लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में आयोजित ऐतिहासिक ताजिया मेले में हर साल की तरह इस बार भी कुम्हारों ने मिट्टी के खिलौने, बर्तन और सजावटी सामान की दुकानें सजाईं। रंग-बिरंगे घोड़े, हाथी, गुड़िया, सीटी वाले खिलौने और मिट्टी के गुल्लक बच्चों को खूब लुभा रहे थे, लेकिन मेले में भारी भीड़ के बावजूद खरीददारों की कमी से कुम्हारों के चेहरे मायूस नजर आए। कुम्हार समाज के लोग इन खिलौनों को तैयार करने में महीनों पहले से जुट जाते हैं। उनका कहना है कि प्लास्टिक और चाइनीज खिलौनों के बढ़ते चलन से मिट्टी के खिलौनों की मांग लगातार घट रही है। बच्चों की प्राथमिकता भी अब मोबाइल गेम और प्लास्टिक के खिलौने बन गए हैं। मिट्टी के खिलौने बनाने वाले रामदीन प्रजापति ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि जहाँ पहले ताजिया मेले में सुबह से शाम तक अच्छी बिक्री होती थी, वहीं अब दुकान लगाए तीन दिन हो चुके हैं, पर लागत भी पूरी नहीं निकल पाई है। उनके अनुसार, मिट्टी का काम अब घाटे का सौदा बन गया है। कुछ खरीदारों ने मिट्टी के खिलौनों के टिकाऊ न होने और उनके टूटने के डर का हवाला दिया। वहीं, कुछ बुजुर्गों ने इस बात पर गहरा अफसोस जताया कि धीरे-धीरे यह पुरानी कला खत्म होती जा रही है। इस स्थिति से चिंतित कुम्हारों ने प्रशासन और आम लोगों से अपील की है कि इस लोक कला को बचाने के लिए वे मिट्टी के सामान खरीदें, ताकि यह परंपरा जीवित रह सके।
लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में आयोजित ऐतिहासिक ताजिया मेले में हर साल की तरह इस बार भी कुम्हारों ने मिट्टी के खिलौने, बर्तन और सजावटी सामान की दुकानें सजाईं। रंग-बिरंगे घोड़े, हाथी, गुड़िया, सीटी वाले खिलौने और मिट्टी के गुल्लक बच्चों को खूब लुभा रहे थे, लेकिन मेले में भारी भीड़ के बावजूद खरीददारों की कमी से कुम्हारों के चेहरे मायूस नजर आए। कुम्हार समाज के लोग इन खिलौनों को तैयार करने में महीनों पहले से जुट जाते हैं। उनका कहना है कि प्लास्टिक और चाइनीज खिलौनों के बढ़ते चलन से मिट्टी के खिलौनों की मांग लगातार घट रही है। बच्चों की प्राथमिकता भी अब मोबाइल गेम और प्लास्टिक के खिलौने बन गए हैं। मिट्टी के खिलौने बनाने वाले रामदीन प्रजापति ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि जहाँ पहले ताजिया मेले में सुबह से शाम तक अच्छी बिक्री होती थी, वहीं अब दुकान लगाए तीन दिन हो चुके हैं, पर लागत भी पूरी नहीं निकल पाई है। उनके अनुसार, मिट्टी का काम अब घाटे का सौदा बन गया है। कुछ खरीदारों ने मिट्टी के खिलौनों के टिकाऊ न होने और उनके टूटने के डर का हवाला दिया। वहीं, कुछ बुजुर्गों ने इस बात पर गहरा अफसोस जताया कि धीरे-धीरे यह पुरानी कला खत्म होती जा रही है। इस स्थिति से चिंतित कुम्हारों ने प्रशासन और आम लोगों से अपील की है कि इस लोक कला को बचाने के लिए वे मिट्टी के सामान खरीदें, ताकि यह परंपरा जीवित रह सके।
- उत्तर प्रदेश में पिछले 16 दिनों से बिहार बॉर्डर, खासकर महाराजगंज के पास अटका मानसून आखिरकार सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में मानसूनी परिस्थितियाँ अनुकूल हो चुकी हैं, जिसके चलते अगले 24 से 48 घंटों के भीतर मानसून के पूरे प्रदेश, जिसमें लखनऊ भी शामिल है, में प्रवेश करने की प्रबल संभावना है। मानसून के प्रवेश के साथ ही पूरे राज्य में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।1
- 26 जून को रामापुर में अवैध खनन के दौरान मिट्टी दरकने से एक मजदूर पंकज की मौत हो गई, लेकिन इस गंभीर घटना के बाद भी प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है और उसने कोई सबक नहीं लिया है। अभी तक, उच्च अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, और इस बात की जवाबदेही भी तय नहीं की गई है कि आखिर 20 से 25 फीट तक गहरी खाई क्यों खोदी गई थी। आरोप है कि जिला प्रशासन लगातार खनन अधिकारी को 'अभय दान' दे रहा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले इस खनन अधिकारी पर जिला प्रशासन इतनी मेहरबानी क्यों दिखा रहा है।1
- लखीमपुर खीरी जिला भीषण गर्मी की चपेट में है, जहाँ तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इस प्रकोप के बीच, लोगों से अपील की गई है कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखने के साथ-साथ बेजुबान पक्षियों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाएं और उनका विशेष ख्याल रखें।1
- लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क के जंगल क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर 'स्नेक गर्ल' नजरुन निशा को बिना हेलमेट मोटरसाइकिल से घूमते हुए देखा जा रहा है। यह घटना वन्यजीव क्षेत्र में सफारी और आवागमन के लिए निर्धारित नियमों के उल्लंघन का संकेत देती है, क्योंकि जंगल में पैदल या निजी बाइक से घूमना प्रतिबंधित माना जाता है और नियमों का ऐसा उल्लंघन एक अपराध की श्रेणी में आ सकता है। वीडियो सामने आने के बाद, लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आम पर्यटकों के लिए जंगल के नियम सख्त होने के बावजूद, यह सवाल उठ रहा है कि नज़रुन निशा को ऐसी अनुमति कैसे मिली। लोग यह जानने की मांग कर रहे हैं कि क्या नियम सभी के लिए समान हैं या कुछ लोगों को विशेष छूट दी जा रही है। अब देखना होगा कि इस वायरल वीडियो पर वन विभाग क्या कार्रवाई करता है और नियमों के स्पष्ट उल्लंघन को लेकर क्या स्पष्टीकरण देता है।1
- पलिया कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नगला में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में चार्जिंग पर लगे ई-रिक्शा के संपर्क में आने से 31 वर्षीय महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना से परिवार में गहरा कोहराम मच गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम नगला निवासी रजनीश राठौर की पत्नी गुड़िया देवी अपने घर के आंगन को गोबर से लीप रही थीं। इसी दौरान वह घर में चार्जिंग पर लगे ई-रिक्शा के संपर्क में आ गईं और उन्हें जोरदार करंट लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गईं। परिजन उन्हें तुरंत पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उनकी मौत हो गई। गुड़िया देवी अपने पीछे 13 वर्षीय पुत्री प्रिया, 12 वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ और सात वर्षीय पुत्र लविश को छोड़ गई हैं। मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और बच्चों के सिर से मां का साया उठ जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने महिला का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद, पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।4
- लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ नगर में मोहर्रम के अवसर पर आयोजित पारंपरिक ताजिया मेले में इस बार भी बड़ी संख्या में लोग उमड़े, जिससे पूरे नगर में उत्साह का माहौल रहा। मेले का लुत्फ़ उठाने गोला नगर के कई प्रतिष्ठित लोग भी पहुँचे। ताजिया जुलूस और मेले की रौनक देखने आए लोगों में गोला नगर के बिल्डिंग इंजीनियर खान साहब, जूनियर इंजीनियर अन्टे खान, कपड़ा डिजाइनर इंजीनियर नशरत, बबलू और प्रसिद्ध व्यापारी सुशील शर्मा जी शामिल रहे। इन सभी ने एक-दूसरे को मोहर्रम की मुबारकबाद दी और ताजिया कमेटी द्वारा किए गए उत्कृष्ट इंतजामों की सराहना की। इंजीनियर खान साहब ने इस अवसर पर कहा कि गोला का ताजिया मेला वास्तव में गंगा-जमुनी तहजीब का एक बेहतरीन उदाहरण है, जहाँ सभी समुदायों के लोग भाईचारे के साथ एकजुट होते हैं। मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉल, झूले और खाने-पीने की दुकानों पर लोगों की खासी भीड़ देखने को मिली। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस बल और ताजिया कमेटी के स्वयंसेवक मुस्तैदी से तैनात रहे। शाम को, भव्य ताजिया जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग से गुजरते हुए कर्बला पहुँचा, जहाँ उन्हें रीति-रिवाजों के अनुसार सुपुर्द-ए-खाक किया गया।1
- लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच गहराए बिजली संकट ने भारी बवाल खड़ा कर दिया है। पारा और पीजीआई क्षेत्रों में बिजली घंटों गुल रहने से नाराज लोगों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान, एफसीआई उपकेंद्र पर गुस्साई भीड़ ने एक जूनियर इंजीनियर (जेई) को बंधक बनाने का प्रयास किया। अपनी जान बचाने के लिए जेई को लगभग 13 किलोमीटर तक गाड़ी दौड़ानी पड़ी। इस संकट के कारण, शहर की सब्जी-फल मंडी में भी पिछले 48 घंटों से बिजली पूरी तरह से गुल रही, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।1
- लखीमपुर के नई बस्ती गांव निवासी, इंटर पास शिवम उर्फ सर्वजीत, जिस पर पसगवां और उचौलिया थानों में दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, उसे पीलीभीत पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है। शिवम पर 1.75 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह एक व्यापारी हत्याकांड में वांछित था। शिवम के मारे जाने की खबर मिलने के बाद उसके परिवार वाले सदमे में हैं और पीलीभीत जाकर शव लेने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। शिवम उर्फ सर्वजीत पर पसगवां में 2021 में आर्म्स एक्ट के दो, बाइक लूट व बरामदगी के मुकदमे दर्ज हुए थे, वहीं 2022 में चोरी और उचौलिया थाने पर 2025 में एक हत्याकांड का मुकदमा भी दर्ज था। उचौलिया पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की थी। करीब 20 साल पहले उसका परिवार पसगवां कोतवाली के चक मनोहर गांव से उचौलिया के नई बस्ती आकर बस गया था। उसके पिता बराती लाल बीमारी के कारण घर पर रहते हैं, जबकि अन्य सदस्य मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। शिवम की एक बहन शादीशुदा है और उसका भाई राजमिस्त्री है। भाई नेतराम ने बताया कि शिवम एक साल से घर नहीं आया था और उसने हरदोई निवासी एक युवती से लव मैरिज करने की जानकारी मिली थी। एक बार सरबजीत ने फोन कर बताया था कि उसने अपराध छोड़कर अपना काम कर रहा है और शाहजहांपुर के नोएडा में रह रहा है, लेकिन रविवार को पीलीभीत पुलिस के इनकाउंटर करने की जानकारी मिली। शिवम की मां रामवती ने बताया कि सर्वजीत भाई-बहनों में सबसे छोटा था और इंटर की पढ़ाई के दौरान ही वह गलत संगत में पड़ गया था। उन्होंने उसे कई बार अपराध छोड़कर मेहनत-मजदूरी करने की सलाह दी, लेकिन उसने बात नहीं मानी, और अंततः वही हुआ जिसका उन्हें अक्सर डर लगा रहता था। गांव वालों के अनुसार, सर्वजीत पहले बाइक लूट और चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देता था। कई बार जेल जाने के बाद वह सुपारी किलर बन गया। यह मुठभेड़ 28 मई को हुए एक कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता की हत्या से जुड़ी है। बिलसंडा थाना निवासी पंकज कटियार को धमकाने के लिए उसके ससुर ने बदमाश भेजे थे, जिसके दौरान दुकान के बाहर पंकज की बदमाशों से कहासुनी हो रही थी। बीच-बचाव करने पहुंचे पड़ोसी व्यापारी पप्पू गुप्ता को बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में सर्वजीत का नाम सामने आया था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बाइक से साथी संग जा रहे सर्वजीत को घेर लिया। खुद को घिरा देख सर्वजीत और उसके साथी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, लेकिन पुलिस की जवाबी फायरिंग में शिवम उर्फ सर्वजीत ढेर हो गया। एसएचओ पसगवां जितेंद्र प्रताप सिंह और एसओ उचौलिया गोपाल नारायण सिंह ने पुष्टि की है कि शिवम उर्फ सर्वजीत पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और उस पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की गई थी।1