एक अप्रैल से वीबी जी राम जी योजना का शुभारंभ, किसान मोर्चा चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को देगी योजना की जानकारी बलरामपुर। पूरे प्रदेश में एक अप्रैल से मनरेगा योजना के जगह अब वीबी जी राम जी लागू होने जा रहा है। इस अवसर पर बलरामपुर जिले के किसान मोर्चा ने इस योजना की जानकारी ग्रामीणों को देने जिले के सभी मंडलो के गाँवो में चौपाल लगाकर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। एक अप्रैल से वीबी जी राम जी योजना की शुरुआत होना जा रहा है। इस योजना के शुभारंभ पर बलरामपुर जिले के किसान मोर्चा द्वारा जिले के करीब 300 गांवों में अपना चौपाल कार्यक्रम आयोजित की जाएगी है।किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने बताया कि चौपाल कार्यक्रम के माध्यम से गाँव के लोगो को वीबी जी राम जी योजना का प्रचार प्रसार किया जाएगा और मजदूरों का सम्मान भी किया जाएगा। यह नई योजना मजदूरों के लिए नई सौगात लेकर आ रहा है।सरकार ने इसके ढांचे और सुविधाओं में भी बड़े सुधार किए हैं।इस योजना के तहत रोजगार गारंटी 100 दिन से बढ़कर अब 125 दिन करने जा रही है।पहले मनरेगा के तहत एक परिवार को साल में कम से कम 100 दिन के काम की गारंटी मिलती थी। नए कानून के तहत अब हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। यानी मजदूरों को अब 25 दिन का अतिरिक्त काम और पैसा मिलेगा।मजदूरों को अब मजदूरी का भुगतान के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले पैसों के भुगतान में अक्सर 15 दिन या उससे ज्यादा की देरी हो जाती थी।अब नए नियमों के अनुसार, मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक (Weekly) आधार पर करने का प्रयास किया जाएगा। किसी भी हाल में काम खत्म होने के 15 दिनों के भीतर पैसा खाते में आ जाएगा। इस योजना में कृषि सीजन के लिए विशेष प्रावधान और बदलाव देखने को मिलेगा। खेती के व्यस्त समय (बुवाई और कटाई) के दौरान गांवों में मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए सरकार साल में अधिकतम 60 दिनों का 'नो-वर्क पीरियड' घोषित कर सकती है। इसका फायदा यह होगा कि किसानों को मजदूरी मिलेंगे और मजदूरों को भी खेती के काम में बेहतर कमाई का मौका मिलेगा। बाकी 305 दिनों में वे अपने 125 दिन का कोटा पूरा कर सकेंगे। इस योजना के तहत पारदर्शी हाजिरी लागू की जाएगी।चेहरा स्कैन (Face Auth) तकनीक में बदलाव और बिचौलियों और फर्जी हाजिरी को रोकने के लिए अब Mobile Monitoring System (NMMS) के जरिए 'फेस ऑथेंटिकेशन' (चेहरा स्कैन) अनिवार्य किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जो काम कर रहा है, पैसा सीधे उसी के खाते में जाए। बजट और फंड शेयरिंग (60:40 का नया अनुपात) देखने को मिलेगा। पहले मजदूरी का पूरा पैसा केंद्र देता था अब केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में खर्च बांटा जाएगा। इससे राज्य सरकारें भी योजना की निगरानी और जवाब देही में ज्यादा सक्रिय होगी। मजदूरों के लिए यह महत्वपूर्ण इसलिए है कि यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों में 'राम राज्य' की परिकल्पना और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखकर लाया गया है। 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार मिलने से गरीब परिवारों की सालाना आय में 8,000 से 10,000 रुपये तक की वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही, जल संरक्षण और टिकाऊ संपत्तियों (जैसे पक्की सड़कें, तालाब) के निर्माण पर जोर देने से गांवों का नक्शा बदलेगा।
एक अप्रैल से वीबी जी राम जी योजना का शुभारंभ, किसान मोर्चा चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को देगी योजना की जानकारी बलरामपुर। पूरे प्रदेश में एक अप्रैल से मनरेगा योजना के जगह अब वीबी जी राम जी लागू होने जा रहा है। इस अवसर पर बलरामपुर जिले के किसान मोर्चा ने इस योजना की जानकारी ग्रामीणों को देने जिले के सभी मंडलो के गाँवो में चौपाल लगाकर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। एक अप्रैल से वीबी जी राम जी योजना की शुरुआत होना जा रहा है। इस योजना के शुभारंभ पर बलरामपुर जिले के किसान मोर्चा द्वारा जिले के करीब 300 गांवों में अपना चौपाल कार्यक्रम आयोजित की जाएगी है।किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने बताया कि चौपाल कार्यक्रम के माध्यम से गाँव के लोगो को वीबी जी राम जी योजना का प्रचार प्रसार किया जाएगा और मजदूरों का सम्मान भी किया जाएगा। यह नई योजना मजदूरों के लिए नई सौगात लेकर आ रहा है।सरकार ने इसके ढांचे और सुविधाओं में भी बड़े सुधार किए हैं।इस योजना के तहत रोजगार गारंटी 100 दिन से बढ़कर अब 125 दिन करने जा रही है।पहले मनरेगा के तहत एक परिवार को साल में कम से कम 100 दिन के काम की गारंटी मिलती थी। नए कानून के तहत अब हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। यानी मजदूरों को अब 25 दिन का अतिरिक्त काम और पैसा मिलेगा।मजदूरों को अब मजदूरी का भुगतान के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले पैसों के भुगतान में अक्सर 15 दिन या उससे ज्यादा की देरी हो जाती थी।अब नए नियमों के अनुसार, मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक (Weekly) आधार पर करने का प्रयास किया जाएगा। किसी भी हाल में काम खत्म होने के 15 दिनों के भीतर पैसा खाते में आ जाएगा। इस योजना में कृषि सीजन के लिए विशेष प्रावधान और बदलाव देखने को मिलेगा। खेती के व्यस्त समय (बुवाई और कटाई) के दौरान गांवों में मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए सरकार साल में अधिकतम 60 दिनों का 'नो-वर्क पीरियड' घोषित कर सकती है। इसका फायदा यह होगा कि किसानों को मजदूरी मिलेंगे और मजदूरों को भी खेती के काम में बेहतर कमाई का मौका मिलेगा। बाकी 305 दिनों में वे अपने 125 दिन का कोटा पूरा कर सकेंगे। इस योजना के तहत पारदर्शी हाजिरी लागू की जाएगी।चेहरा स्कैन (Face Auth) तकनीक में बदलाव और बिचौलियों और फर्जी हाजिरी को रोकने के लिए अब Mobile Monitoring System (NMMS) के जरिए 'फेस ऑथेंटिकेशन' (चेहरा स्कैन) अनिवार्य किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जो काम कर रहा है, पैसा सीधे उसी के खाते में जाए। बजट और फंड शेयरिंग (60:40 का नया अनुपात) देखने को मिलेगा। पहले मजदूरी का पूरा पैसा केंद्र देता था अब केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में खर्च बांटा जाएगा। इससे राज्य सरकारें भी योजना की निगरानी और जवाब देही में ज्यादा सक्रिय होगी। मजदूरों के लिए यह महत्वपूर्ण इसलिए है कि यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों में 'राम राज्य' की परिकल्पना और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखकर लाया गया है। 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार मिलने से गरीब परिवारों की सालाना आय में 8,000 से 10,000 रुपये तक की वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही, जल संरक्षण और टिकाऊ संपत्तियों (जैसे पक्की सड़कें, तालाब) के निर्माण पर जोर देने से गांवों का नक्शा बदलेगा।
- Post by Ashish parihar Parihar1
- कोंडागांव में महावीर जयंती पर दिया जियो और जीने दो का संदेश एंकर :- कोंडागांव जिला मुख्यालय में मनाया गया महावीर जयंतीपर्व, नगर के ओस्तवाल भवन से निकली रथयात्रा निकाली गई, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर है भगवान महावीर जी, सत्य-अहिंसा का दिया संदेश, जियो और जीने दो के मार्ग पर चलने की अपील। *वीओ* :- कोंडागांव में जैन समाज ने महावीर जयंती मनाई, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिन पर सत्य,अहिंसा और सौहाद्र का संदेश देते निकाली रथ यात्रा और प्रभात फेरी, महावीर के सिद्धांत जियो और जीने दो का संदेश देते नगर के प्रमुख मार्गों से निकली रथ यात्रा इस दौरान समाज के लोग भारी संख्या में मौजूद रहे। बाईट :- हरीश गोलछा, अध्यक्ष - जैन समाज कोंडागांव3
- “नमस्कार, मैं हिमानी साहू और आप देख रहे हैं द छत्तीसगढ़। राजनांदगांव जिले के लालबाग थाना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को पेट दर्द की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में डॉक्टरों ने चौंकाने वाला खुलासा किया — लड़की ढाई महीने की गर्भवती है! पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म किया, जिसकी वजह से वो गर्भवती हो गई। लालबाग थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को छुरिया क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बेहद चिंताजनक हैं। अगर आप या आपके आसपास कोई ऐसी घटना देखते हैं तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। नाबालिगों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। अपनी बेटियों को बचाएं, समाज को बचाएं। ज्यादा जानकारी के लिए चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब जरूर करें। धन्यवाद।”1
- Post by Shankar Yadav2
- नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया ने मीडिया से बात करते हुए नक्सल उन्मूलन की समाप्ति पर अपने अनुभव साझा किये और उन्होंने अबूझमाड़ से सशस्त्र नक्सलवाद के समाप्ति का ऐलान किया है।1
-  स्थान: धरसींवा (रायपुर) – ग्राम बरतोरी/सिलयारी गैस सिलेंडर में कम भराव और अनियमित वितरण से ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग धरसींवा विकासखंड के ग्राम बरतोरी एवं सिलयारी क्षेत्र में गैस सिलेंडर वितरण में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि देवेन्द्र भारत गैस वितरण गैस एजेंसी द्वारा सिलेंडरों में निर्धारित 14.2 किलो की जगह 2 से 3 किलो तक कम गैस भरी जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, 28 मार्च 2026 (शनिवार) को देवेन्द्र भारत गैस वितरण, सिलयारी की रिफिलिंग गाड़ी (क्रमांक RJ43GA7630) ग्राम बरतोरी पहुंची थी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण गैस लेने पहुंचे, लेकिन कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उन्हें 56 दिन से लेकर 5 महीने तक गैस सिलेंडर नहीं मिला है, जबकि नियमानुसार 45 दिन बाद उपभोक्ता गैस लेने के पात्र होते हैं। ग्रामीणों ने जब सिलेंडरों के कम वजन का विरोध किया, तो वाहन चालक मौके से गाड़ी लेकर भाग गया। इसके बाद ग्रामीणों ने पीछा कर वाहन को ग्राम तर्रा में रोका और एजेंसी संचालक से फोन पर संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा एजेंसी संचालक द्वारा दबाव बनाकर ग्रामीणों को डराने का प्रयास किया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों को पुलिस चौकी सिलयारी बुलाया गया, लेकिन संबंधित एजेंसी संचालक स्वयं उपस्थित नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों में और नाराजगी बढ़ गई। इधर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना, जिला रायपुर (ग्रामीण) के पदाधिकारियों ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से गैस एजेंसी संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उपभोक्ताओं को सही वजन और समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।2
- एक निहायती बदतमीज लड़का लड़की के पीछे पीछे चलने लगा फिर धीरे धीरे लड़कियों को अश्लील बात बोलने लगा परेशान लड़कियों ने उतार चप्पल से पूरी मजनू गिरी उतार के रख दी1
- एक दूल्हा और दो दुल्हन वाली शादी पर सर्व आदिवासी समाज ने जताई नाराजगी सर्व आदिवासी समाज ने प्रेसवार्ता कर दी अपनी प्रतिक्रिया एंकर :- कोंडागांव जिले के ग्राम बैलगांव में एक दूल्हे ने दो दुल्हनो से एक साथ फेरे लेकर विवाह किया जो सोशल मिडिया में काफ़ी वाइरल हुआ था, वहीं फरसगांव छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने फरसगांव के रेस्टहॉउस में प्रेस वार्ता कर इसी विवाह का निंदा किया है. सर्व समाज ने प्रेसवार्ता कर कहा की समाज में इस तरह का विवाह नहीं होना चाहिए, समाज की दृष्टिकोण में यह गलत है, उन्होंने यह भी कहा प्रशासन इस विवाह का जांच करे और कार्यवाही करें. वहीं समाज ने युवाओं से भी अपील किया है की बीना सोचे समझे इस तरह के कदम न उठाए और कृत से बचें । प्रेस वार्ता के दौरान फरसगांव सर्व आदिवासी समाज फरसगांव के ब्लॉक अध्यक्ष ईश्वर कोर्राम, अखिल भारतीय हलबा समाज 32 गढ़ महासभा के अध्यक्ष वीरेन्द चनाप, सर्व आदिवासी समाज जिला कोंडागांव उपाध्यक्ष शिव कुमार पात्र, गोंडवाना समाज ब्लॉक शाखा फरसगांव के अध्यक्ष छेरकुराम नेताम, गोंडवाना समाज ब्लॉक शाखा फरसगांव के पूर्व सचिव सुकलाल मरकाम, समेत अन्य मौजूद रहे। बाइट :- ईश्वर कोर्राम, अध्यक्ष - सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक फरसगांव3