उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा सोमवार से हमीरपुर जनपद में शुरू हो गई है। परीक्षा के सफल और निष्पक्ष संचालन के लिए जिले में कुल सात परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। तीन दिनों तक चलने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा में कुल 18,432 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से हाईवे पर वाहनों का रूट डायवर्जन भी लागू किया गया है। जनपद में राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज, विद्यामंदिर इंटर कॉलेज, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुछेछा, राजाराम इंटर कॉलेज झलोखर और राजकीय महाविद्यालय सुमेरपुर को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यह परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रथम पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और द्वितीय पाली अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न होगी। प्रत्येक पाली में सभी सातों केंद्रों पर कुल 3,072 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा की सुरक्षा और निगरानी के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट, एक केंद्र व्यवस्थापक तथा एक केंद्र पुलिस प्रभारी की तैनाती की गई है। पूरे जनपद में कुल 7 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 7 केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा, पर्याप्त पुलिस बल भी लगाया गया है। प्रशासन द्वारा सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, कंट्रोल रूम, स्ट्रांग रूम, विद्युत आपूर्ति, पेयजल तथा शौचालय सहित अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित कर ली गई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा को पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के लिए समस्त आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा सोमवार से हमीरपुर जनपद में शुरू हो गई है। परीक्षा के सफल और निष्पक्ष संचालन के लिए जिले में कुल सात परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। तीन दिनों तक चलने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा में कुल 18,432 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से हाईवे पर वाहनों का रूट डायवर्जन भी लागू किया गया है। जनपद में राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज, विद्यामंदिर इंटर कॉलेज, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुछेछा, राजाराम इंटर कॉलेज झलोखर और राजकीय महाविद्यालय सुमेरपुर को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यह परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रथम पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और द्वितीय पाली अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न होगी। प्रत्येक पाली में सभी सातों केंद्रों पर कुल 3,072 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा की सुरक्षा और निगरानी के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट, एक केंद्र व्यवस्थापक तथा एक केंद्र पुलिस प्रभारी की तैनाती की गई है। पूरे जनपद में कुल 7 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 7 केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा, पर्याप्त पुलिस बल भी लगाया गया है। प्रशासन द्वारा सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, कंट्रोल रूम, स्ट्रांग रूम, विद्युत आपूर्ति, पेयजल तथा शौचालय सहित अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित कर ली गई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा को पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के लिए समस्त आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
- हमीरपुर के मौदहा तहसील क्षेत्र के ग्राम करहिया के ग्रामीणों ने बस्ती के बीच संचालित देशी शराब के ठेके को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग को लेकर तहसीलदार मौदहा को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब ठेके पर आने वाले लोग अक्सर नशे की हालत में गांव की महिलाओं, बेटियों और बच्चों के सामने अभद्र व्यवहार करते हैं, जिससे सामाजिक माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि इस ठेके के कारण आए दिन विवाद, झगड़े और अशांति की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से पूर्व में भी शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि बस्ती के बीच स्थित शराब ठेका बच्चों के भविष्य और गांव के सामाजिक वातावरण के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए शराब के ठेके को तत्काल आबादी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि समय रहते ठेका नहीं हटाया गया तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।2
- हमीरपुर जिले में पुलिस भर्ती परीक्षा आज से शुरू हो गई है। यह भर्ती परीक्षा 8, 9 और 10 जून को दो पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रथम पाली में 3072 अभ्यर्थी शामिल होंगे। जिले भर में इसके लिए 7 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। अभ्यर्थियों को सघन चेकिंग के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया जा रहा है। प्रत्येक केंद्र पर 7 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 7 केंद्र व्यवस्थापक तथा पुलिस प्रभारी तैनात किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से 'तीसरी आंख' की निगरानी की जा रही है। इसके अतिरिक्त, सभी केंद्रों की मॉनिटरिंग के लिए पुलिस लाइन में एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक कलयुगी बेटे ने अपनी मां की निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने मृतक महिला के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- बांदा जिले की बबेरु पुलिस ने चोरी, टप्पेबाजी और रुपए दोगुना करने का लालच देकर लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से ₹14,100 नकद और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। साथ ही अपराध से अर्जित ₹2 लाख 84 हजार की धनराशि को आरोपियों के बैंक खातों में फ्रीज भी कराया गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम कौहारा निवासी रामचन्द्र उर्फ मुंशी ने 4 जून को थाना बबेरु में अपने रुपए चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, कस्बा बबेरु निवासी विनय प्रताप ने भी शिकायत दी थी कि दो बाइक सवार युवकों ने उन्हें रुपए दोगुना करने का झांसा देकर नकदी ठग ली थी। इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ओरन रोड से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कैलाश, राजकुमार और अनुराग के रूप में हुई है, जो थाना कमासिन क्षेत्र के ओझा नगर के निवासी हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य लोगों को लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे और फिर उनकी रकम लेकर फरार हो जाते थे। फिलहाल, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने जिले तथा आसपास के क्षेत्रों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।1
- बांदा के नरैनी क्षेत्र स्थित पुकारी गांव में एक युवक की मौत ने अवैध मोरम खनन के 'काले सच' को एक बार फिर उजागर कर दिया है। दिनेश कुमार त्रिवेदी नामक युवक की खदान में हुई मौत को लेकर परिजनों ने सीधे-सीधे हत्या का आरोप लगाया है; उनका दावा है कि युवक को पोकलैंड मशीन के बकेट से वार कर मौत के घाट उतारा गया है। परिजनों के अनुसार, खदान में अनियमितताओं को लेकर हुए विवाद के बाद दिनेश की जान चली गई। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि खदान के पास संचालन की कोई वैध अनुमति नहीं थी, तो यह कारोबार आखिर किसके संरक्षण में चल रहा था। ग्रामीणों का मानना है कि जिस खदान को कागजों में अस्तित्वहीन होना चाहिए था, वहां मशीनें कैसे काम कर रही थीं और मजदूर कैसे लगाए गए थे। यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि अवैध खनन की शिकायतों के बावजूद अक्सर मौन रहने वाली व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीणों के बीच यह चर्चा है कि अगर खदान वास्तव में अवैध थी, तो जिम्मेदारी केवल आरोपित व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन सवालों के जवाब भी तलाशने होंगे कि आखिर कानून की आंखों के सामने यह खेल कब से और कैसे चलता रहा। इस घटना से दिनेश के परिवार में गहरा शोक और आक्रोश है, और अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जब अवैध कारोबार बेलगाम हो जाते हैं, तो उसकी कीमत अक्सर किसी न किसी की जान बन जाती है।1
- हमीरपुर जिले की मौदहा तहसील के ग्राम करहिया में शराब के ठेके को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। बस्ती के ठीक बीच में संचालित इस शराब ठेके को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मौदहा तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें तत्काल कार्रवाई की गुहार लगाई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस ठेके के कारण शराबियों की आवाजाही से महिलाएं, युवतियां और बच्चे असहज महसूस करते हैं। ठेके के आसपास आए दिन विवाद और झगड़े की स्थिति बनी रहती है, जिससे ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है और गांव का माहौल खराब हो रहा है। बच्चों की शिक्षा और महिलाओं की सुरक्षा को गंभीर खतरा बताते हुए, ग्रामीणों ने मांग की है कि शराब के ठेके को बस्ती से बाहर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन ठेके को नहीं हटाया गया, जिससे उनका असंतोष और भी बढ़ गया है।4
- हमीरपुर के बिवांर थाना क्षेत्र के छानी खुर्द गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ आंधी-तूफान के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल न होने के कारण नहाने और कपड़े धोने के लिए तालाब पहुँची माँ के साथ गए तीन बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई। इस दुखद घटना पर कांग्रेसियों ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) को सौंपा है, जिसमें पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा और अन्य सहायता की तत्काल मांग की गई है। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने इस ज्ञापन के माध्यम से पीड़ित परिवार को पक्का आवास, एक हैंडपंप और सरकारी नौकरी प्रदान करने की गुहार लगाई है। उन्होंने प्रशासन द्वारा पहले ही दी जा चुकी ₹12 लाख की आपदा राहत राशि को अपर्याप्त बताते हुए, ₹50 लाख की राहत राशि के साथ-साथ पक्का आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं को जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की जोरदार मांग राज्यपाल से की है। इस मौके पर पूर्व विधायक गयादीन अनुरागी, जगदीश नारायण शर्मा और पुनीत पालीवाल सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।2
- हमीरपुर जिले के राठ कस्बे में अंबेडकर चौराहे के पास एक नाले में फंसे बछड़े को यातायात पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकालकर इंसानियत का सराहनीय उदाहरण पेश किया है। बछड़ा नाले में गिरने के बाद काफी देर तक बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहा था। उसकी आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे यातायात पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया। यातायात पुलिसकर्मी नवनीत मिश्रा और उनकी टीम ने स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद बछड़े को नाले से सुरक्षित बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि पुलिस टीम समय पर नहीं पहुँचती तो बछड़े की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। समय रहते किए गए इस बचाव कार्य से बछड़े की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया। रेस्क्यू के बाद बछड़े को एक सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया। यातायात पुलिस के इस मानवीय कार्य की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की है। लोगों ने कहा कि पुलिस ने अपनी ड्यूटी के साथ-साथ मानवता का फर्ज भी निभाया है, जिससे समाज में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत हुआ है। क्षेत्र में पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की चहुँ ओर प्रशंसा हो रही है।1