माता बसैया थाना प्रभारी श्री विवेक सिंह तोमर के निर्देशन में थाना क्षेत्र अंतर्गत लगातार 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के तहत जनसंवाद और जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, आज ग्राम सुरजनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और ओटीपी साझा करने से होने वाले गंभीर नुकसान के साथ-साथ सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। थाना प्रभारी ने लोगों को इन खतरों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा नजदीकी थाने में देने के लिए प्रेरित किया। शिविर में मौजूद नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। थाना माताबसैया पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि आमजन को निरंतर जागरूक करने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस तरह के शिविर लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे एक 'जागरूक नागरिक – सुरक्षित समाज' का निर्माण हो सके।
माता बसैया थाना प्रभारी श्री विवेक सिंह तोमर के निर्देशन में थाना क्षेत्र अंतर्गत लगातार 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के तहत जनसंवाद और जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, आज ग्राम सुरजनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और ओटीपी साझा करने से होने वाले गंभीर नुकसान के साथ-साथ सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। थाना प्रभारी ने लोगों को इन खतरों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा नजदीकी थाने में देने के लिए प्रेरित किया। शिविर में मौजूद नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। थाना माताबसैया पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि आमजन को निरंतर जागरूक करने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस तरह के शिविर लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे एक 'जागरूक नागरिक – सुरक्षित समाज' का निर्माण हो सके।
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले के दबोह थाना क्षेत्र में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक लगातार नशे में धुत रहने की शिकायतों का सामना कर रहा है। जानकारी के अनुसार, यही प्रधान आरक्षक हाल ही में नशे की हालत में एक पंचायत निपटाने के लिए पहुंचा था, जिसके कारण वह खुद ही मुश्किल में फंस गया।1
- धौलपुर में हजरत इमाम हुसैन की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम के तीजे का जुलूस 29 जून को धुनों के साथ रातभर निकाला गया। यह जुलूस तलैया मोहल्ले से शुरू हुआ और शहर के निर्धारित मार्गों से होते हुए करबला एवं तलैया मोहल्ले पर संपन्न हुआ। जुलूस के साथ बैंड बाजे और ढोल ताशे मातमी धुन बजाते हुए चल रहे थे। इस जुलूस को देखने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से आए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिला एवं पुरुष दोनों ही जुलूस देखने के लिए छतों पर बैठे थे। रविवार शाम को तलैया मोहल्ले में ताजिये, अलम, ढोल, नगाड़े और बैंड एकत्रित होना शुरू हो गए थे, और शाम होते ही बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इसके बाद जुलूस को निकालना शुरू किया गया। बाजार पहले से इंतजार कर रहे महिला, पुरुष और बच्चों से खचाखच भरे हुए थे, और स्थिति यह थी कि लोगों को सटकर निकलना पड़ रहा था। दुकानों और मकानों की छतें भी दर्शकों से अटी पड़ी थीं। जुलूस के दौरान लोग अलम व ताजियों पर दुआएं मांग रहे थे और मनौती के तौर पर नींबू व सेहरा चढ़ा रहे थे। तीजे का यह जुलूस तलैया मोहल्ले से चलकर शहर के विभिन्न मार्गों जैसे मोदी तिराहा, दशहरा रोड, जगन तिराहा, सराय गजरा, निहालगंज तिराहा, पुराना डाकखाना, गड़रपुरा, ग्रांडिल, बजरिया, तोप चौराहा से होते हुए करबला पहुंचा और वहीं संपन्न हुआ। जुलूस के साथ अखाड़े भी चल रहे थे जो हैरतअंगेज कारनामे दिखा रहे थे। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह छबीलें भी लगाई थीं, जहां युवाओं की भीड़ लगी हुई थी। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की माकूल व्यवस्था की थी, और विद्युत निगम के कर्मचारी भी तैनात थे।3
- धौलपुर के सैपऊ स्थित नुनहेरा ग्राम पंचायत में विकास के दावों की पोल खुल चुकी है, जहाँ सरकारी अस्पताल, राजकीय स्कूल, पटवार घर और नौनिहालों के नंद घर के मुख्य द्वारों पर लंबे समय से कचरे का अंबार लगा है। वहीं, गांव की सभी सड़कें कीचड़ से बदहाल हैं। इस गंभीर स्थिति पर युवा सामाजिक कार्यकर्ता करन परमार ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासनिक तंत्र के साथ-साथ क्षेत्र के संपन्न और रसूखदार (जमींदार) वर्ग पर भी मूकदर्शक बने रहने को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं। करन परमार ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए जारी लाखों का बजट जमीन पर नहीं दिख रहा, क्योंकि इसका आधा से ज्यादा पैसा दलाली और रिश्वतखोरी की भेंट चढ़ रहा है। इस कमीशनखोरी के चलते विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित होकर रह गए हैं, जिससे ग्राम पंचायत की स्थिति लगातार बद से बदतर होती जा रही है। परमार ने यह भी बताया कि सरपंच, सेक्रेटरी (ग्राम विकास अधिकारी) और पटवारी के बैठने का कोई निश्चित स्थान या समय तय नहीं है, जिस कारण गरीब ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए इन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के घरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे मामूली कार्यों में भी कई दिन लग जाते हैं। उन्होंने स्थानीय राजनेताओं, सरकारी अधिकारियों और रसूखदार लोगों पर गरीबों के हक को हड़पकर व्यापक भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, जिससे गांवों में विकास के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। परमार ने सवाल किया कि जहाँ से मरीज, छात्र और गरीब जनता गुजरती है, वहाँ संक्रामक बीमारियों का खतरा फैला है, फिर भी जिम्मेदार मौन क्यों हैं। युवा समाजसेवी परमार ने उच्च अधिकारियों से विकास कार्यों के बजट की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि पंचायत के कामों में हुई दलाली और भ्रष्टाचार की असली हकीकत सामने आ सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि प्रशासन और रसूखदारों की इस साठगांठ के कारण हो रहे शोषण को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि उच्च प्रशासन ने भ्रष्टाचार और बजट की दलाली पर तुरंत नियंत्रण नहीं किया, सरपंच, सेक्रेटरी और पटवारी की पंचायत मुख्यालय पर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की, तथा सड़कों व सार्वजनिक स्थानों की स्थाई सफाई नहीं करवाई, तो वे पूरी ग्राम पंचायत के नागरिकों को साथ लेकर उग्र भूख हड़ताल शुरू करेंगे।2
- आगरा जिले की ग्राम पंचायत उदयपुर खालसा के पातीराम गांव निवासी अवधेश, जो श्री कल्याण सिंह के पुत्र हैं, 35 साल बाद भारतीय सेना में चयनित हुए हैं। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। अवधेश की इस पदोन्नति ने न केवल अपने क्षेत्र का, बल्कि पूरी बाह तहसील का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर सुनील वर्मा पत्रकार, शेर सिंह नेताजी, किशन लाल फौजी, मुरारी लाल फौजी, राधेश्याम वकील और चंद्र प्रकाश सहित कई ग्रामवासी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस हर्षपूर्ण पल पर अपनी खुशी व्यक्त की।1
- धौलपुर जिले में मोहर्रम के बाद रियासतकालीन परंपरा के तहत एक ऐतिहासिक तीजा जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पैगम्बर हज़रत मोहम्मद के नवासे हज़रत इमाम हुसैन और उनके योद्धाओं की शहादत की याद में, पूरी धार्मिक श्रद्धा और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने के लिए राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी हजारों श्रद्धालु धौलपुर शहर पहुंचे। जुलूस के दौरान अखाड़ों ने हैरतअंगेज करतब भी दिखाए।1
- मुरैना जिले की सरायछोला थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लूट की वारदात का खुलासा किया है। पुलिस ने लूटी गई एक पिकअप गाड़ी को बरामद कर लिया है और इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। यह घटना 16 जून की है, जब फरियादी मुकेश जोशी अपनी पिकअप वाहन से मुरैना से गुजर रहे थे। रास्ते में तीन युवकों ने सामान ले जाने के बहाने उनकी गाड़ी में लिफ्ट ली। लीलाधर का पुरा के पास पहुंचने पर, इन युवकों ने मुकेश जोशी को कट्टा दिखाकर गाड़ी से नीचे उतार दिया और उनका मोबाइल फोन तथा पिकअप वाहन लूटकर फरार हो गए। इस शिकायत के आधार पर सरायछोला थाने में तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने लगातार प्रयासों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 28 जून को दो आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस के अनुसार, इस लूटकांड का एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक के खिलाफ पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं। सरायछोला पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।2
- फतेहाबाद के थाना निबोहरा क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी खनन का कारोबार एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ती हुई दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर बहस और तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, शाम होते ही यह अवैध मिट्टी खनन का काम शुरू हो जाता है और देर रात से लेकर सुबह तक लगातार चलता रहता है। खेतों और अन्य स्थानों से मिट्टी निकालकर इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए अलग-अलग जगहों पर पहुंचाया जाता है। आरोप है कि मिट्टी से भरे ये ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर बेहद तेज गति से चलते हैं, जिससे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों की जान लगातार जोखिम में बनी रहती है। आशंका जताई जा रही है कि यदि इस अवैध गतिविधि पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। यह पहली बार नहीं है जब अवैध मिट्टी खनन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हों; पहले भी ऐसे वीडियो सामने आ चुके हैं। हालांकि, इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। क्षेत्र में यह सवाल भी गंभीर रूप से उठाया जा रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह कथित अवैध कारोबार बिना किसी रोक-टोक के संचालित हो रहा है।1
- भिंड जिले में सिंध नदी में लगातार अवैध रेत खनन जारी है, जिस पर प्रशासन कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। अवैध रेत खनन के इस गंभीर मुद्दे पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने एक बड़ा बयान देते हुए प्रशासन की मनसा पर ही सवाल खड़े किए हैं।1
- फतेहाबाद के थाना निबोहरा क्षेत्र स्थित बिलईपुरा गांव में सोमवार शाम एक युवक अपनी पत्नी से हुए विवाद के बाद हाईटेंशन बिजली के टावर पर चढ़ गया। धुरू सिंह (31) नामक यह युवक, जो चरण सिंह का पुत्र बताया गया है, घरेलू बात को लेकर अपनी पत्नी से झगड़ा होने के बाद गुस्से में घर से निकल गया था और गांव के बाहर लगे टावर पर चढ़ गया। इस घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। टावर पर चढ़े युवक को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और उन्होंने उसे नीचे उतरने के लिए आवाजें लगाईं व समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं हुआ। इसी दौरान, उसका बेटा अजब सिंह भी हिम्मत जुटाकर टावर पर चढ़ गया। बेटे ने अपने पिता को शांत रहने और परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए नीचे उतरने की भावुक अपील की। बेटे की बातों का धुरू सिंह पर असर हुआ और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत तथा ग्रामीणों की समझाइश के बाद वह सुरक्षित नीचे उतर आया। इस घटना के दौरान ग्रामीण लगातार उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहे। युवक के सुरक्षित नीचे उतरने पर परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, क्योंकि गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।1