अयोध्या में हुए चोरी कांड को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जो राम मंदिर दान घोटाले से भी जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट को मंदिर में हो रही चोरी की पहले से जानकारी थी। 5 जून को ट्रस्ट के लोग चंपत राय के निर्देश पर पुलिस के साथ अविनाश शुक्ला के ठिकाने पर पहुँचे, जहाँ पुलिस ने अविनाश शुक्ला के यहाँ से नकदी बरामद की। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस के संज्ञान में यह मामला पहले से था। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि कैश बरामद होने के बावजूद ट्रस्ट की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई, और पुलिस ने यह कार्रवाई अनौपचारिक रूप से की थी। इसके बाद, 7 जून को यह पूरा मामला उजागर हो गया। एक 24 सेकंड के सीसीटीवी वीडियो में पुलिस आरोपी अविनाश शुक्ला को एक सफेद गाड़ी में ले जाते हुए दिख रही है, जिसमें अविनाश शुक्ला के हाथ में एक काला बैग भी साफ दिख रहा है; इसी बैग में बरामद की गई नकदी होने की बात कही गई है।
अयोध्या में हुए चोरी कांड को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जो राम मंदिर दान घोटाले से भी जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट को मंदिर में हो रही चोरी की पहले से जानकारी थी। 5 जून को ट्रस्ट के लोग चंपत राय के निर्देश पर पुलिस के साथ अविनाश शुक्ला के ठिकाने पर पहुँचे, जहाँ पुलिस ने अविनाश शुक्ला के यहाँ से नकदी बरामद की। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस के संज्ञान में यह मामला पहले से था। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि कैश बरामद होने के बावजूद ट्रस्ट की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई, और पुलिस ने यह कार्रवाई अनौपचारिक रूप से की थी। इसके बाद, 7 जून को यह पूरा मामला उजागर हो गया। एक 24 सेकंड के सीसीटीवी वीडियो में पुलिस आरोपी अविनाश शुक्ला को एक सफेद गाड़ी में ले जाते हुए दिख रही है, जिसमें अविनाश शुक्ला के हाथ में एक काला बैग भी साफ दिख रहा है; इसी बैग में बरामद की गई नकदी होने की बात कही गई है।
- अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जहाँ गिरफ्तार आरोपियों को कानूनी सहायता देने से अधिवक्ताओं ने इनकार कर दिया है। अयोध्या बार एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है कि वे आस्था से जुड़े इस मामले में आरोपियों का साथ नहीं देंगे। इस निर्णय से चढ़ावा चोरी के आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित अन्य लोगों को बड़ा झटका लगा है। अधिवक्ताओं का स्पष्ट तर्क है कि मंदिर की मर्यादा और श्रद्धालुओं की भावनाएँ सर्वोपरि हैं, और इसी आधार पर उन्होंने आरोपियों का मुकदमा लड़ने से पीछे हटने का सामूहिक निर्णय लिया है।1
- अयोध्या में श्री श्री मद्जगतगुरु आदि सनातन स्वामी ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण कांड को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट पर एक तीखा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस पूरे चढ़ावे कांड में अभी तक केवल छोटी-छोटी मछलियां ही पकड़ी गई हैं, जबकि बड़े-बड़े दोषी अभी भी बचे हुए हैं। स्वामी ने कहा कि केवल इस्तीफा देने भर से चंपत राय निर्दोष नहीं हो जाते, क्योंकि टिन्नू यादव उन्हीं का ड्राइवर है और उसी के द्वारा नकदी का लेनदेन किया जाता था। उन्होंने इस चोरी को करोड़ों राम भक्तों की आस्था पर गहरी चोट पहुंचाने वाला बताया और सनातन धर्म का अनुयायी होने के नाते इस कांड से खुद को बहुत आहत महसूस किया। स्वामी के अनुसार, ट्रस्ट के इन लोगों ने सनातन धर्म को ठेस पहुंचाई है, और उन्होंने मांग की है कि चंपत राय जैसे लोगों को जेल नहीं, बल्कि सीधे फांसी दे देनी चाहिए।1
- Available for Sale Area (dimensions) : 800 स्क्वायर ft Expected Price : 1080000 Locality : स्टेडियम और रिंग रोड के बीच में है अयोध्या Property Type : Residential Plot नियर स्टेडियम1
- अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दान गबन मामले पर स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि राम जन्मभूमि में कथित चोरी पहले ही सामने आ चुकी है, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। स्वामी गोविंदानंद के अनुसार, यह SIT सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों को पकड़ रही है और पैसे की बरामदगी भी कर रही है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि जहाँ 'अंदर की चोरी' के बारे में सब जानते हैं, वहीं लोग अभी भी 'बाहर की चोरी' से बेखबर हैं, जिससे मामले में एक नया पहलू जुड़ गया है।4
- करणी सेना ने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है। इस दौरान करणी सेना ने स्पष्ट रूप से 'योगी जी कार्रवाई करिए' का आह्वान करते हुए, इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है।1
- सुल्तानपुर के धनपतगंज में, जहाँ पुलिस थाने को न्याय का मंदिर कहा जाता है, वहाँ तक पहुँचने वाली सड़क खुद अपनी बदहाली पर आँसू बहा रही है। बीते वर्ष मॉडल थाना धनपतगंज एक नए स्थान पर बनाया गया था, लेकिन विडंबना यह है कि थाने तक जाने वाली सड़क आज भी गहरे गड्ढों में तब्दील है, जिससे फरियादियों को न्याय की आस में टूटी और जर्जर सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। इस संबंध में, थाना प्रभारी अंजू मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग डेढ़ माह पहले क्षेत्र के मौजूदा विधायक और पूर्व मंत्री से सड़क निर्माण को लेकर बातचीत की गई थी। उस समय जल्द सड़क बनाने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन यह आश्वासन अब तक केवल कोरी बातों तक ही सीमित रहा है और जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। वर्तमान स्थिति यह है कि थाने आने वाले फरियादियों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले बरसात के मौसम में सड़क पर पानी भरने की पूरी संभावना है, जिससे यह समस्या और भी गंभीर हो जाएगी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब न्याय के मंदिर तक पहुँचने का रास्ता ही खराब है, तो आम जनता को राहत कैसे मिलेगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस सड़क का निर्माण कब तक करवाते हैं, या फिर यह मामला भी सरकारी हीलाहवाली की भेंट चढ़ जाएगा।4
- अयोध्या में बार एसोसिएशन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि किसी भी वकील द्वारा आठों आरोपियों का केस नहीं लड़ा जाएगा। यदि कोई वकील इस फैसले का उल्लंघन करते हुए इन आरोपियों का केस लड़ता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बार एसोसिएशन ने चम्पत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए धारा 156/3 के तहत कोर्ट जाने का फैसला किया है। एसोसिएशन द्वारा इन मामलों में सीबीआई जांच की भी मांग की जा रही है।2
- अयोध्या के सोहावल तहसील क्षेत्र के रहीमपुर बदौली निवासी वरिष्ठ पत्रकार डॉ. धर्मपाल सिंह को मुंबई के सहारा स्टार होटल में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें 28 जून को शाम 2 बजे से शाम 5 बजे तक फिल्म 'केरला स्टोरी 2' की हीरोइन उल्का गुप्ता द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर मौजूद भारी संख्या में लोगों ने गर्मजोशी से तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया। पुरस्कार ग्रहण करने से पूर्व, डॉ. धर्मपाल सिंह ने सभी अयोध्यावासियों की ओर से उल्का गुप्ता को अयोध्या से ले जाया गया रामनामी ओढ़ाकर सम्मानित किया। दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्राप्त करने के बाद, डॉ. धर्मपाल सिंह ने अभिनेत्री उल्का गुप्ता से अयोध्या आने और अयोध्या में भी फिल्म बनाने का अनुरोध किया, जिस पर उल्का गुप्ता ने अयोध्या आकर दर्शनपूजन करने और फिल्म बनाने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि वे इसी सिलसिले में जल्द ही मथुरा जाने वाली हैं। पत्रकार वार्ता में डॉ. धर्मपाल सिंह ने इस पुरस्कार पर अत्यधिक खुशी व्यक्त करते हुए इसे पूरे अयोध्या जिले और उत्तर प्रदेश के लोगों को समर्पित बताया, जिससे प्रदेश का सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक फिल्म अभिनेता अखिलेश सिंह को भव्य आयोजन के लिए बधाई दी। डॉ. धर्मपाल सिंह ने यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी समर्पित किया, क्योंकि काफी संख्या में फिल्म अभिनेता और निर्माता प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर उनसे मिल चुके हैं। उन्होंने आयोजक अखिलेश सिंह से अनुरोध किया कि दादा साहब फाल्के पुरस्कार समारोह का आयोजन रामनगरी अयोध्या में भी किया जाए ताकि अयोध्या और उत्तर प्रदेश की प्रतिभाओं को भी सम्मान मिल सके, जिसके लिए उन्होंने पूरा सहयोग देने का वादा किया। इस सम्मान समारोह में दर्जनों फिल्मों के कलाकार, कोरियोग्राफर, अभिनेता और अभिनेत्रियों को भी दादा साहब फाल्के पुरस्कार और फिल्म अवॉर्ड से नवाजा गया। कार्यक्रम में क्रिकेटर सुदेश नायर, 'ताड़क मेहता का उल्टा चश्मा' के कलाकार निर्मल सोनी (डॉ. हाथी), सम्राट सोनी (सुरमा भाई), 'देवों के देव महादेव' और 'रामायण' की कलाकार संगीता कपूर, पद्मश्री कालूराम बामनिया, आनंद बलराज बिज, आर्ट मीडिया एडवरटाइजिंग के प्रमुख सुनील सेठी और ऐश्वर्या सिंह सहित कई अन्य फिल्मी हस्तियां, निर्माता, निर्देशक और कोरियोग्राफर मौजूद थे। कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक फिल्म अभिनेता अखिलेश सिंह ने सभी उपस्थित कलाकारों और सम्मानित हुए लोगों को बधाई दी और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मुंबई में 28 जून को पुरस्कार मिलने के बाद, डॉ. धर्मपाल सिंह ने दूरभाष पर बताया कि वे 29 जून को मुंबई से रवाना होकर 30 जून को अपने अयोध्या स्थित घर लौटेंगे, जहां उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।1
- अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के कल्याण भदरसा में रविवार की सुबह एक जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर जानलेवा हमले समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए हैं। दर्ज रिपोर्ट में छेड़छाड़, असफल बलात्कार और कपड़े उतार कर नग्न कर देने जैसे गंभीर आरोपों का जिक्र किया गया है। इसी घटनाक्रम के बीच जातीय गुटबाजी को लेकर एक ऑडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें शीर्ष नेताओं से गलत पैरवी कराकर मुकदमा लिखवाने का आरोप लगाया गया है। इस वायरल ऑडियो में एक पक्ष के कच्ची शराब बेचने का मामला भी सामने आया है। हालांकि, न्यूज ग्रुप इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता। घटना से संबंधित मारपीट का एक वीडियो भी बनाए जाने की बात कही गई है। बताया गया है कि एक पक्ष द्वारा ईंटें रखे जाने पर दूसरे पक्ष ने हमला कर दिया, जिसके बाद यह विवाद बढ़ गया। क्षेत्र में दर्ज की गई यह एफआईआर अब चर्चा का विषय बनी हुई है। मामले की सच्चाई क्या है, यह अब पुलिस जांच में ही पता चलेगा।1