जालौन जिले की भदवा ग्राम पंचायत में विकास और स्वच्छता के सरकारी दावों के विपरीत जमीन पर स्थिति काफी बदहाल है। गांव में पानी की टंकी के पास गंदगी का भारी अंबार लगा हुआ है, जिससे आसपास के निवासियों को न केवल दुर्गंध से परेशानी हो रही है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इसके साथ ही, भदवा स्टैंड से गांव की ओर जाने वाला लगभग एक किलोमीटर लंबा लिंक रोड भी बुरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसमें जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इस बदहाल सड़क के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को रोजाना आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, और बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका और भी बढ़ जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है और कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'गड्ढा मुक्त अभियान' के दावों के बावजूद यह सड़क अब भी अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और पानी की टंकी के आसपास फैली गंदगी की सफाई करवाने की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि भदवा के इन गड्ढों और गंदगी से ग्रामीणों को आखिर कब निजात मिलेगी?
जालौन जिले की भदवा ग्राम पंचायत में विकास और स्वच्छता के सरकारी दावों के विपरीत जमीन पर स्थिति काफी बदहाल है। गांव में पानी की टंकी के पास गंदगी का भारी अंबार लगा हुआ है, जिससे आसपास के निवासियों को न केवल दुर्गंध से परेशानी हो रही है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इसके साथ ही, भदवा स्टैंड से गांव की ओर जाने वाला लगभग एक किलोमीटर लंबा लिंक रोड भी बुरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसमें जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इस बदहाल सड़क के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को रोजाना आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, और बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका और भी बढ़ जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है और कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'गड्ढा मुक्त अभियान' के दावों के बावजूद यह सड़क अब भी अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और पानी की टंकी के आसपास फैली गंदगी की सफाई करवाने की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि भदवा के इन गड्ढों और गंदगी से ग्रामीणों को आखिर कब निजात मिलेगी?
- जालौन जिले के कुठोंद थाना क्षेत्र में जच्चा और बच्चा दोनों की मौत के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने जांच बैठा दी है। यह कार्रवाई शुरू एप्प पर प्रकाशित खबर के असर के रूप रूप में सामने आई है, जिसकी खबर रंग लाई और प्रशासन ने संज्ञान लिया।1
- इंसानियत ग्रुप ने एक मानवीय पहल करते हुए सहारनपुर में फँसे दिव्यांग नीलू विश्वकर्मा को उनके गृह जनपद जालौन तक सुरक्षित पहुँचाया। एक हाथ और एक पैर गँवा चुके नीलू पिछले चार महीनों से अपने घर नहीं लौट पा रहे थे। ग्रुप के प्रयासों से उन्हें सहारनपुर से झांसी और फिर उरई होते हुए उनके गाँव तक सकुशल पहुँचाया गया। इंसानियत ग्रुप के संस्थापक सुमित प्रताप सिंह ने बताया कि रविवार शाम लगभग पाँच बजे नीलू की वृद्ध माँ और आटा क्षेत्र के संधी गाँव निवासी ओमजी ने सहायता के लिए अपील की थी, जिसके बाद समूह के सदस्यों ने तुरंत समन्वय स्थापित कर उनकी यात्रा की व्यवस्था शुरू कर दी। यात्रा को लेकर नीलू विश्वकर्मा शुरुआत में भयभीत और भावुक हो गए थे, लेकिन टीम के सदस्यों ने वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दिलाया। रात्रि लगभग एक बजे से ही ग्रुप के सदस्य सेवा कार्य में जुट गए, जिसमें बालकृष्ण दीक्षित अपने परिवार सहित पूरी रात सक्रिय रहे, जबकि डॉ. पुष्पेंद्र गुर्जर और रजत ने भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। नीलू विश्वकर्मा को झांसी रेलवे स्टेशन पर रिसीव करके उरई के लिए रवाना किया गया, जहाँ से उनके गाँव तक पहुँचाने की आगे की व्यवस्था की गई। सुमित प्रताप सिंह ने बताया कि जो काम पिछले चार महीनों में संभव नहीं हो पाया था, उसे इंसानियत ग्रुप ने लगभग 10 घंटे में पूरा कर दिखाया। उन्होंने इस अभियान में सहयोग करने वाले सभी साथियों का आभार व्यक्त किया। नीलू विश्वकर्मा के घर पहुँचने पर उनकी 80 वर्षीय माँ की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। स्थानीय लोगों ने इंसानियत ग्रुप की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं, और समूह माँ-बेटे का मिलन कराने में सहारा बना।2
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच में स्वयं सहायता समूह से फर्जी तरीके से पैसे निकालने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर स्थानीय महिलाओं ने उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) से विस्तृत जांच कराने की मांग की है।1
- बिलोहाँ निवासी और अपने गृह जनपद में सबसे अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्योगपति शीतल सिंह सेंगर अब माधोगढ़ विधान सभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं।1
- मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में सुशासन, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों के दम पर जनता के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनके नेतृत्व में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, निवेश को बढ़ावा देने, बेहतर कानून-व्यवस्था स्थापित करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने से आम जनता का विश्वास सरकार के प्रति लगातार मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दृढ़ विश्वास है कि लोगों के दिलों पर राज तुष्टीकरण की राजनीति से नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और विकास के माध्यम से किया जा सकता है। इसी सोच के साथ, उत्तर प्रदेश ने इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निरंतर प्रयासों ने प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।1
- जालौन में एक अनोखा और भावुक दृश्य देखने को मिला, जहाँ 14 वर्षीय काव्या विश्वकर्मा अपने छोटे भाई के साथ लगभग 35 किलोमीटर का सफर तय कर SDM रिंकू सिंह राही से मिलने पहुँची। काव्या का उद्देश्य SDM को उनके हाथों से बनाया गया एक स्केच भेंट करना था। काव्या ने बताया कि वह SDM की कार्यशैली और जनता के प्रति उनके व्यवहार से बहुत प्रभावित है। एक बच्ची द्वारा अधिकारी के प्रति यह सम्मान दर्शाता है कि एक अच्छी कार्यशैली लोगों के दिलों तक पहुँचती है, जिससे SDM रिंकू सिंह राही जालौन में बच्चों के भी 'हीरो' बन गए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, जहाँ कुठोंद थाना क्षेत्र के एक अस्पताल में इलाज के दौरान आज फिर एक जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दो दिन पहले ही एक अन्य अस्पताल में हुई जच्चा-बच्चा की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था। इस खबर ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर कर दिया है और उन्हें हाशिए पर धकेल दिया है। लगातार हो रही इन मौतों से क्षेत्र में चिंता का माहौल है।1
- उत्तरप्रदेश के जालौन जिले के कोंच में एक युवती ट्रैक्टर की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के बाद युवती को तत्काल गंभीर हालत में उरई रेफर किया गया है।1
- जालौन नगर के कोतवाली क्षेत्र स्थित संजय इलेक्ट्रिकल्स की दुकान में देर रात अचानक भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत दुकान मालिक और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। बाद में दमकल कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक दुकान में रखे विद्युत उपकरण, वायर, केबल और अन्य सामान सहित लाखों रुपये का माल जलकर पूरी तरह राख हो चुका था। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की आशंका जताई जा रही है। गनीमत यह रही कि यह घटना रात में हुई, और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पीड़ित दुकानदार ने बताया कि इस आग से उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। अब पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी इस मामले की जांच में जुट गए हैं। स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से यह मांग की है कि नुकसान का सही आकलन किया जाए और पीड़ित दुकानदार को उचित सहायता प्रदान की जाए।1