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रमजान का पहला रोजा कल गुरुवार को,कल से शुरु होगा रमजान का पवित्र महीना रमज़ान का महीना अल्लाह के बंदो को ये याद दिलाता है कि कुछ समय खुदा की इबादत के लिए भी निकाल लें ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक कौशाम्बी..... आज बुधवार को रमजान का चांद दिखने के बाद रमजान का पहला रोजा कल गुरुवार को मनाया जाएगा।कल से शुरु रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है।हमारे देश में विभिन त्यौहार मनाये जाते हैं। इन सभी त्योहारों का अपना अपना महत्व होता हैं। उसी तरह से रमजान यह इस्लाम धर्म का सबसे प्रसिद्ध त्यौहार हैं। रमज़ान का महीना हर मुस्लमान के लिए पावन और महत्वपूर्ण होता है। मुसलमानों के बारह महीनों में एक महीने का नाम रमजान है। रमजाने का महीना बड़ा ही पवित्र माना जाता है। इस महीने में हर मुसलमान अपने दिल से रोजे रखते थे। रमज़ान का महीना 30 दिनों का होता है। रमज़ान के महीने को तीन भागो में विभाजित किया गया है। जो प्रथम, द्वितीय और तृतीया भागो को इस्लामिक भाषा में “अशरा” कहा जाता है। पहला अशरा 10 दिन का होता है, दूसरा अशरा 11 -20 में दूसरा अशरा और तीसरे दिन 21-30 में विभाजित किया गया है। रमजान के महीने में 3 अशरे होते है पहला अशरा रहमत का जिसमे अल्लाह की कृपा होती है , दूसरे अशरे में मगफिरत की होती है, जिसमे अल्लाह हर मुस्लमान के गुनाहों को माफ़ करता है। तीसरे अशरे में जहनुम की पीड़ा से खुद को बचा सकते है। रमज़ान के पहले दस दिन अत्यंत ज़रूरी होते है। इन रहमत के दिनों में हर मुस्लमान गरीबो और जरुरतमंदो की सहायता करता है। हर एक इंसान इन दिनों में विनम्रतापूर्वक बातचीत करता है। सभी की इज़्ज़त करता है और सदव्यवहार से सबके मन जीत लेता है।रमज़ान के दूसरे अशरा माफ़ी का होता है। कहते है इस अशरे में अल्लाह दूसरे दिनों के मुकाबले इस वक़्त अपने बन्दों को जल्द माफ़ कर देता है। इस्लामिक रीति -रिवाज़ के अनुसार यहाँ लोगों को अपने किये हुए पापों से मुक्ति मिल जाती है। तीसरा अशरा जहनुम से खुद को मुक्त करना होता है। यहाँ लोग अल्लाह से इबादत करते है की उन्हें जहनुम से बक्श दे। इस अशरे में 10 दिनों तक लोग एक ही जगह बैठकर अल्लाह को पुकारते है। औरतें घर पर रहकर नमाज़ पढ़ती है। रमज़ान का महीना हर मुसलमान के लिए दुआओं का और खुशियों का महीना होता है। रमज़ान के पश्चात ईद मनाई जाती है। रमज़ान का महीने हर मुसलमान के लिए अज़ीज़ और बेहद ख़ास होता है। रमजान के बाद हर मुसलमान चाँद को निहारकर अपना उपवास यानी रोज़ा खोलता है। इस त्यौहार को हम ईद-उल-फितर के नाम से जानते है। ईद का त्यौहार रमज़ान के आखिर में मनाया जाता है। रमज़ान इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार नवा महीना होता है। यह पूरा महीना प्रार्थना, भोजन और एक दूसरे से मिलने का एक पारम्परिक त्यौहार है।रमज़ान के महीनों में इंसानों को बहुत कुछ सिखने को मिलता है। लोग अपनी रोज़मर्रा के कामों को करते हुए अल्लाह की इबादत करना भूल जाते हैं, समय नहीं निकाल पाते हैं। रमज़ान का महीना अल्लाह के बंदो को ये याद दिलाता है की ये ज़िन्दगी उस खुदा की नेमत है, कुछ समय उसकी इबादत के लिए भी निकाल लें ताकि खुदा का रहम हम सभी इंसानों पर बना रहे। और हम सब खुशाली जिंदगी जियें। *मुस्लमान रमजान क्यों मनाते हैं* रमजान का सिलसिला सदियों से चला आ रहा है। और रमजान को पुरे विश्व में मानते है। इस्लामिक धर्म के मान्यताओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है की 610 ईस्वी में पैगंबर मुहम्मद साहब के जरिये पवित्र किताब “कुरान शरीफ” जमीन पर आयी। कहते हैं की तभी से दुनियाभर के मुसलमान पहली बार कुरान उतरने की याद में पुरे महीने रोज़े रखें थे। लिहाजा रमजान को कुरान के जश्न का भी मौका माना जाता है। क्योकि पुरे रमजान में मुसलमान कुरान की तिलावत यानि कुरान को पढ़ते है। इस्लाम धर्म में रोजा, अल्लाह का शुक्रिया अदा करने का त्यौहार भी माना जाता है। रमज़ान के महीने में हर मुसलमान अपने अल्लाह की इबादत यानी प्रार्थना करते है। रोजें के दिन हर मुसलमान पांच दफा नमाज़ अदा करते है। रमज़ान के महीने में प्रातःकाल होने से पूर्व और अज़ान से पहले भोजन ग्रहण करते है। भोजन ग्रहण करने के पश्चात नमाज़ अदा करते है। उसके पश्चात वह सारा दिन उपवास रखते है और ज़्यादातर वक़्त अल्लाह से दुआ मांगते है। शाम होने के बाद अपना रोज़ा खोलते है। रोजा खोलने की विधि को इफ्तार कहा जाता है। इस वक़्त वह जो भी भोजन और पकवान बनाते है उन्हें दूसरे परिवारों और ज़रूरत मंदो को देते है।

5 hrs ago
user_जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
रिपोर्टर Manjhanpur, Kaushambi•
5 hrs ago
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रमजान का पहला रोजा कल गुरुवार को,कल से शुरु होगा रमजान का पवित्र महीना रमज़ान का महीना अल्लाह के बंदो को ये याद दिलाता है कि कुछ समय खुदा की इबादत के लिए भी निकाल लें ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक कौशाम्बी..... आज बुधवार को रमजान का चांद दिखने के बाद रमजान का पहला रोजा कल गुरुवार को मनाया जाएगा।कल से शुरु रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है।हमारे देश में विभिन त्यौहार मनाये जाते हैं। इन सभी त्योहारों का अपना अपना महत्व होता हैं। उसी तरह से रमजान यह इस्लाम धर्म का सबसे प्रसिद्ध त्यौहार हैं। रमज़ान का महीना हर मुस्लमान के लिए पावन और महत्वपूर्ण होता है। मुसलमानों के बारह महीनों में एक महीने का नाम रमजान है। रमजाने का महीना बड़ा ही पवित्र माना जाता है। इस महीने में हर मुसलमान अपने दिल से रोजे रखते थे। रमज़ान का महीना 30 दिनों का होता है। रमज़ान के महीने को तीन भागो में विभाजित किया गया है। जो प्रथम, द्वितीय और तृतीया भागो को इस्लामिक भाषा में “अशरा” कहा जाता है। पहला अशरा 10 दिन का होता है, दूसरा अशरा 11 -20 में दूसरा अशरा और तीसरे दिन 21-30 में विभाजित किया गया है। रमजान के महीने में 3 अशरे होते है पहला अशरा रहमत का जिसमे अल्लाह की कृपा होती है , दूसरे अशरे में मगफिरत की होती है, जिसमे अल्लाह हर मुस्लमान के गुनाहों को माफ़ करता है। तीसरे अशरे में जहनुम की पीड़ा से खुद को बचा सकते है। रमज़ान के पहले दस दिन अत्यंत ज़रूरी होते है। इन रहमत के दिनों में हर मुस्लमान गरीबो और जरुरतमंदो की सहायता करता है। हर एक इंसान इन दिनों में विनम्रतापूर्वक बातचीत करता है। सभी की इज़्ज़त करता है और सदव्यवहार से सबके मन जीत लेता है।रमज़ान के दूसरे अशरा माफ़ी का होता है। कहते है इस अशरे में अल्लाह दूसरे दिनों के मुकाबले इस वक़्त अपने बन्दों को जल्द माफ़ कर देता है। इस्लामिक रीति -रिवाज़ के अनुसार यहाँ लोगों को अपने किये हुए पापों से मुक्ति मिल जाती है। तीसरा अशरा जहनुम से खुद को मुक्त करना होता है। यहाँ लोग अल्लाह से इबादत करते है की उन्हें जहनुम से बक्श दे। इस अशरे में 10 दिनों तक लोग एक ही जगह बैठकर अल्लाह को पुकारते है। औरतें घर पर रहकर नमाज़ पढ़ती है। रमज़ान का महीना हर मुसलमान के लिए दुआओं का और खुशियों का महीना होता है। रमज़ान के पश्चात ईद मनाई जाती है। रमज़ान का महीने हर मुसलमान के लिए अज़ीज़ और बेहद ख़ास होता है। रमजान के बाद हर मुसलमान चाँद को निहारकर अपना उपवास यानी रोज़ा खोलता है। इस त्यौहार को हम ईद-उल-फितर के नाम से जानते है। ईद का त्यौहार रमज़ान के आखिर में मनाया जाता है। रमज़ान इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार नवा महीना होता है। यह पूरा महीना प्रार्थना, भोजन और एक दूसरे से मिलने का एक पारम्परिक त्यौहार है।रमज़ान के महीनों में इंसानों को बहुत कुछ सिखने को मिलता है। लोग अपनी रोज़मर्रा के कामों को करते हुए अल्लाह की इबादत करना भूल जाते हैं, समय नहीं निकाल पाते हैं। रमज़ान का महीना अल्लाह के बंदो को ये याद दिलाता है की ये ज़िन्दगी उस खुदा की नेमत है, कुछ समय उसकी इबादत के लिए भी निकाल लें ताकि खुदा का रहम हम सभी इंसानों पर बना रहे। और हम सब खुशाली जिंदगी जियें। *मुस्लमान रमजान क्यों मनाते हैं* रमजान का सिलसिला सदियों से चला आ रहा है। और रमजान को पुरे विश्व में मानते है। इस्लामिक धर्म के मान्यताओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है की 610 ईस्वी में पैगंबर मुहम्मद साहब के जरिये पवित्र किताब “कुरान शरीफ” जमीन पर आयी। कहते हैं की तभी से दुनियाभर के मुसलमान पहली बार कुरान उतरने की याद में पुरे महीने रोज़े रखें थे। लिहाजा रमजान को कुरान के जश्न का भी मौका माना जाता है। क्योकि पुरे रमजान में मुसलमान कुरान की तिलावत यानि कुरान को पढ़ते है। इस्लाम धर्म में रोजा, अल्लाह का शुक्रिया अदा करने का त्यौहार भी माना जाता है। रमज़ान के महीने में हर मुसलमान अपने अल्लाह की इबादत यानी प्रार्थना करते है। रोजें के दिन हर मुसलमान पांच दफा नमाज़ अदा करते है। रमज़ान के महीने में प्रातःकाल होने से पूर्व और अज़ान से पहले भोजन ग्रहण करते है। भोजन ग्रहण करने के पश्चात नमाज़ अदा करते है। उसके पश्चात वह सारा दिन उपवास रखते है और ज़्यादातर वक़्त अल्लाह से दुआ मांगते है। शाम होने के बाद अपना रोज़ा खोलते है। रोजा खोलने की विधि को इफ्तार कहा जाता है। इस वक़्त वह जो भी भोजन और पकवान बनाते है उन्हें दूसरे परिवारों और ज़रूरत मंदो को देते है।

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    Post by कौशांबी संदेश
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    4 hrs ago
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  • कौशाम्बी...थाना कोखराज पुलिस टीम द्वारा गोवध से सम्बन्धित 25,000 रु0 का इनामिया वांछित अभियुक्त गिरफ्तार किया गया । प्रकरण में पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा दी गई जानकारी। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS
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ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS
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    7 hrs ago
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    3 hrs ago
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    4 hrs ago
  • *उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद परीक्षा-2026: कौशांबी में कड़ी सुरक्षा के बीच शुरुआत* *कौशाम्बी संदेश* *जनपद कौशांबी* जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा-2026 बुधवार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। पहले दिन परीक्षार्थियों में उत्साह के साथ अनुशासन का माहौल देखने को मिला। जनपद के 80 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संपन्न कराई जा रही है। परीक्षा की निगरानी के लिए 6 सचल दल, 15 मजिस्ट्रेट और 3 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। केंद्रों पर प्रवेश से पहले गेट पर सघन तलाशी ली गई, इसके बाद ही छात्रों को कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। प्रशासन की ओर से नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिलाधिकारी अमित पाल ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नकल करते पाए जाने पर संबंधित परीक्षार्थी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों को सतर्क रहकर पारदर्शी, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
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    *उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद परीक्षा-2026: कौशांबी में कड़ी सुरक्षा के बीच शुरुआत*
*कौशाम्बी संदेश*
*जनपद कौशांबी* जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा-2026 बुधवार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। पहले दिन परीक्षार्थियों में उत्साह के साथ अनुशासन का माहौल देखने को मिला। जनपद के 80 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संपन्न कराई जा रही है। परीक्षा की निगरानी के लिए 6 सचल दल, 15 मजिस्ट्रेट और 3 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। केंद्रों पर प्रवेश से पहले गेट पर सघन तलाशी ली गई, इसके बाद ही छात्रों को कक्षाओं में प्रवेश दिया गया।
प्रशासन की ओर से नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिलाधिकारी अमित पाल ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नकल करते पाए जाने पर संबंधित परीक्षार्थी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों को सतर्क रहकर पारदर्शी, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
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  • गाय हमें खाने के लिए क्या चीज देती है
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    गाय हमें खाने के लिए क्या चीज देती है
    user_Ram singh passi ⚔️
    Ram singh passi ⚔️
    Academy Sirathu, Kaushambi•
    6 hrs ago
  • आज दिनांक 18 फरवरी बुधवार को अपने निज ग्राम उदहिन बुजुर्ग चौराहा से कानपुर के लिए सुबह 7 बजे अफजलपुरवारी से कानपुर चलने वाली रोडवेज बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। क्षेत्रीय जनता के हित में समर्थ किसान पार्टी के द्वारा मेरी अगुवाई में किए गए जमीनी संघर्ष के परिणामस्वरूप इस बस को चालू कराए जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को खागा, फतेहपुर, कानपुर आदि शहरों के आने जाने के लिए यह बस और अफजलपुरवारी से उदहिन तुलसीपुर मंझनपुर होकर प्रयागराज को आने जाने वाली बस वरदान साबित होगी। आपका अपना साथी अजय सोनी जिला पंचायत सदस्य
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    आज दिनांक 18 फरवरी बुधवार को अपने निज ग्राम उदहिन बुजुर्ग चौराहा से कानपुर के लिए सुबह 7 बजे अफजलपुरवारी से कानपुर चलने वाली रोडवेज बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
क्षेत्रीय जनता के हित में समर्थ किसान पार्टी के द्वारा मेरी अगुवाई में किए गए जमीनी संघर्ष के परिणामस्वरूप इस बस को चालू कराए जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को खागा, फतेहपुर, कानपुर आदि शहरों के आने जाने के लिए यह बस और अफजलपुरवारी से उदहिन तुलसीपुर मंझनपुर होकर प्रयागराज को आने जाने वाली बस वरदान साबित होगी।
आपका अपना साथी
अजय सोनी
जिला पंचायत सदस्य
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    कौशांबी संदेश
    Yoga instructor मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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