खरोरा के साहित्यकार अशोक धीवर "जलक्षत्री" को महाराष्ट्र के अमरावती में आयोजित चौबीसवें अखिल भारतीय प्रतिभा महासम्मेलन में 'साहित्य शिरोमणि' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान साहित्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और निस्वार्थ योगदान के लिए दिया गया। माँ अम्बा देवी और एकवीरा देवी की नगरी अमरावती में हुए इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संत श्री रमाकांत महाराज जी, ब्रह्माकुमारी सीता दीदी, शहीद फौजियों के परिवार की शुभचिंतक श्रीमती आरती सचदेव, और रेडिएंट टैलेंट बुक ऑफ रिकॉर्ड सुभाष सीक्रेट नामक पुस्तक (19वें संस्करण) के लेखक एडवोकेट क्रांति महाजन के कर कमलों द्वारा धीवर जी को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। ग्राम तुलसी (तिल्दा-नेवरा) निवासी धीवर जी को साहित्य के प्रति उनके समर्पित भाव, सृजनशीलता और निस्वार्थ साहित्य सेवा के लिए सराहा गया। जहाँ आज के दौर में अधिकतर साहित्यकार अपनी ही पुस्तकें प्रकाशित कर अपनी वाहवाही लूटते रहते हैं, वहीं धीवर जी ने विगत छह वर्षों से निस्वार्थ राष्ट्रीय साझा साहित्य संग्रहों का प्रकाशन कर अनेक साहित्यकारों की रचनाओं को देश भर में पहुँचाया है। वे हिंदी भाषा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए अपनी राष्ट्रीय साझा संग्रहों में छत्तीसगढ़ी रचनाओं को भी शामिल करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे नए लोगों को कविता लेखन सिखाकर साहित्य से जोड़ते हैं और छत्तीसगढ़ी छंदविज्ञ अरुण कुमार निगम की प्रेरणा से संचालित 'छंद के छ' के तहत साहित्यकारों को छंद लिखना भी सिखाते हैं। धीवर जी ने समाज को दिशा देने वाली सात प्रेरणादायक राष्ट्रीय साझा साहित्य संग्रहों का सफलतापूर्वक संपादन किया है और उनका यह कार्य भविष्य में भी जारी रहेगा। धीवर जी ने इस अवसर पर बताया कि कई लोग उन्हें अपनी एकल पुस्तक प्रकाशित कराने की सलाह देते थे, यह कहते हुए कि तभी उनका नाम होगा अन्यथा वे अंधेरे में रहेंगे। हालांकि, उन्होंने इस विचार को त्याग दिया, क्योंकि उनका मानना था कि यदि वे केवल अपने लिए काम करेंगे तो स्वार्थी बन जाएँगे। इसके बजाय, उन्होंने सर्व हित में जन सेवा करने का संकल्प लिया और सभी की रचनाओं को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय साझा साहित्य संग्रहों का प्रकाशन करने का निर्णय लिया। उन्हें खुशी है कि उनकी उपलब्धियों और सेवाओं का फल उन्हें इस सम्मान के रूप में मिला है। इस सम्मान को प्राप्त करने के दौरान कवि जितेंद्र निर्मलकर "जितला" उनके साथ छाया की भाँति मौजूद रहे। वहीं, स्थानीय संकल्प साहित्य परिषद के अध्यक्ष कृष्ण मुरारी वर्मा (त्रिभाषीय कवि), मोहन लाल वर्मा (छंदकार एवं राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत उत्कृष्ट शिक्षक), मधु कलश साहित्य परिषद कोसरंगी के अध्यक्ष जुगेश चंद्र दास, भूपेन्द्र तारक, भागवत चंद्राकर, राजेंद्र निर्मलकर, राघवेन्द्र वैष्णव, सोहनलाल हिरवानी (धीवर महासभा सलाहकार), पुरूषोत्तम धीवर (प्रदेशाध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ), नरेंद्र धीवर (अध्यक्ष मांँढर परिक्षेत्र), वेदव्यास तारक (अध्यक्ष अभनपुर परिक्षेत्र), कृष्णा धीवर (सरपंच मोहरेगा), तिलक धीवर, मेहत्तर धीवर, रेवाराम धीवर, साहेब दास वैष्णव (महंत), और खूबदास वैष्णव (पूर्व सरपंच) सहित धीवर समाज के अनेक लोगों ने धीवर जी के निज निवास पर आकर और फोन के माध्यम से उन्हें बधाई दी।
खरोरा के साहित्यकार अशोक धीवर "जलक्षत्री" को महाराष्ट्र के अमरावती में आयोजित चौबीसवें अखिल भारतीय प्रतिभा महासम्मेलन में 'साहित्य शिरोमणि' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान साहित्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और निस्वार्थ योगदान के लिए दिया गया। माँ अम्बा देवी और एकवीरा देवी की नगरी अमरावती में हुए इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संत श्री रमाकांत महाराज जी, ब्रह्माकुमारी सीता दीदी, शहीद फौजियों के परिवार की शुभचिंतक श्रीमती आरती सचदेव, और रेडिएंट टैलेंट बुक ऑफ रिकॉर्ड सुभाष सीक्रेट नामक पुस्तक (19वें संस्करण) के लेखक एडवोकेट क्रांति महाजन के कर कमलों द्वारा धीवर जी को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। ग्राम तुलसी (तिल्दा-नेवरा) निवासी धीवर जी को साहित्य के प्रति उनके समर्पित भाव, सृजनशीलता और निस्वार्थ
साहित्य सेवा के लिए सराहा गया। जहाँ आज के दौर में अधिकतर साहित्यकार अपनी ही पुस्तकें प्रकाशित कर अपनी वाहवाही लूटते रहते हैं, वहीं धीवर जी ने विगत छह वर्षों से निस्वार्थ राष्ट्रीय साझा साहित्य संग्रहों का प्रकाशन कर अनेक साहित्यकारों की रचनाओं को देश भर में पहुँचाया है। वे हिंदी भाषा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए अपनी राष्ट्रीय साझा संग्रहों में छत्तीसगढ़ी रचनाओं को भी शामिल करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे नए लोगों को कविता लेखन सिखाकर साहित्य से जोड़ते हैं और छत्तीसगढ़ी छंदविज्ञ अरुण कुमार निगम की प्रेरणा से संचालित 'छंद के छ' के तहत साहित्यकारों को छंद लिखना भी सिखाते हैं। धीवर जी ने समाज को दिशा देने वाली सात प्रेरणादायक राष्ट्रीय साझा साहित्य
संग्रहों का सफलतापूर्वक संपादन किया है और उनका यह कार्य भविष्य में भी जारी रहेगा। धीवर जी ने इस अवसर पर बताया कि कई लोग उन्हें अपनी एकल पुस्तक प्रकाशित कराने की सलाह देते थे, यह कहते हुए कि तभी उनका नाम होगा अन्यथा वे अंधेरे में रहेंगे। हालांकि, उन्होंने इस विचार को त्याग दिया, क्योंकि उनका मानना था कि यदि वे केवल अपने लिए काम करेंगे तो स्वार्थी बन जाएँगे। इसके बजाय, उन्होंने सर्व हित में जन सेवा करने का संकल्प लिया और सभी की रचनाओं को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय साझा साहित्य संग्रहों का प्रकाशन करने का निर्णय लिया। उन्हें खुशी है कि उनकी उपलब्धियों और सेवाओं का फल उन्हें इस सम्मान के रूप में
मिला है। इस सम्मान को प्राप्त करने के दौरान कवि जितेंद्र निर्मलकर "जितला" उनके साथ छाया की भाँति मौजूद रहे। वहीं, स्थानीय संकल्प साहित्य परिषद के अध्यक्ष कृष्ण मुरारी वर्मा (त्रिभाषीय कवि), मोहन लाल वर्मा (छंदकार एवं राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत उत्कृष्ट शिक्षक), मधु कलश साहित्य परिषद कोसरंगी के अध्यक्ष जुगेश चंद्र दास, भूपेन्द्र तारक, भागवत चंद्राकर, राजेंद्र निर्मलकर, राघवेन्द्र वैष्णव, सोहनलाल हिरवानी (धीवर महासभा सलाहकार), पुरूषोत्तम धीवर (प्रदेशाध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ), नरेंद्र धीवर (अध्यक्ष मांँढर परिक्षेत्र), वेदव्यास तारक (अध्यक्ष अभनपुर परिक्षेत्र), कृष्णा धीवर (सरपंच मोहरेगा), तिलक धीवर, मेहत्तर धीवर, रेवाराम धीवर, साहेब दास वैष्णव (महंत), और खूबदास वैष्णव (पूर्व सरपंच) सहित धीवर समाज के अनेक लोगों ने धीवर जी के निज निवास पर आकर और फोन के माध्यम से उन्हें बधाई दी।
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी विकासखंड अंतर्गत ग्राम भरुवाडीह में गुरुवार को एक अनोखा घटनाक्रम सामने आया, जब जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे की कार सड़क पर डीजल खत्म होने के कारण बंद हो गई। आरोप है कि पास के एसएस पेट्रोल पंप से महज 500 मीटर की दूरी पर खड़ी होने के बावजूद, चालक को डिब्बे में 4 लीटर डीजल देने से मना कर दिया गया। पेट्रोल पंप प्रबंधन की मदद न मिलने से नाराज होकर, ग्रामीणों ने बैलों की मदद से कार को रस्सी से बांधकर पेट्रोल पंप तक खींचा। बैलों से खिंचती कार को देखकर मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और देखते ही देखते यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। चालक के बार-बार निवेदन करने के बावजूद पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने डिब्बे में डीजल देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे ने पेट्रोल पंप प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम ग्रामीणों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास सीमित विकल्प होते हैं और ऐसी स्थिति में पेट्रोल पंपों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उपसरपंच फागू सेन सहित कई ग्रामीणों ने भी पेट्रोल पंप के रवैये पर नाराजगी जताई और पहले भी ऐसी कठिनाइयों का सामना करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार के पेट्रोल पंप पहुंचने के बाद वहां लगभग एक घंटे तक विवाद, बहस, नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा। आखिरकार, वाहन में डीजल डाला गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। रवि बंजारे ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर से करने की बात कही है और आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।2
- शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोहका में 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम में गांव की महिलाएं, ग्रामीणजन, शिक्षकगण, पंचगण, छात्र-छात्राएं और पत्रकार धीरेंद्र कुमार जायसवाल सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग के विभिन्न आसनों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। शिक्षकों और वक्ताओं ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डाला, साथ ही सभी को नियमित योगाभ्यास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी बताया कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की एक अनमोल धरोहर है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, निरोग और तनावमुक्त जीवन जीने का मार्ग दिखाता है, तथा यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम भी है। इस अवसर पर, महिलाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।1
- खरवे गांव में इस समय खौफ पसरा हुआ है। शांति पूजा कराने वाले एक बैगा की जान जा चुकी है, और अब सबकी नजरें केवल फारेंसिक जांच पर टिकी हुई हैं।1
- महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा-नेवरा में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अंतर्गत एक स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में आसपास के गांवों से आए कुपोषित और संकटग्रस्त बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई, साथ ही उन्हें निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की गईं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आवश्यक संतुलित एवं पौष्टिक आहार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा-नेवरा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं स्वास्थ्य मितानिनों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब दिख रहे हैं, जिससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हुआ है और माताओं में भी बच्चों को उनकी आवश्यकतानुसार पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का मुख्य लक्ष्य कुपोषित बच्चों को कुपोषण के दुष्चक्र से बाहर निकालकर इसकी दर में कमी लाना है। इस योजना के तहत, कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण, विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक उपचार सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर उचित उपचार दिया जा सके।2
- राज टॉकीज़ रायपुर में फिल्मों के लिए अब ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। दर्शक बुक माई शो (Book My Show) के माध्यम से आसानी से अपने टिकट बुक कर सकते हैं। सिनेमाघर से जुड़ी अपडेट्स और जानकारी प्राप्त करने के लिए दर्शक दिए गए लिंक के ज़रिए राज टॉकीज़ के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं। ग्रुप से जुड़ने के बाद, यह लिंक दूसरों के साथ साझा करने का भी आग्रह किया गया है ताकि वे भी अपडेट्स प्राप्त कर सकें। किसी भी पूछताछ के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- रायपुर जिला की ग्राम पंचायत बुंडेरा के सरपंच पर अपने पद का दुरुपयोग और गुंडागर्दी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्राम पंचायत बुंडेरा निवासी तोरण कुमार साहू, पिता शत्रुघ्न साहू ने खरोरा थाना, तहसील खरोरा, जिला रायपुर, छत्तीसगढ़ में आरोप लगाया है कि सरपंच द्वारा गुंडागर्दी करते हुए उनके घर और एक ब्रिक्स कंपनी पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, जिसके लिए उनसे 10 लाख रुपये की मांग की जा रही है। तोरण कुमार साहू के अनुसार, पैसा न दिए जाने पर 14.06.2026 को सरपंच ने अपने भाई, पत्नी और अन्य साथियों के साथ मिलकर उनके घर के चारों तरफ बनी सुरक्षा बाउंड्री को तोड़ दिया, जिससे उन्हें और उनके परिवार को मानसिक एवं आर्थिक क्षति पहुंची है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए, उनकी ही जमीन पर श्रम दिवस मनाने और 'प्रधानमंत्री जी के 12 वर्ष पूर्ण होने का दिवस' मनाने के लिए रोजगार गारंटी योजना के लगभग 200 लोगों को बुलाया। इस दौरान, सरपंच और उनके साथियों ने उन्हें तथा उनके परिवार वालों को गाली-गलौज करते हुए घेरा छोड़ दिया, जबकि उन्हें सरपंच या तहसील कार्यालय से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। तोरण कुमार साहू का आरोप है कि सरपंच द्वारा उन्हें बार-बार गाली-गलौज और मानसिक-आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खुद सरपंच कई जगहों पर बेजा कब्जा किए हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि गरीब परिवारों का भी बहुत शोषण किया जा रहा है। इस मामले में तोरण कुमार साहू ने एसडीम कार्यालय पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने सरपंच के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का भी कहना है कि सरपंच द्वारा किए गए अवैध कब्जों की भी निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।4
- नाप तौल विभाग ने शास्त्री मार्केट में एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत, विभाग ने महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की है, जिसमें यह बताया गया है कि उपभोक्ताओं और दुकानदारों को किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।1
- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उषाढ़ में शनिवार को दिनदहाड़े दो अज्ञात बदमाश कथित पुलिसकर्मी बनकर एक व्यवसायी गिरीश यादव का पिस्तौल की नोक पर अपहरण कर फरार हो गए। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे, किराना, छड़-सीमेंट तथा आटा चक्की का व्यवसाय करने वाले गिरीश यादव अपने घर के गलियारे में विश्राम कर रहे थे, जबकि उनका पुत्र पंकज यादव दुकान संभाल रहा था। इसी दौरान नीले रंग की कार में सवार दो व्यक्ति दुकान पर पहुंचे, जिन्होंने पहले सिगरेट और पानी खरीदा और गिरीश यादव के बारे में पूछताछ की। जैसे ही पंकज अपने पिता को बुलाने भीतर गया, दोनों आरोपी जबरन घर में घुस गए। परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने गिरीश यादव को स्टील रंग की पिस्तौल दिखाते हुए स्वयं को पुलिसकर्मी बताया और साथ चलने को कहा। विरोध करने पर उन्हें पैर में गोली मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद बदमाश उन्हें जबरन अपनी कार में बैठाकर बरौर बस्ती की दिशा में ले गए। परिवार के सदस्यों के शोर मचाने के बावजूद आरोपी तेज रफ्तार से वाहन लेकर भाग निकले। पंकज यादव ने पुलिस को वाहन के नंबर का आंशिक हिस्सा "OD 8552" देखा होने की जानकारी दी है। इस घटना का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है, जिसमें दो संदिग्ध व्यक्तियों को व्यापारी को जबरन वाहन तक ले जाते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। व्यापारी की पत्नी के मुंहबोले भाई मनीष जायसवाल ने बरौर क्षेत्र में संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास भी किया था, लेकिन आरोपी वाहन लेकर मरवाही की ओर भाग निकले। व्यापारी की पत्नी दुर्गा यादव की शिकायत पर मरवाही थाने में मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट होने के बाद कि ले जाने वाले व्यक्ति वास्तविक पुलिसकर्मी नहीं थे, पुलिस ने अपहरण, धमकी और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच तेज कर दी है। एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 3(5), 333, 351(3) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है, जिसके लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। गौरतलब है कि लगभग 25 दिन पहले ही जिले में एक सर्राफा व्यापारी की हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। लगातार हो रही इन गंभीर वारदातों ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। अपराधियों द्वारा पुलिस का भेष धारण कर दिनदहाड़े अपहरण जैसी घटना को अंजाम दिए जाने से व्यापारियों और आम नागरिकों में गहरी चिंता व्याप्त है। अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस कार्रवाई और अपहृत व्यापारी की सुरक्षित बरामदगी पर टिकी हुई हैं।1