राजस्थान के सबसे गर्म जिलों में से एक जैसलमेर, जहां दूर-दूर तक पेड़ भी दिखाई नहीं देते, वह अब भीषण जल संकट से जूझ रहा है। यह वही धरती है जिसने मागे खान, पद्मश्री अनवर खान, रूमा देवी, गाजी खान और फकीर खान जैसे कई महान कलाकारों को जन्म दिया है, जिन्होंने दुनिया भर में भारत और राजस्थान का नाम रोशन किया है। आज इसी 'राजस्थान के गौरव और भारत माता के सपूतों' के जिलेवासी पानी की एक-एक बूँद के लिए लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। जिले में जलापूर्ति के लिए सरकारी ठेका मिलने के बावजूद टैंकरों की कमी के कारण यह संकट गहरा गया है। लगभग 5 लाख जनता पानी के लिए संघर्ष करती दिख रही है, क्योंकि जीवन के लिए पानी सबसे आवश्यक है और इसके बिना जनता का जीवन अधूरा है। इस बीच, नहर बंदी के कारण बाड़मेर में भी जलसंकट गंभीर हो गया है। कड़कड़ाती गर्मी में, जहां पारा 49 और 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है, लोग पानी के लिए कतारों में खड़े रहने को विवश हैं। जनता समझ नहीं पा रही है कि इस विकट परिस्थिति में वे अपनी गुहार किसके पास लेकर जाएं।
राजस्थान के सबसे गर्म जिलों में से एक जैसलमेर, जहां दूर-दूर तक पेड़ भी दिखाई नहीं देते, वह अब भीषण जल संकट से जूझ रहा है। यह वही धरती है जिसने मागे खान, पद्मश्री अनवर खान, रूमा देवी, गाजी खान और फकीर खान जैसे कई महान कलाकारों को जन्म दिया है, जिन्होंने दुनिया भर में भारत और राजस्थान का नाम रोशन किया है। आज इसी 'राजस्थान के गौरव और भारत माता के सपूतों' के जिलेवासी पानी की एक-एक बूँद के लिए लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। जिले में जलापूर्ति के लिए सरकारी ठेका मिलने के बावजूद टैंकरों की कमी के कारण यह संकट गहरा गया है। लगभग 5 लाख जनता पानी के लिए संघर्ष करती दिख रही है, क्योंकि जीवन के लिए पानी सबसे आवश्यक है और इसके बिना जनता का जीवन अधूरा है। इस बीच, नहर बंदी के कारण बाड़मेर में भी जलसंकट गंभीर हो गया है। कड़कड़ाती गर्मी में, जहां पारा 49 और 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है, लोग पानी के लिए कतारों में खड़े रहने को विवश हैं। जनता समझ नहीं पा रही है कि इस विकट परिस्थिति में वे अपनी गुहार किसके पास लेकर जाएं।
- किसानों के लिए खेती बोने का समय नजदीक आ गया है, ऐसे में डीजल और पेट्रोल की कीमतें कम होना आवश्यक है। किसानों का कहना है कि अगर खेत नहीं बोए जाएंगे तो लोग खाएंगे क्या, यह बात सबको पता है। पोस्ट में सोने के भाव बढ़ने का जिक्र करते हुए यह सवाल उठाया गया है कि अगर सोने का भाव बढ़ गया है, तो फिर गेहूँ का भाव क्यों नहीं बढ़ रहा है। यह स्थिति किसानों के लिए चिंताजनक है और उनसे डीजल-पेट्रोल की कीमतों में कमी तथा गेहूँ के उचित दाम बढ़ाने की माँग की गई है।1
- आज शाम लगभग 7 बजे से ब्यावर क्षेत्र के देवली कलां गांव में तेज तूफानी हवा चल रही है। इन तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमक रही है और भारी गर्जना के साथ बारिश भी हो रही है।1
- पाली जिले के बाली उपखंड के आमलिया ग्राम में हुई तेज बारिश से ग्रामीणों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।1
- सुमेरपुर, सांडेराव और तखतगढ़ क्षेत्रों में 30 मई शनिवार अलसुबह हुई बारिश के कारण समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया, जिसके बाद प्रशासन और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) हरकत में आ गए। इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद एफसीआई अजमेर मंडल प्रबंधक राकेश कुमार के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। यह टीम शनिवार शाम करीब 7 बजे तखतगढ़ स्थित खरीद केंद्र पहुंची, जिसमें एफसीआई प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना, प्रबंधक रींकूजी खटूमरा और गोविंदराम गोसाईवाल शामिल थे। अधिकारियों ने बारिश से प्रभावित गेहूं के कट्टों का गहन निरीक्षण किया और बूम्बी का उपयोग कर विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र किए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किया गया। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन भी किया। यह उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग के डाक बंगले परिसर में संचालित अस्थायी खरीद केंद्र पर गेहूं का समय पर उठाव न होने के कारण बड़ी मात्रा में स्टॉक खुले में पड़ा था। शनिवार सुबह हुई बारिश से कई कट्टे भीग गए, जिससे किसानों और संबंधित एजेंसियों में भारी चिंता बढ़ गई थी। एफसीआई अधिकारियों ने प्रभावित गेहूं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना ने बताया कि बारिश से प्रभावित गेहूं के नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण किया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। गुणवत्ता निरीक्षक दिलीप गोस्वामी ने भी पुष्टि की कि बारिश के कारण कुछ गेहूं के बैग प्रभावित हुए हैं और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में बिरामी गांव के पास 1400 एमएम व्यास की जवाई-पाली जीआरपी पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इस सूचना के तुरंत बाद, संबंधित विभाग ने पाइपलाइन के रखरखाव और मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक, जवाई पाइपलाइन से जुड़े सभी क्षेत्रों में वैकल्पिक भंडारण और उपलब्ध जल स्रोतों के माध्यम से जलापूर्ति सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, तकनीकी कार्य के चलते संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति आगामी दो दिनों तक प्रभावित रहने की संभावना है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जल का संयमित उपयोग करें और आवश्यकतानुसार पानी का संग्रह करके रखें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नियमित जलापूर्ति बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए टीम लगातार सक्रिय रूप से काम कर रही है।2
- स्व. श्री जालम सिंह महेचा की स्मृति में जोधपुर में 7 जून को एक विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर जोधपुर के कायलाना रोड स्थित होटल सिद्धार्थ पैलेस में लगेगा। इस चौथे विशाल रक्तदान शिविर के पोस्टर का विमोचन बाली विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री पुष्पेंद्र सिंह राणावत ने बीजापुर में किया। विधायक राणावत ने इस अवसर पर कहा कि जोधपुर संभाग के सरकारी अस्पतालों में मरीजों का भारी दबाव रहता है और उन्हें अक्सर रक्त की आवश्यकता होती है। उन्होंने ऐसे रक्तदान शिविरों को जरूरतमंदों को जीवनदान देने वाली एक बड़ी जनसेवा बताया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाली चैनसिंह महेचा ने जानकारी दी कि उनके पिता स्व. जालम सिंह महेचा एक उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी थे, जिन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। पिता के सामाजिक सरोकारों से प्रेरणा लेते हुए, चैनसिंह महेचा ने पिछले कई वर्षों से पुलिसकर्मियों, युवाओं और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जोधपुर के एमजेएच, एमडीएम, उम्मेद अस्पताल और एम्स को हजारों यूनिट रक्त उपलब्ध कराया है। उनकी समर्पित टीम आपात स्थिति, ट्रॉमा और थैलेसीमिया पीड़ितों को जरूरत पड़ने पर कॉल पर भी रक्त, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा प्रदान करती है। पिछले शिविर में लगभग 500 यूनिट रक्तदान हुआ था। विधायक राणावत और एएसपी चैन सिंह महेचा ने जोधपुर संभाग के युवाओं, पुलिस, चिकित्सा और बीएसएफ के जवानों से बड़ी संख्या में पहुंचकर रक्तदान करने की अपील की है। इस पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में बाली थानाधिकारी पर्वत सिंह भाटी, सालासर सेवा संस्थान के अरविंद कच्छवाह, गणपत सिंह, मोहन देवासी, लीलावत सिंह, फूल सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।1
- राजस्थान के निमाज कस्बे की आवासीय भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल में 30 मई को एक प्रसूता की मौत के बाद से मामला लगातार गर्माता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठी हुई हैं और न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर मौजूद हैं, साथ ही आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। धरनास्थल पर भारी भीड़ जमा है, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।3
- राजस्थान के निमाज कस्बे में, 30 मई को श्री आई जी हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। यह पूरी घटना कस्बे की आवासीय भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल की है। इस घटना के बाद, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गई हैं, और न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद हैं, और आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से क्षेत्र में तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन के मांडा में अचानक हुई हल्की बारिश के बाद चली तेज़ हवाओं और तूफान ने निंबार्क मैरिज गार्डन के डोम को गिरा दिया। बस स्टैंड पर बने इस गार्डन में लगा 40x100 का डोम तूफान के कारण ढह गया, जिससे करीब दो लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। सुरेश दास वैष्णव ने बताया कि हवाएं इतनी तेज़ थीं कि बाहर खड़े रहना भी मुश्किल हो रहा था। गनीमत रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुँचा, क्योंकि टेंट में काम करने वाले मजदूर पास ही बने एक कमरे में सो रहे थे। इस तूफान के चलते क्षेत्र में कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे भी गिर गए। सुरेश दास ने तूफान से प्रभावित हुए लोगों के आर्थिक मूल्यांकन के बाद सरकार से आर्थिक सहयोग की मांग की है।1