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ज्येष्ठ मास के सातवें मंगलवार को पांढुर्णा में 'बड़ा मंगल' का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्री हनुमान जी की विशेष आराधना कर सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। मान्यता है कि संकटमोचन श्री हनुमान जी की कृपा से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और उनके जीवन में सफलता के नए मार्ग खुलते हैं। इस विशेष अवसर पर मंदिरों में विभिन्न धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया, जिनमें पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ और भंडारे शामिल थे। पूरे पांढुर्णा में श्रीराम और हनुमान भक्ति का जयघोष गूंजता रहा। कामना की गई कि श्री जामसांवली हनुमान जी महाराज की असीम कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे, जिससे उनके जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति का वास हो।
Roshan Kapse
ज्येष्ठ मास के सातवें मंगलवार को पांढुर्णा में 'बड़ा मंगल' का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्री हनुमान जी की विशेष आराधना कर सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। मान्यता है कि संकटमोचन श्री हनुमान जी की कृपा से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और उनके जीवन में सफलता के नए मार्ग खुलते हैं। इस विशेष अवसर पर मंदिरों में विभिन्न धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया, जिनमें पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ और भंडारे शामिल थे। पूरे पांढुर्णा में श्रीराम और हनुमान भक्ति का जयघोष गूंजता रहा। कामना की गई कि श्री जामसांवली हनुमान जी महाराज की असीम कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे, जिससे उनके जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति का वास हो।
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- छिंदवाड़ा जिले के भूमिगत शारदा माइंस परिसर में स्थित शारदा माता मंदिर में सुंदरकांड का आयोजन किया गया। यह आयोजन पूजन-पाठ के साथ संपन्न हुआ।1
- छिंदवाड़ा के चारगांव प्रहलाद में ज़मीन विवाद ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। गुरुवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, एक पूर्व सैनिक आशीष ठाकरे ने जिला कांग्रेस कार्यालय 'राजीव भवन' पहुंचकर प्रदर्शन किया। उनके हाथों में पोस्टर थे, जिन पर लिखा था: "क्या मैं गुंडा हूँ?" ठाकरे ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व सांसद नकुलनाथ और विधायक सुनील उइके के नाम एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान, उनकी वहां मौजूद स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ तीखी बहस भी हुई। इस विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ज़िले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।1
- मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार, बैतूल जिले के आठनेर नगर परिषद द्वारा वार्ड क्रमांक 2, मठ मंदिर चौक में एक विशाल संयुक्त जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में वार्ड क्रमांक 1, 2, 3 और 4 के नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया गया। पार्षद श्रीमती विभा योगेश जगताप की उपस्थिति में, नगर परिषद के कर्मचारियों ने नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया। शिविर में कुल 12 आवेदनों का समाधान किया गया, जिनमें लाडली बहना योजना, वृद्धा पेंशन और राजस्व विभाग से संबंधित आवेदन शामिल थे। इस दौरान अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- सारनी पुलिस ने नाबालिग के साथ दुराचार के एक मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी राजकुमार नागले को पाथाखेड़ा से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी बैतूल जिले के सारनी थाना क्षेत्र में की गई।1
- भैंसदेही विकासखंड में किसानों को खाद खरीदने में ई-टोकन प्रणाली से बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने खाद की कालाबाजारी रोकने और किसानों को सस्ते दाम पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह प्रणाली शुरू की थी, ताकि किसान अपनी सुविधा के अनुसार खाद प्राप्त कर सकें। हालांकि, विभागों की लापरवाही के कारण ई-टोकन पर दर्शाए गए पते पर दुकानें नहीं मिल रही हैं, जिससे किसान भटक रहे हैं और उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला भैंसदेही के विकास खंड स्तरीय जन कल्याणकारी शिविर में सामने आया। आठनेर ब्लॉक के ग्राम गूनखेड़ की किसान उर्मिला माकोड़े के परिजन 1 बोरी यूरिया खरीदने के लिए ई-टोकन में दर्शाए गए भैंसदेही के पते पर पहुंचे। जब वहां दुकान नहीं मिली तो वे परेशान होकर शिविर में अपनी समस्या लेकर पहुंचे। कृषि विभाग के अधिकारी एल.एन. टेकाम ने पता किया तो सामने आया कि दुकान वास्तव में खामला में है। बैतूल डिवीजन में फोन कर जानकारी ली गई कि दुकान का सही पता क्यों नहीं दिखाया जा रहा, तब पता चला कि मैपिंग करने वाले विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। अधिकारियों ने सुधार करने का आश्वासन दिया है। जानकारी के अनुसार, भैंसदेही ब्लॉक की अधिकतर दुकानों का सही पता ई-टोकन में दर्ज नहीं है, जिससे किसान खाद दुकानों की जानकारी को लेकर परेशान हैं। पीड़ित किसान काशीनाथ माकोड़े ने बताया कि उन्हें 1 बोरी यूरिया का पता भैंसदेही और 1 बोरी डीएपी का पता आठनेर दिया गया था। जब वे भैंसदेही पहुंचे, तो पता चला कि यूरिया वाली दुकान खामला में है। शिव साईं कृषि सेवा केंद्र खामला के संचालक शिवहरे ने बताया कि उन्होंने अपना सही पता दिया था और उनकी दुकान खामला में ही है। उन्होंने इसके लिए विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। कृषि विस्तार अधिकारी राजपूत ने बताया कि दुकान खामला की है और उसमें मोबाइल नंबर दर्ज है, जिस पर किसान संपर्क कर सकते हैं।2
- चौरई ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को लेकर राज्यपाल के नाम एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित थे। किसानों ने अपनी समस्याओं को ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन के सामने रखा।1
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बैतूल पहुँच रही हैं, जहाँ वे 'आध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तिकरण महासम्मेलन' में भाग लेंगी।1
- सिवनी जिले में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रकों से डीजल चोरी करने का मामला सामने आया है। चोरों की यह हरकत सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसके बाद उनकी पोल खुल गई है।1
- सिवनी मुख्यालय के हृदय स्थल पर स्थित दलसागर तालाब इन दिनों गंदगी की समस्या का सामना कर रहा है, जिसके चलते जिला प्रशासन, भाजपा विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों ने मिलकर एक विशेष सफाई अभियान चलाया। इस अभियान में नगर पालिका के कर्मचारियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और तालाब की साफ-सफाई की। हालांकि, इस सफाई अभियान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। गुरु नानक वार्ड के कांग्रेस पार्षद राजिक अली खान ने अभियान पर सवाल उठाते हुए इसे केवल पर्यावरण दिवस पर निभाई जाने वाली औपचारिकता बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर के अन्य तालाबों और क्षेत्रों में भी गंदगी फैली है, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पार्षद खान के अनुसार, नगर पालिका के 24 वार्डों के कर्मचारियों को दलसागर तालाब की सफाई में लगा दिया गया, जिससे संबंधित वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई और वहां गंदगी बढ़ गई। उन्होंने इस प्रकार की सफाई को केवल दिखावा करार दिया है। कांग्रेस पार्षद के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने पलटवार किया। उन्होंने पार्षद से पूछा कि उन्होंने स्वयं अपने वार्ड में कितनी सफाई कराई है, साथ ही यह भी सवाल उठाया कि कांग्रेस के विधायक और सांसदों ने कब और कहां ऐसे सफाई अभियान चलाए हैं। फिलहाल, दलसागर तालाब की सफाई को लेकर स्थानीय राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। एक तरफ प्रशासन और जनप्रतिनिधि इसे जनहित का प्रयास बता रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे दिखावटी अभियान कह रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।1