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शाहपुरा।चिमनपुरा गाँव स्थित बाबा भगवान दास राजकीय महाविद्यालय गेट के सामने छात्र छात्राओं समेत ग्रामीण दो सूत्रीय मांगो को लेकर 30 वें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी।छात्र नेता कुंदन कुमावत के नेतृत्व में हरि यादव, विवेक शर्मा, विशाल राय क्रमिक अनशन पर बैठे।आंदोलनकारी छात्र छात्रा समेत ग्रामीण लगातार अपनी मांगो को लेकर धरने पर डटे हुए हैं और सरकार से सकारात्मक निर्णय की मांग कर रहे हैं।
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शाहपुरा।चिमनपुरा गाँव स्थित बाबा भगवान दास राजकीय महाविद्यालय गेट के सामने छात्र छात्राओं समेत ग्रामीण दो सूत्रीय मांगो को लेकर 30 वें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी।छात्र नेता कुंदन कुमावत के नेतृत्व में हरि यादव, विवेक शर्मा, विशाल राय क्रमिक अनशन पर बैठे।आंदोलनकारी छात्र छात्रा समेत ग्रामीण लगातार अपनी मांगो को लेकर धरने पर डटे हुए हैं और सरकार से सकारात्मक निर्णय की मांग कर रहे हैं।
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- नागौर: किले से निकली गणगौर की शाही सवारी, शहर उमड़ा श्रद्धा और उत्साह में नागौर शहर में गणगौर पर्व के अवसर पर ऐतिहासिक नागौर किले से शाही सवारी गाजे-बाजे और पारंपरिक धूमधाम के साथ निकाली गई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर चंपालाल जीनगर, नागौर एसडीएम गोविंद सिंह भीचर और चेयरमैन प्रतिनिधि कपिल तोलावत के द्वारा क़िले में शाही गणगौर सवारी की पुजा अर्चना कर रवाना किया गया। शाही सवारी में शहर के मुख्य मार्गो से मोहल्लों से बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां पारंपरिक रंग-बिरंगी वेशभूषा में शामिल हुईं। लोकगीतों की धुन पर महिलाओं और युवतियों ने जमकर नृत्य किया, जिससे पूरा माहौल उत्सवमय हो गया। इस अवसर पर स्वर्णकार समाज,खटीक समाज, पुष्करणा समाज, खत्री समाज आदि कई समाजों के द्वारा गणगौर की सवारी निकाली गई गणगौर माता की इस शाही सवारी को देखने के लिए शहरभर से भारी जनसमूह उमड़ पड़ा।जगह जगह पर शाही गणगौर सवारी का पुष्प वर्षा करके स्वागत किया गया कुछ जगहों पर आइसक्रीम एवं ज्युस की मनुहार भी की गई सवारी नागौर किले से शुरू होकर शहर के विभिन्न गांधी चौक त्रिपोलिया बाजार,सदर बाजार, मच्छियों का चौक,सिंघवीयों की पोल, लोढ़ा का चौक, माही दरवाजा से होती हुई बखत सागर तालाब पहुंची, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शाही गणगौर की सवारी को नागौर नगर परिषद सभापति नीतु तोलावत के प्रतिनिधि के रूप में कपिल तोलावत ने शाही गणगौर की सवारी को पानी पीलाने की रस्म सम्पन्न हुई। पूरे आयोजन के दौरान शहर में सड़कों के दोनों तरफ श्रृद्धालुओकी श्रद्धा, संस्कृति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।4
- जिला बार ऐसोशिन न्यायालय के एडवोकेट नवीन सिंह ने वार्ड 52 की पार्षद के द्वारा लगाए गए आरोपों का किया खंडन, अधिवक्ता का आरोप के पार्षद नीलम बेरवा के द्वारा नाले की बात को लेकर झूठ लगाए गए है आरोप, अधिवक्ता का आरोप के पार्षद के द्वारा ठेकेदार को डबल नाप देकर उठाए गए हैं पैसे, पार्षद के द्वारा नाले बनाने की आड़ किया गया है बहुत बड़ा घोटाला, आरोप के खंडन के लिए अधिवक्ता ने की प्रेस वार्ता आयोजित1
- *सिर्फ संसाधन नहीं, प्राणों का सार है पानी!*💧 सूखी मिट्टी की प्यास से लेकर खिलखिलाती फसलों तक, पानी की हर बूंद उम्मीद की एक कहानी बुनती है। आइए, इस #WorldWaterDay पर हम साक्षी बनें एक बदलाव का। "Per Drop More Crop" और "Catch the Rain" जैसे संकल्पों को घर-घर तक पहुंचाएं। *क्योंकि जल सुरक्षित है, तो ही हमारा कल सुरक्षित है।* #SaveWater1
- Post by Moinuddin Khan स्वाधीन भारत1
- Rajasthan kasegaon ke bahut jyada barish 🌧️⛈️ 20 मार्च 2026 को बहुत ज्यादा बारिश हुआ राजस्थान जैसलमेर पत्रिका गांव की3
- मीठड़ी गणगौर पर्व को लेकर विवाहित महिलाओं व कुंवारी कन्याओं में विशेष उत्साह का माहौल कां बना हुआ है। अग्रसेन काॅलोनी में गणगौर पर्व पर महिला शक्ति मंडल के सौजन्य से हल्दी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के लिए, वहीं अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए गणगौर की पूजा-अर्चना की। इन दिनों घर-घर से राजस्थानी लोकगीतों जैसे "गोर-गोर गोमती, ईसर पूजे पार्वती, म्हे पूजा आला गिला..." की मधुर गूंज सुनाई दिये ।4
- गणगौर पर्व पर शाही सवारी निकली जा रही, हजारों कि संख्या में लोग1
- जल है तो जीवन है - हर बूंद बचाना हमारी जिम्मेदारी है। आइए, इस विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाएं। #WorldWaterDay1
- ग्रामीण परिवेश और जमीनी हकीकत से रूबरू हुए समाज कार्य के स्टूडेंट्स स्वेरा संस्थान में 15 मार्च से 22 मार्च 2026 तक आयोजित सात दिवसीय ग्रामीण शिविर छात्रों के लिए जीवन बदलने वाला अनुभव रहा। इस शिविर के दौरान मैंने छात्रों को ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं जैसे शिक्षा, स्वच्छता, पलायन और स्वास्थ्य सेवाओं की गहरी समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया। छात्रों ने न केवल इन विषयों पर डेटा एकत्र करने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया, बल्कि ग्रामीण जीवन की चुनौतियों को करीब से महसूस भी किया। इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता 'स्वावलंबन' रही। छात्रों ने स्वयं अपने बर्तन साफ किए, भोजन बनाने में सहयोग दिया और भोजन क्षेत्र की सफाई की जिम्मेदारी संभाली। राजस्थान दिवस समारोह के तहत आयोजित 'स्वच्छता सप्ताह' के अवसर पर छात्रों ने स्वेरा संस्थान परिसर में श्रमदान कर सफाई अभियान चलाया। इस अनुभव ने निश्चित रूप से हमारे भावी समाजसेवियों के दृष्टिकोण को एक नई दिशा और गहराई प्रदान की है।1