लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र स्थित मेहंदी घाट पर आयोजित कमल महोत्सव में बड़ी लापरवाहियों और अव्यवस्थाओं के आरोप सामने आए हैं। कार्यक्रम स्थल पर मीडिया के लिए बोर्ड लगाए गए थे, लेकिन पत्रकारों को कोई विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे उनमें गहरी नाराजगी है। आरोप है कि पत्रकारों से पार्किंग के नाम पर ₹20 का शुल्क भी वसूला गया। महोत्सव स्थल पर खुले बिजली के तार स्पष्ट रूप से दिखाई दिए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही उजागर हुई। पुलिस सहायता केंद्र का बोर्ड लगे होने के बावजूद, मौके पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं मिला। पार्किंग व्यवस्था भी पूरी तरह से अव्यवस्थित रही, जिसके कारण वाहन पार्किंग से बाहर सड़कों पर खड़े हो गए और जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने पार्किंग कर्मचारियों पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया है। यह भी बताया जा रहा है कि महोत्सव देर रात 12 बजे के बाद भी संचालित हो रहा था, लेकिन सुरक्षा के इंतज़ाम संतोषजनक नहीं थे। इस पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से तत्काल जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र स्थित मेहंदी घाट पर आयोजित कमल महोत्सव में बड़ी लापरवाहियों और अव्यवस्थाओं के आरोप सामने आए हैं। कार्यक्रम स्थल पर मीडिया के लिए बोर्ड लगाए गए थे, लेकिन पत्रकारों को कोई विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे उनमें गहरी नाराजगी है। आरोप है कि पत्रकारों से पार्किंग के नाम पर ₹20 का शुल्क भी वसूला गया। महोत्सव स्थल पर खुले बिजली के तार स्पष्ट रूप से दिखाई दिए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही उजागर हुई। पुलिस सहायता केंद्र का बोर्ड लगे होने के बावजूद, मौके पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं मिला। पार्किंग व्यवस्था भी पूरी तरह से अव्यवस्थित रही, जिसके कारण वाहन पार्किंग से बाहर सड़कों पर खड़े हो गए और जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने पार्किंग कर्मचारियों पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया है। यह भी बताया जा रहा है कि महोत्सव देर रात 12 बजे के बाद भी संचालित हो रहा था, लेकिन सुरक्षा के इंतज़ाम संतोषजनक नहीं थे। इस पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से तत्काल जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
- संवाददाता आशीष मिश्रा की ब्रेकिंग रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और मेरठ से जुड़े एक मामले में एक युवती ने 'साहिल' नाम के व्यक्ति पर पहचान छिपाकर दोस्ती करने, यौन उत्पीड़न करने, जबरन धर्मांतरण कराने और उसे बंधक बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, जिस व्यक्ति ने अपनी पहचान 'साहिल' बताई थी, उसका असली नाम मोहम्मद फहीम है। युवती ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि फहीम ने उससे गोमांस खाने को कहा था, यह बताते हुए कि यह मुस्लिम बनने की शर्त है। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मेरठ निवासी मोहम्मद फहीम और उसके परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।1
- लखनऊ में लोक भवन मीडिया सेंटर में मीडिया से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया के सभी राष्ट्राध्यक्षों ने भारत की विकास यात्रा पर अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बल दिया कि जब ऐसा चमत्कारिक और दूरदर्शी नेतृत्व मिलता है, तो बदलने में समय नहीं लगता। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी जाति, मत या मजहब का व्यक्ति हो, सबने इन दिनों में भारत को बदलते हुए देखा है, और हम उस नए भारत के नागरिक हैं जो बिना रुके, बिना डिगे और बिना थके आगे बढ़े हैं। उन्होंने निर्वाचित प्रधानमंत्री को उनके कार्यकाल के रिकॉर्ड तोड़ने पर अभिनंदन और बधाई देते हुए कहा कि भारत ने अपनी शक्ति और सामर्थ्य का परिचय दुनिया को दिखाया है, जबकि राजनीतिक दलों ने भाषा, जाति और धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश की थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनधन अकाउंट हों या स्वयं का शौचालय, करोड़ों लोगों को पहली बार ये सुविधाएं मिलीं और उन्हें अपने स्वयं के आवास भी मिले। गरीब को ₹5 लाख की स्वास्थ्य बीमा का कवर मिला। उन्होंने कहा कि विश्व ने 12 वर्षों को आस्था और आर्थिकी के रूप में देखा है। युवा, महिला, किसान और नौजवान के समग्र उत्थान के कार्यक्रम बने हैं, और सरकार ने रेवड़ी संस्कृति की बजाय सस्टेनेबल विकास पर काम किया है। मुख्यमंत्री ने स्मरण कराया कि जब पीएम मोदी ने सत्ता संभाली थी, तब भारत की आबादी 120 करोड़ थी, और अब 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सिर्फ भारत, चीन और अमेरिका ही ऐसे देश हैं जिनकी आबादी 25 करोड़ से ज्यादा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पीएम मोदी की योजनाओं का सबसे बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश को मिला है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय यूपी भ्रष्टाचार, गरीबी और अराजकता से जूझ रहा था तथा अपनी पहचान का मोहताज था। अब, यूपी में 65 लाख गरीबों को एक-एक आवास का लाभ मिला है। देश भर में बने 12 करोड़ शौचालयों में से 3 करोड़ शौचालय यूपी में बने हैं, और 10 करोड़ के कलेक्शन में से यूपी के 2 करोड़ परिवारों को यह सुविधा मुफ्त मिली है। 60 करोड़ आयुष्मान कार्ड में से 15 करोड़ लाभार्थी यूपी के हैं, और यूपी में 15 करोड़ लोगों को फ्री राशन का लाभ मिल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल वोटबैंक का काम नहीं करती, बल्कि जाति, धर्म, पंथ या मजहब देखे बिना गरीब का उत्थान करके उसे लाभ देती है। आधी आबादी के साथ पहले होने वाले भेदभाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बेटी के जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई की योजना लागू की गई है। देश की आर्मी, स्पेस और उद्योग में बेटियों को प्लेसमेंट की सुविधा मिली है, और उन्हें शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए भी लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि पहले बेटियां और बच्चे नंगे पैर स्कूल जाते थे, लेकिन अब स्कूल में ड्रॉपआउट रेट को कम किया गया है।4
- राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित बी-ब्लॉक में पानी की टंकी के पास एक पार्क में बने मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। शुक्रवार दोपहर करीब 3:40 बजे, बाइक सवार तीन युवकों ने मंदिर से तांबे का घड़ा चोरी कर लिया और मौके से फरार हो गए। यह वारदात मकान नंबर 2252 के सामने स्थित मंदिर में हुई। दिनदहाड़े हुई इस चोरी से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। मंदिर की देखरेख करने वाली मनोरमा शुक्ला ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है, साथ ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है। यह घटना भूतनाथ चौकी क्षेत्र की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।1
- चंडीगढ़ में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ बदमाशों ने एक दुकान में घुसकर एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर बेखौफ होकर दुकान के अंदर पहुँचे और युवक को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया। वहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमों को लगाया गया है। इस घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे आम जनता में डर का माहौल है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के अंतिम दृश्य अत्यंत संवेदनशील बताए गए हैं, और कमजोर दिल वाले लोगों को इसे देखने से बचने की सलाह दी गई है।1
- केंद्र सरकार के विश्वास, विकास और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में, सुलतानपुर के विकास खंड भदैंया अंतर्गत ग्राम पंचायत पन्ना टिकरी, तहसील लम्भुआ में एक भव्य जन चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा जनपद प्रभारी मंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव ने की। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, विधायक लम्भुआ सीताराम वर्मा, जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक चारू निगम, मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सहित कई जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रभारी मंत्री का भव्य स्वागत किया गया, जहाँ भाजपा जिलाध्यक्ष ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया, जबकि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने पुष्पगुच्छ से उनका अभिनंदन किया। जन चौपाल के दौरान, प्रभारी मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने स्कूल चलो अभियान, पशुपालन विभाग, कृषि रक्षा विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायती राज विभाग और खाद्य एवं रसद विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा प्रदर्शित योजनाओं तथा उत्पादों की जानकारी ली। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के स्टॉल पर उन्होंने गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रमों में भाग लेकर लाभार्थियों को आशीर्वाद दिया। अपने संबोधन में, प्रभारी मंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध रूप से लाभान्वित किया जाए और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर जनसामान्य को जागरूक किया जाए। उन्होंने सीधे जनसामान्य से संवाद स्थापित कर योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी और अधिकारियों को आवास योजना के शेष पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता से लाभान्वित करने, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय उपलब्ध कराने तथा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को आगामी 15 दिनों में शेष पात्र लाभार्थियों तक समस्त योजनाओं का लाभ पहुँचाने और इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया। कार्यक्रम के दौरान कई योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ भी वितरित किया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत श्रीमती आरती पत्नी शिवकुमार और श्री विजय कुमार पुत्र रामदत्त को आवास की चाबियाँ प्रदान की गईं। कृषि विभाग द्वारा श्री राम पियारे पाठक, श्री राकेश पाठक, श्री धर्मेन्द्र कुमार दुबे, श्री राजेश और श्री राजेन्द्र को बाजरे की निःशुल्क मिनी किटें वितरित की गईं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत श्री उमेश कुमार वर्मा को ₹5 लाख का डेमो चेक प्रदान किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु श्रीमती जया, श्रीमती सुमन, श्रीमती माधुरी और श्रीमती सोलन को ₹1.50-1.50 लाख के डेमो चेक दिए गए। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत श्री मनीष कुमार, श्री दिलीप कुमार, श्री रामपाल, श्री आकाश और श्री वीरेन्द्र को सहायता राशि के चेक वितरित कर लाभान्वित किया गया। यह जन चौपाल कार्यक्रम सरकार की जनहितकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने, लाभार्थियों से सीधा संवाद स्थापित करने और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने का एक सफल प्रयास रहा। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने सरकार की योजनाओं के प्रति संतोष व्यक्त किया और प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। प्रभारी मंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले लाभ के बारे में लोगों से पूछा, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की सराहना की। कार्यक्रम का समापन जनकल्याण एवं विकास के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की भावना को और सशक्त बनाया जा सके।1
- राजस्थान के जालौर जिले के चितलवाना कस्बे से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ 75 वर्षीय नग सिंह जी को एक आवारा सांड ने पीछे से उठाकर जोरदार तरीके से पटक दिया। इस घटना ने एक बार फिर घर के बड़े-बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसों के मद्देनजर, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है, ताकि उन्हें अकेले बाहर न निकलना पड़े।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा धनवा गांव में एक युवक ने अपनी शादीशुदा बहन की गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपी संदीप यादव ने अपनी 19 वर्षीय बहन रंजू यादव की हत्या करने के बाद उसके शव को गांव के बाहर एक कुएं में फेंक दिया। बताया गया है कि रंजू की शादी डेढ़ महीने पहले ही हुई थी और संदीप को अपनी बहन के अफेयर का शक था। हत्या के इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाई खुद ही पुलिस चौकी पहुंचा और अपना जुर्म कबूल कर लिया।1
- हरदोई में पुस्तकालय के मालिकाना हक को लेकर उपजे विवाद में एक पत्रकार अमित श्रीवास्तव और अंशु रानी मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अमित श्रीवास्तव के अनुसार, उन्होंने एक मकान में 5 साल के एग्रीमेंट पर पुस्तकालय खोला था, जिसे 30 अप्रैल 2026 को कुछ व्यक्तियों, जिनमें राजीव मिश्रा, आलोक शुक्ला और अंशुल शुक्ला शामिल हैं, ने कथित तौर पर ताला लगाकर बंद कर दिया। इन व्यक्तियों पर पुस्तकालय के सीसीटीवी कैमरे बंद करने और फर्नीचर, इन्वर्टर, पंखे, लैपटॉप, कंप्यूटर के साथ-साथ बच्चों की किताबें व दस्तावेज जैसे सामान पर कब्जा करने का आरोप है। जब अमित श्रीवास्तव ने इस कार्रवाई का विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। इसी मामले में, अंशु रानी मिश्रा ने जिलाधिकारी, हरदोई को संबोधित एक पत्र में विनय मिश्रा नामक व्यक्ति पर मानसिक उत्पीड़न, मानहानि और उनकी पुस्तकालय को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विनय मिश्रा उन पर झूठे और निराधार आरोप लगाकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचा रहे हैं। अंशु रानी मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में थाना कोतवाली शहर में एफआईआर संख्या 0302/2026 पहले ही दर्ज की जा चुकी है। मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया, जब पत्रकार अमित श्रीवास्तव ने हरदोई सिटी कोतवाली के एसआई रोहित पांडे और महेंद्र सिपाही पर उन्हें किडनैप करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस टीम ने रात में उनके घर पर मिलकर उन्हें जान से मारने की कोशिश की। इसके अलावा, अमित श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि 25 मई 2026 को सिटी कोतवाली हरदोई में उन्हें और अनुसूचित जाति समुदाय की एक महिला को बेरहमी से पीटा गया, तथा एक ही दिन में उनके खिलाफ दो फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए गए। इस पूरी घटना को 'योगी जी के राज में न्याय मांगने वालों पर अत्याचार' करार देते हुए, अंशु रानी मिश्रा ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रार्थना की है। अमित श्रीवास्तव और अन्य पीड़ितों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे मदद की गुहार लगाई है, यह आशंका व्यक्त करते हुए कि हरदोई पुलिस उन्हें मार डालेगी। इस शिकायत की प्रतियाँ अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, महिला आयोग और पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी हरदोई सहित कई उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।4