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जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने किया पुलिस इकाइयों का व्यापक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को मजबूत करने के दिए निर्देश जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने किया पुलिस इकाइयों का व्यापक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को मजबूत करने के दिए निर्देश जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर (आईपीएस) ने शुक्रवार को जिले की प्रमुख पुलिस इकाइयों — पुलिस नियंत्रण कक्ष, अभय कमांड सेंटर, साइबर थाना तथा रिजर्व पुलिस लाइन — का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली, संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। पुलिस नियंत्रण कक्ष में एसपी सागर ने आपातकालीन कॉल प्राप्त होने की प्रक्रिया, रिस्पॉन्स टाइम तथा सूचना के त्वरित संप्रेषण व्यवस्था की जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कॉल पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को समय पर सहायता मिल सके और पुलिस की प्रतिक्रिया प्रणाली और अधिक सुदृढ़ बने। अभय कमांड सेंटर के निरीक्षण के दौरान शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग, तकनीकी संसाधनों एवं निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संदिग्ध गतिविधियों पर सतत नजर रखी जाए तथा तकनीक का अधिकतम उपयोग कर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए। साइबर थाना निरीक्षण के दौरान लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए एसपी ने साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अपराधों पर त्वरित अनुसंधान एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। रिजर्व पुलिस लाइन में अनुशासन, आवासीय सुविधाएं, कैंटीन, डॉग स्क्वॉड, एमटी शाखा, कोत, स्टोर, आर्मर वर्कशॉप तथा मैस का निरीक्षण किया गया। उन्होंने पुलिसकर्मियों के नियमित प्रशिक्षण, फिटनेस और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में एसपी सागर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि आमजन की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

2 hrs ago
user_Jjn good news ( Rakesh Agrawal
Jjn good news ( Rakesh Agrawal
Newsagent झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
2 hrs ago

जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने किया पुलिस इकाइयों का व्यापक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को मजबूत करने के दिए निर्देश जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने किया पुलिस इकाइयों का व्यापक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को मजबूत करने के दिए निर्देश जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर (आईपीएस) ने शुक्रवार को जिले की प्रमुख पुलिस इकाइयों — पुलिस नियंत्रण कक्ष, अभय कमांड सेंटर, साइबर थाना तथा रिजर्व पुलिस लाइन — का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली, संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। पुलिस नियंत्रण कक्ष में एसपी सागर ने आपातकालीन कॉल प्राप्त होने की प्रक्रिया, रिस्पॉन्स टाइम तथा सूचना के त्वरित संप्रेषण व्यवस्था की जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कॉल पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को समय पर सहायता मिल सके और पुलिस की प्रतिक्रिया प्रणाली और अधिक सुदृढ़ बने। अभय कमांड सेंटर के निरीक्षण के दौरान शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग, तकनीकी संसाधनों एवं निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संदिग्ध गतिविधियों पर सतत नजर रखी जाए तथा तकनीक का अधिकतम उपयोग कर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए। साइबर थाना निरीक्षण के दौरान लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए एसपी ने साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अपराधों पर त्वरित अनुसंधान एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। रिजर्व पुलिस लाइन में अनुशासन, आवासीय सुविधाएं, कैंटीन, डॉग स्क्वॉड, एमटी शाखा, कोत, स्टोर, आर्मर वर्कशॉप तथा मैस का निरीक्षण किया गया। उन्होंने पुलिसकर्मियों के नियमित प्रशिक्षण, फिटनेस और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में एसपी सागर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि आमजन की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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  • रिमझिम फुहारों के बीच निकली गणगौर की शाही सवारी, लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर हुआ झुंझुनूं झुंझुनूं, शेखावाटी अंचल की लोक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक उत्साह का प्रतीक गणगौर महोत्सव इस वर्ष झुंझुनूं में ऐतिहासिक वैभव और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। श्री गोपाल गौशाला के तत्वावधान में आयोजित गणगौर माता की भव्य शाही सवारी ने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया। खास बात यह रही कि सवारी के दौरान हुई हल्की रिमझिम बारिश ने वातावरण को और भी पावन बना दिया, जिसे श्रद्धालुओं ने इन्द्रदेव का आशीर्वाद मानकर उत्साहपूर्वक स्वागत किया। गणगौर पर्व राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख उत्सव माना जाता है, जिसमें महिलाओं और नवविवाहित युवतियों की विशेष आस्था जुड़ी रहती है। झुंझुनूं में आयोजित इस वर्ष की शाही सवारी ने धार्मिक परंपरा के साथ-साथ लोक कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। विधि-विधान से पूजा के साथ हुआ शुभारंभ गणगौर माता की शाही सवारी का शुभारंभ श्री गोपाल गौशाला परिसर से हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ की गई। पंडित दीनदयाल शुक्ला के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता गणगौर का पूजन सम्पन्न हुआ। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही और पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। पूजन के पश्चात सुसज्जित रथ में विराजित गणगौर माता की प्रतिमा को शाही अंदाज में नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। जैसे ही सवारी आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ माता का स्वागत किया। शाही लवाजमे ने बढ़ाई सवारी की भव्यता गणगौर सवारी को राजसी स्वरूप देने के लिए विशेष शाही लवाजमे की व्यवस्था की गई थी। सजे-धजे ऊंट, घोड़े, पारंपरिक बैंड-बाजे और आकर्षक झांकियों ने लोगों को पुराने राजपूताना काल की याद दिला दी। राजस्थानी वेशभूषा में कलाकार छतरियां लिए चल रहे थे, जो शाही परंपरा का प्रतीक बनकर सवारी की शोभा बढ़ा रहे थे। जयपुर से आई ‘हरजी राणा एंड पार्टी’ के कलाकारों ने अपने लोकनृत्यों और प्रस्तुतियों से पूरे मार्ग में उत्सव का माहौल बनाए रखा। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और कई स्थानों पर लोग सवारी के साथ कदमताल करते नजर आए। लोकनृत्यों ने बांधा समां सवारी के मार्ग में जगह-जगह आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहीं। नृत्यांगनाओं द्वारा प्रस्तुत घूमर और कालबेलिया नृत्य ने राजस्थान की समृद्ध लोक परंपरा को जीवंत कर दिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर थिरकते कलाकारों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। वीरता और लोक परंपरा का प्रतीक कच्छी घोड़ी नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों की ऊर्जा और पारंपरिक शैली ने लोगों को रोमांचित कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों के लोग इस सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लेते दिखाई दिए। महिलाओं और नवविवाहिताओं की विशेष आस्था गणगौर पर्व महिलाओं की श्रद्धा और सौभाग्य से जुड़ा माना जाता है। सवारी के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर महिलाओं और नवविवाहित कन्याओं ने गणगौर माता की पूजा-अर्चना की। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने गीत गाकर और आरती उतारकर माता से सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की मंगलकामना की। कई स्थानों पर महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया, जिससे पूरे आयोजन में लोक आस्था की झलक स्पष्ट दिखाई दी। पुष्पवर्षा से हुआ भव्य स्वागत सवारी जैसे-जैसे शहर के मुख्य मार्गों से गुजरती गई, जगह-जगह व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा पुष्पवर्षा कर माता का स्वागत किया गया। छावनी बाजार में श्री गल्ला व्यापार संघ द्वारा विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अतिथियों ने माता की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ माता का स्वागत किया। कई स्थानों पर जलपान और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई थी। प्रमुख मार्गों से होकर निकली सवारी गणगौर माता की शाही सवारी शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। सवारी झुंझुनूं एकेडमी, लावरेश्वर महादेव मंदिर और श्याम मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों से गुजरती हुई आगे बढ़ी। हर स्थान पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। शाम के समय छावनी बाजार में विशेष महाआरती आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और ढोल-नगाड़ों की धुनों के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। समस तालाब पर हुआ विसर्जन महाआरती के पश्चात सवारी जोशियों का गट्टा, गुदड़ी बाजार और कपड़ा बाजार से होते हुए समस तालाब पहुंची। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार गणगौर माता की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। विसर्जन के साथ ही 16 दिवसीय गणगौर उत्सव का विधिवत समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने माता से परिवार की सुख-समृद्धि और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। विसर्जन के समय भावुक माहौल देखने को मिला और श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना की। प्रशासन और पुलिस रही मुस्तैद शाही सवारी के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सीओ सिटी गोपाल सिंह ढाका और शहर कोतवाल श्रवण कुमार के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता तैनात रहा। मार्ग में यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। प्रशासनिक सहयोग के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। जनसहभागिता से सफल हुआ आयोजन कार्यक्रम की सफलता में शहरवासियों और आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा। गौशाला अध्यक्ष प्रमोद खंडेलिया, मंत्री प्रदीप पाटोदिया, संयोजक नारायण प्रसाद जालान, डॉ. डीएन तुलस्यान, नेमी अग्रवाल, प्रदीप मोदी, अशोक केडिया और प्रमोद टीबड़ा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि गणगौर केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जो पीढ़ियों से लोगों को जोड़ता आ रहा है। लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव इस वर्ष की गणगौर शाही सवारी ने यह साबित किया कि शेखावाटी क्षेत्र आज भी अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ संजोए हुए है। पारंपरिक लोकनृत्य, राजस्थानी वेशभूषा, धार्मिक आस्था और सामूहिक भागीदारी ने आयोजन को यादगार बना दिया। रिमझिम बारिश के बीच निकली यह शाही सवारी श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ सांस्कृतिक उत्सव का भी प्रतीक बन गई। पूरे शहर में दिनभर उत्सव का माहौल बना रहा और लोगों ने इसे शेखावाटी की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बताया। गणगौर महोत्सव के सफल आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि परंपराएं केवल उत्सव नहीं होतीं, बल्कि समाज की पहचान और सांस्कृतिक आत्मा का आधार होती हैं। झुंझुनूं में आयोजित यह भव्य आयोजन लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।
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    रिमझिम फुहारों के बीच निकली गणगौर की शाही सवारी, लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर हुआ झुंझुनूं
झुंझुनूं, शेखावाटी अंचल की लोक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक उत्साह का प्रतीक गणगौर महोत्सव इस वर्ष झुंझुनूं में ऐतिहासिक वैभव और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। श्री गोपाल गौशाला के तत्वावधान में आयोजित गणगौर माता की भव्य शाही सवारी ने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया। खास बात यह रही कि सवारी के दौरान हुई हल्की रिमझिम बारिश ने वातावरण को और भी पावन बना दिया, जिसे श्रद्धालुओं ने इन्द्रदेव का आशीर्वाद मानकर उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
गणगौर पर्व राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख उत्सव माना जाता है, जिसमें महिलाओं और नवविवाहित युवतियों की विशेष आस्था जुड़ी रहती है। झुंझुनूं में आयोजित इस वर्ष की शाही सवारी ने धार्मिक परंपरा के साथ-साथ लोक कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
विधि-विधान से पूजा के साथ हुआ शुभारंभ
गणगौर माता की शाही सवारी का शुभारंभ श्री गोपाल गौशाला परिसर से हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ की गई। पंडित दीनदयाल शुक्ला के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता गणगौर का पूजन सम्पन्न हुआ। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही और पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
पूजन के पश्चात सुसज्जित रथ में विराजित गणगौर माता की प्रतिमा को शाही अंदाज में नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। जैसे ही सवारी आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ माता का स्वागत किया।
शाही लवाजमे ने बढ़ाई सवारी की भव्यता
गणगौर सवारी को राजसी स्वरूप देने के लिए विशेष शाही लवाजमे की व्यवस्था की गई थी। सजे-धजे ऊंट, घोड़े, पारंपरिक बैंड-बाजे और आकर्षक झांकियों ने लोगों को पुराने राजपूताना काल की याद दिला दी। राजस्थानी वेशभूषा में कलाकार छतरियां लिए चल रहे थे, जो शाही परंपरा का प्रतीक बनकर सवारी की शोभा बढ़ा रहे थे।
जयपुर से आई ‘हरजी राणा एंड पार्टी’ के कलाकारों ने अपने लोकनृत्यों और प्रस्तुतियों से पूरे मार्ग में उत्सव का माहौल बनाए रखा। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और कई स्थानों पर लोग सवारी के साथ कदमताल करते नजर आए।
लोकनृत्यों ने बांधा समां
सवारी के मार्ग में जगह-जगह आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहीं। नृत्यांगनाओं द्वारा प्रस्तुत घूमर और कालबेलिया नृत्य ने राजस्थान की समृद्ध लोक परंपरा को जीवंत कर दिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर थिरकते कलाकारों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
वीरता और लोक परंपरा का प्रतीक कच्छी घोड़ी नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों की ऊर्जा और पारंपरिक शैली ने लोगों को रोमांचित कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों के लोग इस सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लेते दिखाई दिए।
महिलाओं और नवविवाहिताओं की विशेष आस्था
गणगौर पर्व महिलाओं की श्रद्धा और सौभाग्य से जुड़ा माना जाता है। सवारी के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर महिलाओं और नवविवाहित कन्याओं ने गणगौर माता की पूजा-अर्चना की। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने गीत गाकर और आरती उतारकर माता से सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की मंगलकामना की।
कई स्थानों पर महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया, जिससे पूरे आयोजन में लोक आस्था की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
पुष्पवर्षा से हुआ भव्य स्वागत
सवारी जैसे-जैसे शहर के मुख्य मार्गों से गुजरती गई, जगह-जगह व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा पुष्पवर्षा कर माता का स्वागत किया गया। छावनी बाजार में श्री गल्ला व्यापार संघ द्वारा विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अतिथियों ने माता की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ माता का स्वागत किया। कई स्थानों पर जलपान और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई थी।
प्रमुख मार्गों से होकर निकली सवारी
गणगौर माता की शाही सवारी शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। सवारी झुंझुनूं एकेडमी, लावरेश्वर महादेव मंदिर और श्याम मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों से गुजरती हुई आगे बढ़ी। हर स्थान पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।
शाम के समय छावनी बाजार में विशेष महाआरती आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और ढोल-नगाड़ों की धुनों के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।
समस तालाब पर हुआ विसर्जन
महाआरती के पश्चात सवारी जोशियों का गट्टा, गुदड़ी बाजार और कपड़ा बाजार से होते हुए समस तालाब पहुंची। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार गणगौर माता की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। विसर्जन के साथ ही 16 दिवसीय गणगौर उत्सव का विधिवत समापन हुआ।
श्रद्धालुओं ने माता से परिवार की सुख-समृद्धि और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। विसर्जन के समय भावुक माहौल देखने को मिला और श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना की।
प्रशासन और पुलिस रही मुस्तैद
शाही सवारी के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सीओ सिटी गोपाल सिंह ढाका और शहर कोतवाल श्रवण कुमार के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता तैनात रहा। मार्ग में यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
प्रशासनिक सहयोग के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
जनसहभागिता से सफल हुआ आयोजन
कार्यक्रम की सफलता में शहरवासियों और आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा। गौशाला अध्यक्ष प्रमोद खंडेलिया, मंत्री प्रदीप पाटोदिया, संयोजक नारायण प्रसाद जालान, डॉ. डीएन तुलस्यान, नेमी अग्रवाल, प्रदीप मोदी, अशोक केडिया और प्रमोद टीबड़ा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि गणगौर केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जो पीढ़ियों से लोगों को जोड़ता आ रहा है।
लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव
इस वर्ष की गणगौर शाही सवारी ने यह साबित किया कि शेखावाटी क्षेत्र आज भी अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ संजोए हुए है। पारंपरिक लोकनृत्य, राजस्थानी वेशभूषा, धार्मिक आस्था और सामूहिक भागीदारी ने आयोजन को यादगार बना दिया।
रिमझिम बारिश के बीच निकली यह शाही सवारी श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ सांस्कृतिक उत्सव का भी प्रतीक बन गई। पूरे शहर में दिनभर उत्सव का माहौल बना रहा और लोगों ने इसे शेखावाटी की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बताया।
गणगौर महोत्सव के सफल आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि परंपराएं केवल उत्सव नहीं होतीं, बल्कि समाज की पहचान और सांस्कृतिक आत्मा का आधार होती हैं। झुंझुनूं में आयोजित यह भव्य आयोजन लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।
    user_Jjn good news ( Rakesh Agrawal
    Jjn good news ( Rakesh Agrawal
    Newsagent झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • Post by @nilesh Verma-1997
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    @nilesh Verma-1997
    Sikar, Rajasthan•
    18 hrs ago
  • Post by NCR Mahendragarh
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    NCR Mahendragarh
    Local News Reporter महेंद्रगढ़, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    2 hrs ago
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    Mahendergarh live
    News Anchor महेंद्रगढ़, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    5 hrs ago
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    Bolti Awaaz news
    Local News Reporter Mahendragarh, Haryana•
    21 hrs ago
  • ​#खतरे_को_दावत: बवाना में नाले पर बिछाई गई घटिया 'रंग की परत' उखड़ी, मुख्य सड़क के पास कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा। ​#बवाना_सावधान: नए बने नाले ने पहली ही परीक्षा में तोड़ा दम, टूटते पत्थर और खुला नाला दे रहे हैं किसी अनहोनी को न्योता। ​#भ्रष्टाचार_की_भेंट: सड़क के किनारे बना नाला हुआ जर्जर, ओरिजिनल रोड के पास गहरा गड्ढा बना जानलेवा। प्रशासन कब जागेगा? ​#BawanaAlert: विकास या विनाश? नाले के ऊपर का निर्माण टूटा, राहगीरों और वाहनों के लिए बना मौत का जाल।
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    ​#खतरे_को_दावत: बवाना में नाले पर बिछाई गई घटिया 'रंग की परत' उखड़ी, मुख्य सड़क के पास कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा।
​#बवाना_सावधान: नए बने नाले ने पहली ही परीक्षा में तोड़ा दम, टूटते पत्थर और खुला नाला दे रहे हैं किसी अनहोनी को न्योता।
​#भ्रष्टाचार_की_भेंट: सड़क के किनारे बना नाला हुआ जर्जर, ओरिजिनल रोड के पास गहरा गड्ढा बना जानलेवा। प्रशासन कब जागेगा?
​#BawanaAlert: विकास या विनाश? नाले के ऊपर का निर्माण टूटा, राहगीरों और वाहनों के लिए बना मौत का जाल।
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    KGB DIGITAL MEDIA
    Local News Reporter Mahendragarh, Haryana•
    22 hrs ago
  • पिलानी कस्बे में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें करीब 8 से 10 लोग घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार एक जीप में 8-10 सवारियां बैठी थीं, जो पिलानी से चिड़ावा की ओर जा रही थीं। इसी दौरान पिलानी में पंजाबी होटल के पास एक अज्ञात डंपर ने पीछे से जीप को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद जीप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे नीम के पेड़ से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि जीप का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और स्टेरिंग, फ्रंट ग्लास और गियर बॉक्स भी टूट गए। इस हादसे में आगे बैठी सवारियों और ड्राइवर को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य सवारियां भी घायल हुई हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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    पिलानी कस्बे में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें करीब 8 से 10 लोग घायल हो गए।  मिली जानकारी के अनुसार एक जीप में 8-10 सवारियां बैठी थीं, जो पिलानी से चिड़ावा की ओर जा रही थीं। इसी दौरान पिलानी में पंजाबी होटल के पास एक अज्ञात डंपर ने पीछे से जीप को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद जीप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे नीम के पेड़ से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि जीप का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और स्टेरिंग, फ्रंट ग्लास और गियर बॉक्स भी टूट गए।
इस हादसे में आगे बैठी सवारियों और ड्राइवर को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य सवारियां भी घायल हुई हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
    user_Amit Sharma
    Amit Sharma
    पत्रकार Jhunjhunun, Rajasthan•
    22 hrs ago
  • Post by NCR Mahendragarh
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    Post by NCR Mahendragarh
    user_NCR Mahendragarh
    NCR Mahendragarh
    Local News Reporter महेंद्रगढ़, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    2 hrs ago
  • Post by Mahendergarh live
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    Post by Mahendergarh live
    user_Mahendergarh live
    Mahendergarh live
    News Anchor महेंद्रगढ़, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    17 hrs ago
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