कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में सीएम ग्रिड्स योजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही सड़क अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या का कारण बन गई है। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद, सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। यह सड़क अक्टूबर 2025 तक पूरी होनी थी, लेकिन जुलाई 2026 तक भी यह पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है, जिससे क्षेत्रवासियों और व्यापारियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर सड़क के कई हिस्सों में कीचड़, गहरे गड्ढे, अधूरे नाले और मिट्टी के ढेर देखे जा सकते हैं, जिससे रोजाना का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, क्योंकि सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना तक दूभर हो जाता है। दुकानदारों का आरोप है कि सड़क निर्माण में इस अप्रत्याशित देरी से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और ग्राहक उनकी दुकानों पर आने से कतराते हैं। क्षेत्रवासियों ने परियोजना के करोड़ों रुपये की लागत के बावजूद कार्य की धीमी गति पर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है ताकि उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके। अब यह एक बड़ा सवाल बन गया है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी करोड़ों रुपये की यह परियोजना अधूरी क्यों है और इस देरी के लिए कौन जिम्मेदार है। स्थानीय लोग बेसब्री से सड़क निर्माण के जल्द पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में सीएम ग्रिड्स योजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही सड़क अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या का कारण बन गई है। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद, सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। यह सड़क अक्टूबर 2025 तक पूरी होनी थी, लेकिन जुलाई 2026 तक भी यह पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है, जिससे क्षेत्रवासियों और व्यापारियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर सड़क के कई हिस्सों में कीचड़, गहरे गड्ढे, अधूरे नाले और मिट्टी के ढेर देखे जा सकते हैं, जिससे रोजाना का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, क्योंकि सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना तक दूभर हो जाता है। दुकानदारों का आरोप है कि सड़क निर्माण में इस अप्रत्याशित देरी से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और ग्राहक उनकी दुकानों पर आने से कतराते हैं। क्षेत्रवासियों ने परियोजना के करोड़ों रुपये की लागत के बावजूद कार्य की धीमी गति पर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है ताकि उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके। अब यह एक बड़ा सवाल बन गया है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी करोड़ों रुपये की यह परियोजना अधूरी क्यों है और इस देरी के लिए कौन जिम्मेदार है। स्थानीय लोग बेसब्री से सड़क निर्माण के जल्द पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
- हरदोई कोतवाली शहर पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मु0अ0स0 229/26 धारा 3(1) गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप एक्ट से संबंधित मामले में की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में स्थित बंडा नगर पंचायत के अध्यक्ष ने अपनी जान को खतरा बताते हुए एक सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने आशंका जताई है कि उनका मर्डर हो सकता है। अध्यक्ष ने एक इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके अनुसार उन्हें जान से मारने की धमकी देने वाले लोगों के सामने ही पुलिस थाने बुलाया जा रहा है। इन गंभीर दावों के मद्देनजर, नगर पंचायत अध्यक्ष ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।1
- हरदोई की तहसील शाहाबाद में तैनात लेखपाल पूजा ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लेखपाल पूजा के अनुसार, शाम करीब 5:10 बजे एसडीएम ने उन्हें अपने दफ़्तर बुलाया। जब उन्होंने ऑफिस में काम करने से मना किया, तो एसडीएम ने बदतमीजी और गलत हरकत करने का प्रयास किया। पीड़िता लेखपाल ने बताया कि जब एसडीएम ने उनकी जाति पूछी और उन्होंने खुद को रैदास (चमार) बिरादरी का बताया, तो एसडीएम ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। ऑफिस में बवाल बढ़ता देख, लेखपाल पूजा ने अपने पिता, वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश कुमार वर्मा को बुलाया, जो पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। राकेश कुमार वर्मा के एसडीएम कार्यालय पहुँचने पर वहाँ काफी हंगामा हुआ। इसके बाद, पीड़िता लेखपाल ने थाने में तहरीर दी। इस घटना के दौरान, तहसील के अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़िता लेखपाल पूजा और उनके पिता वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश कुमार वर्मा के बयान भी सामने आए हैं।4
- जलालाबाद/परशुरामपुरी विधानसभा क्षेत्र के संभावित प्रत्याशी, वरिष्ठ सर्जन और समाजसेवी डॉ. केपी गुप्ता ने अल्लाहगंज थाना क्षेत्र के ग्राम नगला-हू पहुंचकर एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दो मजदूरों के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। यह हृदयविदारक घटना तब हुई जब खेत पर काम कर रहे दोनों मजदूर सड़क पर जा रहे थे और एक अनियंत्रित इको कार की चपेट में आ गए, जिससे उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। बताया गया है कि दोनों मृतक एक ही गांव के निवासी थे। इस दुःखद हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है। डॉ. केपी गुप्ता ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वह इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से आग्रह किया कि वह उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।1
- श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र के सेमरी तरहर गांव में एक विधवा महिला ने गांव के ही एक व्यक्ति पर ₹70 हजार हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि आरोपी ने उसे जमीन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की और समझौते के बाद भी उसकी रकम नहीं लौटाई। पीड़िता का आरोप है कि जब वह अपने पैसे वापस मांगती है, तो उसे गाली-गलौज की जाती है और जान से मारने की धमकी दी जाती है। इस मामले में न्याय पाने के लिए पीड़िता लगातार जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और संबंधित थाने के चक्कर काट रही है। हालांकि, महिला का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।1
- श्रावस्ती जिले के भिनगा कोतवाली क्षेत्र के दर्जी मोहल्ला में बच्चों के मामूली विवाद को लेकर पट्टीदारों ने एक पति-पत्नी को बेरहमी से पीट दिया। इस हमले में पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें लहूलुहान हालत में भिनगा संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में दोनों घायलों का इलाज चल रहा है, बताया गया है कि उनके सर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के संबंध में घायल महिला सलमा बेगम ने भिनगा कोतवाली में तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।1