधिकारी कैंट बनाया गया है। आभा सिंह अपनी सक्रिय, अनुशासित और जनकेंद्रित कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। आम लोगों के बीच उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी पहचान मिली है। अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैये को लेकर उनकी कार्यशैली की चर्चा रहती है। वहीं आभा सिंह के पति अनुज सिंह वर्तमान में क्षेत्राधिकारी बांसगांव के पद पर तैनात हैं। उन्हें भी निष्पक्ष, ईमानदार और प्रभावी पुलिसिंग के लिए जाना जाता है। पुलिस महकमे और आम लोगों के बीच दोनों अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सकारात्मक चर्चा रहती है। माना जा रहा है कि यह बदलाव जिले की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने तथा जनता का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने में सहायक होगा।
- बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग सहजनवा, गोरखपुर। बहन-बेटियों और मासूम बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे हत्या एवं दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के विरोध में शनिवार को दलित शोषित कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सहजनवा में जनजागरण पैदल मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने इसमें भाग लेकर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। पैदल मार्च भीटी चौराहे से प्रारंभ होकर सहजनवा थाना होते हुए पूरे सहजनवा बाजार में निकाला गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर महिला सुरक्षा के समर्थन में नारे लगाए तथा लोगों को जागरूक किया। मार्च के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि बहन-बेटियों और बच्चों के साथ हत्या, दुष्कर्म तथा अन्य जघन्य अपराध करने वाले दोषियों को 90 दिनों के भीतर फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों में कानून का भय पैदा हो और भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सहजनवा, खजनी, चित्रकूट सहित देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार सामने आ रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई से ही समाज में न्याय का विश्वास मजबूत होगा। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने एक स्वर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराधियों को शीघ्र एवं कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई।4
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- कुशीनगर में तीन बहनों की नाले में डूबने से हुई मौत, परिजनों में मचा कोहराम कुशीनगर में हुए दर्दनाक हादसे ने झकझोर कर रख दिया है, यहां नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के दुबौली गांव के पास तेज बहाव वाले नाले के किनारे खेल रही 3 मासूम बहने अचानक संतुलन खोने से उसमें गिर गई। घटना शुक्रवार शाम 5 बजे गांव के बाहर सिधरिया नाले की पुलिया के पास हुई, वहीं उनका भाई भी खेल रहा था। सपना, शिवानी और कुंजन घर से निकलीं। साथ में भाई प्रियांशु को भी ले गईं। तीनों नाले के पुल पर पहुंचीं। रेलिंग पर पैर लटकाकर बैठ गईं। अचानक संतुलन बिगड़ने से तीनों गहरे नाले में गिर गईं। बहनों को डूबता देखकर प्रियांशु बहनों को बचाने भागा। लेकिन, बहाव तेज होने की वजह से कुछ कर नहीं पाया। बहनों के नाले में गिरता देख भाई चिल्लाने लगा। आसपास कोई नहीं दिखा तो भागकर गांव पहुंचा। लोगों को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण भागकर पुलिया के पास पहुंचे, पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी गई। सर्च ऑपरेशन चलाया गया। करीब 14 घंटे बाद शनिवार सुबह 7 बजे पुलिया से 3 सौ मीटर दूर तीनों के शव बरामद किए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बच्चियों की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- देवरिया डीएम को ज्ञापन देने गोरखपुर से चलकर पूर्वांचल भागीदारी संकल्प मोर्चा की पूरी टीम द्वारा अधिकारी से कई मुद्दों पर मांग किया गया पूर्वांचल भागीदारी संकल्प मोर्चा और भारतीय अपना समाज पार्टी द्वारा कई छोटे छोटे संगठन मिलकर एक दूसरे से कदम से कदम मिलाकर 2027 के चुनाव का तैयारी कर रहे हैं इसी बीच इन सब दलों ने मिलकर देवरिया डीएम को कई मुद्दों पर सवाल और कई मांगों को लेकर ज्ञापन सोपा1
- गोरखपुर दीपिका हत्याकांड: CM को सौंपा गया ज्ञापन, पीड़ित परिवार के लिए 7 बड़ी मांगें | Gorakhpur News1
- नील गाय का बढ़ता आतंक, किसान परेशान निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। नेवास गोरखपुर। पाली क्षेत्र में नीलगायों का बढ़ता आतंक किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हासपार्टी, सजनापार, नेवास, गोविंदपुर, तिवरान, पनिका और इटार समेत कई गांवों में नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर धान और अन्य फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही रात होती है, नीलगायों के झुंड खेतों में पहुंच जाते हैं। फसल बचाने के लिए किसान टॉर्च, डंडे और शोर-शराबे के सहारे पूरी रात खेतों की निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। किसान विनोद, महेश, रामलखन, कन्हैया, गोविंद, कमल और बिनय कपूर सहित कई किसानों ने बताया कि नीलगायों के कारण आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि नीलगायों से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी मेहनत बर्बाद होने से बच सके।1